लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस, 125 सांसदों ने किए हस्ताक्षर

संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी को बोलने न देने के मुद्दे पर हंगामा जारी है। इस बीच कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव पर अब तक इंडिया गठबंधन के 125 सांसदों ने अपने सिग्नेचर किए हैं।

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ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर के पद से हटाने की तैयारी को लेकर विपक्ष का सबसे बड़ा दावा है कि संसद की बहसों के दौरान विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, विपक्षी सांसदों के निलंबन और सत्ता पक्ष के सांसदों के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर भी नाराजगी है। इसी सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में हुई बैठक में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया गया।

कांग्रेस, सपा और डीएमके सांसदों ने किए हस्ताक्षर

सामाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। जानकारी है कि विपक्षी नेता आज संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपेंगे।

अविश्वास प्रस्ताव पर टीएमसी नहीं साथ

इस बीच यह भी साफ हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) फिलहाल लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच और चर्चा चाहती है और वह अविश्वास प्रस्ताव पर साइन नहीं करेगी। ऐसे में विपक्ष की एकजुटता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 94?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत लोकसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाया जा सकता है। इसके लिए किसी भी लोकसभा सदस्य को महासचिव को एक लिखित नोटिस देना होता है। इस नोटिस में स्पीकर को पद से हटाने के इरादे का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए। लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाने से पहले कम से कम 14 दिनों का पूर्व नोटिस देना जरूरी होता है। यह समय इसलिए दिया जाता है ताकि सदन और स्पीकर इस पर चर्चा के लिए तैयार हो सकें।

क्या है अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया?

विपक्ष के नोटिस के 14 दिन पूरे होने पर लोकसभास्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा जाता है। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते लेकिन वे सदन में मौजूद रह सकते हैं और बोल सकते हैं। वहीं, यदि सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का बहुमत इसके पक्ष में वोट करता है, तो स्पीकर को पद छोड़ना पड़ता है।

T20 वर्ल्ड कप: आखिर भारत से खेलने को तैयार हुआ पाकिस्तान, 15 फरवरी को होगी भिड़ंत

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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को लेकर बना सियासी और कूटनीतिक गतिरोध आखिरकार टूट गया है। पाकिस्तान ने अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप का ग्रुप मुकाबला खेला जाएगा।

आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा

1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने एलान किया था कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी। कुछ दिनों तक चले ड्रामे के बाद पाकिस्तान ने कहा कि वो खेलेगा लेकिन उनकी 3 शर्ते हैं। आईसीसी ने उन्हें भी नहीं माना। आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा। अब भारत बनाम पाकिस्तान मैच होगा।

कहां पर होगा भारत-पाक मैच?

भारत बनाम पाकिस्तान मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 27 वां मैच होगा. ये मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को है। भारत बनाम पाकिस्तान मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। भारत बनाम पाकिस्तान मैच शाम को 7 बजे से शुरू होगा. 6:30 बजे टॉस होगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनल पर होगा।

क्या है विवाद की जड़ में?

इस पूरे विवाद की जड़ तब सामने आई, जब आईसीसी ने भारत में खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया और उसकी जगह ग्रुप सी में स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बेवजह हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश का खुला समर्थन किया था। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने यहां तक कह दिया था कि पाकिस्तान का टी20 विश्व कप में खेलना प्रधानमंत्री के फैसले पर निर्भर करेगा।

पाक सरकार ने किया था भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार

इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, जिससे आईसीसी काफी नाराज हो गया और संभावित कार्रवाई के संकेत दिए। पीसीबी ने फोर्स मेज्योर लागू करने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा। कई दौर की बैठकों के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने यू-टर्न लेते हुए मुकाबला खेलने का फैसला किया।

रूस में भारतीय छात्रों पर हमला, कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर हुई चाकूबाजी

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रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस हमले में 4 भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार की रात इस घटना की पुष्टि की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कहा कि बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में आरोपी ने हॉस्टल में घुसकर कई छात्रों पर अचानक हमला किया। इस दौरान उसने कई छात्रों को निशाना बनाया और खुद को भी नुकसान पहुंचाया।

हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल

रूसी सरकार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जब रूसी पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही हालत नाजुक है। पुलिस ने कहा कि हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

हमलावर ने नाजी स्वास्तिक का निशान बनाया

एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए।

AIMSA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमले के मामले में अखिल भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने पीएम मोदी को लेटर लिख गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने और विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल

AIMSA द्वारा लिखे गए लेटर में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि भारतीय छात्रों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत मदद मिल सके।

धीरजकुमार सिंह एशियन राइफल व पिस्टल चैंपियनशिप में जज और ज्यूरी नियुक्त
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नई दिल्ली। एशियन शूटिंग कन्फेडरेशन द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार भारतीय शूटिंग खेल अधिकारी धीरजकुमार सिंह को प्रतिष्ठित एशियन राइफल एवं पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में जज एवं ज्यूरी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह प्रतियोगिता 2 से 14 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होगी। धीरजकुमार सिंह ISSF Judges ‘A’ लाइसेंस धारक हैं, जो शूटिंग खेल में उनकी उच्च तकनीकी दक्षता एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की निर्णायक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने देश की सेवा करते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) तथा इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) के तत्वावधान में आयोजित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ज्यूरी एवं तकनीकी अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मुख्य योगदान निष्पक्ष खेल, नियमों के पालन, सुरक्षा मानकों एवं प्रतियोगिता की गरिमा बनाए रखने में रहा है।
यह नियुक्ति शूटिंग खेल प्रशासन में उनके अनुभव, समर्पण और उत्कृष्ट योगदान का सम्मान आज भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक ने इन्हें जज एवं जीयुरी बनाए जाने पर धीरज जयप्रकाश सिंह का स्वागत सम्मान किया।
भारत-मलयेशिया के बीच कई अहम समझौते, जानें द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी ने क्‍या-क्‍या कहा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पुत्राजाया स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

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मलेशिया दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत मलेशिया की साझेदारी ऐतिहासिक है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज कृषि और विनिर्माण से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में हमारा सहयोग गहरा रहा है। कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी हम महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

मलेशिया में हुए भव्‍य स्‍वागत को लेकर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिस तरह से आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, और जिस तरह से आपने कुछ ही घंटों में पारंपरिक रीति-रिवाजों से परे जाकर मलेशियाई जीवन को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया, और जिस उत्कृष्ट तरीके से आपने हर चीज का आयोजन किया, वह हमेशा हमारी यादों में रहेगा, और इसके लिए मैं आपको हार्दिक और विशेष धन्यवाद देता हूं।

वहीं मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलयेशिया के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें मिलकर काम करेंगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।

दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुए। बता दें कि दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मुलाकात को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पप्पू यादव क्यों हुए गिरफ्तार? अब तबीयत बिगड़ने के बाद PMCH में किया गया भर्ती

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31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्णिया सांसद की तबीयत गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पूरी रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर बितानी पड़ी।

रात करीब बारह बजे गिरफ्तारी

शुक्रवार रात करीब नौ बजे पप्पू यादव दिल्ली से पटना अपने आवास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि साढ़े दस बजे के करीब सादे लिबास में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कही। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी बहस और हंगामे के बाद रात करीब बारह बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

डॉक्टरों की निगरानी में सांसद

गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल लाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें PMCH शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। फिलहाल उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

साल 1995 का है मामला?

मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और बाद में उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। आरोप है कि किराए पर लेते समय इस बात को छिपाया गया था।

मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में भीषण ब्लास्ट, आत्मघाती हमले में 31 की मौत

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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बम धमाका हुआ है। जुमे की नमाज के दौरान इस्लामाबाद की शिया मस्जिद कस्र ए खदीजतुल कुब्रा में सुसाइड ब्लास्ट किया गया, जिसमें कम से कम 31 लोगों की हुई, जबकि 170 से ज्यादा लोग घायल हैं। मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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धमाके के बाद इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। धमाके वाली जगह को सुरक्षाकर्मियों ने पूरी तरह से सील कर दिया है। धमाके के बाद पुलिस और रेस्क्यू 1122 के जवान घटना वाली जगह पर पहुंच गए हैं। यहां कर्मचारी बचाव अभियान चला रहे हैं। मलबे को हटाकर लोगों को निकाला जा रहा है।

शहबाज शरीफ का आया बयान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ धमाके की निंदा करते हुए मौतों पर गहरा दुख जताया है। शरीफ ने गृहमंत्री मोहसिन नकवी से घटना की पूरी जांच कराने और दोषियों की तुरंत पहचान करने के निर्देश दिए हैं। शरीफ ने कहा कि इसके जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

आठ साल बाद शिया मस्जिद में हमला

इस्लामाबाद में शियाओं की किसी मस्जिद पर हमला तकरीबन 9 साल बाद हुआ है। इस्लामाबाद में शिया मस्जिद को निशाना बनाने की आखिरी घटना नवंबर 2017 में हुई थी। इसके बाद शुक्रवार, 6 फरवरी को शिया मस्जिद में खून बहाया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी किसी गुट ने नहीं ली है। इसका शक इस्लामिक स्टेट जैसे गुटों पर है। ये गुट कट्टर सुन्नी विचारधारा को मानते हैं और शियाओं को निशाना बनाते हैं।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

#pariksha_pe_charcha_pm_modi_interact_with_students_teachers_parents

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।