उत्तर प्रदेश में ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न



* मास्टर ट्रेनर्स ने बीज विक्रेताओं व अधिकारियों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण, अप्रैल से पोर्टल के माध्यम से ही होगा बीज व्यवसाय



लखनऊ। भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि निदेशालय, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल के तकनीकी पहलुओं तथा संचालन संबंधी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बीज व्यवसाय को पारदर्शी बनाना और डिजिटल माध्यम से किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एनआईसी श्रीमती अर्चना एवं अविनाश, विजय कुमार पेडगाँवकर तथा संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती ने प्रतिभागियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र कृषि विभाग की उप कृषि निदेशक डॉ. प्रीति सवाईराम ने महाराष्ट्र में ‘साथी पोर्टल’ के सफल क्रियान्वयन का अनुभव साझा करते हुए इसके विभिन्न चरणों और लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निजी बीज कंपनियों एवं फर्मों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों तथा थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिनिधि अपने-अपने जनपदों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य डीलरों एवं वितरकों को प्रशिक्षित करेंगे। विभाग द्वारा सभी बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि आगामी अप्रैल माह से बीज व्यवसाय का संचालन अनिवार्य रूप से ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही किया जाए।

* क्या है ‘साथी (SATHI) पोर्टल’?
‘साथी’ (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह बीज के उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करता है, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगती है। किसान बीज के पैकेट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज के स्रोत, उत्पादक एजेंसी और उसकी शुद्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पोर्टल बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने तथा देश में बीज की उपलब्धता की सटीक निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम 80% तैयार, इमर्सिव लर्निंग होगा मुख्य आकर्षण

* ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई वैश्विक पहचान, ‘वेदों की ओर लौटो’ का देगा संदेश: मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ/आगरा। उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 80 प्रतिशत तैयार हो चुका है। नई तकनीकों से सुसज्जित यह संग्रहालय इतिहास को केवल प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से उसे जीवंत अनुभव में बदलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूज़ियम ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

* विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास
मंत्री ने बताया कि म्यूज़ियम में स्थापना काल, संस्थापक व स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता जैसे विभिन्न थीम आधारित जोन विकसित किए गए हैं। यहां इतिहास को डिजिटल तकनीक के जरिए रोचक और सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग का व्यक्ति इसे सहज रूप से समझ सके।
म्यूज़ियम परिसर में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम का ढांचा तैयार हो चुका है। अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प का कार्य प्रगति पर है, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा।

* सत्य, धर्म और सेवा के पाँच पिलर

म्यूज़ियम में आगंतुकों को पांच मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा—
1. ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का स्रोत है।
2. वेद सही जीवन पथ का मार्गदर्शन करते हैं।
3. सत्य और धर्म का पालन जीवन का आधार है।
4. समस्त मानवता की उन्नति हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
5. सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और न्याय का भाव रखना चाहिए।
ये सिद्धांत समाज में सेवा, समानता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि यह म्यूज़ियम भी आगरा और ब्रज क्षेत्र की पहचान को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करेगी।
आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा का जीवंत प्रतीक होगा। आर्य समाज द्वारा दिए गए “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह एक अभिनव प्रयास है। यह संग्रहालय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नैमिष नगर योजना को मिली रफ्तार: एक दिन में 100 किसानों ने दी 51 बीघा जमीन, 38 करोड़ का प्रतिकर वितरित
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्त्वाकांक्षी नैमिष नगर आवासीय योजना को बड़ा बल मिला है। योजना के लिए एक ही दिन में 100 किसानों ने अपनी 51 बीघा से अधिक जमीन की रजिस्ट्री कराई। किसानों की सुविधा के लिए शनिवार को अवकाश के दिन बीकेटी तहसील स्थित निबंधन कार्यालय विशेष रूप से खोला गया, जहां बैनामे निष्पादित कराए गए।

इस दौरान किसानों को लगभग 38 करोड़ रुपये की धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से वितरित की गई। योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि प्रभावित किसानों से रजिस्ट्री के साथ ही प्रतिकर वितरण के लिए लगातार सहमति पत्र प्राप्त हो रहे हैं, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि नैमिष नगर योजना के लिए बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 4035 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर शामिल हैं।

यह योजना लगभग दो लाख लोगों को आवासीय सुविधा प्रदान करेगी। एलडीए के अनुसार, नैमिष नगर को एक पूर्ण विकसित उपनगर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

योजना के क्रियान्वयन से शहर में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में व्यापक विकास की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, निवेश बढ़ने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद भी की जा रही है।
कंडम गाड़ी में ‘तेल खेल’! PWD के जेई अनिल कुमार सस्पेंड, दो अफसरों पर जांच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) में लंबे समय से खड़ी और कंडम हो चुकी सरकारी गाड़ी में तेल डलवाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। विभाग ने अवर अभियंता (JE) अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है।
यह मामला पीडब्ल्यूडी के विद्युत एवं यांत्रिक खंड के लखनऊ स्थित 17वें सर्किल से जुड़ा है, जहां एक कार काफी समय से खड़ी थी और कंडम स्थिति में पहुंच चुकी थी। आरोप है कि इस गाड़ी को टोचन कार्य में उपयोग दिखाकर तेल खर्च दर्शाया जा रहा था।
मामले में प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय करते हुए जेई अनिल कुमार के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया है। वहीं सहायक अभियंता एसके नायक के खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के नियम-7 तथा अधिशासी अभियंता रंजिता प्रसाद के खिलाफ नियमावली-10(2) के तहत जांच की संस्तुति की गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कंडम वाहन के नाम पर तेल व्यय कैसे और किसकी अनुमति से दर्शाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में महाशिवरात्रि की धूम: मनकामेश्वर मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
लखनऊ। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोमती नदी के तट पर स्थित लगभग 1000 वर्ष प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर में तड़के से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि के उपलक्ष्य में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य अभिषेक का आयोजन किया गया। मंदिर की महंत देव्यागिरि जी के नेतृत्व में शिवलिंग का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया गया। भक्तों ने भस्म, बेलपत्र, भांग, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्रियों से भोलेनाथ का विधिवत अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष से आध्यात्मिक वातावरण गूंज उठा। महाशिवरात्रि के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सहायता की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विश्राम स्थल बनाए गए और स्वयंसेवकों की सहायता से दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की गई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। लखनऊ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार मनकामेश्वर मंदिर के संबंध में मान्यता है कि लक्ष्मण ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलदायी होती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक से मंदिर परिसर पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। दिनभर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता रहा और देर रात तक पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
उत्तर प्रदेश पुलिस की उच्चस्तरीय अपराध बैठक: त्योहार, बजट और विवेचना गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
लखनऊ। राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा 14 फरवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त जोनल एडीजी, पुलिस आयुक्त, आईजी, डीआईजी, एसएसपी व एसपी सहित प्रदेशभर के पुलिस अधिकारी शामिल हुए।बैठक में मुख्य रूप से आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय वर्ष के बजट उपयोग और विवेचना की गुणवत्ता की समीक्षा की गई तथा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

त्योहारों को लेकर विशेष निर्देश

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि विगत वर्षों में प्रदेश की पुलिसिंग में व्यापक सुधार हुआ है, जिसे और सुदृढ़ करना आवश्यक है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रमुख मंदिरों, नदियों और घाटों पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
होली के दौरान होलिका दहन स्थलों पर पूर्व से सुरक्षा प्रबंध।
रमजान माह को देखते हुए मस्जिदों के आसपास मार्गों व नमाज के समय पर्याप्त सुरक्षा।
पूर्व वर्षों के विवादित मामलों की समीक्षा कर संबंधित पक्षों से वार्ता कर समय से समाधान।
छोटी से छोटी सूचना पर त्वरित संज्ञान और आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई।
स्थानीय अभिसूचना इकाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतर्क निगरानी।

बजट के समुचित उपयोग पर जोर

वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुलिस विभाग को आवंटित बजट का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

विवेचना की गुणवत्ता और नए कानून
नए आपराधिक कानूनों का गंभीरता से अनुपालन।
ई-साक्ष्य को विवेचना का अनिवार्य अंग मानते हुए प्रभावी क्रियान्वयन।
CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 के शीघ्र लॉन्च को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश।
ई-सम्मन व ई-साक्ष्य प्रकरणों की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षकों द्वारा सुनिश्चित करने को कहा गया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

प्रशिक्षणाधीन 60 हजार आरक्षियों के आगमन को देखते हुए पुलिस लाइन व थानों में बैरक/आवासीय कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश।
“ज़ीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट” योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर।
आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में सुधार जारी रखने और रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश।

बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूर्ण निष्ठा और मनोयोग से कार्य करते हुए उच्च स्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026: 16 से 28 फरवरी तक, यूपी के 8 जिलों में गूंजेगा दोस्ती का संदेश
* ‘एक जनपद एक उत्पाद’ प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण का केंद्र

लखनऊ। भारत और नेपाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से 16 से 28 फरवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह 13 दिवसीय महोत्सव कला, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से दोनों देशों के बीच भाईचारे का संदेश देगा।
महोत्सव की शुरुआत 16-17 फरवरी को कुशीनगर स्थित बुद्ध पी.जी. महाविद्यालय से होगी। इसके बाद 18-19 फरवरी को सिद्धार्थनगर के बीएसए ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 फरवरी को महाराजगंज के जवाहर लाल नेहरू पी.जी. कॉलेज, 21 फरवरी को बलरामपुर के थारू जनजाति संग्रहालय इमलिया कोडर, 22 फरवरी को श्रावस्ती के जगजीत इंटर कॉलेज, 24 फरवरी को बहराइच के रामलीला ग्राउंड भीमराव अंबेडकर पार्क (सोनी बलईपुर), 26 फरवरी को लखीमपुर खीरी के राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज (एकीकृत जनजाति विकास परियोजना परिसर) और 27-28 फरवरी को पीलीभीत के गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह में समापन समारोह आयोजित होगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह महोत्सव दोनों देशों की साझा विरासत, परंपराओं और आपसी सौहार्द को मंच प्रदान करेगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और भारत-नेपाल संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का संदेश देंगे।

* महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
महोत्सव के अंतर्गत भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा, कवि सम्मेलन, संगोष्ठी और भारत-नेपाल सांस्कृतिक संबंधों पर विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी। “एक जनपद एक उत्पाद” प्रदर्शनी में स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चित्रकला एवं रंगोली प्रदर्शनी, तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश और संबंधित जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महोत्सव में भाग लेकर भारत-नेपाल मैत्री को और सशक्त बनाने में सहभागी बनें। यह आयोजन मनोरंजन के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भाव का उत्सव भी बनेगा।
कालिंजर महोत्सव 2026: ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ बांदा में सजेगा सांस्कृतिक महासंगम
* 15 से 17 फरवरी तक रंगारंग कार्यक्रम | ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ और ‘बांदा गॉट टैलेंट’ मुख्य आकर्षण | खेल महोत्सव में खो-खो, कबड्डी और दंगल प्रतियोगिताएं

लखनऊ/बांदा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती पर 15 से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय भव्य कालिंजर महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम पर आधारित यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का विराट उत्सव बनेगा। आयोजन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में होगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि महोत्सव के दौरान बुंदेली लोक नृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। ऐतिहासिक कालिंजर किला की पृष्ठभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम आगंतुकों को इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का विशेष अवसर देगा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आयोजन यादगार अनुभव सिद्ध होगा।

* परंपरा और नवाचार का संगम
तीन दिवसीय महोत्सव में जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरेगी, वहीं खेल महोत्सव के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी मंच मिलेगा। ‘बांदा गॉट टैलेंट’ के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जबकि ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ के अंतर्गत कलाकार, गायक और खिलाड़ी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
मंडलीय सरस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी, विभागीय स्टॉल, सम्मेलन और गोष्ठियों का आयोजन भी होगा।

* खेल महोत्सव की रूपरेखा
खेल प्रतियोगिताएं प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से अपराह्न 4 बजे तक आयोजित होंगी—

* 15 फरवरी: खो-खो प्रतियोगिता
* 16 फरवरी: कबड्डी प्रतियोगिता
* 17 फरवरी: दंगल प्रतियोगिता

‘बांदा गॉट टैलेंट’ प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक आयोजित होगा। 15 फरवरी को विद्यालय स्तर, 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तर तथा 17 फरवरी को जनपद स्तरीय विजेताओं की विशेष प्रस्तुतियां होंगी।

* सुरमयी शामों का आकर्षण
प्रतिदिन अपराह्न 4 से 6 बजे तक ‘स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर’ के अंतर्गत बुंदेली लोक नृत्य, लोक गायन और वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन की प्रस्तुतियां होंगी।
शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ‘आज की शाम कालिंजर के नाम’ कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी—

* 15 फरवरी: तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप
* 16 फरवरी: साधो द बैण्ड एण्ड ग्रुप व राधा श्रीवास्तव एण्ड ग्रुप
* 17 फरवरी: ममता शर्मा एवं राजा रेन्चो

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि कालिंजर महोत्सव-2026 बुंदेलखंड की ऐतिहासिक चेतना और जनभागीदारी का सशक्त प्रतीक है। प्रदेश सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की झांकी में कालिंजर किले को प्रमुखता देने से इसकी वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई मिली है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 की अवधि 18 फरवरी तक बढ़ी

* मंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले–योगी सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध

लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने जानकारी दी कि निदेशालय, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा संचालित “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” की अवधि बढ़ा दी गई है। पूर्व में 06 से 13 फरवरी 2026 तक संचालित यह अभियान अब 18 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिव्यांग युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों तथा एमआईएस प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे प्रत्येक पात्र एवं इच्छुक दिव्यांगजन तक रोजगार के अवसर पहुंचाए जा सकें।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में अभियान की प्रगति संतोषजनक रही है। विभिन्न जिलों से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक के आधार पर अधिकाधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से अभियान की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विस्तारित अवधि में और अधिक दिव्यांगजन रोजगार से जुड़ सकेंगे।
बुनकरों के हितों के प्रति सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : राकेश सचान

‘अटल बिहारी वाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में नियम 56 के अंतर्गत उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार बुनकरों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में ऊर्जा विभाग द्वारा फ्लैट रेट विद्युत आपूर्ति योजना प्रारंभ की गई थी, जिसे बाद में बढ़ती बकायेदारी के कारण हथकरघा विभाग को हस्तांतरित किया गया।
मंत्री सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार बुनकर प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श के उपरांत 1 अप्रैल 2023 से “अटल बिहारी वाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना” लागू की गई। इस योजना के तहत 5 किलोवाट तक के कनेक्शनों के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही बुनाई कार्य में प्रयुक्त सहायक उपकरण—बॉबिन, वार्पिंग, डबलिंग, बाइंडर मशीन तथा पंखा आदि—को भी 5 किलोवाट की सीमा में शामिल किया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 99,229 पावरलूम कनेक्शनों को योजना का लाभ मिल रहा है, जिनमें 92,869 कनेक्शन 5 किलोवाट श्रेणी के हैं। पूर्व में इस योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर लगभग 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, 31 मार्च 2023 तक की बकाया विद्युत देनदारियों के भुगतान की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने स्वयं ली है। बजट वर्ष 2026-27 में लगभग 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे हथकरघा विभाग पर लंबित लगभग 4,000 करोड़ रुपये की देनदारी का निस्तारण किया जा सके।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं वाराणसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर एवं मेरठ मंडलों का दौरा कर बुनकरों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकर समाज की पारंपरिक कला और आजीविका की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने में भी कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लाखों परिवारों के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है और प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।