पीएम मोदी आज करेंगे AI एक्सपो का उद्घाटन, जुटेंगे दुनियाभर के दिग्गज

#indiaaiimpactexpopmmoditoinauguratetoday 

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में सोमवार को शाम पांच बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा और इसमें एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा। यह एक्सपो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार का सबसे बड़ा मंच साबित होने वाला है।

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाला यह आयोजन नवाचार, नीति और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को दर्शाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो आम नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा।

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन

यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में होगा और इसमें विश्वभर की प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समागम होगा। इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं।

300 से अधिक प्रदर्शनी

एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन होंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख विषयों लोग, ग्रह और उन्नति पर आधारित है। लोग के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं ग्रह में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्नति में उद्योग, कारोबार और आर्थिक विकास में एआई की भूमिका बताई जाएगी।

दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 देशों के उपराष्ट्रपति और 9 देशों के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं। साथ ही, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के CEO और करीब 2 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पीएमओ के अनुसार, इस पूरे पांच दिवसीय आयोजन में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

600 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे

एक्सपो में 600 से अधिक स्टार्टअप भी शामिल होंगे। इनमें से कई विश्वस्तर पर प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रहे एआई समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जिनके एआई समाधान पहले से जमीनी स्तर पर लागू हैं।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

#loksabhadebateonnoconfidencemotionagainstombirlaon9march

Image 2Image 3

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

पीएम मोदी को बांग्लादेश से तारिक रहमान के शपथ-समारोह का न्योता, पिघलने लगी रिश्तों पर जमी बर्फ?

#bangladeshinvitespmmodifortariquerahmanoathceremony

Image 2Image 3

बांग्लादेश के चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद ढाका-दिल्ली के रिश्तों में जमी बर्फ कुछ हद तक पिघलती दिखी है। पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) चीफ तारिक रहमान को बधाई दी और भारत के समर्थन का वादा किया। तारिक रहमान और उनकी पार्टी की ओर से इस संदेश का गर्मजोशी के साथ जवाब दिया गया। अब ढाका से नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण का न्योता भी भेजा गया है।

17 फरवरी को शपथ लेंगे तारीक रहमान

बीएनपी के चेयरमैन तारीक रहमान 17 फरवरी को देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह परंपरा से अलग इस बार राष्ट्रपति भवन की जगह ढाका के नेशनल पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स के साउथ प्लाजा में होगा। ढाका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई क्षेत्रीय नेताओं को इस समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। हालांकि, अभी तक भारत की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पीएम मोदी के ढाका जाने की संभावना कम

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ढाका जाने की संभावना कम है क्योंकि वह 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं। मैक्रों, अगले हफ्ते एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं।

भारत की ओर से कोई सीनियर नेता हो सकता है शामिल

जानकारी के मुताबिक, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय पक्ष की तरफ से कोई सीनियर नेता, शायद उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन या विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हो सकते हैं।

जल्दबाजी नहीं चाहती भारत सरकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत बांग्लादेश के साथ रिश्तों को रीसेट करना चाहता है, लेकिन जल्दबाजी में समझौता नहीं करना चाहता। खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी इस कार्यक्रम में बुलाए जाने की उम्मीद है

अमेरिका के कैलीफोर्निया में भारतीय छात्र लापता, बर्कले की पहाड़ियों में आखिरी बार देखा गया

#sakethsreenivasaiahmissingberkeleyuniversity_california

अमेरिका में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर रहे एख भारतीय छात्र के लापता होने की खबर है। कर्नाटक के स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया कैलिफोर्निया में पिछले 5 दिनों से लापता है। साकेत श्रीनिवासैया मंगलवार यानी 10 फरवरी से लापता है। ऐसे में छात्र की तलाश तेज कर दी गई है।

Image 2Image 3

सैन फ्रांसिस्को के दूतावास और उनके दोस्तों ने गुमशुदगी को लेकर पोस्ट किया है। दूतावास ने शनिवार को ट्वीट कर बताया कि कॉन्सुलेट जनरल श्रीनिवासैया के परिवार और संबंधित लोकल अधिकारियों के संपर्क में है ताकि उसे ढूंढा जा सके।

IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक

साकेत मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। देश के टॉप संस्थान IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद वह कैलिफोर्निया स्थित UC बर्कले से केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर रहे हैं।

बैकपैक में पासपोर्ट और लैपटॉप मिला

साकेत को आखिरी बार कैंपस से करीब 1 किलोमीटर दूर बर्कले की पहाड़ियों में अंजा झील के पास देखा गया था। छानबीन के दौरान कैंपस के पास ही टिल्डेन रीजनल पार्क के पास एक बैकपैक मिला, जिसमें श्रीनिवासैया का पासपोर्ट और लैपटॉप था।

बर्कले हिल्स में सर्च अभियान

सैन फ्रांसिस्को में भारतीय कॉन्सुलेट के मुताबिक अंजा झील और आस-पास के बर्कले हिल्स इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्टूडेंट का पता लगाने के लिए परिवार और संबंधित लोकल अधिकारियों के संपर्क में है।

बांग्लादेश चुनाव में तीन हिंदू उम्मीदवारों को मिली जीत, 20 साल में सिमटा अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व

#bangladeshelectionsresulthowmanyhindusandotherminorities_win

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 299 सीटों पर हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को 211 सीटों पर जीत मिली हैं। वहीं, मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें हासिल हुई हैं। खास बात है कि इस बार के चुनाव में केवल तीन हिंदू उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ये तीनों की बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीते हैं।

Image 2Image 3

किन उम्मीदवारों ने हासिल की जीत

गायेश्वर चंद्र रॉय- बांग्लादेश चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम गायेश्वर चंद्र रॉय का है। बीएनपी के वरिष्ठ नेता रॉय ने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। वे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं और पूर्व में राज्य मंत्री रहे हैं। रॉय ने 99163 वोट हासिल करके जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम को मात दे दी।

निताई रॉय चौधरी- बीएनपी के उपाध्यक्ष निताई रॉय चौधरी ने मागुरा-2 सीट से जीत दर्ज की। उन्हें 1 लाख 47 हजार 896 वोट मिले, जो जमात-ए-इस्लामी के मुस्तर्शीद बिल्लाह से अधिक थे, जिन्हें 1 लाख 17 हजार 018 वोट मिले। चौधरी को बीएनपी के अंदर एक बेहद प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरा माना जाता है। उनकी जीत अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को और पुष्ट करती है।

दीपेन दीवान- बीएनपी के ही टिकट पर जीतने वाले तीसरे हिंदू उम्मीदवार एडवोकेट दीपेन दीवान है। उन्होंने रंगमती संसदीय सीट से जीत हासिल की है। दीवान को 31 हजार 222 वोट मिले है। उनका मुकाबला इंडिपेंडेंट उम्मीदवार पहल चकमा से था, जिन्हें 21 हजार 544 वोट मिले।

तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ने दर्ज की जीत

इस पूरे चुनाव में केवल चार अल्पसंख्यक तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ही जीतकर संसद में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। यह आंकड़ा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भागीदारी के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हिंदू आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8% है। पिछले 20 वर्षों में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व आम तौर पर 14 से 20 सीटों तक रहता था, लेकिन इस बार यह संख्या बेहद कम रहा।

79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार में केवल चार जीते

चुनाव में कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें बीएनपी के चार विजयी हुए। इसके अलावा, जमात-ए-इस्लामी का हिंदू उम्मीदवार हार गया। यह परिणाम न केवल अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि देश की बदलती राजनीतिक तस्वीर को भी उजागर करते हैं।

300 सीट वाली संसद में 3 हिंदू सांसद

300 सीटों वाली संसद में इस बार सिर्फ 3 हिंदू सांसद चुने गए हैं। यह आंकड़ा तब आया है जब हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख हसीना के लंबे कार्यकाल के दौरान संसद में हिंदू सांसदों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही थी।

2009-2014 में थे 16 हिंदू सांसद

2009-2014 की संसद में 16 हिंदू सांसद थे। 2014-2019 में यह संख्या बढ़कर 17 (और आरक्षित सीटों के साथ 20 तक) पहुंची। 2019-2024 में करीब 14 अल्पसंख्यक सांसद थे। यानी पहले जहां 14 से 20 के बीच हिंदू सांसद होते थे, अब संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।

पीएम मोदी ने असम में देश को दी बड़ी सौगात, हरक्यूलस विमान से ऐतिहासिक लैंडिंग, जानें क्या है खास

#pmmodiinassaminaugurateshighwayemergencylandingfacility

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में देश को बड़ी सौगात दी। डिब्रूगढ़ के नेशनल हाईवे पर नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया है। पीएम मोदी खुद भी लॉकहीड सी-130 हरक्यूलस विमान से हाइवे पर उतरे हैं।

पीएम मोदी की सी-130जे सुपर हरक्यूलिस से लैंडिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से डिब्रूगढ़ जिले में मोरान बाईपास पर बनी आपात लैंडिंग सुविधा पर उतरे। प्रधानमंत्री मोदी की लैंडिंग के साथ ही हाइवे पर स्थित यह पट्टी वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई। पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस से लैंड किया।

राफेल-सुखोई का भी दिका दम

इसी के साथ भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI ने डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से उड़ान भरी। राफेल, C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, डोर्नियर सर्विलांस विमान एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ये सभी जेट हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े। इसके अलावा हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) की भी प्रैक्टिस की गई। यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी।

पूर्वोत्तर भारत का पहला आपातकालीन लैंडिंग केंद्र

बता दें कि यह पूर्वोत्तर भारत का पहला आपातकालीन लैंडिंग केंद्र है। यहां वे फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय में तैयार किया गया यह ईएलएफ आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में सक्षम है।

क्यों महत्वपूर्ण है ये आपातकालीन लैंडिंग केंद्र

यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए एक महत्वपूर्ण एसेट के रूप में कार्य करेगी। इससे पूर्वोत्तर में प्राकृतिक आपदाओं या स्ट्रेटेजिक आवश्यकताओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी। दोहरे उपयोग वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में परिकल्पित यह ELF, 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन के अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले परिवहन विमानों के संचालन में सक्षम है।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या मामला: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने कोर्ट में गुनाह कबूला

#nikhilguptaconfessionuscourtkhalistaniactivistpannunmurderplotcase

अमेरिका में रहने वाले खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश के मामले में बड़ी खबर है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। यूएस अटॉर्नी ऑफिस, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने इसकी पुष्टि की है।

Image 2Image 3

29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान होगा

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक निखिल ने शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क की कोर्ट में गुनाह कबूल कर लिया है। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

FBI ने एक्स पोस्ट में दी जानकारी

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल गुप्ता के अपराध कबूलने की जानकारी दी। FBI के मुताबिक, यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया। US अटॉर्नी ऑफिस के बयान के मुताबिक, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। इन आरोपों में मर्डर-फॉर-हायर, मर्डर-फॉर-हायर की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है।

30 जून 2023 को हुई थी गिरफ्तारी

पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 14 जून 2024 को निखिल को अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था। निखिल पर अमेरिका में केस चलाया गया, जहां उसने खुद को निर्दोष बताया था। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, भारत के एक पूर्व अफसर विकास यादव ने निखिल गुप्ता से पन्नू की हत्या की साजिश रचने को कहा था।

कैसे रची गई साजिश ?

अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, मई 2023 में एक शख्स, जिसे “सीसी-1” कहा गया है, ने गुप्ता से संपर्क किया और उसे इस काम के लिए तैयार किया। बाद में अमेरिकी सरकार ने सीसी-1 की पहचान विकास यादव के रूप में की। बताया गया कि वे पहले सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स में थे और उस समय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से जुड़े काम देख रहे थे। अक्टूबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने यादव पर औपचारिक आरोप लगाए। वे अभी भारत में हैं और फरार बताए जा रहे हैं, हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अलग वसूली के मामले में दर्ज किया है।

बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?

#tariquerahmangovtinbangladeshwhatthinkingforindia

Image 2Image 3

बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।

बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?

हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर

शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?

भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं

पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।

मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल

इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?

तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।

दिल्ली में फिर कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सर्च ऑपरेशन जारी

#delhischoolsreceivebombthreat

Image 2Image 3

दिल्ली के एक बार फिर कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। दिल्ली पुलिस की टीमें चेकिंग के लिए स्कूलों में पहुंच गई हैं। बताया जा रहा है कि धमकी भरा पहला कॉल सुबह 9:13 बजे झंडेवालान के बीटी तमिल एजुकेशन को किया गया था।

पुलिस ने स्कूल परिसरों को सुरक्षा घेरे में लिया

धमकी मिलने वाले स्कूलों में झंडेवाला स्थित बीटी तमिल स्कूल, एसपीवी स्कूल और ब्रिटिश स्कूल का नाम शामिल बताया जा रहा है। इस मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

स्कूल परिसरों की गहन जांच

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने भी स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू की। स्कूल की बिल्डिंग में कक्षाओं, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास के इलाकों की बारीकी से तलाशी ली।

9 फरवरी को 10 स्कूलों को आया था धमकी वाला कॉल

4 दिन पहले 9 फरवरी को भी सुबह 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाला कॉल स्कूलों को मिला था। आनन-फानन में दिल्ली पुलिस की टीम और बम निरोधक दस्ता स्कूलों में तैनात हुआ था, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला था।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

#bangladeshelectionresult

बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

Image 2Image 3

बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'