विद्या मार्केट पार्क में कंबल, स्वास्थ्य किट व कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ। राजेंद्र नगर स्थित विद्या मार्केट पार्क में आज रक्षा मंत्री एवं जनप्रिय सांसद राजनाथ सिंह की प्रेरणा से नर सेवा नारायण सेवा की भावना को साकार करते हुए ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी तथा साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों को कंबल, स्वास्थ्य किट एवं कृत्रिम अंग वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंदों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक  हनुमान प्रसाद मिश्रा, पूर्व मंडल अध्यक्ष  जितेंद्र राजपूत, सोमिल शंकर मिश्रा,  इमरान, ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गौरव पांडे सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को सामाजिक सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया गया।
योगी सरकार के प्रयासों से रेशम उद्योग को नई उड़ान, सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ
लखनऊ। योगी सरकार की पहल से प्रदेश के रेशम उद्योग को नई पहचान मिल रही है। इसी कड़ी में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री राकेश सचान ने किया। इस अवसर पर पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें मंत्री राकेश सचान एवं नरेन्द्र कश्यप ने 16 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया। साथ ही रेशम मित्र-2025 पत्रिका का विमोचन कर विभागीय प्रयासों को नई गति दी गई।

मंत्रियों ने बताया कि प्रदेश में रेशम उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जहां पहले उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन था, वहीं अब यह बढ़कर 450–500 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। यह प्रगति आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में रेशम उद्योग को एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है।

रेशम उद्योग किसानों, बुनकरों और उद्यमियों को स्थायी रोजगार उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना से रेशम प्रसंस्करण अवसंरचना सुदृढ़ हुई है। अब तक 1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में 13,500 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

इसके अलावा 9,000 एकड़ क्षेत्र में शहतूत वृक्षारोपण कर 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेशम मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, मॉनिटरिंग और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रेशम उद्योग में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। सिल्क एक्सपो-2026 में देश के विभिन्न राज्यों के शुद्ध रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 06 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जहां विभिन्न राज्यों के बुनकर और व्यापारी अपने रेशमी उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।
अजय राय की टिप्पणी से गरमाई प्रदेश की राजनीति, डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थन में सड़क पर उतरे समर्थक
* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग
लखनऊ। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी हलचल देखने को मिल रही है। अजय राय ने एक सार्वजनिक बयान में डॉ. राजेश्वर सिंह पर प्रदेश और देश को “लूटने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे भाजपा नेताओं और समर्थकों ने पूरी तरह निराधार, आपत्तिजनक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

अजय राय ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भी टिप्पणी करते हुए उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही डॉ. राजेश्वर सिंह की पूर्व सेवाओं से जुड़ी एजेंसियों पर भी बिना ठोस प्रमाण के सवाल खड़े किए। भाजपा ने इन आरोपों को न केवल एक जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया, बल्कि इसे संवैधानिक संस्थाओं और प्रशासनिक सेवाओं का अपमान करार दिया है।

* ईमानदार छवि से घबराई कांग्रेस: भाजपा
भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह अपने सेवाकाल में ईमानदारी, सख्ती और कानून के राज के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल में आर्थिक अपराधों, माफिया नेटवर्क और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई, जिससे अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में असहजता स्वाभाविक है। भाजपा का आरोप है कि इसी साफ-सुथरी छवि और बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर कांग्रेस तथ्यहीन आरोपों का सहारा ले रही है।

* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग
अजय राय के बयान के विरोध में डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थकों ने लखनऊ के शहीद पथ तिराहा, कानपुर रोड स्थित होटल हॉलिडे इन के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जुटने लगे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अजय राय की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। उनका कहना था कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और आरोपों से बचना चाहिए।
लैंगिक समानता और सुरक्षा पर संवाद की नई पहल: 30 हजार से अधिक छात्रों तक पहुँचा ‘रु-ब-रु’ कार्यक्रम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि “रु-ब-रु” एक अभिनव, संवाद-आधारित पहल है, जो लैंगिक समानता, अधिकारों और सामाजिक परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस अधिकारियों एवं छात्रों के बीच संरचित और आमने-सामने की सार्थक बातचीत को बढ़ावा देती है। यह पहल पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से अलग, संवाद, आपसी विश्वास और साझा उत्तरदायित्व के माध्यम से अमूर्त अवधारणाओं को व्यवहारिक जीवन से जोड़ती है।

डॉ. चौहान के अनुसार, रु-ब-रु कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ना और विद्यार्थियों की दैनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना है। कार्यक्रम के तहत पुलिस अधिकारी छात्रों को यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, बाल संरक्षण सहित विभिन्न लैंगिक कानूनों, सुरक्षा प्रावधानों और रिपोर्टिंग तंत्रों की सरल व प्रत्यक्ष जानकारी देते हैं। इससे छात्रों में बिना भय के अपराधों की रिपोर्ट करने का आत्मविश्वास विकसित होता है और शीघ्र रिपोर्टिंग व सार्वजनिक सतर्कता के महत्व को बल मिलता है।

उन्होंने बताया कि यह पहल अब तक स्कूलों और विश्वविद्यालयों में 30 हजार से अधिक छात्रों तक पहुँच बना चुकी है, जो इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। कार्यक्रम का विस्तार अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालय कर्मियों और बस चालकों तक भी किया गया है, जिससे बच्चों और किशोरों के आसपास एक सुरक्षित, संवेदनशील और उत्तरदायी वातावरण का निर्माण हो सके।

डॉ. चौहान ने यह भी उल्लेख किया कि यूनिसेफ के साथ साझेदारी ने रु-ब-रु पहल को तकनीकी मजबूती और संस्थागत गहराई प्रदान की है। बाल अधिकारों, किशोर विकास और लैंगिक संवेदनशील संचार में यूनिसेफ की विशेषज्ञता के माध्यम से कार्यक्रम की सामग्री को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप परिष्कृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि फीडबैक और जमीनी अनुभवों के आधार पर कार्यक्रम को निरंतर अद्यतन किया जाता है। इसका मानकीकृत किंतु लचीला पाठ्यक्रम व्यवहार विज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स, केस स्टडी, रोल-प्ले और सफलता की कहानियों पर आधारित है। “अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श”, मासिक धर्म स्वच्छता और किशोर स्वास्थ्य जैसे विषयों पर आयु-उपयुक्त सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है। रु-ब-रु केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक शिकायत तंत्र को प्रोत्साहित कर और उत्पीड़न के प्रति शून्य-सहिष्णुता की संस्कृति विकसित कर संस्थागत सुरक्षा और जवाबदेही को भी सुदृढ़ करता है। सहानुभूति-आधारित पुलिसिंग और भेदभाव-विरोधी संवाद के माध्यम से यह पहल पुलिस-नागरिक विश्वास को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले– कानून तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय… पुलिस को पिस्तौल यूं ही नहीं दी

लखनऊ। राजधानी में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर को लेकर उठने वाले सवालों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती बेहद जरूरी है और उत्तर प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसके चलते निवेश में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि अगर अपना व्यक्ति भी कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी, जो माफिया और अपराधियों पर होती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सवाल करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, लेकिन जब अपराधी कानून से डरना बंद कर देते हैं, तब कानून को अपने दायरे में लाकर उसे समझाना तात्कालिक आवश्यकता बन जाती है।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। कॉन्क्लेव के दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के क्षेत्र में संयुक्त रूप से शोध कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन अब वह अतीत की बात हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और बेरोजगारी दर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है और उसके विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नेपाल से आई बहुएं भारतीय मतदाता नहीं बन सकतीं, पहले लेनी होगी नागरिकता

लखनऊ । भारत-नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का संबंध बेहद मजबूत माना जाता है। सीमावर्ती जिलों सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नेपाल की लड़कियों की शादी भारतीय नागरिकों से होती है। विवाह के बाद ये महिलाएं भारत में रहकर पारिवारिक जीवन बिता रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे भारत की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं करा सकतीं।

भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, नेपाल की जो महिलाएं भारतीय नागरिकों से शादी करके भारत में रह रही हैं, वे वैध निवासी (Legal Resident) तो मानी जाती हैं, लेकिन भारतीय नागरिक (Indian Citizen) नहीं होतीं। भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। इसलिए वैध रूप से रहने के बावजूद उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिल सकता।

नागरिकता मिलने के बाद ही वोटर बनने का अधिकार

नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आवेदन करना होता है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं—

भारत में लगातार 7 साल निवास का प्रमाण

विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य

वैध मैरिज सर्टिफिकेट

लगातार 7 साल तक भारत में रहने का पक्का आवासीय प्रमाण (Residential Documents)

यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी, फिर राज्य गृह विभाग और अंत में केंद्र गृह मंत्रालय के माध्यम से पूरी की जाती है।

बच्चों को मिल सकती है भारतीय नागरिकता

हालांकि तय मानकों को पूरा करने पर ऐसे दंपतियों के बच्चे भारतीय नागरिक माने जा सकते हैं, और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम इस प्रकार हैं—

1 जुलाई 1987 से पहले जन्म: स्वतः भारतीय नागरिक

1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा वैध तरीके से भारत में रह रहा हो

भारत-नेपाल संधि से वैध निवास, लेकिन वोट का अधिकार नहीं

भारत-नेपाल के बीच संधि के चलते भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों को वैध निवासी माना जाता है, लेकिन मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता जरूरी है। इसी कारण नेपाल से आईं बहुएं नागरिकता लिए बिना वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़वा सकतीं।
राजधानी लखनऊ में तूफानी हवाओं का कहर, काले बादलों से छाया अंधेरा, बारिश शुरू

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिन में ही काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया और तूफानी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मौसम इतना बिगड़ा कि पेड़ गिरने जैसी आशंका जताई जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ बिजली कड़कने से लोग सहम गए।

सुबह के समय हल्का कोहरा रहा, इसके बाद आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
रविवार के बाद सोमवार को भी लखनऊ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। अधिकतम आर्द्रता 87% और न्यूनतम 54% रही।

वहीं वायु गुणवत्ता की बात करें तो सुबह अलीगंज का AQI 206 और तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र 202 के साथ खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। गोमतीनगर 80 और अंबेडकर यूनिवर्सिटी 65 के साथ संतोषजनक श्रेणी में रहे। कुकरैल पिकनिक स्पॉट का AQI 45 के साथ अच्छी स्थिति में रहा।मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फरवरी से मौसम सामान्य होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
लक्ष्य बड़ा है और समय कम है, गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर पार्टी की विचारधारा को पहुंचाएं : अनुप्रिया पटेल

चुनाव आयोग के एसआईआर प्रकिया में पदाधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं  : आशीष पटेल

पार्टी की संगठन समीक्षा बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने पर दिया गया जोर

लखनऊ। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री  अनुप्रिया पटेल ने प्रदेशभर से हुए सभी पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि लक्ष्य बड़ा है और समय कम है। गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर आम जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाएं और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का कार्य करें। आपका यही जुनून हम सब को बड़ा  लक्ष्य हासिल करने के लिए ताकत देगी।

मौका था पार्टी की संगठन समीक्षा बैठक का, सोमवार को पार्टी कैंप कार्यालय पर आयोजित इस बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि समय रहते हमें सभी कील कांटे को दुरुस्त कर पार्टी संगठन में कार्य करने के लिए जुट जाने की जरूरत है। आने वाला वर्ष चुनाव का है। आने वाले वर्ष में पंचायत चुनाव और विधानसभा के चुनाव होंगे। इन चुनावों में हमें बड़ी सफलता तभी  हासिल होगी, जब पार्टी का विचार, पार्टी का झंडा हर गांव, हर बूथ तक पहुंच जाएगा। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, तब जाकर बड़ा लक्ष्य हासिल करने में हम सब कामयाब होंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी पंचायत चुनावों और विधानसभा के चुनावों में मज़बूती से भागीदारी करने के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का टिप्स दिया। कहा पंचायत और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता और पदाधिकारी समन्वय बढ़ाकर अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करें।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री  आशीष पटेल उपस्थित एक-एक पदाधिकारियों से मुखातिब हुए और सभी के साथ सीधा संवाद कर प्रदेश में चल रहे चुनाव आयोग के एसआईआर प्रकिया का हाल जाना। इसके बाद उन्होंने पदाधिकारियों को एसआईआर प्रकिया में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करते हुए उचित मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा, ताकि आगामी वर्ष में होने वाले चुनाव में एक भी उचित मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित न रहे।

इस संगठन समीक्षा बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री  आशीष पटेल जी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सलाहकार एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य  राजेन्द्र प्रसाद पाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओपी कटियार, राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह, रामनयन पटेल, नागेंद्र पटेल, राष्ट्रीय सचिव विनोद गंगवार, गिरजेश पटेल, प्रदेश अध्यक्ष जाटव आरपी गौतम और पार्टी के विधायकगण मौजूद रहे।
डॉ. अशोक अज्ञानी को मिला मित्र-स्मृति अवधी सम्मान

- डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि को मिला अवधी लोकगीत माला सम्मान

लखनऊ। सीतापुर जिले के अवधी साहित्यकार लक्ष्मण प्रसाद मित्र की स्मृति में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला "मित्र स्मृति अवधी सम्मान-2026" इस वर्ष अवधी के मौलिक रचनाकार और शोधकर्ता डॉ. अशोक 'अज्ञानी' को प्रदान किया गया। मित्र-स्मृति अवधी सम्मान-2026 के तहत उन्हें 11 हजार रुपये की धनराशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं अवध-अवधी: विविध सन्दर्भ ग्रन्थ भेंट किया गया।
  मुख्य अतिथि एमएलसी सीतापुर पवन सिंह चौहान ने दूरभाष के माध्यम से समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सम्मानित साहित्यकार डॉ अज्ञानी से अवधी पर और अधिक योगदान की अपेक्षा रहेगी। वह अवधी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। वह यथाशीघ्र अवधी के साहित्यकारों के लिए अवधी व्यंजनों का एक सहभोज आयोजित करेंगे।
    समारोह के विशिष्ट अतिथि अवधी साहित्य संस्थान, अमेठी के अध्यक्ष डॉ अर्जुन पाण्डेय ने अवधी के विभिन्न सोपानों पर प्रकाश डाला। वहीं, अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ. रामनरेश ने अज्ञानी की प्रेम साधना को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अवधी से जोड़ने की विशेष आवश्यकता है।
   यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारम्भ कविवर कुमार तरल की वाणी वन्दना से प्रारम्भ हुआ। इसका सफल संचालन अवधी साहित्यकार एवं पत्रकार नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान द्वारा किया गया। संस्था की संरक्षिका मनोरमा साहू, अध्यक्ष अजय साहू व सचिव डॉ. राम बहादुर मिश्र ने समारोह को सम्बोधित किया। डॉ मिश्र ने कहा कि वह हड्डी से कबड्डी खेल रहे हैं। आजकल अवधी पर बहुत कार्य हो रहा है। बस, इससे युवा पीढ़ी को जोड़ने और अधिक से अधिक गद्य लिखने की जरूरत है।
   इसी कड़ी लखनऊ में स्थित भाषा विश्वविद्यालय  की नव गठित अवधी शोध पीठ के समन्वयक डॉ नीरज शुक्ल ने अवधी आराधकों को विश्विद्यालय आने का न्यौता देते हुए कहा कि आप सब अवधी शोध पीठ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाएं। अवधी में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स करें।
   इस अवसर पर डॉ. अशोक अज्ञानी की 16वीं पुस्तक "कहाँ करयँ फरियाद फलाने" का विमोचन भी हुआ। इसकी कुछ रचनाओं का सस्वर वाचन लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि द्वारा किया गया।
  समारोह में अवध भारती संस्थान, हैदरगढ़ पर पीएचडी करने वाले डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ रंजना अग्रहरि को अवधी लोकगीत माला सम्मान दिया गया। जबकि लक्ष्मण प्रसाद मित्र के नाती अजय साहू को उमाशंकर तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया।
    समारोह में कथारंग के अध्यक्ष नूतन वशिष्ठ, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विनय दास, डॉ दयाराम मौर्य, आदित्य द्विवेदी, अमर साहित्यकार जय शंकर प्रसाद की प्रपौत्री कविता प्रसाद व पप्पू अवस्थी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)