केंद्रीय बजट 2026 समावेशी विकास और विकसित भारत की मजबूत आधारशिला: एके शर्मा
* पीएम सूर्य घर योजना, म्युनिसिपल बॉन्ड और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास से उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई गति

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने केंद्रीय बजट 2026 को समावेशी विकास और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट बताते हुए कहा कि यह समाज के सभी वर्गों—गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, व्यापारी तथा शहरी-ग्रामीण आबादी—को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और समेकित विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

श्री शर्मा ने जनकल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से भी उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र पर बजट प्रावधानों की सराहना करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सोलर ग्लास के प्रमुख घटक सोडियम एंटीमोनाइट को कस्टम ड्यूटी से छूट दिए जाने से पीएम सूर्य घर योजना को नई गति मिलेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और प्रधानमंत्री के नेट जीरो लक्ष्य की प्राप्ति में देश तेजी से आगे बढ़ेगा।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने से शहरी निकाय आत्मनिर्भर बनेंगे, उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी और शहरी विकास परियोजनाओं में निजी व संस्थागत निवेश बढ़ेगा। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बढ़े हुए आवंटन से उत्तर प्रदेश के लगभग 45 शहरों में आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से हर नागरिक के पक्के आवास के सपने को साकार करने में भी यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और संतुलित शहरी-ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा तथा प्रदेश को देश के विकास इंजन के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा।
आगरा: पिंड बलूची के पास एएनटीएफ का छापा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 21 लाख की एमडीएम बरामद
लखनऊ । अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ए0एन0टी0एफ0 (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) आपरेशनल यूनिट आगरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 210 ग्राम अवैध एमडीएम (MDM) बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने 02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 3,500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के बाद थाना सिकन्दरा कमिश्नरेट आगरा में मु0अ0सं0 57/2026 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान

एएनटीएफ ने गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार बताई है—

जयचन्द यादव पुत्र विजय सिंह, निवासी रतवा, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर

राजेश यादव पुत्र जयराम यादव, निवासी रतवा, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर

कहां और कब हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तारी 01 फरवरी 2026 को थाना सिकन्दरा क्षेत्र में पिंड बलूची रेस्टोरेंट के पास, भावना स्टेट की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के पास की गई।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे पार्टनर हैं और करीब एक साल से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कबूला कि वे एक व्यक्ति के लिए सप्लाई का काम करते हैं।
आरोपियों के अनुसार, वे पहले भी—

मुंबई से दो बार 300-300 ग्राम MDM लेकर आ चुके हैं

दिल्ली से भी दो बार 300-300 ग्राम MDM लाकर सप्लाई कर चुके हैं

इस बार भी दोनों आरोपी दिल्ली से MDM लेकर उसे छतरपुर (मध्य प्रदेश) समेत अन्य जिलों में सप्लाई करने जा रहे थे, तभी एएनटीएफ टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

बरामदगी

210 ग्राम अवैध MDM (कीमत लगभग 21 लाख रुपये)

02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन

3,500 रुपये नकद

अन्य नेटवर्क पर भी कार्रवाई की तैयारी

एएनटीएफ ने बताया कि मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया जा रहा है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जनता दर्शन में भावुक पल: बच्ची की बात सुनकर सीएम योगी ने तुरंत दिलाया दाखिला

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में दूर-दराज से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सीएम योगी ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

अनाबी अली भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची

इसी दौरान जनता दर्शन में एक बालिका अनाबी अली भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। अनाबी ने मुख्यमंत्री से लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में अपना एडमिशन कराने की इच्छा जताई और इसके लिए मदद की गुहार लगाई। बच्ची की मासूमियत और उसकी दिल को छू लेने वाली बातचीत सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए।सीएम योगी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल एडमिशन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस त्वरित फैसले से वहां मौजूद लोग भी प्रभावित नजर आए।

न्वेंट स्कूल में एडमिशन करवाने की रिक्वेस्ट की थी

जनता दर्शन के बाद अनाबी अली ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिली और उन्होंने उनसे लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन करवाने की रिक्वेस्ट की थी। बच्ची ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उसकी बात ध्यान से सुनी और एडमिशन कराने का भरोसा दिलाया।जनता दर्शन में सीएम योगी की इस संवेदनशील पहल को लोगों ने सराहनीय कदम बताया और कहा कि इससे जरूरतमंदों को त्वरित न्याय और राहत मिल रही है।
दीनदयाल बस्ती में भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित, पंच परिवर्तन से भारत को विश्वगुरु बनाने का आह्वान
लखनऊ। दीनदयाल बस्ती स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज में रविवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण जी, इस्कॉन मंदिर लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी अपरिमेय श्याम दास जी एवं काशी धाम से पधारे प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक स्वामी सुधीर आनंद जी महाराज द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार जी ने की। कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र कुमार मिश्रा जी एवं सहसंयोजिका श्रीमती शैल वाला श्रीवास्तव जी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यवसायी रविशंकर सिंह जी उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता मिथिलेश नारायण जी ने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर “पंच परिवर्तन” को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मानव उन्नति के शिखर पर पहुंच सकता है और भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है।
स्वामी अपरिमेय श्याम दास जी ने गीता के संदेशों को जीवन में उतारने पर बल देते हुए बताया कि मन और बुद्धि के संतुलन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है तथा हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। काशी धाम से पधारे स्वामी सुधीर आनंद जी महाराज ने कहा कि मानव को अपने जीवन में प्रभु श्रीराम से प्रेरणा लेकर कर्तव्य पथ पर अग्रसर होना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार जी ने हिंदू धर्म में वर्णित नियमों एवं कानूनों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर संयोजक सुरेंद्र कुमार मिश्रा जी ने कहा कि हिंदू समाज को अपने बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों में प्रवेश दिलाना चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी राष्ट्र और परिवार का नाम रोशन कर सके।

भारत माता की आरती के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इसके उपरांत आयोजित समरसता भोज में लगभग 800 लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सुभाष पांडे (प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर) ने किया। इस अवसर पर सहसंयोजक विनय प्रकाश तिवारी, रुद्र कुमार तिवारी, अवधेश कुमार तिवारी, सत्येंद्र सिंह, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, चिंतामणि सिंह, रतन लाल खंडेलवाल, विनय राय, डॉ. राजेश बरनवाल, श्री श्याम त्रिपाठी, शशिकांत शुक्ला, विजय शंकर बाजपेई, शीतला प्रसाद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में भैया-बहन स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
बिजली कर्मियों की नजर आम बजट और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर, 30 जनवरी को लोकसभा में विवरण पेश होने से बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों के लिए आम बजट 2026-27 और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर चिंता का माहौल है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि 01 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर देशभर के बिजली कर्मियों की पैनी नजर रहेगी।

संघर्ष समिति का कहना है कि उन्हें आशंका है कि बजट या बजट सत्र के दौरान बिजली क्षेत्र का निजीकरण या इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। समिति ने याद दिलाया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स और संघर्ष समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि संसद में बिजली के निजीकरण या अमेंडमेंट बिल को पारित कराने का एकतरफा प्रयास किया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के “लाइटनिंग एक्शन” के तहत कार्यस्थलों से बाहर आकर वृहद विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई

संघर्ष समिति ने बताया कि 30 जनवरी को केन्द्रीय राज्य मंत्री विद्युत,  यशोपाद नायक द्वारा लोकसभा में ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विवरण साझा किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान विधेयक पेश कर पारित कराने का प्रयास हो सकता है।इसके अलावा, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई है।

डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए

इससे यह संभावना और बढ़ गई है कि आम बजट में बिजली क्षेत्र के निजीकरण से जुड़ी कोई घोषणा हो सकती है।संघर्ष समिति ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की 10 अक्टूबर 2025 की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि उस निर्णय के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय पैकेज तभी देगी, जब राज्य अपने डिस्कॉम की 51 प्रतिशत इक्विटी बंधक रखें, या 26 प्रतिशत इक्विटी बेचें लेकिन प्रबंधन निजी हाथों में हो, या फिर डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए।

बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए

समिति का कहना है कि बिजली कर्मियों की यह उम्मीद है कि बजट में बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए, लेकिन यदि कोई निजीकरण या अमेंडमेंट बिल संबंधी प्रस्ताव आता है, तो कर्मचारी पूरी तरह सतर्क हैं और लाइटनिंग एक्शन के लिए तैयार हैं।वहीं, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 430वां दिन है और प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम पर व्यापक जनजागरूकता के निर्देश
* मनरेगा लोकपाल के अधिकार बढ़े, अब पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की शिकायतों का भी करेंगे निस्तारण
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए विकास कार्यों की नियमित गहन समीक्षा एवं अनुश्रवण के साथ-साथ फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी आवश्यक है।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्तर पर समस्या या शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। यदि विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी सघन जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम एवं इसकी विशेषताओं के संबंध में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रभावी प्रचार-प्रसार किए जाने के भी निर्देश दिए।मनरेगा के कार्यों की जांच के लिए पूर्व से ही जिलों में मनरेगा लोकपालों की तैनाती की गई है। अब सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत मनरेगा के अंतर्गत नियुक्त लोकपालों को पीएम आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित शिकायतों की सुनवाई एवं निस्तारण की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उत्तर प्रदेश के आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में राज्य के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकपाल को प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही लोकपालों को पीएम आवास योजना–ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा लाभार्थियों के बीच इस नई शिकायत निवारण व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने जाना लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप
* डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों का उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण किया।

इस भ्रमण में विश्वविद्यालय के ईएमईटी पाठ्यक्रम के दृष्टिबाधित विद्यार्थी, उनके प्रशिक्षक, स्वयंसेवक तथा हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा शामिल रहे। एचटीबीएफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया एवं शासन व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही, कानून निर्माण की प्रक्रिया, सदन में चर्चा एवं निर्णय लेने की प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विधानसभा भवन की फोटो गैलरी के माध्यम से उन्हें प्रदेश के पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से अवगत कराया गया।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्पर्श के माध्यम से भवन की संरचना, आकार और आंतरिक व्यवस्था को समझा। इसके पश्चात विधानसभा कक्ष का भ्रमण कराते हुए सत्तापक्ष, विपक्ष, मीडिया दीर्घा, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था तथा अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका और सदन संचालन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को विधानसभा में प्रयुक्त आधुनिक डिजिटल प्रणालियों—डिजिटल पैनल, हेडफोन, मतदान एवं प्रश्न पूछने की प्रक्रिया—का भी प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल, सहज और संवेदनशील भाषा में उत्तर दिया गया। यह शैक्षिक भ्रमण दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र को समझने का एक अनूठा, प्रेरक और सशक्त अनुभव सिद्ध हुआ।
आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर विवाद, बांदा जेल का कारपाल निलंबित
लखनऊ। कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। मामले में बांदा जिला जेल के कारपाल विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि नोएडा कोर्ट से जारी वारंट के बावजूद रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, बांदा जेल प्रशासन का दावा है कि रवि काना की रिहाई शाम 6 बजकर 39 मिनट पर हो चुकी थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ। जेल प्रशासन का कहना है कि वारंट आने से पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहाई की जा चुकी थी।

रवि काना नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा कबाड़ी और स्क्रैप माफिया बताया जाता है। कुख्यात अपराधी सुन्दर भाटी के जेल जाने के बाद उसका गैंग पूरी तरह सक्रिय हुआ था। उल्लेखनीय है कि फिलहाल सुन्दर भाटी भी जेल से बाहर है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।