विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को 8 महीने से नहीं मिल रहा जिलाध्यक्ष
*जिला प्रभारी के सहारे जिले में चल रहा संगठन

गोंडा।जिले में भारतीय जनता पार्टी का संगठन पिछले 8 महीने से जिलाध्यक्ष विहीन चल रहा है।पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पिछले 8 महीने से जिलाध्यक्ष की तलाश कर रहा है लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई उपयुक्त व योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाया है।जिलाध्यक्ष की नियुक्ति न होने से संगठन के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की गति धीमी पड़ गई है।जिलाध्यक्ष का पर रिक्त होने के कारण संगठन के अधिकांश कार्य जिला प्रभारी के निर्देश पर अन्य जिम्मेदारों को सौंपे गये हैं।हालांकि इन कार्यों का संपादन अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।यहाँ गौरतलब है कि जिलाध्यक्ष की नियुक्ति न होने के कारण पंचायत चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं तथा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति न होने के कारण पंचायत चुनाव में टिकट के दावेदार भी सामने नहीं आ रहे हैं।पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर सोशल मीडिया पर भी सक्रियता कम देखा जा रहा है।यह स्थिति तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप उर्फ बमबम के निष्कासन के बाद उत्पन्न हुई है।ज्ञातव्य हो कि गत 25 मई को उनका एक महिला के साथ वीडियो वायरल हुआ था, इस घटना के 11 दिन बाद 11 जून को भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष के पद से हटाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।उनके निष्कासन से लेकर अब तक न तो किसी नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति हुई है और न तो किसी को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बनाया गया है।जिले के प्रभारी व विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक निरंतर जिले का दौरा कर रहे हैं और साथ ही वे कार्यकर्ताओं को जल्द ही नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का आश्वासन दे रहे हैं,परन्तु 8 महीने बीत जाने के बाद भी यह पद रिक्त है।जिला प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो चुकी है और अब जल्द ही गोंडा को नया जिलाध्यक्ष मिल जाएगा।जिला प्रभारी के अनुसार उक्त के संबंध में सभी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है,बस अंतिम समय पर केवल नाम पर मंथन होना है।भारतीय जनता पार्टी में यह नहीं पता चलता है कि कब कौन अध्यक्ष बनेगा,कई लोगों के नाम ऊपर भेजे गए हैं।जिनके नाम पर मोहर लग जाएगी वही जिले भाजपा का नया जिलाध्यक्ष होगा।उन्होंने कहा कि संगठन के सभी काम हो रहे हैं,मेरे द्वारा सभी पदाधिकारियों को अलग अलग कामों को लेकर निर्देश दिया गया है,संगठन के काम में कहीं कोई कमी नहीं है।भारतीय जनता पार्टी एक अलग तरह की पार्टी है यहाँ पर तत्काल जिलाध्यक्ष किसी को नहीं बनाया जाता है,बल्कि बहुत कुछ सोच समझ कर बनाया जाता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बालिकाओं को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाकर कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारंभ

*गोण्डा 10 फरवरी, 2026*।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गोंडा में स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने किया, तथा उन्होंने किशोर एवं किशोरियों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट वितरित की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही समाज की ताकत है और ऐसे कार्यक्रम बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय-समय पर दवा लेने से उनका शारीरिक विकास और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहती है।
इस दौरान बच्चों को एल्बेंडाजोल टेबलेट के महत्व और सही उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह दवा बच्चों में पेट की कीड़े-मकोड़े और अन्य संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है। साथ ही, उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को स्वस्थ और साफ-सुथरे वातावरण में पले-बढ़ें, जिससे भविष्य में बीमारियों से बचाव हो सके।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने इस अवसर पर सभी शिक्षकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की प्रशंसा की, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य एवं शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का समापन सभी बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता सामग्री वितरित करने और उनके साथ संवाद स्थापित करने के साथ हुआ। इस पहल से न केवल बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन जीने की आदत भी विकसित होगी।

कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. संत लाल पटेल, एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, एसीएमओ डॉ. जय गोविंद, एवं प्रधानाध्यापक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सहित विभाग से जुड़े सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन कार्यालय एवं तहसील सदर में निर्वाचन के कार्यों का निरीक्षण कर लि या जायजा

*गोण्डा 09 फरवरी,2026*।जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी गोण्डा, श्रीमती प्रियंका निरंजन ने जिला निर्वाचन कार्यालय एवं सदर तहसील गोण्डा में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक नामावलियों की सटीकता सुनिश्चित करना और आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाना था।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्यों की स्थिति और प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने नोडल अपर उपजिलाधिकारी श्री जितेंद्र कुमार गौतम, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद रजी, उपजिलाधिकारी गोण्डा सदर श्री अशोक कुमार गुप्ता सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारियों से कार्यक्रम के संचालन, समस्याओं एवं सुधारात्मक के संबंध में जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्वाचक नामावलियों का विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी त्रुटि या विसंगति को तुरंत सुधारा जाए।
जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों से कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में सभी मतदाताओं की जानकारी पूर्ण और अद्यतन हो, जिससे मतदाता सूची में किसी प्रकार की कमी या दुरूपयोग की संभावना न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी इसे प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए आम जनता को भी नामावली में सुधार या संशोधन हेतु सक्षम और सरल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में चल रहे सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्य को उच्च प्राथमिकता दें और सुनिश्चित करें कि आगामी निर्वाचन में हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित और सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में गोण्डा पुलिस ने प्रदेश में प्राप्त किया पुनः प्रथम स्थान-
*पुलिस अधीक्षक द्वारा समस्त क्षेत्राधिकारियों/थाना प्रभारियों व IGRS शाखा के कार्यों की सराहना करते हुए आगे भी जनसुनवाई तथा आईजीआरएस से प्राप्त प्रर्थना पत्रों का समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु किया गया निर्देशितः*

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के नेतृत्व में आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायती प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने पर मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन द्वारा जारी रैंकिंग में जनपद “गोण्डा पुलिस को उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान” प्राप्त हुआ है। महोदय द्वारा जनपद के सभी प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों के कार्यों की सराहना की गई तथा इसी प्रकार आगे भी जनशिकायती प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया ।
महोदय द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा प्रतिमाह शासन द्वारा की जाती है। समीक्षा/फीडबैक के आधार पर ही शासन द्वारा सभी जिलों की रैकिंग जारी की जाती है। शासन द्वारा आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की गई थी। सभी प्रकार के शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की एक समय सीमा निर्धारित होती है। समय सीमा के बाद भी अगर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं होता है तो वह डिफाल्टर की श्रेणी में आ जाता है। शिकायतों के त्वरित और बेहतर निस्तारण पर जनपदों की रैंकिंग निर्धारित की जाती है। महोदय द्वारा आईजीआरएस सेल प्रभारी निरीक्षक राजेश चौधरी व उनकी टीम को भविष्य में इसी प्रकार मेहनत और लगन से कार्य कर जनशिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु उत्साहवर्धन किया गया।
भव्य कलश यात्रा के साथ श्री परमेश्वर नाथ महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का शुभारंभ
कर्नलगंज, गोंडा। विकास खंड परसपुर अंतर्गत ग्राम चरहुंआ के मजरा गोसाई पुरवा स्थित श्री परमेश्वर नाथ महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर बुधवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में सुबह से ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने सहभागिता की, जिससे पूरा गांव शिवमय हो उठा। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ती रहीं। धार्मिक ध्वजाएं, पारंपरिक वेशभूषा और मंगल गीतों ने यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया।

कलश यात्रा ग्राम चरहुंआ और परसपुर बाजार होते हुए भौरीगंज स्थित मां सरयू के तट पर पहुंची, जहां आचार्य श्यामधर शुक्ला के मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। मुख्य यजमान प्रेमचंद गोस्वामी ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत महिलाओं ने मां सरयू की पावन जलधारा से कलश में जल भरकर श्रद्धा और अनुशासन के साथ पुनः मंदिर परिसर तक यात्रा की।

कार्यक्रम के आयोजक मनोज कुमार गोस्वामी ने बताया कि कलश यात्रा परसपुर होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधिवत समापन किया गया। उन्होंने कहा कि श्री परमेश्वर नाथ महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह है और सभी के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया जा रहा है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

कलश यात्रा में आनंद गोस्वामी, जगजीवन उर्फ पप्पू गोस्वामी, अशोक कुमार गोस्वामी, श्रीचंद गोस्वामी, शिवनरायन गोस्वामी, मुंशी लाल गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, संदीप गोस्वामी, केतकी देवी, विनीता गोस्वामी, शालू गोस्वामी, मंजू गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय युवाओं का भी सराहनीय योगदान रहा।
दो पहलवानों ने दर्ज कराया अपना बयान,बंद कमरे में हुई पूछताछ
*अपने चार्जशीट वाले बयान पर कायम रहे पहलवान

गोंडा।महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई जारी है।कोर्ट द्वारा पांच नोटिस जारी किए जाने के बाद दो प्रमुख पहलवानों ने बंद कमरे में अपने बयान दर्ज कराए हैं।दोनों पहलवानों ने कोर्ट में कोई नया बयान नहीं दिया।उन्होंने पुष्टि की कि वे दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान दाखिल आरोप पत्र में दिए गए अपने पूर्व के बयानों पर कायम हैं।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें कोई नया बयान नहीं देना है।बयान दर्ज होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दोनों पहलवानों के बयानों पर कई सवाल उठाए।हालांकि, पहलवानों की तरफ से कोर्ट रूम में कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।मामले की अगली सुनवाई पर पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के वकील इन दोनों पहलवानों के बयान पर कोर्ट में जिरह करेंगे।बृजभूषण शरण सिंह पहले ही कोर्ट में खह चुके हैं कि दिल्ली पुलिस ने गलत तरीके से जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया है।इस मामले में अभी दो और मुख्य पहलवानों को कोर्ट में बयान दर्ज कराने हैं,जिन्हें नोटिस भेज कर बुलाया जायेगा।राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई तेजी से चल रही है।वहीं,दूसरी तरफ 21 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में भी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर सुनवाई होनी है।बृजभूषण शरण सिंह ने निचली अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने और आरोप पत्र रद्द करने की मांग किया है।
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की लापरवाही से यात्री परेशान,हो सकती है बड़ी घटना


गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि यहां ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना ट्रेन के आने से महज़ 1 या 2 मिनट पहले की जाती है,जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच जाती है। यात्रियों का कहना है कि समय पर सही जानकारी न मिलने के कारण उन्हें भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दौड़ना पड़ता है। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री जल्दबाज़ी में ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर पहले से प्लेटफॉर्म तय होने के बावजूद अंतिम समय में घोषणा की जाती है, जो रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों के विपरीत है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति रोज़ की बन चुकी है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रेलवे की इस लापरवाही से न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ रही है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी अनहोनी की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना समय से पहले दी जाए, अनाउंसमेंट सिस्टम को दुरुस्त किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

अब देखना यह है कि रेलवे अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे।
गोंडा में अवैध मिट्टी खनन बेलगाम, पुलिस चौकी–थानों के सामने से बेधड़क निकल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

गोंडा। जिले में शहर, कोतवाली देहात और कर्नलगंज थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के बड़े गढ़ बन गये हैं। हालात यह हैं कि पुलिस चौकी और थानों के सामने से ही मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन का यह कारोबार पुलिस और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। थानों और चौकियों से “लाइन” सेट कर खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खुलेआम मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं।

जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाज से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना पुलिस चौकी के सामने से रात में मिट्टी लदे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा चौकी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तकिया गांव के पास रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। कर्नलगंज कोतवाली के भंभुआ चौकी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर खनन जारी है। वर्तमान में भंभुआ गांव के पास जेसीबी से खुदाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी बाजार चौकी से करीब 300 मीटर दूर, केला गोदाम के पास रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात हो रहे अवैध खनन से खेतों, खाली जमीनों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब तक सख्ती दिखाता है और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।