अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 दिन में 100% घरों तक जलापूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी FIR: स्वतंत्र देव सिंह
* विन्ध्य व बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों की जलशक्ति मंत्री ने की गहन समीक्षा

* धीमी प्रगति पर बीजीसीसी व एलएंडटी को अल्टीमेटम

* जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

* पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त 97% सड़कों की मरम्मत पूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के सभी घरों में 30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी कंपनियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की लगभग सभी परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। केवल 4-5 योजनाओं को छोड़कर शेष सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकतर गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति बाधित हुई है, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के एमडी डॉ. राजशेखर तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच “जल उत्सव” मनाया जाएगा। इसके तहत राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जल सारथी ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े प्रत्येक गांव की जानकारी, जलापूर्ति की स्थिति, परियोजनाओं पर हुए खर्च, निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति, संबंधित अधिकारियों के नाम एवं संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे। ग्रामीण इस ऐप के जरिए जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और शिकायत निस्तारण की स्थिति भी देख सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

बैठक में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हर हाल में पूरी की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9,772 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,435 किलोमीटर (लगभग 97%) सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर वर्षा और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका सुधार अभियान चलाकर कराया जा रहा है।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
डबल इंजन सरकार यूपी के 25 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की मजबूत गारंटी: केशव प्रसाद मौर्य
* भारत चौथी अर्थव्यवस्था बना, 5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की मजबूत गारंटी है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और देश आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है।

उपमुख्यमंत्री सोमवार को विशेश्वरैया सभागार, लखनऊ में केंद्रीय बजट पर आयोजित व्यापारी सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर देश तेज़ी से बढ़ रहा है और भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

श्री मौर्य ने कहा कि देश और प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आ चुकी है। डबल इंजन सरकार पहले भी व्यापारियों के साथ खड़ी थी और आगे भी रहेगी। व्यापारियों की प्रत्येक समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने जीएसटी दरों में कटौती को व्यापारी हितों का सशक्त उदाहरण बताया।

उपमुख्यमंत्री ने व्यापारियों से स्वदेशी बेचने और स्वदेशी खरीदने की अपील करते हुए कहा कि देश में उत्पादन, उपभोक्ता और बाजार—तीनों उपलब्ध हैं। व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार बढ़ेगा और सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी, जिसका उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल रहा है। व्यापारियों से अपील की कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण करें, जिनकी मांग देशभर में अधिक हो। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए व्यापारियों से इसका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

श्री मौर्य ने कहा कि सरकार की नीति और नीयत पूरी तरह स्पष्ट है। देश में अब तक 65 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं और गरीब कल्याण योजनाओं की राशि बिना किसी भेदभाव के सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि 4 करोड़ गरीबों को पक्के मकान दिए जा चुके हैं और 3 करोड़ और मकान दिए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार संविधान की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है और आरक्षण व्यवस्था की समर्थक है। उन्होंने केंद्रीय बजट को सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी बताते हुए कहा कि इसमें व्यापारी हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर विधायक पंकज सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बजट सत्र से पहले विधानसभा में सपा का हंगामा, SIR और फार्म-7 को लेकर नारेबाजी
लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। सत्र शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सपा विधायक हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा फार्म-7 से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि इन प्रक्रियाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष दल की वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ भी प्रदर्शन में शामिल रहीं और सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप लगाया।

विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास सपा विधायकों और एमएलसी ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा वह सदन में प्रमुखता से उठाएंगे।इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र से पहले मीडिया से बातचीत कर सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा।

विधानमंडल के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान विपक्ष द्वारा हंगामे की आशंका पहले से जताई जा रही थी। विपक्ष बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, विदेश नीति, कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को सदन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी। इसके बाद बुधवार को योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन के पटल पर रखेगी।

बजट सत्र को लेकर विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर सहमति जताई थी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से हुई, जिसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा गया।
सीएम योगी ने बच्चों को लिखी ‘योगी की पाती’, चाइनीज मांझे और मोबाइल की लत पर जताई चिंता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों के नाम एक भावनात्मक संदेश ‘योगी की पाती’ लिखी है। इस पाती के माध्यम से मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पतंगबाजी के प्रति बच्चों के उत्साह को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि पतंग से प्रेम ठीक है, लेकिन चाइनीज मांझे से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा जानलेवा है और इसके खिलाफ चल रहे अभियान में बच्चे भी सक्रिय सहयोग कर सकते हैं। यदि कहीं चाइनीज मांझा बिकता दिखाई दे, तो बच्चे अपने परिजनों के माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दें।

‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल बच्चों का कीमती समय चुरा लेता है। मोबाइल गेम और रील देखने में कई घंटे बर्बाद हो जाते हैं, जिससे न केवल समय की हानि होती है बल्कि आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से मोबाइल की जगह किताबों से दोस्ती करने, परिवार के साथ समय बिताने और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने का आह्वान किया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिना डरे, ध्यानपूर्वक प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखें। उन्होंने छात्रों को नकारात्मक विचारों से दूर रहने और पूरे मनोयोग से प्रयास करने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने अंत में श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का उल्लेख करते हुए बच्चों को कर्म पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन में छाए निजी विद्यालयों के एडमिशन से जुड़े मामले

* सीएम योगी ने सभी के पास जाकर सुनीं समस्याएं और त्वरित समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 09 फरवरी को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान आमजन की समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
इस दौरान सामने आए ज्यादातर प्रकरण निजी विद्यालयों में बच्चों के एडमिशन से संबंधित थे। अभिभावकों ने मनमानी फीस, प्रवेश में अनियमितता और आरटीई से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विद्यालयों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत दी जाए और शिक्षा विभाग इस प्रकार के मामलों पर कड़ी निगरानी बनाए रखे।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
सुधार और रिकॉर्ड सप्लाई के दावों के बीच बिजली निजीकरण पर घमासान
लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था में हो रहे गुणात्मक सुधार और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावों के बाद निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने कहा है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है और रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, तो ऐसे समय में निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन के मनमाने और अव्यावहारिक निर्णयों से सुचारु रूप से चल रही विद्युत व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी वक्तव्यों में यह स्पष्ट किया गया है कि विगत वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर विद्युत आपूर्ति की गई और पीक आवर के दौरान भी मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई गई।सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1,64,786 लाख यूनिट विद्युत आपूर्ति कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही आरडीएसएस योजना के तहत किए गए अरबों रुपये के निवेश के बाद सरकारी वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संघर्ष समिति का कहना है कि जब भारी निवेश के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा चुका है, तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया जारी रखना प्रदेश के हित में नहीं है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि निजीकरण की तैयारी के नाम पर पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्यस्थलों का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित कई शहरों में वर्टिकल पुनर्गठन के नाम पर नियमित और संविदा पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास है। यदि निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाता है, तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि पावर सेक्टर में मनमाने प्रयोगों से बचा जाए और निजीकरण का फैसला वापस लेकर कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सुधार कार्यक्रम चलाए जाएं। जब तक निजीकरण निरस्त नहीं किया जाता और कर्मचारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।