प्रतिभा का सम्मान: महावीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मना वार्षिकोत्सव

रायपुर- महावीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुढ़ियारी रायपुर में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य तपन कुमार चौधरी, पल्लवी दुबे तथा वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति गीत, नृत्य एवं भारतीय संस्कृति से संबंधित प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की कला एवं प्रतिभा को दर्शकों ने सराहा।

वार्षिक खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन 5 फरवरी को किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नोडल प्राचार्या अर्चना दुबे (शशिबाला उ.मा. विद्यालय, शुक्रवारी बाजार) रहीं। अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय सिंह जाडेजा ने की। सचिव अरुण कुमार राठी, सदस्य राजेश अग्रवाल सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का संचालन संजय पारिक, मीनल तिवारी, सुनीता निगम एवं संगीत पुराणिक द्वारा किया गया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, तत्पश्चात मिष्ठान एवं स्वल्पाहार का वितरण किया गया। उक्त जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार साहू द्वारा प्रदान की गई

​श्री साई बाबा कॉलेज में 'स्पोर्ट्स फेस्ट-2026' का आगाज: खेलों से मिलती है शक्ति और ऊर्जा

अम्बिकापुर- प्ले हार्ड-पार्टी हार्ड... ये पंक्तियां श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-2026 के उद्घाटन अवसर पर अम्बिकापुर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष उम्मेद सिंह चरन ने कही। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के प्रत्येक पायदान पर है। खेलों से प्रतिस्पर्धा, मनोरंजन के साथ शरीर को शक्ति मिलती है, जो हमें ऊर्जावान बनाती है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामना देते श्रेष्ठ प्रदर्शन का आह्वान किया।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती एवं श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि उम्मेद सिंह चरन ने झंडोत्तोलन कर तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-२०२६ का आगाज किया। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा शरीर होना आवश्यक है। खेलों से ही हमें स्वस्थ शरीर मिलता है जिसमें स्वस्थ मन, दिमाग का विकास होता है।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेलों से हमें फिटनेस, फ्रेंड, फेमिली और फ्रीडम मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि खेल भावना से प्रतियोगिता में भाग लीजिये। अतिथियों ने खिलाड़ियोंं से परिचय प्राप्त किया और गोला फेंक कर उत्साहवर्धन किया। स्पोर्ट्स फेस्ट के दौरान, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक, स्लो साइकिल रेस, रस्साकशी, बैडमिंटन, शतरंज, ऊंची कूद, लम्बी कूद आदि प्रतियोगितायें खेली जायेंगी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगमीत कौर ने किया। अतिथियों को आभार एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनिता चरन, प्रबंध समिति की सदस्य अलका इंगोले, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और खिलाड़ी उपस्थित रहे।

अभिभावक और विद्यार्थियों ने लिटिल मास्टर सेफ में स्वाद का लिया आनन्द, साई स्कूल में बच्चे बने स्वाद के सौदागर

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल में रविवार को एलिस इन वंडरलैंड थीम पर आयोजित लिटिल मास्टर शेफ में विद्यार्थियों ने अभिभावकों संग व्यंजनों के स्वाद का आनन्द लिया। प्री प्राइमरी से कक्षा एक के विद्यार्थियों ने रोस्टिंग से भूजा बनाया तो डीप फ्राई से पुआ, ब्यायलिंग से टमाटर सूप तो पॉट कुकिंग से वेज विरयानी आकर्षण का केन्द्र रही। ग्रिलिंग से तैयार सैंडविच सभी को भा गया।

व्यंजनों की स्टॉल पर विशेष परिधान में सजे बच्चे अपने बनाये स्वादिष्ट पकवानों की विशेषता भी बताते रहे। बच्चों के लिए एक विशेष खेल भी रखा गया था जिसमें बच्चों के साथ अभिभावकों ने उत्साह से भाग लिया।

स्कूल की प्राचार्य प्राची गोयल ने बताया कि लिटिल मास्टर सेफ का उद्देश्य बच्चों में सेहत के साथ स्वाद और रचनात्मक प्रवृत्ति को बढ़ाना है।

लिटिल मास्टर सेफ के दौरान प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय कुमार इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चैधरी, रेखा इंगोले, अलका इंगोले, श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा सभी अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

पोस्टर पर गूंजा नारी सशक्तीकरण का संदेश, साई कॉलेज में हुई  प्रतियोगिता का आयोजन

अम्बिकापुर- बेटी है तो कल है। बेटियों को पढ़ाओगे तो परिवार शिक्षित होगा। सशक्त नारी से ही समाज मजबूत बनेगा। बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से लाओगे, की सशक्त आवाज श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वूमेन वेलफेयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल के तत्वावधान में बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में गूंजती रही। सेल की प्रभारी डॉ. अलका पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में एक ओर जहां बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, सशक्त नारी-मजबूत देश, कन्या भू्रन्या बचाओ का संदेश दिखा तो दूसरी ओर घरेलू हिंसा, बालिकाओं की सुरक्षा और किशोरियों के लिये न्याय की मांग बलवती हुई। गुड टच-बैड टच पर चुप्पी तोड़ने का आह्वान दिखा। शिक्षा की महत्ता और परिवार की बुनियाद के लिए नारी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया गया। महिला शिक्षित होगी तो घरेलू हिंसा नहीं होगी और बच्चियां भी सुरक्षित रहेंगी।

उन्हें समाज में समान अवसर मिलेगा। आपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह का जादू पोस्टर पर नजर आया। महिलायें अब अबला नहीं, बल्कि नारी सशक्तीकरण के दौर से आगे बढ़ रही हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पोस्टर प्रतियोगिता का अवलोकन कर और सभी को बालिका दिवस की शुभकामना दी। प्रतियोगिता के दौरान डॉ. जगमीत कौर, डॉ. जसप्रीत कौर विनीता मेहता ने सहयोग किया।

कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

बीच सड़क पर स्टंटबाजी करना पड़ा महंगा, पुलिस ने 8 गाड़ियां की जब्त

अंबिकापुर- शहर की सड़कों को स्टंट का मैदान समझने वाले रईसजादों और हुड़दंगियों पर सरगुजा पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. स्कार्पियो और इनोवा जैसी लग्जरी कारों की खिड़कियों से बाहर निकलकर जानलेवा स्टंट करने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 8 वाहनों को जब्त कर लिया है. पुलिस अब इन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी में है.

CCTV फुटेज से खुले स्टंटबाजों के राज

घटना 23 जनवरी की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर कुछ युवक कारों की खिड़कियों पर बैठकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) राजेश कुमार अग्रवाल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.

कोतवाली पुलिस ने शहर में लगे CCTV कैमरों को खंगाला, जिसमें दर्जनों वाहन (CG, JH, UP और BR पासिंग) यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कैद हुए. पुलिस ने फुटेज के आधार पर तत्काल अपराध क्रमांक 47/26 दर्ज कर जांच शुरू की.

जब्त किए गए वाहनों की सूची

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 8 चार पहिया वाहनों को अपने कब्जे में लिया है:

  1. इनोवा: CG15EH2824
  2. इनोवा: UP81BY7272
  3. इनोवा: UP65DT5162
  4. स्कार्पियो: CG15CV2248
  5. स्कार्पियो: CG15DC6274
  6. स्कार्पियो: JH01CD5513
  7. स्कार्पियो: CG29A4508
  8. अर्टिगा: GC15EF9972

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

स्टंटबाजों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 281, 285, 3(5) और मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि अन्य वाहनों की तलाश अभी भी जारी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

अभिभावकों के लिए सरगुजा पुलिस की चेतावनी

सरगुजा पुलिस ने नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि:

अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन चलाने के लिए न दें.

सड़कों पर रील बनाने या प्रदर्शन के लिए स्टंट करना अपराध है.

ऐसे मामलों में न केवल वाहन जब्त होगा, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस भी हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाएगा.

गणतंत्र दिवस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी कर्मचारी, पुलिस परेड एवं पुलिस झांकी को किया गया सम्मानित

बलौदाबाजार- जिला मुख्यालय स्थित पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेण्डरी स्कूल के मैदान में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. इस अवसर पर उन्होंने शहीद परिवारों का सम्मान करने के साथ ही जिले में उत्कृष्ट सेवा देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया.

पुलिस की झांकी और परेड ने जीता दिल

समारोह में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में तैयार की गई पुलिस विभाग की झांकी आकर्षण का केंद्र रही. इस झांकी में यातायात जागरूकता, नशा मुक्ति, ‘ऑपरेशन शुद्धि’ और साइबर सुरक्षा के संदेशों को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया, जिसे मुख्य अतिथि द्वारा द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया. वहीं, शानदार मार्च पास्ट के लिए पुरुष पुलिस बल को प्रथम और महिला पुलिस बल को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया.

ये 14 जांबाज पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

अपराधियों की धरपकड़, बेहतर विवेचना और जन-जागरूकता जैसे उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिले के 14 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों की सूची इस प्रकार है:

  1. निरीक्षक प्रणाली वैद्य (प्रभारी साइबर सेल)
  2. निरीक्षक अजय झा (थाना प्रभारी कसडोल)
  3. उप निरीक्षक प्रियेस जॉन (यातायात शाखा, बलौदाबाजार)
  4. उप निरीक्षक संदीप बंजारे (थाना प्रभारी गिधपुरी)
  5. सहा. उप निरीक्षक मनीष वर्मा (पुलिस कार्यालय, बलौदाबाजार)
  6. सहा. उप निरीक्षक पुष्पा राठौर (थाना भाटापारा ग्रामीण)
  7. प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पटेल (थाना सिटी कोतवाली)
  8. प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश मरकाम (यातायात शाखा, सिमगा)
  9. आरक्षक सूरज बंजारे (थाना पलारी)
  10. आरक्षक अनवर कुर्रे (थाना गिधपूरी)
  11. आरक्षक राकेश शर्मा (थाना राजादेवरी)
  12. आरक्षक युगल किशोर ध्रुव (थाना सिमगा)
  13. आरक्षक रमाकांत साहू (रक्षित केंद्र, बलौदाबाजार)
  14. आरक्षक सोमेश्वर खूंटे (पुलिस कार्यालय, बलौदाबाजार)

अपराध नियंत्रण और जागरूकता पर जोर

सम्मान समारोह के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ और साइबर अवेयरनेस अभियानों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही समाज में सुरक्षा का वातावरण निर्मित होता है.

नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।
विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भारत हमको जान से प्यारा है...
डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।
साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।