Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।
बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह
सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।
क्यों घबराए निवेशक?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका
बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।
गिरावट के बाद दिखी रिकवरी
हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।
रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय
इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।
आगे क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
Feb 01 2026, 14:32
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