विधानसभा में दो राजकीय विश्वविद्यालय स्थापना हेतु संशोधन विधेयक पारित: योगेन्द्र उपाध्याय
* भदोही और शाहजहांपुर में नए विश्वविद्यालयों का मार्ग प्रशस्त, ग्रामीण युवाओं को मिलेंगे स्थानीय अवसर


लखनऊ। विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को बहुमत से पारित करा लिया। सदन में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत दोनों विधेयक पारित हुए।
सदन में प्रस्ताव रखते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। सरकार ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय पहुंचाने के लिए ठोस निर्णय ले रही है, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के 23 महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा एमओयू के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति एवं भूमि सरकार को हस्तांतरित कर विश्वविद्यालय स्थापना में सहयोग दिया गया है। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। जहां पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, वहीं अब निरंतर नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति के तहत हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और नए शैक्षणिक अवसर इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब बट गए हैं कटना बाकी है  : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के केंद्रीय कार्यालय गोमतीनगर लखनउ पर आए सवर्ण समाज के लोगों के बीच बोलते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि आज देश में जो माहौल सवर्ण के खिलाफ बनाया जा रहा है वो बड़ा चिंता का विषय है तिलक,तराजू,और तलवार इनको मारो जूते चार , ब्राह्मण,क्षत्रिय,बनिया  को देश निकालने की बात हो रही है और हमारी सरकार,उच्च पदस्थ नेता, संवैधानिक संस्थाएं चुप हैं। देश की एकता के लिए सवर्ण सर्वोच्च बलिदान दिया सरकार आज उन्हीं के खिलाफ यूजीसी कानून ला रही है दिल्ली यूनिवर्सिटी का हालिया निवाद जाती पूछ कर महिला पत्रकार को लिंच करने की कोशिश दिल्ली  यूनिवर्सिटी में हुआ अब सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा अब अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है बेटियों पर हमला किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं पूरे समाज की अस्मिता और सम्मान का प्रश्न है । कानून का दुरुपयोग हो या तथाकथित काले कानून का मौन  समर्थन समाज अब जाग चुका है दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जाएगा न्याय समानता और सुरक्षा यही हमारा संकल्प है अब तो बट गया है कटना बाकी है 8 मार्च को जनर मंतर पहुंच कर मजबूती दे यूजीसी काला कानून वापस लेने हेतु धरना प्रदर्शन किया जाएगा दुर्भाग्य है कि इस घटना कवरेज करने पहुंच न्यूज रिपोर्टर रुचिका तिवारी के साथ मार पीट की गई सच दिखाने की कोशिश करने  वाले मीडिया कर्मियों पर हमला लोकतंत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है हमला करने वाले जाती पूछ कर कहे कि ब्राह्मण है मारो जान से मारने को कोशिश की गई यही नहीं उससे कहा गया कि कपड़े निकाल कर नागा परेड कराया जाएगा।
हर व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता : केशव प्रसाद मौर्य
* डिप्टी सीएम ने जनता दर्शन में सैकड़ों फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने लखनऊ कैम्प कार्यालय पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों के त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं युवा उपस्थित रहे। फरियादियों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्यवाही, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामलों को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। सरकार जनहित को सर्वोपरि मानते हुए आम जनता की भलाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
श्री मौर्य ने उपस्थित फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हर व्यक्ति की हर संभव समस्या का समाधान किया जाएगा और कोई भी पीड़ित निराश होकर वापस नहीं लौटे—यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्पीड़न एवं भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाए और सार्थक समाधान कराया जाए।
जनसुनवाई के दौरान उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार किया जाए कि पीड़ितों को दोबारा भटकना न पड़े और बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा है—हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और समय पर समाधान मिले।
लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
सीएम योगी की पाती: “यूपी का बजट 2026-27 नवाचार और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती में वर्ष 2026-27 के बजट को नवाचार, नवनिर्माण और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि नवनिर्माण के नौ वर्षों की यह यात्रा प्रदेश को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रही है और यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके तहत स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
बजट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में AI मिशन और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति दी जाएगी।
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 25 लाख युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति का आधार बनेगा तथा उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
सियासी करवट: नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल, बसपा में वापसी की कोशिशें नाकाम
लखनऊ । प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद आखिरकार समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में वापसी की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी।

सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने पुराने साथियों के जरिए मायावती तक संदेश पहुंचाया और सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा भी की, लेकिन बसपा नेतृत्व ने वापसी की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा, मगर अंततः उन्होंने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मुस्लिम राजनीति में बड़ा चेहरा

नसीमुद्दीन सिद्दीकी को प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। बसपा सरकार में उन्हें एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसके चलते उन्हें ‘मिनी मुख्यमंत्री’ तक कहा जाता था। विधानसभा में वह अक्सर आजम खां पर हमलावर रहते थे, ताकि मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ बनाए रखी जा सके।हालांकि 2012 के बाद बसपा से अलग होते समय उन्होंने मायावती के साथ बातचीत की ऑडियो सार्वजनिक कर दी थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनके लिए बसपा के दरवाजे लगभग बंद हो गए।

बसपा का बदला रुख

जानकारों का मानना है कि हालिया लोकसभा चुनाव में बसपा द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के बावजूद अपेक्षित समर्थन न मिलने से नेतृत्व सतर्क हो गया है। 21 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे, लेकिन पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसके बाद मायावती ने संकेत दिया था कि भविष्य में टिकट वितरण में सतर्कता बरती जाएगी।

सपा में सामूहिक एंट्री

रविवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने भी सपा की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि “उन्होंने सिर्फ मकान बदला है, मोहल्ला नहीं,” यानी वे अब भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं।

15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल

इस मौके पर देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, प्रतापगढ़ सदर के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, कन्नौज से एआईएमआईएम प्रत्याशी रहे डॉ. दानिश खान, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूनम पाल और ड्रोन पायलट रंजना पाल समेत कई नेताओं ने सपा जॉइन की।नसीमुद्दीन ने दावा किया कि 15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं और लक्ष्य 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाना है।
उत्तर प्रदेश में ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न



* मास्टर ट्रेनर्स ने बीज विक्रेताओं व अधिकारियों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण, अप्रैल से पोर्टल के माध्यम से ही होगा बीज व्यवसाय



लखनऊ। भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि निदेशालय, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल के तकनीकी पहलुओं तथा संचालन संबंधी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बीज व्यवसाय को पारदर्शी बनाना और डिजिटल माध्यम से किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एनआईसी श्रीमती अर्चना एवं अविनाश, विजय कुमार पेडगाँवकर तथा संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती ने प्रतिभागियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र कृषि विभाग की उप कृषि निदेशक डॉ. प्रीति सवाईराम ने महाराष्ट्र में ‘साथी पोर्टल’ के सफल क्रियान्वयन का अनुभव साझा करते हुए इसके विभिन्न चरणों और लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निजी बीज कंपनियों एवं फर्मों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों तथा थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिनिधि अपने-अपने जनपदों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य डीलरों एवं वितरकों को प्रशिक्षित करेंगे। विभाग द्वारा सभी बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि आगामी अप्रैल माह से बीज व्यवसाय का संचालन अनिवार्य रूप से ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही किया जाए।

* क्या है ‘साथी (SATHI) पोर्टल’?
‘साथी’ (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह बीज के उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करता है, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगती है। किसान बीज के पैकेट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज के स्रोत, उत्पादक एजेंसी और उसकी शुद्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पोर्टल बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने तथा देश में बीज की उपलब्धता की सटीक निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम 80% तैयार, इमर्सिव लर्निंग होगा मुख्य आकर्षण

* ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई वैश्विक पहचान, ‘वेदों की ओर लौटो’ का देगा संदेश: मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ/आगरा। उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 80 प्रतिशत तैयार हो चुका है। नई तकनीकों से सुसज्जित यह संग्रहालय इतिहास को केवल प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से उसे जीवंत अनुभव में बदलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूज़ियम ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

* विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास
मंत्री ने बताया कि म्यूज़ियम में स्थापना काल, संस्थापक व स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता जैसे विभिन्न थीम आधारित जोन विकसित किए गए हैं। यहां इतिहास को डिजिटल तकनीक के जरिए रोचक और सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग का व्यक्ति इसे सहज रूप से समझ सके।
म्यूज़ियम परिसर में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम का ढांचा तैयार हो चुका है। अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प का कार्य प्रगति पर है, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा।

* सत्य, धर्म और सेवा के पाँच पिलर

म्यूज़ियम में आगंतुकों को पांच मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा—
1. ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का स्रोत है।
2. वेद सही जीवन पथ का मार्गदर्शन करते हैं।
3. सत्य और धर्म का पालन जीवन का आधार है।
4. समस्त मानवता की उन्नति हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
5. सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और न्याय का भाव रखना चाहिए।
ये सिद्धांत समाज में सेवा, समानता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि यह म्यूज़ियम भी आगरा और ब्रज क्षेत्र की पहचान को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करेगी।
आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा का जीवंत प्रतीक होगा। आर्य समाज द्वारा दिए गए “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह एक अभिनव प्रयास है। यह संग्रहालय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नैमिष नगर योजना को मिली रफ्तार: एक दिन में 100 किसानों ने दी 51 बीघा जमीन, 38 करोड़ का प्रतिकर वितरित
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्त्वाकांक्षी नैमिष नगर आवासीय योजना को बड़ा बल मिला है। योजना के लिए एक ही दिन में 100 किसानों ने अपनी 51 बीघा से अधिक जमीन की रजिस्ट्री कराई। किसानों की सुविधा के लिए शनिवार को अवकाश के दिन बीकेटी तहसील स्थित निबंधन कार्यालय विशेष रूप से खोला गया, जहां बैनामे निष्पादित कराए गए।

इस दौरान किसानों को लगभग 38 करोड़ रुपये की धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से वितरित की गई। योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि प्रभावित किसानों से रजिस्ट्री के साथ ही प्रतिकर वितरण के लिए लगातार सहमति पत्र प्राप्त हो रहे हैं, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि नैमिष नगर योजना के लिए बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 4035 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर शामिल हैं।

यह योजना लगभग दो लाख लोगों को आवासीय सुविधा प्रदान करेगी। एलडीए के अनुसार, नैमिष नगर को एक पूर्ण विकसित उपनगर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

योजना के क्रियान्वयन से शहर में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में व्यापक विकास की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, निवेश बढ़ने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद भी की जा रही है।
कंडम गाड़ी में ‘तेल खेल’! PWD के जेई अनिल कुमार सस्पेंड, दो अफसरों पर जांच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) में लंबे समय से खड़ी और कंडम हो चुकी सरकारी गाड़ी में तेल डलवाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। विभाग ने अवर अभियंता (JE) अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है।
यह मामला पीडब्ल्यूडी के विद्युत एवं यांत्रिक खंड के लखनऊ स्थित 17वें सर्किल से जुड़ा है, जहां एक कार काफी समय से खड़ी थी और कंडम स्थिति में पहुंच चुकी थी। आरोप है कि इस गाड़ी को टोचन कार्य में उपयोग दिखाकर तेल खर्च दर्शाया जा रहा था।
मामले में प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय करते हुए जेई अनिल कुमार के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया है। वहीं सहायक अभियंता एसके नायक के खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के नियम-7 तथा अधिशासी अभियंता रंजिता प्रसाद के खिलाफ नियमावली-10(2) के तहत जांच की संस्तुति की गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कंडम वाहन के नाम पर तेल व्यय कैसे और किसकी अनुमति से दर्शाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।