ऐतिहासिक जनसमर्थन: भूली में भाजपा की जनसभा बनी शक्ति प्रदर्शन, जनता ने जताया अटूट विश्वास

धनबाद (भूली): भूली क्षेत्र में आयोजित भव्य आम सभा कार्यक्रम आज जनसमर्थन और उत्साह का एक ऐतिहासिक उदाहरण बन गया। इस जनसभा में स्थानीय जनता का अपार स्नेह और भरोसा देखने को मिला, जहाँ हजारों की संख्या में पहुंचे नागरिकों ने क्षेत्र के विकास और जनहित के संकल्प को अपना समर्थन दिया।

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दिग्गज नेताओं की उपस्थिति:

इस अवसर पर लोकप्रिय सांसद ढुलू महतो और भाजपा नेता सुरेश साव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। सभा में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्र की जनता विकास के नए आयामों की उम्मीद कर रही है।

बुनियादी मुद्दों पर चर्चा:

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सड़क, नाली, बिजली, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सांसद ढुलू महतो ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का यह अपार प्रेम केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे वे पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाएंगे।

बदलाव का संकल्प:

सभा स्थल पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह था। स्थानीय नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि वे क्षेत्र की बेहतरी के लिए हो रहे प्रयासों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम में जोश भर दिया।

झारखंड बजट सत्र का शंखनाद: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही "

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रांची: झारखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र (2026) आज से गरिमामय वातावरण में शुरू हो गया। 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलने वाले इस सत्र का आगाज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ हुआ।

भव्य स्वागत और सम्मान:

विधानसभा परिसर पहुँचने पर राज्यपाल को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सत्र के दौरान होने वाले सकारात्मक वाद-विवाद का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।

स्पीकर का संबोधन: लोकतंत्र की मर्यादा का आह्वान:

सदन को संबोधित करते हुए स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह सत्र साढ़े तीन करोड़ जनता की आशाओं का प्रतीक है। उन्होंने सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा— "मतभेद लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन मनभेद इसे कमजोर करते हैं।" उन्होंने सभी सदस्यों से जनहित के मुद्दों पर सार्थक और परिणामोन्मुख चर्चा करने की अपील की।

बजट का शिड्यूल:

स्पीकर ने जानकारी दी कि सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। वहीं, 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा, जो राज्य की भावी विकास प्राथमिकताओं और संसाधनों के वितरण का आधार बनेगा।

बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर भड़के इरफान अंसारी, कहा- "उन्हें बहुत हल्के में लेता हूँ, उनका काम सिर्फ ट्वीट करना है"

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बोकारोः बाबूलाल मरांडी द्वारा एक्स पर किए गए पोस्ट पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बाबूलाल जी को बहुत हल्के में लेता हूं मैं. बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैंने कई जानें बचाई हैं, लेकिन बाबूलाल जी को यह नहीं दिखता. अगर कोई मशीन खराब हो जाती है, तो वह उसका मुद्दा बनाते हैं, खुद बाबूलाल जी ने 20 साल तक क्या किया.

महिला मरीज की मौत पर बाबूलाल मरांडी का पोस्ट

दरअसल, घटना बीते कई दिन पहले की है. जहां झारखंड के मुख्यमंत्री का पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस खराब हो गई थी और उसे ठीक करने में काफी देर लग गई, जिसके कारण एम्बुलेंस में ले जा रही एक महिला मरीज की मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया है और इस हादसे का जिक्र करते हुए सवाल खड़े किए हैं. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनहीनता ने ग्रामीणों को खटारा एम्बुलेंस के भरोसे छोड़ दिया है.

हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है- स्वास्थ्य मंत्री

इस बीच बोकारो आए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस बात को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने पहले तो यह कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. वहीं बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर कहा कि बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. इरफान अंसारी ने कहा कि गाड़ी काफी पुरानी हो चुकी है. उसे मेंटेनेंस की जरूरत है. मशीन है तो खराब भी हो सकती है. नया टेंडर होगा तो उसे दुरुस्त किया जाएगा. हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है.

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट; 17 दिनों तक चलेगा सत्र

झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र (2026) आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई。 इस बार के बजट को राज्य सरकार ने 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया है, जो झारखंड की अस्मिता और विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है。

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सत्र का विस्तृत कार्यक्रम:

कार्य दिवस: 18 फरवरी से शुरू होकर यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं。

धन्यवाद प्रस्ताव: 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा और वाद-विवाद होगा。

अनुपूरक बजट: 20 फरवरी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा。

आर्थिक सर्वेक्षण: इसी दिन (20 फरवरी) राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखे जाने की पूरी संभावना है。

बजट की महत्ता:

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे。 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह बजट ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है。

एसीबी के दर्ज 6 शिकायतों के बावजूद भ्रष्ट पदाधिकारी को बनाया ऊर्जा विभाग का बॉस...बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा तत्कालीन विभागीय सचिव के सीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें अपने ऊर्जा विभाग का सचिव, सीएमडी तथा जेबीवीएनएल के एमडी जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप दी।

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कहा कि झारखंड की ऊर्जा संपदा को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाली इस सरकार ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दी हैं। एक ऐसे अधिकारी को ऊर्जा विभाग का 'सुपर बॉस' बनाना जिसके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में छह-छह शिकायतें दर्ज हों और जो ईडी की रडार पर रहा हो राज्य की जनता के गाल पर करारा तमाचा है।

कहा कि मुख्यमंत्री का भ्रष्ट अधिकारियों के प्रति विशेष लगाव रहा है। अनुराग गुप्ता, विनय चौबे, पूजा सिंघल, छवि रंजन, राजीव बख्शी सहित कुछ अन्य भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया गया।

कहा कि जिस अधिकारी को उसके संदिग्ध आचरण के कारण पहले एक महत्वपूर्ण विभाग के सचिव पद से बेआबरू होकर हटना पड़ा, उसे आखिर किस डील के तहत मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी ताकत सौंप दी?

कहा कि जब मंत्री द्वारा अधिकारी के कार्यप्रणाली पर आपत्ति दर्ज की गई थी, तो फिर आपके द्वारा इतने अहम पदों पर पुनः नियुक्ति का आधार क्या रहा?

कहा कि उनका यह बयान सिद्ध हो गया कि जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी! पहले वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर जी और अब दीपिका पाण्डेय जी के मंतव्यों को नजरअंदाज कर सीएम ने सिद्ध कर दिया कांग्रेस कोटे के मंत्री और विधायकों की इस सरकार में कोई हैसियत नहीं। ग्रामीण विकास मंत्री को समझना होगा कि प्रतिकूल लिखने से कुछ नहीं होने वाला क्योंकि इस शासन का मूल मंत्र ही यही है कि जो जितना भ्रष्ट अधिकारी उसे उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी। आपत्ति तो जैसे उस अधिकारी के लिए पदोन्नति का आधार बन गई क्योंकि यहां दागदार होना ही सबसे बड़ी योग्यता है।

कहा कि राज्य की जनता देख रही है कि कैसे सत्ता की मलाई बांटने के लिए नियम-कायदों और शुचिता की बलि दी जा रही है।

बच्चा चोरी और मानव तस्करी से झारखंड का हर परिवार भयभीत,हेमंत सरकार पूरी तरह विफल : प्रतुल शाह देव

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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड में बच्चों के अपहरण, लापता होने और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।उन्होंने कहा कि झारखंड से हर वर्ष औसतन 500 से 700 नाबालिग बच्चे लापता हो रहे हैं। जिनमें से कई का अब तक कोई पता नहीं चल सका।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि वर्ष 2022 में आंकड़ों के अनुसार टाटा से 122,गुमला से 52, लोहरदगा से 36 ,चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिगो के लापता होने की रिपोर्ट हुई। वर्ष 2024 में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 236 नाबालिग़ बच्चे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हुए।अभी भी हजारों बच्चे ट्रेसलेस है और पुलिस इनका पता लगाने में विफल रही है।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में बच्चा चोर और मानव तस्करी के संगठित गिरोह निर्भीक होकर सक्रिय हैं और गरीब व आदिवासी बच्चे सबसे अधिक निशाने पर हैं।उन्होंने कहा कि आज झारखंड में माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। यह किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है।

प्रतुल ने राज्य सरकार से जवाब माँगा कि लापता बच्चों की खोज के लिए विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा और तस्करी के गिरोहों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी।झारखंड की जनता अपने बच्चों की सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगी।

झारखंड बजट सत्र की तैयारी पूरी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए जरूरी निर्देश

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झारखंड विधानसभा के छठे सत्र के पांचवें (बजट) सत्र के शुरू होने से पूर्व, मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस बैठक में कई नीतिगत निर्णय लिए गए। यह सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलेगा।

ग्रामीण विकास और निवेश पर जोर:

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था, विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री की हालिया दावोस (World Economic Forum) यात्रा का भी उल्लेख किया गया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की थी। इन वैश्विक संवादों का लाभ राज्य के बजट और भविष्य के निवेश में देखने को मिल सकता है।

अधिकारियों को कड़े निर्देश:

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मुद्दों, विशेषकर ट्राइबल वेलफेयर और स्कॉलरशिप योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वित्त विभाग को आगाह किया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।

उपस्थिति:

इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

गढ़वा: पसीने से सींच रहे हैं जीत की जमीन, अलखनाथ पाण्डेय का 'पैदल' जनसंपर्क अभियान चर्चा में

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गढ़वा। नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अलखनाथ पाण्डेय ने जनता से जुड़ने के लिए एक अनोखा और कठिन रास्ता चुना है। नामांकन के बाद से अब तक वे लगातार 122 घंटे पैदल चलकर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों, मोहल्लों और बस्तियों का दौरा कर चुके हैं।

जनता से सीधा संवाद और बुनियादी मुद्दों पर जोर:

जनसंपर्क के दौरान अलखनाथ पाण्डेय केवल वोट नहीं मांग रहे, बल्कि लोगों की समस्याओं को करीब से समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह चुनाव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गढ़वा की जनता की उम्मीदों और विकास की आकांक्षाओं का चुनाव है। मेरा संकल्प है कि अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो साफ-सफाई, जलनिकासी, बेहतर सड़कें और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।"

दिलचस्प हुआ मुकाबला:

122 घंटों की इस लंबी पदयात्रा ने गढ़वा के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। समर्थकों का कहना है कि सीधे घर-घर पहुँचने से जनता के बीच प्रत्याशी के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों ने भी कई जगह फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, अलखनाथ पाण्डेय का यह 'पैदल मार्च' विपक्षियों के लिए भी चुनौती खड़ी कर रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज करने की तैयारी है।

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार.....आदित्य साहू


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श्री साहू ने कहा कि झामुमो कांग्रेस निकाय चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवारों की सुनिश्चित हार को देखते हुए बौखलाहट में हैं। इसलिए अपराधियों के माध्यम से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को सत्ता पक्ष के इशारे पर जान से मारने की धमकी मिल रही है।

श्री साहू ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर चक्रधर के भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय गगराई को जान से मारने की मिली धमकी एवं एक महिला कार्यकर्ता के घर चिपकाए गए धमकी को मीडिया के समक्ष रखा।

श्री साहू ने धनबाद एवं मेदिनीनगर पलामू के उम्मीदवारों को भी अपराधियों से मिली धमकी की चर्चा की।

श्री साहू ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से भी बात की और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।

कहा कि पिछले 6 वर्षों से अपराधियों दलालों,बिचौलियों का संरक्षण करने वाली राज्य सरकार अब निकाय चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने केलिए अपराधियों का सहारा ले रही।सूचना मिल रही है कि कई कुख्यात अपराधी राज्य के विभिन्न निकाय क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

कहा कि भाजपा ने पहले से ही इसकी आशंका व्यक्त की है।

कहा कि यह सरकार हार के डर से दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराई।साथ ही बैलेट से चुनाव कराने की पीछे भी इस सरकार की मंशा अपराधियों ,गुंडों के सहारे बूथ लूटने ,बूथ कैप्चरिंग की है।

कहा कि पार्टी ने निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है।

कहा कि जिस प्रकार से निकाय चुनाव को लेकर अपराधियों की सक्रियता बढ़ी है इससे यह बात सच हो रही है कि राज्य सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने केलिए तैयार है। अपराधियों के माध्यम से अपना उद्देश्य पूरा करने की मंशा राज्य सरकार रखती है।

राज्य सरकार और अपराधियों के बीच एक दूसरे की सुरक्षा करने का समझौता है।

भाजपा राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए मांग करती है कि राज्य सरकार अपराधियों के आतंक पर सख्त लगाम लगाए।

कहा कि निर्वाचन आयोग केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती निकाय चुनाव में सुनिश्चित करे साथ ही सीसीटीवी कैमरा भी बूथों पर लगाना सुनिश्चित करें।यदि राज्य सरकार अपराधियों का संरक्षण करती है तो भाजपा सड़क से सदन तक चुप नहीं बैठेगी।

प्रेसवार्ता में पूर्व सांसद पी एन सिंह,जिलाध्यक्ष श्रवण राय भी उपस्थित थे।

2050 तक रिकॉर्ड संख्या में विदेश जाएंगे झारखंडी छात्र: मरंग गोमके छात्रवृत्ति योजना पर सीएम का बड़ा विजन"

मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों (UK) में उच्च शिक्षा और शोध कर रहे राज्य के पाँच मेधावी स्कॉलर्स ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दल में डॉ. रेजिना हांसदा (यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग), डॉ. रिचर्ड टोप्पो (ऑक्सफोर्ड/ISS), माधुरी खलखो (SOAS), रूबी हेंब्रम (LSE) और नोलीना मिंज (सेंट एंड्रयूज) शामिल थीं।

छात्रों ने सराहा मुख्यमंत्री का प्रयास:

मुलाकात के दौरान स्कॉलर्स ने मुख्यमंत्री की 'मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना' की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हालिया विदेश यात्रा के दौरान छात्रों से मिलना एक ऊर्जावान पहल थी। उन्होंने अपील की कि राज्य के आदिवासी बच्चों को पीएचडी और रिसर्च के क्षेत्र में और अधिक प्रोत्साहित किया जाए ताकि 'गुरुजी' (शिबू सोरेन) के सपनों को साकार किया जा सके।

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मुख्यमंत्री का संकल्प: शिक्षा ही विकास की धुरी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा— "मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के बाद आज हमारे आदिवासी छात्र ऑक्सफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, यह बदलाव की बड़ी तस्वीर है।" मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रतिवर्ष 25 छात्रों को इस योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन भविष्य में इस संख्या को और बढ़ाने पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2050 तक अधिक से अधिक छात्र विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर झारखंड का गौरव बढ़ाएं।