मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन में छाए निजी विद्यालयों के एडमिशन से जुड़े मामले

* सीएम योगी ने सभी के पास जाकर सुनीं समस्याएं और त्वरित समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 09 फरवरी को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान आमजन की समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
इस दौरान सामने आए ज्यादातर प्रकरण निजी विद्यालयों में बच्चों के एडमिशन से संबंधित थे। अभिभावकों ने मनमानी फीस, प्रवेश में अनियमितता और आरटीई से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विद्यालयों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत दी जाए और शिक्षा विभाग इस प्रकार के मामलों पर कड़ी निगरानी बनाए रखे।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
सुधार और रिकॉर्ड सप्लाई के दावों के बीच बिजली निजीकरण पर घमासान
लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था में हो रहे गुणात्मक सुधार और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावों के बाद निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने कहा है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है और रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, तो ऐसे समय में निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन के मनमाने और अव्यावहारिक निर्णयों से सुचारु रूप से चल रही विद्युत व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी वक्तव्यों में यह स्पष्ट किया गया है कि विगत वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर विद्युत आपूर्ति की गई और पीक आवर के दौरान भी मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई गई।सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1,64,786 लाख यूनिट विद्युत आपूर्ति कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही आरडीएसएस योजना के तहत किए गए अरबों रुपये के निवेश के बाद सरकारी वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संघर्ष समिति का कहना है कि जब भारी निवेश के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा चुका है, तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया जारी रखना प्रदेश के हित में नहीं है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि निजीकरण की तैयारी के नाम पर पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्यस्थलों का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित कई शहरों में वर्टिकल पुनर्गठन के नाम पर नियमित और संविदा पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास है। यदि निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाता है, तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि पावर सेक्टर में मनमाने प्रयोगों से बचा जाए और निजीकरण का फैसला वापस लेकर कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सुधार कार्यक्रम चलाए जाएं। जब तक निजीकरण निरस्त नहीं किया जाता और कर्मचारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से, हर जिले में कंट्रोल रूम, लाइव मॉनीटरिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाएं 18 फरवरी से पूरे प्रदेश में शुरू होंगी। परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा।
परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। फर्जी पोस्ट या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रश्नपत्रों के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर रात में रैंडम जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।
उप्र : राज भवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन, पुष्प आकृतियाँ और सेना की तकनीक बनी आकर्षण
लखनऊ। राजभवन परिसर में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से बनी कलात्मक आकृतियों और बागवानी के आधुनिक तरीकों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रदर्शनी में बच्चों, महिलाओं और मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सजावट के साथ-साथ भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत और भारत के संविधान की प्रतिकृति जैसी पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

आगंतुकों के लिए चिकित्सा शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं विशेषज्ञों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजी और पेटूनिया, गेंदा, गुलाब, डहेलिया जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ बोनसाई भी प्रदर्शित किए गए हैं। फूड जोन, मुफ्त पेयजल व्यवस्था, पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका और मियावाकी वन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

छोटे लॉन क्षेत्र में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई और रोबोटिक तकनीक से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा ड्रोन, रोबोटिक्स और ब्रह्मोस मिसाइल सहित आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवारों को रौंदा, भाई-बहन और मौसी की मौत
तीनों एक पारिवारिक तिलक समारोह में शामिल होकर हरदोई जा रहे थे

लखनऊ । हरदोई जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। बिलग्राम मार्ग पर सुरसा थाना क्षेत्र के फारमपुरवा के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जिन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।मृतकों की पहचान आदर्श अवस्थी (20), उनकी बड़ी बहन मधू अवस्थी (23) और मौसी कामिनी पांडेय (42) के रूप में हुई है।

तीनों एक पारिवारिक तिलक समारोह में शामिल होकर हरदोई जा रहे थे।जानकारी के मुताबिक, सुरसा थाना क्षेत्र के फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी नोएडा में एक मोबाइल कंपनी में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। उनके ताऊ अशोक अवस्थी के पुत्र प्रशांत का तिलक समारोह शुक्रवार रात आयोजित हुआ था, जिसमें शामिल होने के लिए आदर्श गुरुवार को ही नोएडा से गांव आए थे। इस समारोह में आदर्श की मौसी कामिनी पांडेय, जो हरदोई के बावन चुंगी क्षेत्र की निवासी थीं, भी शामिल हुई थीं।शनिवार सुबह आदर्श अपनी बहन मधू और मौसी कामिनी को बाइक से हरदोई लेकर जा रहे थे। जैसे ही वे हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर ढोलिया तिराहा के पास फारमपुरवा के सामने पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव और परिजनों में कोहराम मच गया।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि हादसे के बाद डंपर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
केंद्रीय बजट देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला: ए के शर्मा
* जौनपुर में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने बजट पर की प्रेस वार्ता
लखनऊ/जौनपुर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने अपने प्रभार जनपद जौनपुर के निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026 की प्रमुख घोषणाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट नेशन फर्स्ट की सोच को साकार करने वाला है और देश को समग्र, संतुलित एवं समावेशी विकास की नई दिशा देगा।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह बजट समाज के प्रत्येक वर्ग—गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग—के उत्थान को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करता है।

उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। दिल्ली–वाराणसी तथा वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से पूर्वांचल सीधे देश की राजधानी और पूर्वोत्तर भारत से जुड़ेगा। इससे आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और निवेश को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से पूर्वांचल के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे गंभीर रोगों और दुर्घटनाओं में आमजन को त्वरित उपचार मिल सकेगा।

नारी सशक्तिकरण को बजट की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की गई है। लखपति दीदी योजना के विस्तार से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु विशेष रियायतें दी गई हैं। एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि म्युनिसिपल बॉन्ड के प्रावधान से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के म्युनिसिपल बॉन्ड पर सौ करोड़ रुपये के प्रोत्साहन से नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे। इस क्षेत्र में लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा पहले ही रोल मॉडल बन चुके हैं।

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बजट में जैविक एवं प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और एग्री स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

पर्यटन और संस्कृति को भी बजट में विशेष महत्व दिए जाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अंत में मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री  मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट देश के विकास को नई गति देने वाला और नेशन फर्स्ट की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला है।