रवि चौधरी का चुनावी शंखनाद: ‘क्यूब’ के साथ उतरेंगे मैदान में, धनबाद में म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी बनाने का किया वादा"

l

Image 2Image 3

धनबाद: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच महापौर पद के प्रत्याशी और जाने-माने शिक्षाविद रवि चौधरी ने अपनी चुनावी दावेदारी को नई धार दी है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘क्यूब’ (Cube) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। चिन्ह मिलते ही रवि चौधरी ने प्रेस वार्ता कर धनबाद की सूरत बदलने के लिए अपना 'रोडमैप' साझा किया।

चार दशकों का अनुभव और सेवा का संकल्प

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जनता के बीच हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना सत्ता का मोह नहीं, बल्कि धनबाद को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रवि चौधरी के चुनावी वादे: 3 प्रमुख प्राथमिकताएं

म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी की स्थापना: शिक्षाविद होने के नाते उन्होंने विजन साझा किया कि धनबाद के गरीब और मेधावी बच्चों के लिए एक 'म्युनिसिपल यूनिवर्सिटी' बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित हो सके।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान: शहर के हर वार्ड और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना उनकी पहली प्रशासनिक प्राथमिकता होगी।

डिजिटल होल्डिंग टैक्स: भ्रष्टाचार और कागजी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए होल्डिंग टैक्स की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का वादा किया, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

"राजनीति नहीं, विकास को चुनें"

अंत में उन्होंने धनबाद की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार का मतदान जाति या दलीय राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने शहरवासियों से ‘क्यूब’ चिन्ह पर समर्थन मांगते हुए धनबाद को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया।

झारखंड में अचानक गायब हो गए 10 आदिवासी बच्चे, श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे मासूम, अब तक बना हुआ है रहस्य

Image 2Image 3

झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है. यहां बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे पिछले एक सप्ताह से लापता हैं. ये सभी बच्चे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से ताल्लुक रखते हैं. 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जयनगर थाना क्षेत्र के खारियोडीह पंचायत स्थित गदियाई बिरहोर टोला का है. बताया जा रहा है कि 31 जनवरी को गांव के करीब 60 से 70 लोग लगभग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. इन्हीं लोगों के साथ ये 10 बच्चे भी गए थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद गांव के बाकी लोग तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे.

CCTV फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार ने बताया कि पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा, “हम परसाबाद और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. पुलिस की टीमें आसपास के जिलों और थानों से भी संपर्क में हैं. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या बच्चों को किसी वाहन के जरिए जिले से बाहर ले जाया गया है.

परिजनों की बढ़ती बेचैनी

बिरहोर टोला के निवासियों में डर का माहौल है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए बच्चे इस तरह गायब हो जाएंगे. जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि पुलिस बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सपरिवार माँ छिन्नमस्तिका के दरबार में टेका मत्था; राज्य की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

रजरप्पा (रामगढ़), 07 फरवरी 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ छिन्नमस्तिका मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहाँ श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और माता रानी से समस्त झारखंडवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति के लिए आशीर्वाद मांगा।

Image 2Image 3

विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा

मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत् अनुष्ठान किया। धार्मिक पुरोहितों ने परंपरा के अनुसार पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने:

माँ छिन्नमस्तिका के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया।

परंपरा के अनुरूप नारियल बलि देकर रक्षा सूत्र बंधवाया।

राज्य में अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की।

मंदिर न्यास समिति ने किया सम्मान

पूजा-अर्चना के उपरांत रजरप्पा मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन का स्वागत किया। समिति की ओर से उन्हें सप्रेम प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

झामुमो का भाजपा पर तीखा हमला: "रोजगार की बात भाजपा को धमकी क्यों लगती है?" — विनोद पांडेय

राँची, 07 फरवरी 2026: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव श्री विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मानसिकता हमेशा से युवा विरोधी रही है और यही कारण है कि जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंडियों को हक और रोजगार देने की बात करते हैं, तो भाजपा को यह 'धमकी' प्रतीत होने लगती है।

Image 2Image 3

75% आरक्षण और स्थानीय अधिकार पर घमासान

विनोद पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऐतिहासिक निर्णयों का बचाव करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं की नियुक्ति का फैसला झारखंडियों के व्यापक हित में लिया गया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा:

"भाजपा को झारखंड के संसाधनों पर झारखंडियों का अधिकार रास नहीं आ रहा है। जब भी सामाजिक न्याय और स्थानीय रोजगार की बात होती है, भाजपा भ्रम फैलाकर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।"

भाजपा के "जुमलों" पर वार

झामुमो महासचिव ने भाजपा को केंद्र सरकार के पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा कि हर साल करोड़ों नौकरियां देने का वादा महज एक 'जुमला' साबित हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए रोजगार कभी प्राथमिकता नहीं रहा, उनका असली एजेंडा समाज को बांटना और नफरत फैलाना है। पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने शासनकाल में नियुक्तियों के नाम पर सिर्फ घोटाले किए और युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला।

"आदिवासी मुख्यमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर पा रही भाजपा"

विनोद पांडेय ने भाजपा की बौखलाहट का मूल कारण बताते हुए कहा कि भाजपा एक आदिवासी मुख्यमंत्री को पद पर देखना पसंद नहीं करती। उन्होंने मांग की कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को राज्य के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों की 'बरसात' हो रही है और सभी विभागों में पारदर्शी तरीके से बहालियां की जा रही हैं।

राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

Image 2Image 3

धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

Image 2Image 3

चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

Image 2Image 3

"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

Image 2Image 3

राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

राँची मेयर पद की रेस: स्क्रुटनी में सभी 19 नामांकन पत्र वैध; रमा खलखो और सुनील फकीरा कच्छप समेत कई दिग्गज मैदान में

Image 2Image 3

राँची, 05 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 को लेकर आज समाहरणालय में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई। मेयर पद के लिए दाखिल किए गए सभी 19 नामांकन पत्रों की स्क्रुटनी (जांच) की गई, जिसमें सभी अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं। निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दस्तावेजों की गहन जांच के बाद किसी भी उम्मीदवार का पर्चा खारिज नहीं हुआ।

मैदान में डटे हैं ये 19 चेहरे

जांच के बाद अब चुनावी रण में भाग्य आजमाने के लिए जो नाम फाइनल हुए हैं, उनमें प्रमुख रूप से रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुण्डा, और रौशनी खलखो जैसे नाम शामिल हैं। 19 अभ्यर्थियों की सूची में अजीत लकड़ा, किरण कुमारी, और संजय कुमार टोप्पो जैसे उम्मीदवार भी मजबूती से डटे हुए हैं।

प्रशासन की पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रुटनी के दौरान शपथ पत्र, प्रस्तावक और समर्थकों के विवरणों की बारीकी से जांच की गई है। अब आगामी प्रक्रिया के तहत नाम वापसी और उसके बाद प्रतीक आवंटन (सिंबल अलॉटमेंट) की कार्रवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।

आचार संहिता का पालन अनिवार्य

प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

Image 2Image 3

केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।