एसडीएम की तैनाती न होने पर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश का धरना, न्यायिक व्यवस्था ठप होने का आरोप

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के मुख्यालय हल्द्वानी में लंबे समय से एसडीएम की तैनाती न होने को लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था को जानबूझकर ठप किया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक सुमित हृदयेश और पार्षद रवि जोशी कोर्ट परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी करते नजर आए। दोनों नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शीघ्र एसडीएम की स्थायी तैनाती की मांग की।

बताया गया कि एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह के स्थानांतरण के बाद से कोर्ट का नियमित संचालन बाधित है। न्यायिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कई दिनों से मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर अधिवक्ताओं और आम जनता पर पड़ रहा है। छोटे मामलों में भी लोगों को बार-बार तारीख मिल रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी हो गई है।

धरने के दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि एसडीएम कोर्ट हल्द्वानी क्षेत्र की एक अहम न्यायिक इकाई है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। कोर्ट का नियमित संचालन न होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है और यह न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कुमाऊं आयुक्त और जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया है तथा हल्द्वानी में जल्द से जल्द नए एसडीएम की तैनाती की मांग की है।

वहीं पार्षद रवि जोशी ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यायिक कार्य ठप होने से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। लोग अपने जरूरी काम छोड़कर कोर्ट आते हैं, लेकिन सुनवाई न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।

"टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं” — हरक सिंह रावत के बयान से कांग्रेस में सियासी हलचल

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उनका यह बयान— “टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं हुआ है”—प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का विषय बन गया है।

दरअसल, हरक सिंह रावत पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी की स्पष्ट नीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष होने के नाते बड़ी संख्या में नेता उनके पास टिकट की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन कांग्रेस केवल उसी नेता को टिकट देगी, जो जीतने की स्थिति में होगा—चाहे वह किसी भी बड़े नेता का करीबी क्यों न हो।

हरक सिंह रावत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई नेता सीट निकालने की स्थिति में नहीं है, तो उसे टिकट नहीं मिलेगा, चाहे वह उनके, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल या पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कितने ही नजदीक क्यों न हों। उन्होंने बताया कि यही बात उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठक में राहुल गांधी के सामने भी रखी थी।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने राहुल गांधी को अवगत कराया कि कुछ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का नाम लेकर यह दावा कर रहे हैं कि उनका टिकट तय हो चुका है। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी से कहा— “टिकट तो आपका भी फाइनल नहीं है।” इस पर राहुल गांधी चौंक गए, लेकिन बाद में उन्होंने इस विचार से सहमति जताई।

हरक सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को समझाया कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता यह तय करें कि किसी सीट से चुनाव लड़ना उचित नहीं है, तो उस निर्णय को स्वीकार करना चाहिए। राहुल गांधी ने भी इस सोच का समर्थन किया।

अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर हरक सिंह रावत ने कहा कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। पार्टी जिस सीट से चाहे उन्हें चुनाव लड़ने को कहे, वह तैयार हैं। यहां तक कि अगर पार्टी दरी बिछाने को भी कहेगी, तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें न तो किसी पद की लालसा है और न ही टिकट की।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को साझा करने का उद्देश्य सभी कार्यकर्ताओं को सच्चाई से अवगत कराना और उन्हें एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रेरित करना है।

हरक सिंह रावत ने अपने बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता नेतृत्व की नजर में है। टिकट का फैसला माहौल, परिस्थितियों और जनता के रुझान को देखते हुए किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें खुद नहीं पता कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे या उन्हें टिकट मिलेगा भी या नहीं।

उत्तराखंड : देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर जानलेवा हमला
* तीन अज्ञात स्कूटी सवारों ने की मारपीट और दी धमकी, मनीषा हत्याकांड में आरोपी पर 25 हजार का इनाम

देहरादून। देहरादून में शुक्रवार शाम को वरिष्ठ पत्रकार और जय भारत टीवी के संवाददाता हेम भट्ट पर तीन अज्ञात स्कूटी सवार युवकों ने क्रूर हमला किया। हमलावरों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोका, गाली-गलौज की, मारपीट की और न्यूज चलाने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना कोतवाली डालनवाला क्षेत्र के एमकेपी चौक से आगे रेसकोर्स सड़क पर शाम करीब 5:50 बजे हुई।
पीड़ित हेम भट्ट ने बताया कि वे अपने ऑफिस से घर (शांति विहार, हरिद्वार बाईपास रोड) जा रहे थे, तभी तीन युवकों (उम्र लगभग 22-25 वर्ष) ने स्कूटी से उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। मारपीट के बाद धमकी देते हुए वे मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल पत्रकार को दून अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कोतवाली डालनवाला पुलिस ने हेम भट्ट की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है (धारा 126(2), 115(2), 352, 351(3) BNS)। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने का दावा किया है। पत्रकार संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा की है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
इसी बीच, विकासनगर के ढालीपुर में 18 वर्षीय छात्रा मनीषा (उर्फ ज्योति) की निर्मम हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी सुरेंद्र उर्फ माडू (मृतका का चचेरा भाई) पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस की तीन टीमें हरिद्वार, पांवटा साहिब और सहारनपुर क्षेत्रों में तलाश अभियान चला रही हैं। शक्ति नहर में एसडीआरएफ की मदद से सर्च ऑपरेशन भी जारी है।
28 जनवरी की रात ढालीपुर के पास शक्ति नहर किनारे झाड़ियों में मनीषा का शव मिला था। चेहरे पर दरांती और पत्थर से कई वार किए गए थे। घटनास्थल से दरांती बरामद हुई। पुलिस जांच में पता चला कि मनीषा के इलाज के लिए सुरेंद्र के साथ बाइक से ढकरानी गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी बाइक भी पास मिली। पुलिस को प्लान्ड मर्डर का शक है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में डीएम का औचक छापा: बिचौलियों में मची भगदड़, कई खामियां पकड़ीं, सख्त निर्देश जारी
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का औचक निरीक्षण किया। डीएम के पहुंचते ही पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद बिचौलिए (दलाल) मौके से फरार हो गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने रिकॉर्ड रूम से लेकर आमजन की सुविधाओं तक का गहन जायजा लिया। रिकॉर्ड रूम में फाइलों का रख-रखाव असंतोषजनक पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दस्तावेजों की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि जनता को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
डीएम ने कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से नेम प्लेट और आई-कार्ड लगाने के सख्त आदेश दिए। उन्होंने कहा, "इससे आमजन आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन सरकारी कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति।" इसके अलावा, परिसर में शिकायत पेटिका न मिलने पर नाराजगी जताई और तत्काल शिकायत पेटिका लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।
जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली भी जांच की और आदेश दिया कि कम से कम हर सात दिन में रिकॉर्डिंग की जांच अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी अनियमित गतिविधि पर नजर रखी जा सके। उन्होंने परिसर में स्पष्ट फ्लेक्सी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, जिसमें लिखा हो कि "यहां सरकार द्वारा कोई निर्धारित एजेंट नहीं है", जिससे बिचौलियों पर पूर्ण अंकुश लग सके।
डीएम ललित मोहन रयाल ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह निरीक्षण प्रशासन की पारदर्शिता और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरटीआई से उजागर हुआ उत्तराखंड में पशु वैक्सीनेशन घोटाला, लाखों की अनियमितता की जांच शुरू
लक्सर (हरिद्वार)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। यह खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अपर निदेशक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

भूरना गांव निवासी एडवोकेट विनीत चौधरी ने पशुपालन विभाग से आरटीआई के माध्यम से पशुओं के वैक्सीनेशन से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक सूचना देने में टालमटोल की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीधे पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा से मामले की शिकायत की, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।

दस्तावेजों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरटीआई से मिले रिकॉर्ड में सैकड़ों ऐसे लोगों के नाम दर्ज पाए गए, जो संबंधित गांव के निवासी ही नहीं हैं। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर पर कई व्यक्तियों के नाम से वैक्सीनेशन दिखाया गया है, जबकि कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनके यहां पशुपालन तक नहीं होता।

शिकायतकर्ता विनीत चौधरी का आरोप है कि अकेले भूरना गांव में ही पशु वैक्सीनेशन के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।

मामले की जांच के लिए लक्सर पहुंचे अपर निदेशक पशुपालन विभाग गढ़वाल परिक्षेत्र भूपेंद्र सिंह जंगपांगी ने बताया कि वैक्सीनेशन में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी, जिसकी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को वैक्सीनेशन का कार्य सौंपा गया था, उसे 4,000 से अधिक वैक्सीन दी गई थीं, जिनका विवरण ऑनलाइन अपलोड किया गया है। अब गांव में जाकर स्थल सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आरटीआई के माध्यम से सामने आए इस मामले ने पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति भी उजागर हुई है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
डोईवाला: एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
डोईवाला। उत्तराखंड के जौलीग्रांट स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा का शव फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी छात्रा की संदिग्ध मौत ने यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जौलीग्रांट चौकी प्रभारी ईश्वर सिंह सैनी ने बताया कि छात्रा मंगलवार को कमरे से बाहर नहीं निकली। सहपाठियों ने अनहोनी की आशंका जताई, तो कमरे में जाकर देखा। वह पंखे से लटकी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। सीओ सदर विवेक कुटियाल के अनुसार, शुरुआती जांच में सहपाठियों से पूछताछ के आधार पर किसी छात्र से विवाद के कारण आत्महत्या का संदेह है। घटनास्थल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

पुलिस ने छात्रा के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है। परिजनों को मुजफ्फरनगर से सूचित कर देहरादून बुला लिया गया है। परिजनों की मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम होगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतक परिवार में मातम का माहौल है।
रुड़की में शर्मनाक मामला: प्राइवेट स्कूल के शिक्षक पर नाबालिग छात्र के साथ अश्लील हरकत का आरोप, पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
रुड़की (हरिद्वार)। हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र के झबरेड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय मामला सामने आया है। एक प्राइवेट पब्लिक स्कूल के शिक्षक पर कक्षा एक में पढ़ने वाले नाबालिग छात्र के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित छात्र के परिवार ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, झबरेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला यह नाबालिग छात्र क्षेत्र के ही एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा एक में पढ़ता है। 6 फरवरी (शुक्रवार) को वह नियमित रूप से पढ़ाई के लिए स्कूल गया था। आरोप है कि स्कूल में ही शिक्षक ने छात्र के साथ अश्लील हरकत की और गलत तरीके से छुआ। घटना के बाद जब बच्चा घर लौटा तो उसने पूरे मामले की जानकारी अपने परिवारजनों को दी।

इस बात का पता चलते ही परिवार वाले सदमे में आ गए और गुस्से से भड़क उठे। उन्होंने तुरंत बच्चे को लेकर झबरेड़ा थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

झबरेड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक अजय शाह ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच में स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही अन्य शिक्षकों और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है तथा आरोपी शिक्षक के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
हरिद्वार में यूपी के सीएम योगी बोले—विकास और विरासत का संतुलन ही राष्ट्र निर्माण की राह


हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के समाधि स्थल पर विग्रह मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में भाग लिया और जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के चारधाम भारत की आध्यात्मिक चेतना के मजबूत आधार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड आज विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बीते 11 वर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी, बदरीनाथ धाम और हरिद्वार तक विकास की नई गाथा विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है। भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या और जीवन दर्शन का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत किसी एक तिथि या सत्ता की देन नहीं है, बल्कि सनातन चेतना का स्वाभाविक प्रवाह है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता, उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास गवाह है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुदृढ़ कर पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित।

योगी आदित्यनाथ ने वैदिक भारत को आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि एक समय विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत तक थी, जो बाद में 25 प्रतिशत रही। यह सब किसानों, कारीगरों और श्रमिकों की शक्ति का परिणाम था।

उन्होंने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि गांव राष्ट्र की नींव हैं और किसानों को मजबूत किए बिना देश मजबूत नहीं हो सकता। विरासत को समझने और सम्मान देने के कारण ही आज भारत वैश्विक पहचान बना रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा का केंद्र बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय प्रदेश में विरासत को कोसा जाता था और अराजकता का माहौल था। आज विरासत का सम्मान होने से प्रदेश की तस्वीर बदली है और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, काशी और अयोध्या केवल तीर्थ नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के केंद्र हैं। इन आस्था के केंद्रों को सम्मान के साथ विरासत के रूप में आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
भद्राज ट्रेकिंग रूट पर भटके 10 युवक, पुलिस ने जंगल से किया रेस्क्यू, बाल-बाल बची जान
विकासनगर उत्तराखंड। प्रसिद्ध भद्राज मंदिर ट्रेकिंग रूट पर पहाड़ियों और घने जंगल के बीच रास्ता भटक गए 10 युवकों को पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अंधेरा होने के कारण युवक निर्धारित ट्रेकिंग रूट से भटक गए थे, जिससे उनकी जान पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

जानकारी के अनुसार 5 फरवरी की रात सहसपुर थाना क्षेत्र में 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि करीब 10 युवक भद्राज ट्रेकिंग के दौरान जंगल में रास्ता भटक गए हैं। युवकों को आसपास के रास्तों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी और मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था। सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्काल एक रेस्क्यू टीम गठित की गई। राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ पुलिस टीम भद्राज ट्रेकिंग रूट की ओर रवाना हुई। कोटी गांव पहुंचकर पुलिस ने वन विभाग के बीट अधिकारी और स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली तथा देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने कोटी गांव से लगभग तीन किलोमीटर ऊपर घने जंगल क्षेत्र में सभी 10 युवकों को सकुशल खोज निकाला। इसके बाद सभी को सुरक्षित नीचे लाया गया और उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।इस संबंध में सहसपुर थाने के उपनिरीक्षक नीरज त्यागी ने बताया कि 112 के माध्यम से सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई, जिससे सभी युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।

रेस्क्यू किए गए युवक
अभिषेक चौहान (29), निवासी विकासनगर
हेमंत (26), प्रिंस (18), शिवम (18), अर्चित (18), सक्षम घई (23), मयंक राय (19), शिवाशु (18), उज्जवल (18) — सभी निवासी प्रेमनगर, देहरादून
हर्षित (16), निवासी प्रेमनगर, देहरादून

गौरतलब है कि मसूरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित भद्राज मंदिर भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलभद्र (बलराम) को समर्पित है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थल ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच भी खासा लोकप्रिय है, हालांकि यहां ट्रेकिंग के दौरान सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
इलाज में लापरवाही से महिला की मौत: निजी अस्पताल पर 10 लाख का जुर्माना, दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निलंबित
देहरादून। इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक निजी अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। काउंसिल ने अस्पताल की गंभीर लापरवाही मानते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही अस्पताल में तैनात दो डॉक्टरों का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई मृतका के पति कर्नल अमित कुमार की शिकायत के बाद की गई। मामला 4 अप्रैल 2025 का है, जब मसूरी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बिंदेश्वरी देवी नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने उपचार में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।

उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की नैतिकता, अनुशासन एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. अनूज सिंघल के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय डॉक्टरों की जांच समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता डॉ. महेश कुड़ियाल ने की। जांच समिति ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि की।

जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल को मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन दो महीने के लिए निरस्त कर दिया गया है। इस अवधि में दोनों चिकित्सक किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में चिकित्सा सेवाएं नहीं दे सकेंगे।

वहीं, निजी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें अब तक उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की ओर से इस कार्रवाई से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।