यदि आवश्यकता हो डेस्क- बेंच की तो निःसंकोच बताएं: ब्लॉक प्रमुख
संजीव सिंह बलिया!राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के क्रम में बुनियादी साक्षरता एवं प्राथमिक अंक की दक्षता प्राप्त करने के उद्देश्य से तथा प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण हेतु शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित निपुण लक्ष्य की संप्राप्ति किए जाने हेतु एवं शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, समुदाय के मध्य उनकी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम का आयोजन आज ब्लॉक संसाधन केंद्र बेलहरी पर आयोजित किया गया। मां सरस्वती के चित्र पर पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बेलहरी ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख मृत्युंजय तिवारी द्वारा आह्वान किया गया कि जिस भी परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में डेक्स बेंच की आवश्यकता हो तथा बच्चे जमीन पर बैठ रहे हो उन्हें अवगत कराया जाए इसकी उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। ब्लॉक प्रमुख बेलहरी तथा इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शशांक शेखर तिवारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु उनके स्तर से बच्चों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराए जाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है तथा कई विद्यालयों को आर ओ उपलब्ध भी कराया जा चुका है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बेलहरी इकाई के अध्यक्ष शशि कांत ओझा द्वारा अतिथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुए अपने उद्बोधन में बताया गया कि बाल विकास पुष्टाहार मंत्रालय तथा बेसिक शिक्षा के द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से समाज के हर तबके को मुख्य धारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी बेलहरी राजीव गंगवार द्वारा सभी अतिथियों का अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए स्वागत अभिनंदन किया गया। अपने स्वागत भाषण में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि हम सभी को मिलकर विकासखंड के समस्त बच्चों को निपुण लक्ष्य की प्राप्ति करानी है जो केवल आपसी समझदारी एवं समन्वय से ही संभव है। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन ब्रजेश बिहारी सिंह द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तथा मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम का सुखद संजोग यह भी रहा कि जनपद के तीनों राज्य संदर्भ दाता समूह के सदस्य आशुतोष कुमार सिंह तोमर, संतोष चंद तिवारी तथा चित्रलेखा सिंह की उपस्थिति रही तथा इन लोगों द्वारा मेले के उद्देश्य के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। इस उत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालय के बच्चों को प्रमाण पत्र तथा स्टेशनरी प्रदान किया गया जिसमें प्राथमिक विद्यालय रोहुआ की नंदनी प्रजापति ,प्राथमिक विद्यालय पुरास की पार्थवी मिश्रा तथा रीमा कुमारी ,प्राथमिक विद्यालय स्वयंवर छपरा की रिया कुमारी, प्राथमिक विद्यालय बिगही के गोलू यादव, प्राथमिक विद्यालय मठिया की रानी राजभर, कंपोजिट विद्यालय दिघार की प्रिया , सृष्टि कुमारी ,नायरा ,छोटी कुमारी तथा नैना, प्राथमिक विद्यालय मझौंवा के आर्यन गिरी , शिवांशु यादव, शिवम गिरी, प्राथमिक विद्यालय रासबिहारी नगर की मंजीत रावत , सोनाली ,प्राथमिक विद्यालय उदवत छपरा के आर्य एवं अंशिका ,प्राथमिक विद्यालय नेमछपरा के खुशी कुमारी तथा लव कुश साहनी, प्राथमिक विद्यालय उदवतछपरा की आराध्या उपाध्याय, प्राथमिक विद्यालय नंदपुर की पंखुड़ी एवं लक्ष्मी ,प्राथमिक विद्यालय हल्दी नंबर 1 के ओसी तथा तरन्नुम खातून, प्राथमिक विद्यालय भरसौता की सोनम कुमारी ,प्राथमिक विद्यालय मुड़ाडीह की कुमारी स्नेहलता, प्राथमिक विद्यालय गायघाट की कुमारी दिव्या ,प्राथमिक विद्यालय रुद्रपुर की गुड़िया कुमारी ,प्राथमिक विद्यालय शुक्ल छपरा की कुमारी प्रीति प्रजापति ,प्राथमिक विद्यालय लाखपुर की कुमारी संध्या रावत, प्राथमिक विद्यालय सुजानीपुर के निशांत , आराध्या कुमारी, शिवानी ,अर्पित कुमार एवं प्राथमिक विद्यालय बसुधरपाह के आराध्या पांडे को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशी भूषण मिश्रा द्वारा किया गया। अपने संचालन में डॉक्टर मिश्रा द्वारा बताया गया कि हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम का उद्देश्य प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सुधार करना और बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है बच्चों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह के साथ इस तरह के कार्यक्रम को आयोजित किया जाना है क्योंकि यह कार्यक्रम जन जागृति का कार्यक्रम है जिससे हमें सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका निर्मला गुप्ता, स्वस्तिका मिश्रा, राजेश सिंह, जीवेश सिंह, श्री राम चौबे, ब्रजेश उपाध्याय,दिनकर झा,सुरेंद्र सिंह,हरेराम शर्मा,आशा गुप्ता,कमला सिंह ,उषा देवी,अनीता गुप्ता,राजीव कुमार दुबे,अमित वर्मा,प्रभात सिंह,संतोष कुमार,आदर्श सिंह,रवि भूषण सिंह,मनोज पांडे,अमित सिंह,पंकज सिंह, बब्बन, सुनिल यादव,प्रदीप श्रीवास्तव,रवि रंजन यादव,सुनील दुबे,कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव,संजीव शुक्ला,तरुण राम,श्याम देव,नवीन चतुर्वेदी,सतीश मिश्रा,जय प्रकाश राम,अनुज सिंह,श्रीराम तिवारी,अभिषेक कुमार,गोपाल पांडे का सहयोग रहा।
सीयर में ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का शानदार आयोजन, निपुण बच्चों का हुआ सम्मान
संजीव सिंह बलिया1सीयर (बलिया), 10 फरवरी 2026। बीआरसी सीयर के प्रांगण में मंगलवार को ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री फैसल आलम और खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील चौबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन के साथ किया।खंड शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि श्री फैसल आलम, विशिष्ट अतिथि श्री रविभूषण सिंह (सहायक विकास अधिकारी) व श्रीमती ममता श्रीवास्तव (सुपरवाइजर, सीडीपीओ प्रतिनिधि) को बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कम्पोजिट विद्यालय सीयर के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सीयर ब्लॉक की 15 न्याय पंचायतों के कक्षा 1-2 के निपुण बच्चे, नोडल शिक्षक, संकुलाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं व उनके बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सहायक अध्यापक श्री राजी कमाल पासा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती किरण सिंह ने भी संबोधित किया।अपने उद्बोधन में श्री फैसल आलम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प व बेहतर संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेने व सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सभी निपुण बच्चों को बैग व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री सुनील चौबे ने शिक्षण को पवित्र कार्य बताते हुए समन्वय का आह्वान किया।कार्यक्रम में टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां खंड विकास अधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की, खासकर प्राथमिक विद्यालय बुद्धिपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता की टीएलएम को। देवेंद्र वर्मा, जयप्रकाश यादव, सोहराब अहमद, आशुतोष, तरुण पांडेय, विनोद कुमार मौर्य, अजीत सिंह, रमेश सिंह जितेंद्र वर्मा, राजा कमाल पाशा,सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संचालन श्री नंदलाल शर्मा ने किया!
बलिया में सांख्य दर्शन का आधुनिक अवतार: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 'नव-भाष्य' का भव्य विमोचन
संजीव सिंह बलिया, 10 फरवरी 2026: प्राचीन सांख्य दर्शन को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा ग्रंथ 'नव-भाष्य' आज यहां विधिवत् विमोचित हुआ। शिक्षा जगत के प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित यह पुस्तक पारंपरिक भाष्य शैली को पीछे छोड़कर वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। संस्कृत की गहराई, हिंदी की सहजता और अंग्रेजी की वैज्ञानिक शब्दावली का संगम इसे इंजीनियरों, डॉक्टरों और डेटा साइंटिस्टों के लिए उपयोगी बनाता है।ग्रंथ का आशीर्वाद अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने दिया, वहीं यूक्रेन के तारास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यूरी बोत्वींकिन ने शुभाशीष पत्र भेजा। यह वैश्विक समर्थन पुस्तक की अंतरराष्ट्रीय अपील को रेखांकित करता है।'नव-भाष्य' में सांख्य के सिद्धांतों को आधुनिक उदाहरणों से जोड़ा गया है—'प्रतिप्रसव' को रिवर्स इंजीनियरिंग, 'पुरुष-प्रकृति' को यूजर-सॉफ्टवेयर, और सत्त्व-रज-तम को इंफॉर्मेशन-एनर्जी-मास के रूप में समझाया गया। कैवल्य को 'सिस्टम रिकवरी' और मुक्ति को 'आइडेंटिटी करेक्शन' बताते हुए इसे इसी जीवन में संभव ठहराया गया है।डॉ. उपाध्याय ने विमोचन अवसर पर कहा, "यह ग्रंथ ऋषियों की प्रज्ञा और वैज्ञानिकों के तर्क का पुल है। सांख्य को इतिहास की धूल से निकालकर भविष्य की प्रयोगशाला में लाता है।" महर्षि कपिल के दर्शन पर आधारित यह कृति शोधार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए समर्पित है, जो विज्ञान में चेतना और दर्शन में तर्क तलाशते हैं।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही सत्ताधारी भाजपा:* कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष /प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया (फॉर्म-7) के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी विचारधारा वाले और आम मतदाताओं के नाम कटवाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक पर बड़े पैमाने पर 'फॉर्म-7' भरकर सही मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। कान्हजी ने मांग किया कि चुनाव आयोग द्वारा (एस.आई.आर.) प्रक्रिया में नाम हटाने से पूर्व उपयोग होने वाले सभी 'फॉर्म-7' को संबंधित बूथों के सभी बी.एल.ए. (Booth Level Agents) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सुशील कुमार पाण्डेय ने कहा कि "मतदान का अधिकार आम जनता का सबसे बड़ा हथियार और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इस अधिकार को छीनकर लोकतंत्र को कमजोर करने का निंदनीय प्रयास कर रही है।" चेतावनी और अपील सपा प्रवक्ता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को आगाह किया कि यदि बिना उचित सत्यापन और बी.एल.ए. की जानकारी के नाम काटे गए, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और मतदाता सूची में हो रही किसी भी गड़बड़ी का डटकर मुकाबला करें। भवदीय सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी बलिया
बरवां रत्ती पट्टी की बेटी डॉ. नेहा सिंह का UPSC में चयन, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) बनीं
संजीव सिंह बलिया!बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के बरवां रत्ती पट्टी गांव की बेटी डॉ. नेहा सिंह का संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) पद पर चयन हो गया है। इस उपलब्धि से गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। जगमोहन सिंह की पुत्री डॉ. नेहा की सफलता पर परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में गर्व का माहौल है।डॉ. नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय बरवां रत्ती पट्टी से तथा माध्यमिक शिक्षा बाबा गोरखनाथ इंटर कॉलेज, भीमपुरा नंबर-1 से प्राप्त की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में उच्च शिक्षा हासिल कर उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पांच बहनों और एक भाई में सबसे छोटी डॉ. नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।" बेटियों को संदेश देते हुए डॉ. नेहा बोलीं, "लड़कियों का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। एक लड़की की सफलता न केवल एक परिवार, बल्कि दो परिवारों और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार देती है।"
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत, ऑनलाइन गेम की लत बनी आत्महत्या की वजह!
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी की है। मृतक बच्चियों की पहचान निशिका, प्रावी और पार्थवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बीती रात करीब 2:15 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि टावर बी-1, फ्लैट नंबर 907 की बालकनी से तीन बच्चियों ने छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को गंभीर हालत में 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें केवल “मम्मी-पापा सॉरी” लिखा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें “कोरियन लवर” नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं। पिता चेतन कुमार के अनुसार, बच्चियां मोबाइल गेम खेलती थीं और घटना वाले दिन उनका आखिरी टास्क था। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है। परिजनों से पूछताछ जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर इस सामूहिक आत्महत्या की वजह ऑनलाइन गेम की लत मानी जा रही है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और साइबर टीम को भी शामिल किया गया है ताकि गेम से जुड़े लिंक और चैट हिस्ट्री खंगाली जा सके। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेम की बढ़ती लत बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
बलिया:मलप की मृदु भाषी शिक्षामित्र ममता सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, शिक्षकों ने की परिवार को 1.04 लाख की सहायता भेंट
संजीव सिंह बलिया। मलप:कंपोजिट विद्यालय मलप की परिश्रमी व मृदुभाषी शिक्षामित्र ममता सिंह का 20 जनवरी 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। उनके अप्रत्यक्ष रूप से चले जाने से परिवार टूट गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मायके मलप में रहने वाली ममता सिंह ने अपने पीछे पति मनीष सिंह (मऊ जिले के रणवीरपुर निवासी), बड़ी पुत्री अनन्या, पुत्र अर्थव सहित सम्पूर्ण परिवार छोड़ दिया।उनके पैतृक गांव मलप में आयोजित भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा में नगरा प्राथमिक शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन के सदस्यों ने खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह की अगुवाई में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सभी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन चढ़ाए। सभा का समापन एक मिसाल कायम करते हुए हुआ, जब नगरा के सभी शिक्षकों द्वारा एकत्रित सहायता राशि 1 लाख 4 सौ रुपये उनके परिजनों को भेंट की गई।इस श्रद्धांजलि सभा में बीईओ रामप्रताप सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ से वीरेंद्र प्रताप यादव, मंत्री ओमप्रकाश, हेमंत यादव, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ से संजीव कुमार सिंह, राकेश कुमार पांडेय, अजय श्रीवास्तव, रणवीर सिंह, बच्चालाल, हरीश शुक्ला, आलोक सिंह, वीकेश सिंह, दिनेश सिंह मंटू, संजीव सिंह 'दारा', बिंदु राम, शशिभूषण मौर्य, निर्भय सिंह, संजय सिंह, सुभाषचंद्र, समर बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में सम्मानित अध्यापक व शिक्षामित्र उपस्थित रहे। ममता सिंह की सादगी, लगन व मृदुभाषी स्वभाव ने शिक्षा जगत को हमेशा प्रेरित किया, जो क्षेत्रवासी सदैव याद रखेंगे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान* :*प्राचार्य*/*उप शिक्षा निदेशक*
संजीव सिंह बलिया!निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
शिक्षा क्षेत्र सीयर: शाहपुर अफगा कम्पोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक जितेन्द्र कुमार मौर्य का असामयिक निधन, शिक्षा जगत शोक मग्न
संजीव सिंह बलिया! 4 फरवरी 2026: शिक्षा क्षेत्र सीयर के कम्पोजिट विद्यालय शाहपुर अफगा पर कार्यरत सहायक अध्यापक जितेन्द्र कुमार मौर्य का बुधवार सुबह असामयिक निधन हो गया। वे लंबे समय से लीवर की समस्या से ग्रसित थे। मूल रूप से भुआरी गांव के निवासी जितेन्द्र बेहद मृदुभाषी, मिलनसार और सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे। दो पुत्रों और एक बालिका के पिता जितेन्द्र के निधन की खबर फैलते ही शिक्षा जगत स्तब्ध रह गया।निधन की सूचना मिलते ही शिक्षक साथी और शुभचिंतक संवेदना व्यक्त करने उनके घर पहुंच रहे हैं। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार को विभाग की ओर से हर संभव मदद समय पर दिलाई जाएगी।शिक्षक संगठनों ने व्यक्त की गहरी संवेदना शिक्षक साथी देवेंद्र वर्मा, विनोद कुमार मौर्य, विनोद कुमार वर्मा, जितेंद्र वर्मा, दिलीप कुशवाहा, नन्द लाल शर्मा, जय प्रकाश यादव, कृष्णा नन्द सिंह, हरे कृष्ण पाण्डेय, अजित सिंह, राहुल, विवेक पटेल आदि ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन सीयर ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए गतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि देने वालों में परशुराम यादव, जितेंद्र वर्मा, संतोष तिवारी, रामप्रवेश मौर्य, देवेंद्र वर्मा, सुमन देवी, अभिषेक यादव, अजीत गुप्ता, रामावलंब यादव, अनिल सिंह, नजरा खातून, जगदीश यादव, राजकुमार, अभय सिंह, सतेंद्र तिवारी, अवधेश चौरसिया, गणेश प्रसाद कुशवाहा, अरविंद मौर्य, गोपाल मौर्य, कन्हैया गुप्ता, आशुतोष पांडे, राकेश मौर्य, प्रवीण पांडे, शत्रुघ्न पटेल, राहुल पटेल, आशा देवी, विजेंद्र पाल, अमरजीत यादव, बजरंगी यादव आदि शामिल रहे।
जीप स्टैंड नगरा पर दर्दनाक हादसा: जयप्रकाश महिला महाविद्यालय की छात्रा बबिता यादव की अज्ञात डंपर से टक्कर में मौत
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! नगरा:30 जनवरी 2026: जिला बलिया के नगरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम व पोस्ट कमरौली निवासी अरविंद यादव की पुत्री बबिता यादव, जो बीए चौथे सेमेस्टर की छात्रा थीं और जयप्रकाश महिला महाविद्यालय नगरा में पढ़ाई करती थीं, का आज स्कूल से घर लौटते समय दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया।घटना नगरा-बेल्थरमार्ग पर नगरा जिप स्टेंड के पास घटित हुई, जहां तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने बबिता को तेज धक्का मार दिया। हादसे के तुरंत बाद बबिता गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने शव को जिप स्टेंड के पास देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डंपर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।बबिता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, जबकि पूरे कमरौली गांव और नगरा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।परिवार की प्रतिक्रिया: पिता अरविंद यादव ने बताया कि बेटी रोज की तरह स्कूल से लौट रही थी, अचानक यह हादसा हो गया। उन्होंने दोषी चालक को कड़ी सजा की मांग की है।स्थानीय लोगों ने सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार और डंपरों की लापरवाही पर चिंता जताई है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।