रांची नगरपालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का डीडीसी ने किया निरीक्षण, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

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रांची (11 फरवरी 2026): आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, आज उपविकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मोरहाबादी स्थित डिस्पैच सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया।

22 फरवरी को रवानगी: निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी केंद्र से ही सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी तैयारियां समय पर और बिना किसी त्रुटि के पूरी कर ली जाएं।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर: डीडीसी ने डिस्पैच के दिन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:

निर्वाचन सामग्री किट का सही संकलन।

सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट चार्ट के अनुसार वाहनों की व्यवस्था।

मतदान कर्मियों के लिए मेडिकल सहायता, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।

किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की स्थापना।

पारदर्शिता और समन्वय की अपील: श्री भुवनिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। इस दौरान पोलिंग कर्मियों के रैंडमाइजेशन और उनके प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।

रांची: पहाड़ी मंदिर की भव्य 'शिव बारात' में शामिल होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महासमिति ने दिया न्योता

रांची (11 फरवरी 2026): रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले भव्य महोत्सव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।

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मुख्यमंत्री को सपरिवार निमंत्रण: प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले 'महोत्सव' और 'शिव बारात' में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सपरिवार इस पावन उत्सव में शामिल होने का विनम्र आग्रह किया।

तैयारियों से कराया अवगत: मुलाकात के दौरान महासमिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को इस वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और सुरक्षा व भव्यता को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए महासमिति को सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर महासमिति के संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष श्री राजेश साहू, बादल सिंह, रिवाल्डो वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, राम सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

डिजिटल झारखंड: विधानसभा में 'NeVA' सेवा केंद्र का उद्घाटन, अब पेपरलेस होंगे विधायी कार्य

रांची (11 फरवरी 2026): झारखंड विधानसभा अब पूरी तरह से 'डिजिटल' होने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो ने सभी मंत्रियों और विधायकों को टैबलेट वितरित किए।

विधायकों को मिलेगी बड़ी राहत: संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि NeVA के आने से विधायकों के लिए विधायी कार्य बेहद सरल हो जाएंगे। अब माननीय सदस्यों को सत्र के दौरान देर रात विधानसभा आकर कागजी प्रश्न जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। मोबाइल और टैबलेट के माध्यम से वे कहीं से भी अपने कार्यों का संपादन कर सकेंगे। इससे विधानसभा कर्मियों के कार्यभार में भी सहूलियत होगी।

25वें वर्ष में झारखंड की नई उड़ान: मुख्यमंत्री ने राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड अब बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश के करीब 20 राज्यों में यह डिजिटल प्रणाली शुरू हो चुकी है। पेपरलेस व्यवस्था से न केवल कागजों के ढेर कम होंगे, बल्कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और कार्यों में गति आएगी।

साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान: डिजिटाइजेशन की चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि माननीय सदस्यों को NeVA सिक्योरिटी के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि उनके डेटा या प्रश्नों में कोई हेर-फेर न हो सके।

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मौके पर उपस्थिति: इस ऐतिहासिक क्षण पर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो, राज्य के सभी मंत्रीगण, विधायकगण और विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

पतरातू: इमली ग्राउंड में प्रथम PVUNL क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज, विधायक रोशन लाल चौधरी और CEO ने किया उद्घाटन

पतरातू/हेसला: हेसला स्थित इमली ग्राउंड में प्रथम पीवीयूएनएल (PVUNL) क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि बरकागांव विधायक श्री रोशन लाल चौधरी और पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री ए. के. सहगल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और बल्ला थामकर किया।

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16 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला: इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें स्थानीय 13 पंचायतों की टीमें और 3 बाहरी टीमें शामिल हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतिभागी टीमों को खेल किट बैग वितरित किए गए, जिसमें जर्सी और क्रिकेट से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।

युवाओं के विकास पर जोर: समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में न केवल खेल भावना बढ़ती है, बल्कि उनमें अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। वहीं, सीईओ श्री ए. के. सहगल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पीवीयूएनएल क्षेत्र के समग्र विकास और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए भविष्य में भी हर संभव सहयोग जारी रखेगा।

इस अवसर पर क्षेत्र की 13 पंचायतों के मुखिया, पीवीयूएनएल के हेड ऑफ एचआर श्री ज़ियाउर रहमान, कई गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिला 'बाहा पर्व' का न्योता, मरांग बुरू पारसनाथ में होगा भव्य आयोजन

रांची: मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय (कांके रोड) में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से गिरिडीह के मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा समिति के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के 'बाहा पर्व' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आधिकारिक निमंत्रण सौंपा।

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18 से 21 फरवरी तक चलेगा उत्सव: मरांग बुरू पारसनाथ की तलहटी में आयोजित होने वाला यह बाहा पर्व 18 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह आयोजन आदिवासी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सांस्कृतिक प्रेमी जुटते हैं।

बैठक में रहे मौजूद: मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू और दर्जा प्राप्त मंत्री श्री फागू बेसरा भी उपस्थित रहे। समिति की ओर से मुख्य संरक्षक श्री विष्णु किस्कू, संरक्षक श्री महावीर मुर्मू, नाइके बाबा श्री चंदूलाल टुडू और मांझी हड़ाम श्री राजेश किस्कू सहित कई सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल में संयोजक श्री सुशील मुर्मू, मरंग गुरू संस्थान के अध्यक्ष श्री शनिचर बेसरा, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्रीमती माइनों हेंब्रम समेत सुधीर बास्के, फागु मरांडी, सुरेश हेंब्रम और अन्य सदस्य शामिल थे। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए समिति का आभार व्यक्त किया।

राँची: नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारियों को 'परफॉर्मेंस' का मंत्र; DDC ने कहा— "आपकी जिम्मेदारी लाखों के जीवन से जुड़ी"

राँची, 09 फरवरी 2026: राँची समाहरणालय में सोमवार को जिले के नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों (BWO) के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन सह मार्गदर्शन बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ भुवनिया ने इन अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और शासन की अपेक्षाओं से रूबरू कराया।

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जनता का हक दिलाना ही प्राथमिकता

बैठक में डीडीसी सौरभ भुवनिया ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल एक 'पद' पर नहीं हैं, बल्कि वे सरकार और जनता के बीच की वह कड़ी हैं जिससे लाखों लोगों की आजीविका और कल्याण जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और पेंशन जैसी सामाजिक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के 5 मुख्य दिशा-निर्देश:

पारदर्शिता और निगरानी: राशन वितरण और खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग और स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना।

त्वरित शिकायत निवारण: आम जनता की समस्याओं को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करना।

डिजिटल इंडिया पर जोर: ई-पॉस (e-PoS) मशीन, आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाना।

कल्याणकारी योजनाओं का दायरा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुँचाना।

शून्य भ्रष्टाचार: अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करना और उच्चाधिकारियों को सूचित करना।

राँची को 'मॉडल जिला' बनाने का संकल्प

उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से राँची को आपूर्ति व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे राज्य के लिए एक 'मॉडल जिला' बनाने का आह्वान किया।

उपस्थिति

बैठक में आईटीडीए के श्री संजय भगत, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री रामगोपाल पाण्डेय और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड निकाय चुनाव: 'शहर की सरकार' में युवाओं का दबदबा; 60% युवा प्रत्याशी मैदान में, 38 वार्ड पार्षद निर्विरोध चुने गए

रांची: झारखंड में इस बार नगर निकाय चुनाव का परिदृश्य बदला-बदला नजर आ रहा है। 'शहर की सरकार' चुनने की इस प्रक्रिया में पढ़े-लिखे युवाओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आए आंकड़े गवाह हैं कि राजनीति में युवाओं की सक्रियता एक नए युग की शुरुआत कर रही है।

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युवाओं की बढ़ती भागीदारी: 60% उम्मीदवार 40 से कम

इस बार के चुनाव में वार्ड पार्षद और महापौर/अध्यक्ष पदों के लिए खड़े कुल प्रत्याशियों में से 60% युवा हैं।

वार्ड पार्षद: कुल 5,957 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।

महापौर/अध्यक्ष: 598 प्रत्याशी मैदान में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने इस रुझान पर खुशी जताते हुए कहा कि शिक्षित युवाओं का निकाय चुनाव में रुचि लेना लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ संकेत है।

38 वार्डों में निर्विरोध जीत: यहाँ अब नहीं होगा मतदान

नामांकन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के 48 नगर निकायों के 38 वार्डों में केवल एक-एक ही वैध नामांकन पाया गया। इसके परिणामस्वरूप इन 38 वार्डों के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं।

निर्विरोध निर्वाचित वार्डों का विवरण: | नगर निकाय | निर्विरोध पार्षद | नगर निकाय | निर्विरोध पार्षद | | :--- | :--- | :--- | :--- | | साहिबगंज | 05 | जुगसलाई | 05 | | चक्रधरपुर | 03 | मेदिनीनगर | 03 | | चाकुलिया | 03 | मिहिजाम | 03 | | आदित्यपुर/दुमका/कपाली/राजमहल/जामताड़ा/चतरा | 02 (प्रत्येक) | रामगढ़/हुसैनाबाद/सरायकेला/गोड्डा | 01 (प्रत्येक) |

निष्पक्ष मतदान के लिए आयोग की कड़ी निगरानी

आयोग के सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिन 38 वार्डों में प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं, वहां अब वोट नहीं डाले जाएंगे। शेष सीटों पर शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं। आयोग हर जिले की चुनावी तैयारियों की खुद मॉनिटरिंग कर रहा है।

राँची: आम नागरिकों के लिए अब 15 फरवरी तक खुला रहेगा 'लोक भवन' उद्यान; राज्यपाल ने बढ़ाई समय-सीमा

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राँची, 08 फरवरी 2026: राजधानीवासियों के भारी उत्साह और उद्यान देखने की बढ़ती मांग को देखते हुए माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लोक भवन (राजभवन), राँची के उद्यान को आम जनता के भ्रमण के लिए अब 15 फरवरी 2026 तक खुला रखने का निदेश दिया गया है।

भारी उत्साह के कारण बढ़ी तिथि

पूर्व में यह उद्यान 2 फरवरी से 8 फरवरी तक ही खुला रहना था। लेकिन फूलों की विभिन्न प्रजातियों और उद्यान की सुंदरता को देखने के लिए उमड़ रही भीड़ और नागरिकों की सहभागिता को देखते हुए राज्यपाल ने इसे एक सप्ताह के लिए और विस्तार देने का आदेश दिया है।

भ्रमण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी:

विस्तारित तिथि: अब 15 फरवरी 2026 तक।

भ्रमण का समय: प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक।

प्रवेश की अंतिम सीमा: इच्छुक नागरिक अपराह्न 1:00 बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे।

प्रवेश द्वार: लोक भवन का गेट संख्या 2।

प्रक्रिया: सुरक्षा जांच के उपरांत ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण

लोक भवन का उद्यान अपनी औषधीय वाटिका, विभिन्न प्रकार के गुलाबों और दुर्लभ फूलों के लिए जाना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में छात्र, प्रकृति प्रेमी और आम नागरिक इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने पहुँचते हैं।

फाइलेरिया मुक्त राँची: 10 फरवरी को 619 बूथों पर दवा खिलाने का महाअभियान; उपायुक्त की जिलेवासियों से खास अपील

राँची, 08 फरवरी 2026: राँची जिला प्रशासन द्वारा 10 फरवरी 2026 को जिले के चार प्रमुख प्रखंडों में Mass Drug Administration (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 'फाइलेरिया मुक्त राँची' का नारा दिया है।

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अभियान का पूरा शेड्यूल और लक्ष्य

मुख्य तिथि: 10 फरवरी 2026 (बूथ स्तर पर दवा सेवन)।

मॉप-अप राउंड: 11 से 25 फरवरी 2026 तक (स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे)।

लक्षित क्षेत्र: राहे, सोनाहातु, तमाड़ और कांके प्रखंड।

लक्षित आबादी: लगभग 4,91,014 व्यक्ति।

किसे दवा लेनी है और किसे नहीं?

श्रेणी स्थिति

पात्र नागरिक 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी स्वस्थ व्यक्ति।

किसे नहीं लेनी है गर्भवती महिलाएं, 2 वर्ष से कम के बच्चे और अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति।

दवा का प्रकार DEC + Albendazole (पूरी तरह सुरक्षित और निःशुल्क)।

जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका

उपायुक्त ने JSLPS (जीविका) से जुड़ी दीदियों को इस अभियान की 'रीढ़' बताया है। उन्होंने घोषणा की है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले और शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

चिकित्सकीय सलाह: बचाव ही उपाय है

जिला प्रशासन ने डॉक्टर के परामर्श के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:

दवा सेवन: वर्ष में एक बार दवा लेना अनिवार्य है।

स्वच्छता: प्रभावित अंगों को साबुन और साफ पानी से धोएं।

जांच: फाइलेरिया की जांच के लिए रात में रक्त परीक्षण (Night Blood Survey) सबसे सटीक होता है।

बचाव: मच्छरदानी का प्रयोग करें और मच्छरों से बचें।

उपायुक्त का संदेश

"यदि एक भी व्यक्ति दवा से वंचित रह गया, तो यह बीमारी दोबारा समुदाय में फैल सकती है। आइए, हम सब मिलकर 2026 को राँची के लिए फाइलेरिया-मुक्त वर्ष बनाएँ।" — मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त, राँची।

झारखंड मंईयां योजना का 'मास्टरस्ट्रोक': अब ₹20,000 का स्वरोजगार ऋण; 8 मार्च को हो सकती है बड़ी घोषणा

झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना के तहत अब राज्य की लगभग 50 लाख महिलाओं को ₹20,000 तक का आसान लोन (ऋण) देने की तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय (जैसे सिलाई, मनिहारी, मशरूम उत्पादन आदि) शुरू करने के लिए आर्थिक संबल प्रदान करना है।

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योजना की मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली:

पहलू विवरण

ऋण की राशि ₹20,000 (शुरुआती स्वरोजगार हेतु)

प्रस्तावित नाम मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना (अपेक्षित)

लॉन्च तिथि 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर)

repayment (किस्त) सम्मान राशि (₹2,500) से ही सीधे बैंक द्वारा काटी जाएगी।

अवधि 12 से 24 महीने के बीच आसान किस्तें।

दस्तावेज न्यूनतम कागजी कार्रवाई (आधार कार्ड और बैंक विवरण)।

यह योजना कैसे काम करेगी? (मॉडल)

बिना गारंटी लोन: चूंकि महिलाएं पहले से ही मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थी हैं, इसलिए बैंक उन्हें बिना किसी अतिरिक्त गारंटी या कठिन दस्तावेजों के ऋण दे सकेंगे।

स्वचालित अदायगी (Auto-Repayment): लाभार्थियों को किस्त जमा करने के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनके खाते में आने वाली मासिक सम्मान राशि (₹2,500) में से ही किस्त की राशि काट ली जाएगी।

बैंकरों की सहमति: राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) और वित्त विभाग के बीच हुई बैठक में इस मॉडल पर सहमति बन गई है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इसे आगामी बजट में शामिल करने के संकेत दिए हैं।

क्यों माना जा रहा है इसे 'मास्टरस्ट्रोक'?

आर्थिक स्वावलंबन: ₹2,500 की मासिक मदद घर चलाने में काम आती है, लेकिन ₹20,000 की एकमुश्त राशि से महिलाएं अपना छोटा व्यापार शुरू कर सकती हैं।

बैंकों के लिए कम जोखिम: चूंकि सरकार हर महीने महिलाओं के खाते में पैसा भेज रही है, इसलिए बैंकों के लिए ऋण की वसूली (Recovery) सुनिश्चित है।

सशक्तिकरण: इससे महिलाएं केवल 'लाभार्थी' नहीं, बल्कि 'रोजगार प्रदाता' बन सकेंगी।