विद्यालय का ताला काटकर विद्यालय में बने स्मार्ट क्लास का UPS और Camera चुरा ले गए

मिर्ज़ापुर जनपद के छानबे क्षेत्र के बघरा तिवारी ग्राम सभा में स्थित कंपोजिट स्कूल में अज्ञात चोरों द्वारा रविवार (1 फरवरी 2026 )छुट्टी के दिन रात्रि में विद्यालय का ताला काटकर विद्यालय में बने स्मार्ट क्लास का UPS और Camera चुरा ले गए जब सोमवार 2 फरवरी 2026 को प्रातः 8.30 am bje विद्यालय के प्रधानाध्यापक  एवम समस्त स्टॉप द्वारा विद्यालय  पहुंचने पर यह देखा गया  तो इसकी सूचना सर्वप्रथम डायल 112 पुलिस को मौके पर बुला कर दिखाया गया उसके बाद थाना अध्यक्ष विंध्याचल महोदय को एक प्रार्थना पत्र दे दिया गया है शासन प्रशासन से अनुरोध है कि चोरों को पकड़कर सख्त से सख्त कार्रवाई किया जाए चोरी किए हुए समान की बरामदी करके कार्यवाही करें ll मौके पर कंपोजिट स्कूल बघरा तिवारी प्रधानाध्यापक विद्यालय के समस्त स्टॉप एवं ग्राम  प्रधान जलालुद्दीन व ग्रामवासी उपस्थित रहे
चंदौली: पूर्व ग्राम प्रधान पर लगा गबन का आरोप
प्रधानपति ने अपने निजी फर्म में कराया सरकारी पैसा ट्रांसफर


निर्मल भारत अभियान योजना में 2.58 लाख का घोटाला

डीएम चंदौली से हुई शिकायत



शहाबगंज, चंदौली : विकास खण्ड शहाबगंज के भटरौल गाँव में पूर्व ग्राम प्रधान पुष्पा सिंह के कार्यकाल के दौरान निर्मल भारत अभियान योजना में धांधली की जिलाधिकारी चंदौली से की गई है .

शिकायतकर्ता सतीश कुमार ने डीएम चंदौली को शपथपत्र देकर पूर्व ग्राम प्रधान पुष्पा सिंह के कार्यकाल के दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 के खाता 6 निर्मल भारत अभियान से 2.58 लाख रुपये के गबन की जांच की मांग की है .

उन्होंने आरोप लगाया है कि पूर्व ग्राम प्रधान के पति संजीव कुमार सिंह ने निर्मल भारत अभियान के खाते से अपने निजी फर्म धनश्री बिल्डिंग मैटेरियल के खाते में दिनांक 07/09/2018 को  चेक संख्या 21024940 से 1.20 लाख , दिनांक 24/09/2018 को चेक संख्या 12018503 से 72 हजार एवं दिनांक 02/11/2018 को चेक संख्या 12018512 से 66 हजार रुपये ट्रांसफर करवाकर जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट किया था  जो कि विधि विरुद्ध है .

शिकायतकर्ता सतीश कुमार ने जिलाधिकारी चंदौली से उक्त मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध दण्डात्मक कारवाई की मांग किया है .



भाजपा विधायक चकिया का प्रतिनिधि बताकर करता है पद का दुरुपयोग :

ग्राम पंचायत भटरौल के पूर्व ग्राम प्रधान पुष्पा सिंह के पति संजीव कुमार सिंह पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है .

नाम प्रकाशित नहीं करने के शर्त के साथ ग्राम पंचायत भटरौल के कई लोगों ने बताया कि गांव के छोटे-मोटे मामले को लेकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए भाजपा विधायक चकिया के नाम से थानों और तहसीलों में दबाव बनाकर अपने पद का दुरुपयोग करता है , ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुष्पा सिंह के कार्यकाल के दौरान ही प्रधानपति संजीव कुमार सिंह ने राजनीतिक वश कई सरकारी भूमि और रास्तों पर अवैध कब्जा कराया है ,यदि ग्रामीण कोई शिकायत दर्ज करवाते है तो विधायक चकिया के नाम से फोन करके मामले पर दबाव डालता है .
गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया

लालगंज(मीरजापुर): क्षेत्र के सोनबरसा ग्राम प्रधान की अपने गांव के ही गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शनिवार को डिप्टी सीवीओ की टीम  ने गौशाला का निरीक्षण किया, इस दौरान गौशाला में कई अव्यवस्थाएं, वित्तीय अनियमितता और लापरवाही सामने आई।
सोनबरसा गौशाला के निरीक्षण में भूंसा कम मात्रा में मिला कई गोवंश को इअर टैग किया गया। गोशाला में छांव के नाम पर वैसे तो टीनशैड लगे हैं लेकिन पशुओं के संख्या के सापेक्ष कम पड़ रहा है। अधिकांश गोवंश खुले आसमान के नीचे ही सिकुड़ी बटुरी रहती है। दिलचस्प बात यह है की समतलीकरण के नाम पर छः लाख से ज्यादा खर्च दिखाया गया है लेकिन मौके तस्वीर उमड़ खाभर और पथरीली पहाड़ी है। चौंकाने वाली बात यह रही की वृक्षारोपण के नाम पर वर्ष 2024-2025 में एक लाख रुपए से अधिक व्यय किया गया है। लेकिन मौके पर स्थिति उलट ही दिखाई दी। पशुओं की गिनती कराई गई और उनको इअर टैग लगाए गए। जहां कागज में छः सौ से अधिक गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। लेकिन मौके पर काफी कम मिलने की बात कही गई।‌
लालगंज तहसील क्षेत्र में कुल 10 गौ आश्रय स्थल है। जिनमें सबसे ज्यादा महुलार गौ आश्रय स्थल में 782 गोवंश संरक्षित है।‌ महुलार गौ आश्रय स्थल भी संदिग्ध गतिविधियों के कारण कई बार चर्चा में रह चुका है। उसरी खमरिया गौ आश्रय स्थल में 298 गोवंश। बामी में गौ आश्रय स्थल में 357 गोवंश। जबकि क्षमता से काफी अधिक है जिसके कारण गोवंश ज्यादा मृत होते हैं प्रतिदिन। हलिया गौ आश्रय स्थल में 403, गलरा गौ आश्रय स्थल में 351, महोगढ़ी गौ आश्रय स्थल में मात्र 40 गोवंश, गुर्गी आश्रय स्थल में 347, गौरवा आश्रय स्थल में 430 और उमरिया गौ आश्रय स्थल में 705 गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी गौशालाओं पर संरक्षित गोवंश की गिनती कराई गई है। लेकिन रजिस्टर में दर्ज आंकड़े से कहीं मेल नहीं खाते मिले।इस संबंध ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह ने कहा की जिलाधिकारी के निर्देश पर गिनती कराई गई है जिसका मिलान कराने के बाद गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग से फर्जी लाभ लेने का मुकदमा दर्ज

चुनार, मिर्जापुर। शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार ज्ञानेंद्र सिंह ने मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना में गलत तरीके से 31000 रुपए का लाभ लिए जाने के आरोप में संजीव कुमार कुशवाहा पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके पूर्व  धन वापसी को लेकर श्रम विभाग मिर्जापुर द्वारा नोटिस जारी कर डीडी के माध्यम से हित लाभ के पैसे को जमा करने का निर्देश दिया गया था, जो अब तक नही कराया गया।
सूत्रों की माने तो तत्कालिन सहायक श्रमायुक्त  मिर्जापुर सुविज्ञ सिंह ने रेंडम आधार पर दिनांक 8.4.25 को संजीव कुशवाहा के हितलाभ की स्थलीय जांच की थी जिसमें पाया गया कि लाभार्थी निर्माण श्रमिक नहीं है और वह पिछले 5 वर्ष से वर्मा फोटो स्टेट पर काम करता है जिसकी लिखित बयान दर्ज करते हुए नोटिस जारी के साथ साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार  को प्राथमिकी हेतु दो बार 09.04.2025 व 05.05.2025 को  पत्र जारी किया गया था। तीसरी बार  वर्तमान सहायक श्रम आयुक्त मिर्जापुर  सतीश सिंह द्वारा  17 जनवरी को पत्र जारी कर हितलाभ की वापसी डीडी के माध्यम से बोर्ड के खाते में जमा कराने के साथ साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था जिसके  क्रम में  चुनार थाने में  प्राथमिकी दर्ज कराई गई । जिसकी जानकारी होते ही सिंडिकेट सक्रीय है और प्राथमिक की पर कार्रवाई न हो इसके लिए बकायदा जोर दिया जाएगा। प्रकरण में एक नया मोड़ आएगा जिसको लेकर सवाल तो उठेंगे ही। इसे कई प्रकार से देखा जा सकता है चर्चा है कि तत्कालीन एएलसी सुविज्ञ सिंह ने यह प्राथमिकी चुनार के लेबर अफसर को कुछ सीखने-सिखाने के उद्देश्य से  दर्ज करने पर जोर दिया था जिसके भविष्य में अनेक मतलब निकलेंगे। वही इस बात की भी चर्चा है कि जिस संजीव पर आज प्राथमिकी  दर्ज होने की बात की जा रही है वह पूर्व में भी एक लाभ ले चुका है, शायद उसकी भी वसूली हो सकती है या फिर यह किसी द्वेष को लेकर किया गया है। वही सबसे बड़ी बात यह है कि जिस सुविज्ञ सिंह ने अपने रेंडम जांच में एक गड़बड़ी पर कम से कम दो बार धन वापसी के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने पर जोर दिया वह तो कुछ भी नही जबकि इसके पूर्व की जांच में विंध्याचल के गोपालपुर प्रकरण में डीएलसी की जांच में 12 के बारह मामले फर्जी पाए गए थे, जिसमें 11 लोगों से लगभग 5 लाख 14 हजार रुपए के आस पास की वसूली हुई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि पिछले 6 माह से चर्चित 105 में 90 फर्जी मामले में वर्तमान एएलसी सतीश कुमार सिंह इतने भोले बनते है कि जैसे वे कुछ जानते ही नहीं और मीडिया और जिला प्रशासन को गुमराह करते हुए बताते हैं कि गलत हितलाभ लेने वालों से  वसूली का प्रावधान है ना की प्राथमिकी दर्ज कराने का, इसके लिए प्रमुख सचिव का आदेश होना चाहिए। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार कैसे पनपता है और इसे कौन  लोग प्रश्रय देते हैं।
कंपोजिट विद्यालय शाहपुर चौसा में छात्रों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ

मीरजापुर। सिटी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय शाहपुर चौसा में शनिवार को राष्ट्रीय  सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्रों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली, साथ ही निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी हुई।  छात्रों ने सड़क सुरक्षा की शपथ लेते हुए सभी से दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनने का आग्रह किया। उन्होंने तेज गति से वाहन न चलाने की भी अपील की।


इस दौरान राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती शीला सिंह ने बच्चों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई और सभी से यातायात के नियमों के पालन करने की अपील की।


इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका उषा देवी, राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती शीला सिंह, रवि सिंह, आलोक गुप्ता, रीना सिंह, किरण सिंह, रचना  व समस्त विद्यालय परिवार बच्चे आदि उपस्थित रहे।
सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग


मिर्जापुर। जिले के रामपुर खोमर मैना केबी पैक्स साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सचिव रणजीत कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया है कि जिस गांव के सचिव हैं उसी गांव के साधन सहकारी समिति में काम कर रहे हैं. आने वाले किसानों को ओवरराइटिंग में खाद की बिक्री करते हैं और धान की भी खरीदारी ब्लैक करते हैं. किसान जब इसको लेकर विरोध करते हैं तो धमकाते हैं बोलते हैं कि हम इसी गांव के हैं बाहर के नहीं है लेना हो तो लीजिए नहीं तो जाइए. किसानों के शिकायत पर उप जिलाधिकारी लालगंज ने भी ट्रांसफर करने के लिए सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता को आदेशित किया है इसके बावजूद भी ट्रांसफर नहीं की जा रही है, जिस समिति से आए हैं वहां पर भी इनके खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप था सचिव के खिलाफ जिला अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है.
97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस
लापरवाही पर कड़ी विभागीय कार्यवाही मानदेय रोकने की चेतावनी

हलिया मिर्जापुर।स्थानीय विकास खंड की 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लाभार्थियों को पोष्टा हार वितरित किए जाने के बाद भी उसकी अनिवार्य प्रविष्टि पोषक ट्रैकर एप पर टीएचआर  फीड नहीं की गई थी मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीपीओ हलिया दिलीप कुमार वर्मा ने सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इस संबंध में सीडीपीओ दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं,धात्री माताओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को वितरित किए जाने वाले पोषाहार का पूरा रिकॉर्ड पोषक ट्रैकर एप पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।इसके बावजूद कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी संबंधितकार्यकत्रियों द्वारा टीएचआर की फीडिंग नहीं की गई।आगे बताया कि पोषक ट्रैकर पर फीडिंग न होने से न सिर्फ शासन स्तर पर आंकड़ों की समीक्षा प्रभावित होती है, बल्कि लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं की निगरानी भी बाधित होती है।सीडीपीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या हिला हवाली की गई तो संबंधित कार्यकत्रियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जनवरी में तथा भविष्य में भी यदि पोषक ट्रैकर पर टीएचआर की नियमित फीडिंग नहीं की गई तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोके जाने के साथ साथ अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और सख्त किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
श्रमिक की हत्या का खुलासा किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव
दो घंटे तक धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मामले का जल्द खुलासा करने की किया मांग

ड्रमंडगंज क्षेत्र के देवहट गांव निवासी श्रमिक की हत्या का खुलासा नही होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए गुरुवार का थाने का घेराव किया। आक्रोशित ग्रामीण दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे और मामले का खुलासा किए जाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि शव मिले दो दिन हो गया लेकिन अभी तक पुलिस मामले का खुलासा नही कर सकी। ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े किए।मृत श्रमिक छोटकऊ के पुत्र पिंटू उर्फ रविन्द्र कुमार की तहरीर पर पुलिस अज्ञात के विरुद्ध हत्या मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।थानाध्यक्ष के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे बाद धरना समाप्त किया।थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नही जाएगा जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।देवहट गांव निवासी 56 वर्षीय लापता श्रमिक छोटकऊ कोल का बीते 27 जनवरी को पांच दिन बाद सजहवा बाउली जंगल में शव दफनाया मिला था।छोटकऊ कोल बीते 22 जनवरी की रात घर से खेत पर फसलों की रखवाली करने गए थे उसके बाद घर वापस नही लौटे और पांच दिन बाद उनका शव घर से तीन किलोमीटर दूर सजहवा बाउली जंगल के गढ्ढे में दफन मिला। मौके पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटना की जांच कर शव को गढ्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बुधवार रात श्रमिक का शव घर पहुंचा जहां ड्रमंडगंज पुलिस के अलावा हलिया और लालगंज पुलिस की मौजूदगी में देर रात दाह संस्कार किया गया।थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्रमिक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मृतक के पुत्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
Mirzapur : गंगा घाटों से शिल्ट हटाने के नाम पर नपा का लंबा खेल, पहली बार  27.40 लाख का भुगतान
*नगर पालिका में लूट का आरोप, राष्ट्रवादी मंच ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्रक, जांच की मांग

मिर्जापुर। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में विकास एवं जनहित कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले को लेकर राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कमिश्नर और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। मुलाकात कर निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। कहा गया है कि कल तक जिस घाट की सफाई मुफ्त होती थी, उस पर पहली बार करीब 27.40 लाख रुपए खर्च दिखाकर गोलमाल किया गया है। सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका के सिविल निर्माण कार्यों एवं जलकल विभाग में पेयजल आपूर्ति मद के अंतर्गत नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया जा रहा है। विभागीय लोगों की मिलीभगत से बिना टेंडर ओवर-इस्टीमेटिंग, फर्जी बिलिंग एवं मनमाने टेंडर कराए जा रहे हैं। कोटा पूर्ति के लिए बाद में टेंडर कराया जा रहा है। बताया कि गंगा घाटों की सिल्ट सफाई को लेकर श्रमदान का प्रचार किया गया, जबकि इसकी आड़ में नगर पालिका के अभियंताओं द्वारा सफाई कार्यों के नाम पर भारी-भरकम बजट तैयार कर लाखों से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सामाजिक संगठन पूर्व से ही श्रमदान के माध्यम से घाटों की सफाई करते आ रहे हैं। इसी तरह
तमाम कार्यों को टेंडर जारी होने से पहले ही पूर्ण करा लिया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद औपचारिकता निभाने के लिए निविदा प्रकाशित की गई, जिससे नियमों की खुलेआम अवहेलना हुई है। जलकल विभाग में भी चल रहे खेल का आंकलन इसी से किया जा सकता है कि कुछ ही महीनों के भीतर उन्हें मरम्मत योग्य दर्शाकर दोबारा भुगतान करा लिया गया। साथ ही मरम्मत एवं सामग्री आपूर्ति के नाम पर चहेती फर्मों से फर्जी बिलिंग कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मामले को लेकर कमिश्नर और जिलाधिकारी से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए, संदिग्ध टेंडरों को निरस्त किया जाए तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनपर निलंबन की जाए, ताकि जांच न प्रभावित होने पाए। बिना निविदा कराए गए कार्यों को जनहित में श्रमदान घोषित करने की मांग की गई हैं। पत्रक सौंपने वालों में रवि पुरवार, आनंद अग्रवाल, पारस मिश्र, मधुकर पांडेय, विनोद पांडेय एवं अनिल गुप्ता आदि शामिल रहे।
हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रक में लगाई आग, पुलिस ने खदेड़ा
मीरजापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र में बुधवार रात एक हादसा हुआ। भोरसर गांव के पास हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार मिथिलेश विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवा ट्रक में आग लगा दी। बिकना गांव निवासी मिथिलेश विश्वकर्मा एनएच 135 से चुनार वीरपुर की ओर से आ रहे थे। बिकना अंडरपास के पास पहले से एक हाईवा खड़ी थी। हाईवा चालक भोरसर गांव के पास बने कट के सहारे एनएच 135 पर चढ़कर लालगंज की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बाइक सवार मिथिलेश लगभग 500 मीटर पहले हाईवा ट्रक की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि मिथिलेश अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे घर का खर्च उन्हीं के ऊपर था। उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है। हादसे के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। उन्होंने मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने और घटनास्थल पर ब्रेकर बनाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा दिखाते हुए हाईवा ट्रक में आग लगा दी। सूचना मिलने पर सीओ सदर मुनेंद्र पाल, देहात कोतवाल अमित मिश्रा, विंध्याचल थानेदार अविनाश राय सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बार-बार समझाने के बावजूद जब ग्रामीण नहीं माने, तो पुलिस ने लाठी भांजकर उन्हें वहां से खदेड़ दिया।