रात भर सो नहीं पाए बेटी के हत्यारे पिता पुत्र, क्वारंटाइन बैरक में जाग कर काटी रात
*जेल जाते समय एक दूसरे पर लगा रहे थे आरोप

गोंडा।जिले में रोशनी पांडेय (19) की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय और भाई राहुल पाण्डेय ने जेल में अपनी पहली रात बेचैनी में काटी है।दोनों रात भर सो नहीं पाए और परेशान दिखे,उन्हें मंडलीय कारागार के क्वारंटाइन बैरक में रखा गया है।जहाँ उनकी सभी गतिविधियों पर जेल प्रशासन द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है।बताया गया है कि रात में उन्होंने जेल का खाना भी ठीक से नहीं खाया है,जेल के भीतर पिता पुत्र दोनों एक दूसरे को इस हत्याकांड का दोषी ठहरा रहे हैं।जेल जाते समय बेटे राहुल पाण्डेय ने कथित तौर पर कहा था कि पापा, आप शादी के लिए मान जाते तो शायद हम लोग जेल न जाते,जिसके जवाब में पिता ने बेटे से कहा अगर तुम जिद न करते तो आज हम भी जेल न आते।पुलिस जांच में सामने आया है कि रोशनी पांडेय अपने दूर के रिश्तेदार परमेश्वर पाठक से प्रेम करती थी और उससे बातचीत करती थी।परिजनों ने उसे कई बार समझाया,लेकिन उसने बात करना जारी रखा।जब परमेश्वर पाठक ने रोशनी से शादी करने की बात कही तो परिवार में हड़कंप मच गया।किसी तरह रोशनी की शादी तय की गई लेकिन रोशनी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय और भाई राहुल पाण्डेय प्रेमी के काले रंग के कारण शादी के लिए तैयार नहीं थे।उनका कहना था कि रोशनी सुंदर है और काले रंग के लड़के से शादी करने से उनकी बदनामी होगी।हालांकि, रोशनी अपने प्रेमी से ही शादी करने पर अड़ी हुई थी और वह प्रेमी के साथ भागने की फिराक में थी।जिसके कारण पिता पुत्र दोनों ने दो दिन पहले करंट लगाकर उसे मौत के घाट उतार दिया था और दुर्घटना साबित करने में लगे थे।वहीं मंडलीय कारागार के अधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पिता पुत्र को क्वारंटाइन बैरक में रखा गया है और इनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार जेल आने वाले कैदी इसी तरह बेचैन रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर दोनों लोगों की काउंसलिंग भी की जाएगी।
नकली असलहों से रील बनाने वाला गिरफ्तार,चार पुलिस के कब्जे में
*रौब जमाने के लिए किया,हथियार जब्त

गोंडा।जिले में नकली असलहों से सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों पर रील बनाना चार युवकों को महंगा पड़ गया।नवाबगंज थाने की पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,साथ ही उनके कब्जे से नकली हथियार भी बरामद कर लिया है।यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है।शाहपुर गांव निवासी ताहिर ने अपने तीन अन्य साथियों बस्ती के अंश मिश्रा,मोहसिन और दिग्विजय पांडेय के साथ मिलकर एक बसपा नेता की गाड़ी के पास खड़े होकर फिल्मी गानों के पर नकली असलहों के साथ रील बनाई थी और उसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से दो नकली एयर गन और एक नकली प्लास्टिक का पिस्टल बरामद किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रौब जमाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी मनकापुर के बसपा नेता राजिक उस्मानी के यहां काम करते थे।उन्होंने उस्मानी के घर की एयर गन का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था।वीडियो में ना हम झगड़ा चाहित हय,जो जो हमसे ढेर बोलत हय सीधय बंदूक दागित हय,गाने का इस्तेमाल किया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है।पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेंगे।
पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सहित दो को 15 वर्ष की सजा,50-50 हजार का जुर्माना भी लगा

*भाजपा नेता के भाई पर किया था हमला

गोंडा।जिले के एक 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।नगर पालिका गोंडा के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव तथा त्रियुगी नारायण गुप्ता को 15 15 साल की सजा सुनाई गई है।यह मामला जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला पर हुए हमले से संबंधित है।जनपद न्यायाधीश दृग नारायन सिंह की अदालत ने दोनों दोषियों पर 50 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।सजा सूनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को मंडलीय कारागार भेज दिया गया है।घटना 10 सितंबर 2012 को हुई थी।गौरव शुक्ला अपने काजीदेवर स्थित घर के बाहर बैठे थे कि तभी रुपेश कुमार उर्फ़ निर्मल श्रीवास्तव अपने साथी त्रियुगी नारायण गुप्ता के साथ वहाँ पहुंचे और अपने असलहे से गौरव शुक्ला पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया,जिससे उनके पैर में गोली लग गयी थी।हमले के बाद गौरव शुक्ला को उनके बड़े भाई सुशील शुक्ला तत्काल जिला अस्पताल ले गये,जहाँ उनका इलाज किया गया।अगले दिन 11 सितंबर 2012 को सुशील शुक्ला ने जिले के मोतीगंज थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।यह पूरा मामला वर्ष 2012 से ही न्यायालय में चल रहा था।लोक अभियोजक बसंत शुक्ला, मोतीगंज थाने की महिला आरक्षी सारिका यादव और कोर्ट मोहर्रिर महिला आरक्षी मनीषा ने कोर्ट में इस मुकदमे की पैरवी की।जनपद न्यायाधीश की अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर 13 साल बाद यह फैसला सुनाया है।फैसले के बाद भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला ने न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज न्याय की जीत हुई है और उन्हें 13 साल बाद इंसाफ मिला है।
बृजभूषण को मिर्ची भेजने के मामले में उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
*2022 में त्रिलोकी ने बृजभूषण को भेजा गया था धमकी भरा पत्र

गोंडा।इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने करनैलगंज विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिलोकी नाथ तिवारी को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि द्वारा मिर्ची पाउडर व धमकी भरे भेजे गये पत्र को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमे में बड़ी राहत दिया है।न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने 2022 में दर्ज आपराधिक मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।यह मामला पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में दर्ज कराया था।कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में उठाया गया विवाद दो उम्मीदवारों के बीच का आपसी मामला प्रतीत होता है।याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि मामले का संज्ञान केवल औपचारिक शिकायत के माध्यम से ही लिया जा सकता था।अदालत ने विपक्षी पक्ष और सरकारी वकील को चार सप्ताह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का वक्त मिलेगा।मामले की अगली सुनवाई छ: सप्ताह बाद तय की गई है,तब तक निचली अदालत की प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।यह मामला 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है,जब तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को एक धमकी भरा पत्र और मिर्च का पाउडर मिला था।यह लिफाफा स्पीड पोस्ट से 18 फरवरी को भेजा गया था और इस पर त्रिलोकी नाथ तिवारी का नाम लिखा था।इसके बाद सांसद प्रतिनिधि सुशील सिंह ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।लिफाफा खोलने पर उसमें एक धमकी भरा पत्र और 500 ग्राम मिर्च का पाउडर था,पत्र में लिखा था कि मुसलमानों के खिलाफ आपने बयानबाजी की उसकी मैं निंदा करते हुए कड़ी चेतावनी देता हूँ कि जितना संभलना हो संभल जाओ,वैसे तुम काफी पहले से मुस्लिम आतंकवादियों के निशानै पर हो बस उन्हें स्थानीय स्तर पर सहयोग देने वाले लोग नहीं हैं।इसलिए अब तक तुम बचते रहे परन्तु अब तुम्हारा बचना मुमकिन नहीं है।जितनी चाहे सुरक्षा रखो हत्या इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हो सकती है तो तुम अभी उनसे बड़े नेता नहीं हुए हो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को नेस्तनाबूद करना हमारे बाएं हाथ का खेल है।इसी सांसद प्रतिनिधि की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था और इस पूरे मामले को लेकर के गोंडा न्यायालय में सुनवाई भी चल रही है और त्रिलोकी नाथ तिवारी का निगरानी वाद भी खारिज हो गया है,जिसके बाद अब वह उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।
जनपदीय पुलिस से अधिवर्षिता आयु पूर्ण करने वाले 07 अधि0/कर्मचारी हुए सेवानिवृत्त, पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी द्वारा शॉ
गोण्डा। आज  जनपद गोण्डा पुलिस से 01 निरीक्षक, 03 उ0नि0 व 03 हेड का0 अपनी अधिवर्षिता आयु पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए। इस दौरान पुलिस लाइन गोण्डा स्थित सभागार कक्ष में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को शॉल व फूल-माला पहनाकर, छाता व अन्य धार्मिक पुस्तके भेंट करते हुए विदा किया गया। महोदय द्वारा सेवानिवृत्त हुए पुलिस कर्मियों से सेवानिवृत्त होने पर उनके द्वारा पुलिस विभाग को दिये गये योगदान की सराहना की गयी एवं सेवानिवृत्ति उपरांत भी पुलिस विभाग का यथासंभव सहयोग करने की अपेक्षा की गयी तथा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गयी।
        इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन्स सुश्री शिल्पा वर्मा, सहित अन्य अधि0/कर्मचारीगण एवं सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के परिवारीजन मौजूद रहे।

*सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस कर्मियों का विवरण-*
01. रेडियो निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव।
02. उ0नि0  सुनील कुमार तिवारी।
03. उ0नि0   केदार राम।
05. मु0अ0 लल्लू राम।
06. मु0अ0  रामायण यादव।
07. मु0अ0  रमापति उपाध्याय।
रोशनी की मौत से पहले प्रेमी ने की थी शिकायत,परिजनों पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप
*प्रेमिका ने भी दो बार जताई थी आशंका

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोशनी पांडेय (19) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है।रोशनी की मौत से ठीक पहले उसके प्रेमी ने परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।प्रेमिका ने भी अपने प्रेमी को दो अलग अलग बार पत्र लिखकर जान के खतरे की आशंका जताई थी।प्रेमी ने तहरीर के साथ साथ इस पत्र को भी पुलिस को दिया था लेकिन समय रहते पुलिस अगर कार्यवाही करती तो शायद रोशनी की जान बच सकती थी।हालांकि देहात कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रेमी द्वारा कोई भी ऐसी तहरीर देकर के हम लोगों को जानकारी नहीं दी गई थी।बताते चलें कि देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा निवासिनी रोशनी के प्रेमी परमेश्वर पाठक ने पुलिस को तहरीर दिया था।बक्सरा अज्ञाराम निवासी पाठक ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी शादी रोशनी से हुई थी,लेकिन अब लड़की के घरवाले शादी से इंकार कर रहे हैं।परमेश्वर पाठक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जब लड़की के परिजनों को उनके शादी करने की इच्छा का पता चला, तो वे रोशनी को प्रताड़ित करने लगे।उसने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।परमेश्वर के तहरीर देने के 24 घंटे के भीतर ही रोशनी पांडेय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।उसका शव घर के अंदर मिला था।देहात कोतवाली पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को दरवाजे से बाहर रख दिया था,जिसे पुलिस ने वहीं से कब्जे में ले लिया।यह भी सामने आया है कि रोशनी पांडेय ने अपनी मौत से पहले प्रेमी परमेश्वर पाठक को दो पत्र लिखे थे।इनमें से एक पत्र में उसने अपनी शादी और परिवार के रवैये को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की थी।पहले पत्र में रोशनी ने लिखा था कि वह अपनी शादी अपनी मर्जी से करना चाहती है,परन्तु उसके परिवार वाले सहमत नहीं हैं।उसने बताया कि पहले कुछ बात हुई थी,जिस पर वे मान गए थे।बाद में उसकी चाची विमला और पिता के बीच कुछ बातचीत हुई,जिसके बाद उन्होंने पिता को समझाया।रोशनी ने आगे लिखा था कि इसके बाद परिवार के लोग मिलकर साजिश करने लगे।उन्होंने उसे यह कहकर बहकाने की कोशिश की कि वे उसकी शादी दिवाली के बाद करेंगे।हालांकि, रोशनी को इन बातों पर विश्वास नहीं था।उसे शक हो गया था कि यह लोग झूठ बोल रहे हैं और शादी न करके उसे मारने की योजना बना रहे हैं।पत्र में रोशनी ने अपने लिए खतरा बताया था।उसने यह भी स्पष्ट किया था कि इन सब मामलों में उसकी मां का कोई मतलब नहीं है।अगर हमें आज से मेरी शादी तक कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरे परिवार की होगी।जिससे मैं शादी करना चाहती हूँ यदि उनको भी कुछ हुआ तो मेरे घर वालों का हाथ रहेगा।इसके बाद रोशनी पांडेय ने अंग्रेजी में अपना हस्ताक्षर भी किया है।यह पत्र रोशनी पांडेय ने कब लिखा है यह भी कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी अपने कब्जे में ले लिया है।दूसरे पत्र में रोशनी ने सबसे ऊपर लिखा है कि अच्छे से पढ़ना और समझना,नीचे उसने पत्र में लिखा है कि आज जो भी हुआ वह आपको नहीं पता है सुबह 5.00 हम शुभम के पास लेटे थे तो यह लोग हमें मारने की कोशिश किये थे पर मार नहीं पाए,उसके बाद यह लोग हमसे बात किये और जो इन लोगों ने बोला हम मान गये नहीं तो आज रात 27 की रात में मार देते इसलिए हम फोन पर आपसे और भाइयों से ऐसा बात किये और जब जब फोन पर हम बात कर रही थी तब सब लोग थे और उन्हीं के कहने पर ही हम बात कर रही थी।पर हम ऐसा कुछ नहीं चाहती हूँ तो आप यह बात बोल दो कि जब मेरे सामने बात होगी तब मैं मानूंगा,पर यह सब बात किसी को पता न चले नहीं हम नहीं रह जाएंगे और आपको नहीं मिलेंगे।इसीलिए यह बात तब बोलना जब आपके पास आ जाऊं।कृपया करके बात खुले न हम दोनों के अलावा नहीं तो मार डालेंगे।सबसे जरूरी बात तुमसे यही कहना है कि मेरे सामने बात होगी मेरे घर तक यही आना चाहिए और नहीं और तुम कोतवाली में जाकर बात करना।घर नहीं हम लोग वहीं आएंगे और हमको फोन और सिम लाकर दे दो।जहाँ पर हम रखते थे वहीं पर तुम रख जाना,हम ले लेंगे।जब समय मिलेगा तब बात होगी।यहाँ तक न पता चले जो हम लिखे हैं।बस अपना जानो और अपने दिमाग से काम करो तथा अगर कोई बात खुली तो मेरे जान को खतरा है।आप कुछ न कहना किसी से कि हमने आपको लैटर दिया है।पढ़कर अच्छे से समझ लेना आप टाइम ले सकते हो सब करने के लिए।जिस दिन बात होगी उसी दिन हम आपके साथ चलेंगे।हम यहां नहीं आएंगे हमको आप बचा लो कोई बात न खुले।अब यह पत्र किस तारीख में लिखा गया यह कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।वहीं प्रेमी परमेश्वर पाठक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मैं एक लड़की से बात करता था,रोशनी पांडेय नाम है उसका शादी के लिए मैं उसके घर पर दो साल से बात कर रहा था।28 मई को मैने उसके घर पर शादी के लिए बात किया तो वे लोग नहीं माने।काफी रिक्वेस्ट करने के बाद वे लोग मान गये,नवंबर में शादी होनी थी लेकिन मेरे पिता जी की डेथ हो गई।इसलिए शादी नहीं हुई फरवरी में फिर टाइम दिया था,फरवरी आ गया तो मैंने फोन किया कि शादी की डेट बता दीजिए।इसके बाद वे लोग शादी के लिए नहीं मान रहे थे।रोशनी को इसके लिए प्रताड़ित और परेशान कर रहे थे,उसका भाई राहुल, शुभम और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय,इन लोगों ने 27 तारीख की सुबह रोशनी को मारने का प्रयास किया।एक बार करंट लगाया और तकिया से मुंह दबाना चाहा लेकिन वह बच गई।मेरे पास सब कुछ रिकॉर्डिंग है,रोशनी ने मुझे छोटे फोन से 9 मिनट बात की जिसमें उसने बताया कि एक बार इन लोगों ने मुझे मारने का प्रयास किया था और किसी तरह मैं बच गई।मैं रोई,गिड़गिड़ाई और हाथ पैर जोड़े,यह 27 तारीख सुबह की बात है।राहुल पांडेय, शुभम(जिसका नाम रोहित भी है) और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने मारने की कोशिश की थी।अंत में आज सुबह ही इन लोगों ने करंट से उसे मार दिया और अब वे दिखा रहे हैं कि वह कपड़े प्रेस कर रही थी और प्रेस से चिपक कर मर गई।मैं सरकार से विनती करता हूँ कि मुझे न्याय दिलाए।मैंने तहरीर दी थी देहात कोतवाली में,रोशनी ने व्हाट्सएप के माध्यम से मुझे एक लैटर भेजा था,जिसमें लिखा था कि मुझे बचा लो,मुझे कोतवाली बुला लो नहीं तो यह लोग मुझे मार देंगे।मैने वह लैटर कोतवाल साहब को दिया था लेकिन फिर भी लह लोग नहीं माने और शनिवार का समय लिया गया था।मेरे भैया भी बाहर से आ रहे थे लेकिन इन लोगों ने कल सुबह ही उसे मार दिया।उसने कहा कि पहले राजी थे फिर पता नहीं क्या हुआ कि 5 साल से हमारा प्रेम प्रसंग चल रहा था,पूरा परिवार जानता था,उसका छोटा भाई भी बात करवाता था,उसके पापा ने मुझे 2025 में धमकी भी दिया था कि हट जाओ नहीं तो मार देंगे,लेकिन बाद में वे मान गये थे,परन्तु रोशनी की आंटी विमला जो सूरत में रहती हैं उनके आने के बाद से ही मारने की प्लानिंग हुई।मेरे पास रोशनी के भेजे हुए वीडियो, वाइस कॉल और लैटर सब मौजूद है।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष अभियान दिवस का जिला निर्वाचन अधिकारी ने

*विभिन्न मतदेय स्थलों का भ्रमण कर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किये जा रहे दावे एवं आपत्तियां प्राप्त किये जाने के कार्यों का किया गया निरीक्षण*


*गोण्डा 31 जनवरी,2026*।
अर्हता तिथि 01 जनवरी,2026 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 31 जनवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस का आयोजन जनपद में किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन द्वारा विभिन्न मतदेय स्थलों का भ्रमण कर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किये जा रहे दावे एवं आपत्तियां प्राप्त किये जाने के कार्यों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदेय स्थलों पर उपस्थित बीएलओ से प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन से संबंधित सभी दावे एवं आपत्तियां भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से प्राप्त की जा रही हैं। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक, विशेषकर प्रथम बार मतदाता, महिला मतदाता, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग मतदाताओं को इस अभियान के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें आवेदन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का सत्यापन पूरी गंभीरता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाए, ताकि निर्वाचक नामावली पूर्णतः शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित हो सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

निरीक्षण के दौरान कुछ मतदाताओं से जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्वयं संवाद कर यह जाना कि उन्हें आवेदन करने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाकर अपना नाम अवश्य जुड़वाएं तथा यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराएं।

निरीक्षण में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपदवासियों से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम में सहयोग करें, जिससे आगामी निर्वाचन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपन्न कराए जा रहे हैं।
सरयू नदी में महाआरती आज,तैयारी पूरी
गोंडा।जिले के करनैलगंज क्षेत्र स्थित सरयू नदी की महाआरती का आयोजन किया गया है।इस महाआरती का आयोजन जिला गंगा समिति द्वारा किया गया है।जिसके आयोजन को लेकर वन विभाग द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।यह जानकारी करनैलगंज क्षेत्र के वन दरोगा अशोक कुमार पांडेय ने दी।
हिंदू लड़कियों का बुर्के में डांस वीडियो पर कार्रवाई,दोबारा ऐसा न हो-डीआईओएस की चेतावनी

*स्कूल प्रबंधक व प्रिंसिपल को शोकाज

गोंडा।जिले के गुरु चरण श्रीवास्तव एआर इंटर कॉलेज में हिंदू लड़कियों के बुर्का पहनकर डांस करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने जांच किया है और उसके बाद विद्यालय के प्रबंधक व प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण तलब किया था।विद्यालय के प्रिंसिपल राजू श्रीवास्तव ने डीआईओएस को भेजे स्पष्टीकरण में वायरल वीडियो और कार्यक्रम के लिए माफी मांगी है तथा आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।प्रिंसिपल ने बताया कि बुर्का पहनने वाली लड़कियां कहीं और से नहीं थीं बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राएं ही थीं जिन्होनें अपने बुर्के दिए।जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने बताया कि 26 जनवरी को विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था,इसमें भूतों की टोली नामक एक प्रस्तुति थी,जिसके लिए वेशभूषा की आवश्यकता थी।विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओ ने अपने बुर्के और नकाब दिए थे,जिनका उपयोग इस कार्यक्रम में किया गया था।यह वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा एडिट करके वायरल किया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायतें मिली।जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि पुलिस और उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होती है,तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिन लोगों ने वीडियो वायरल किया था उन्होंने थाने पर पहुंच करके अपना माफीनामा दिया है और हमने भी तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।उन्होंने लिखा है कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो हम उनसे क्षमा चाहते हैं और इस तरह का कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।यह हिंदू समाज की ही लड़कियां थीं जिन्होने वहाँ पर कार्यक्रम किया है।प्रबंधक ने हमको लिखित रूप से दिया है कि इस तरीके का कोई भी कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।दरअसल हिंदू व मुस्लिम दोनों समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर खूब कार्रवाई की मांग की थी।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।