आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया तो रद्द होगा कीटनाशी लाइसेंस
*15 फरवरी तक पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़ने पर कीटनाशी विक्रेताओं पर एफआईआर*

*आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश*

*आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण न कराने वाले कीटनाशी विक्रेताओं का लाइसेंस होगा निरस्त*

*गोण्डा 04 फरवरी 2026*  -  जनपद में कीटनाशी लाइसेंस धारकों के लिए आई०पी०एम०एस० (IPMS) पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन कीटनाशी विक्रेताओं द्वारा अभी तक आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया गया है, यदि वे 15 फरवरी 2026 तक पंजीकरण नहीं कराते हैं तो उनका कीटनाशी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए विक्रेताओं को गूगल सर्च में ipms.gov.in टाइप कर वेबसाइट खोलनी होगी। इसके बाद Login/Register सेक्शन में जाकर Sign Up विकल्प चुनना होगा। पंजीकरण फॉर्म भरने के उपरांत पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से मोबाइल नंबर का सत्यापन करना होगा। सत्यापन के बाद कीटनाशी लाइसेंस एवं पैन कार्ड की फोटो अपलोड कर फॉर्म सबमिट करना होगा। फॉर्म सबमिट करने के पश्चात विक्रेता को स्वयं अपना यूजरनेम और पासवर्ड बनाना होगा।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी कीटनाशी लाइसेंस धारक 15 फरवरी 2026 तक आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसका लाइसेंस निष्क्रिय मानते हुए निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि लाइसेंस निरस्त होने के बाद कीटनाशी रसायनों की बिक्री की जाती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विक्रेता की स्वयं की होगी। उन्होंने सभी कीटनाशी विक्रेताओं से समय रहते पंजीकरण कराकर कार्रवाई से बचने की अपील की है
विकृत मानसिकता वाले करते हैं ऐसे अपराध, शिवानी हत्याकांड पर बोली एकता सिंह
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सुनी समस्या

गोंडा।एक दिवसीय दौरे पर पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने स्थानीय सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से सम्बन्धित शिकायतों को सुनते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही का निर्देश दिया।जनसुनवाई के दौरान देहात कोतवाली क्षेत्र की एक बालिका ने यौन उत्पीड़न संबंधी लिखित शिकायती पत्र दिया और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया है।जिसके बाद एकता सिंह ने मौके पर मौजूद पुलिस के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया।जिले में हाल ही में हुए शिवानी पांडेय आनर किलिंग मामले पर एकता सिंह ने बड़ा बयान दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध विकृत मानसिकता वाले लोग ही कर सकते हैं।राज्य महिला आयोग की सदस्य ने आगे कहा कि जब पिता और भाई ने ही बेटी से जीने का अधिकार छीन लिया हो,तो इसमें पुलिस या महिला आयोग क्या कर सकता है।एकता सिंह ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दिया है।दरअसल इस पूरे घटनाक्रम का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और उन्होंने भी पूरे मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने समाज में जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार बार जागरूक करने के बाद भी ऐसी घटनाएं समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लगभग 10 शिकायतें महिलाओं से संबंधित प्राप्त हुई।एकता सिंह ने अधिकारियों को अगली सुनवाई तक इन शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए और उन्होंने यह भी कहा कि अगली जनसुनवाई में यह शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए।
अधिवक्ता की मौत के मामले में दोबारा होगी जांच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश
गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मोहल्ला गायत्री पुरम निवासी अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव की हिरासत में हुई मौत के मामले में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह की अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को नकारते हुए खारिज कर दिया है।अदालत ने याचिकाकर्ता पवन कुमार श्रीवास्तव की याचिका को स्वीकार करते हुए थाना कोतवाली नगर को उक्त मामले में पुनः निष्पक्ष व गहन विवेचना का आदेश दिया है।यह मामला 16 मई 2023 का है जब अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव को कथित रूप से हिरासत में लिया गया था।इस मामले में मृतक अधिवक्ता के परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान राजकुमार लाल श्रीवास्तव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था तथा इस दौरान तेजाब पिलाने के कारण उनकी हालत खराब हुई और दौरान इलाज उनकी मौत हो गई।इस मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।विवेचना के बाद पुलिस ने 30 सितंबर 2023 को यह स्पष्ट करते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दिया था कि अपराध के समुचित साक्ष्य नहीं मिले।पुलिस द्वारा दाखिल किये गए फाइनल रिपोर्ट के विरुद्ध मृतक अधिवक्ता के भाई पवन कुमार श्रीवास्तव ने 16 अक्टूबर 2025 को प्रोटेस्ट दाखिल किया था और आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा जानबूझकर कमजोर धाराएं लगाई गई तथा चिकित्सकीय साक्ष्यों की अनदेखी की गई।इसके साथ ही जांच आरोपी पुलिसकर्मियों के प्रभाव वाले थाने से कराई गई।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की विवेचना को खारिज करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं।
आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: सज्ञान,डीजीपी से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
*महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं,व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आघात

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र निवासिनी शिवानी पांडेय(21) की कथित आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।शिवानी की हत्या उसके पिता व भाई ने कथित तौर पर प्रेमी से शादी करने के कारण किया था।आयोग ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किया है।यह घटना पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा की है।आरोप है कि शिवानी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय व भाई राहुल पाण्डेय ने उसे करंट लगाकर और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया था।राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच,दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा आनर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।आयोग ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत भयावह और अमानवीय बताया।आयोग के अनुसार,अपनी पसंद से विवाह करने के निर्णय के कारण युवती की हत्या,महिला के जीवन,गरिमा, समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर आघात है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता व सिविल बार की पूर्व उपाध्यक्ष संतोष ओझा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन पर रोक लगनी चाहिए।श्रीमती ओझा ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को एक गंभीर कदम बताया और सरकार से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा, मैं समझती हूँ कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर कोर्ट में तीव्र और सख्त पैरवी की जाएगी।
जमीनी विवाद में युवक की चाकू से गोदकर हत्या, भाई घायल
*पिता पुत्र समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

गोंडा।जिले के कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र अंतर्गत लगभग दो दशक पुराने जमीनी विवाद को लेकर एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।यह घटना नारायनपुर गांव के दुल्हिन पुरवा मजरे की है।मृतक की पहचान शिव शंकर दूबे उर्फ़ लल्ला दूबे (32) के रूप में हुई है।बताते चलें कि देर रात विवादित खेत में सिंचाई के दौरान छत्तर बली दूबे अपने चार बेटों सुनील दूबे, विनोद दूबे, धर्मेंद्र दूबे व रवींद्र दूबे के साथ मौके पर पहुंचे और आपसी कहासुनी के बाद पिता पुत्रों ने मिलकर लल्ला दूबे के ऊपर चाकू से कई वार किये,जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई तथा लल्ला दूबे को बचाने दौड़े उनके भाई अमरनाथ पर भी हमलावरों ने चाकू से वार कर दिया,जिससे अमरनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।मृतक लल्ला दूबे के तीन बच्चे हैं जिनमें सौरभ(12),शिवांश(10) व लक्ष्मी (8) शामिल हैं।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि यह विवाद 20 साल पुराना है और सभी पक्ष आपस में पट्टीदार हैं।पुलिस ने छत्तर बली दूबे व उनके चार पुत्रों क्रमशः सुनील दूबे, विनोद दूबे, धर्मेंद्र दूबे व रवींद्र दूबे के खिलाफ हत्या और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है तथा पुलिस के आला अधिकारियों ने देर रात घटनास्थल का निरीक्षण किया।जांच के लिए डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।मौके पर शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
डिलिवरी के बाद प्रसूता की मौत,डाक्टरों पर लगा लापरवाही का आरोप
गोंडा।जिले के गौराचौकी स्थित हॉस्पिटल में डिलिवरी के छ: घंटे बाद प्रसूता की मौत हो गई।परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र के इस्लामपुर पोखरहवा निवासी पूनम (24) को मंगलवार सुबह पांच बजे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।सुबह आठ बजे उसकी डिलिवरी हुई और उसने एक बच्चे को जनम दिया।डिलिवरी के लगभग छ: घंटे बाद पूनम की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई।मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे।मृतका की सास आरती ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बहु पूनम की नॉर्मल डिलिवरी हुई थी और उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था।हालांकि डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण पूनम को सही इलाज नहीं मिला।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूनम को समय पर आक्सीजन नहीं दिया गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गयी।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत के अधीक्षक डाक्टर तरुण मौर्य ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर एक टीम गठित की गई है।मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
जमीनी विवाद में दबंगों ने लोगों को दौड़ाकर पीटा,महिला का टूटा पैर
दो आरोपी पुलिस हिरासत में

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जमीनी विवाद में दबंगों ने दौड़ा दौड़ा कर मारापीटा,दबंगों द्वारा बेरहमी के साथ की गई मारपीट में एक महिला का पैर टूट गया।इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।यह घटना दो दिन पहले तालेपुरवा गांव में हुई थी।गुरु प्रसाद,सुभाष उर्फ़ टिंकू सिंह,विकास सिंह और दीपक सिंह सहित पांच लोगों ने प्रेम लोनिया, उनकी पत्नी रामदुलारी,बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गाली गलौज के बाद मारपीट भी किया है।मारपीट में प्रेम लोनिया की पत्नी रामदुलारी का एक पैर टूट गया,जिन्हें इलाज के लिए गोंडा जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है,वहीं परिवार के अन्य सदस्यों को प्राथमिक उपचार दिया गया है।विवाद तब शुरु हुआ जब प्रेम लोनिया अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण करा  रहे थे।आरोपियों ने इसे अपनी जमीन बताते हुए निर्माण रोकने की कोशिश की।प्रेम लोनिया के मना करने पर आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी के साथ मारपीट किया।घटना का वीडियो दो दिन बाद सामने आने पर प्रेम लोनिया की बेटी महिमा की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने मुख्य आरोपी गुरु प्रसाद और सुभाष सिंह उर्फ़ टिंकू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधे श्याम राय ने बताया कि परसपुर के तालेपुरवा में प्रेम लोनिया और टिंकू सिंह के बीच जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी।उन्होंने पुष्टि की कि प्रेम लोनिया की लिखित शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।अपर पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस पूरे मामले की गहनता से विवेचना कर रही है और साक्ष्य के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
दो बच्चों की 30 वर्षीय माँ 19 वर्षीय भांजे संग फरार,बोली हमें साथ रहना है
*महिला ने लेटर में लिखा मेरा दोनों बच्चों से कोई रिश्ता नहीं

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र निवासी एक 19 वर्षीय भांजा अपनी 30 साल की मामी को लेकर फरार हो गया, दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था।ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने पर दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने की सहमति जताई और थाने में लिखापढ़ी के बाद साथ चले गए।घटना करना बगुलहा ग्राम पंचायत के परना मजरे की है।ग्रामीण दद्दन तिवारी ने बताया कि रविवार रात मनीषा ने अपने प्रेमी विनीत दीक्षित को घर बुलाया था, जहाँ वे पूरी रात साथ में रहे।सोमवार देर शाम मनीषा की माँ बुनिया देवी जब कपड़े लेने घर में घुसीं तो उन्होंने विनीत को अलमारी के पास छिपा हुआ देखा।जिसे देखकर बुनिया देवी शोर मचाने लगीं उनके शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हो गए और दोनों को समझाने का काफी प्रयास किया,लेकिन वे अलग रहने के लिए राजी नहीं हुए।इसके बाद मंगलवार सुबह दोनों इटियाथोक थाने पहुंचे।थाने में दोनों ने एक दूसरे के साथ जाने की सहमति पर लिखापढ़ी की।मनीषा के पति के अनुसार,उन्होंने चंडीगढ़ की मनीषा से गोंडा में प्रेम विवाह किया था और उनके दो बच्चे हैं।पति ने बताया कि मनीषा का गांव के ही रिश्ते में लगने वाले भांजे विनीत दीक्षित से पिछले चार महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था तथा दोनों चोरी छिपे मिलते थे।लगभग दो महीने पहले मनीषा ने विनीत के साथ जाने के लिए घर में फांसी लगाने का भी प्रयास किया था।अंततः विनीत मनीषा को अपने साथ ले गया और दोनों बच्चों को पति के पास छोड़ गया।बताया जाता है कि विनीत की शादी तय थी,लेकिन मनीषा के प्रेम प्रसंग में फंसकर उसने शादी करने से इंकार कर दिया था।मनीषा ने अपने प्रेमी के साथ जाने के लिए एक पत्र भी लिखा है।उसने पत्र में लिखा है कि-मैं मनीषा तिवारी पत्नी दद्दन तिवारी गांव परना जिला गोंडा के थाना इटियाथोक में रहती हूँ।मेरी शादी 2017 में दद्दन तिवारी के साथ हुई थी और मेरे दो लड़के भी हैं।मैं मनीषा तिवारी विनीत उर्फ़ वरुण दीक्षित से प्रेम करती हूँ और उसके साथ हमेशा के लिए रहना चाहती हूँ।हम दोनों पति पत्नी बनकर एक दूसरे के साथ रहना चाहते हैं।मेरे पति दद्दन तिवारी से अब मेरा कोई रिश्ता नहीं है और न ही दोनों बच्चों से कोई रिश्ता है।मैं अपनी मर्जी से विनीत के साथ जा रही हूँ तथा दद्दन तिवारी की जमीन जायदाद से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
65 दिन बाद भी महिला के शव की नहीं हुई पहचान,500 सीसीटीवी खंगाले गए
*प्रदेश के सभी थानों में पुलिस ने पायल व चप्पल की फोटो भेजा

गोंडा।जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के रेतवागाड़ा गांव के पास एक सूनसान स्थान पर 30 नवंबर को एक 35 वर्षीय महिला का अधजला शव मिला था,जिसकी पहचान 65 दिनों बाद भी नहीं हो पाई है।65 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक इस हत्याकांड का खुलासा करने में नाकाम साबित हो रही है।महिला की पहचान के लिए धानेपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सभी थानों में उसके पायल और चप्पल की तस्वीरें भेजी थीं।पहचान न होने पर अब इसके हाथ और पैर की तस्वीरें भी रिमाइंडर के तौर पर भेजी गयी हैं।पूर्ण रूप से जले हुए शव और शरीर के अंगों के कारण पहचान करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।पुलिस टीमों ने अब तक 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल किया है और 200 से अधिक गावों में जाकर लोगों से पूछताछ किया है।चप्पल बनाने वाली कंपनी से भी पुलिस ने पूछताछ किया तो उसके द्वारा बहराइच, गोंडा व बलरामपुर में चप्पल भेजे जाने की बात कही गई,जिसके बाद वहाँ पर भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर पूछताछ की लेकिन वहाँ पर भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।धानेपुर थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि महिला की पहचान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है और कई पुलिस टीमें इस काम में जुटी हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य सभी जिलों से भी मदद ली जा रही है और जल्द ही अज्ञात महिला की पहचान कर हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा,हालांकि आंशिक रूप से जले अंगों के कारण पहचान में अत्यधिक मुश्किलें आ रही हैं।सर्विलांस टीमों को भी पूरी घटना के खुलासे के लिए लगाया गया है।उम्मीद है कि जल्द ही पूरी घटना का खुलासा कर दिया जायेगा।
एक लाख की धोखाधड़ी मामले में एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज
*अमेठी नर्सिंग कॉलेज के प्रबंधक के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

गोंडा।अमेठी जिले के एक नर्सिंग कॉलेज के खिलाफ एक लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।बताते चलें कि स्थानीय जनपद निवासी अर्जुन वर्मा की शिकायत पर अमेठी के न्यू इंडिया नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस कालेज के प्रबंधक रेहान खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।अर्जुन वर्मा ने एसपी कार्यालय में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 14 अक्टूबर 2023 को अपनी बहन खुशबू वर्मा का दाखिला न्यू इंडिया नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस कालेज, जगदीशपुर, अमेठी में कराया था और दाखिले के समय कालेज में 20 हजार रुपए नगद जमा किया था।पीड़ित के अनुसार कालेज द्वारा न तो खुशबू वर्मा का दाखिला सुनिश्चित किया और न ही परीक्षा फार्म भरवाया।दाखिले के बाद अलग अलग किस्तों में उनसे 80 हजार रुपए लिए गये,जिससे धोखाधड़ी की कुल धनराशि एक लाख रुपए हो गई।अर्जुन वर्मा ने अपनी शिकायत के साथ इस मामले में साक्ष्य भी संलग्न किए हैं।अर्जुन वर्मा ने आरोप लगाया कि कालेज ने लगातार दो साल तक उन्हें परेशान किया।इस अवधि में न तो उनकी बहन को कालेज में दाखिला मिला और न ही उनके पैसे वापस किए गए।इस धोखाधड़ी की शिकायत अर्जुन वर्मा द्वारा 31 जनवरी को एसपी कार्यालय में दर्ज कराया था।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।इन निर्देशों के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने न्यू इंडिया नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस कालेज के प्रबंधक रेहान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।