दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने जाना लोकतंत्र का जीवंत स्वरूप
* डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों का उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण किया।

इस भ्रमण में विश्वविद्यालय के ईएमईटी पाठ्यक्रम के दृष्टिबाधित विद्यार्थी, उनके प्रशिक्षक, स्वयंसेवक तथा हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा शामिल रहे। एचटीबीएफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया एवं शासन व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही, कानून निर्माण की प्रक्रिया, सदन में चर्चा एवं निर्णय लेने की प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विधानसभा भवन की फोटो गैलरी के माध्यम से उन्हें प्रदेश के पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से अवगत कराया गया।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्पर्श के माध्यम से भवन की संरचना, आकार और आंतरिक व्यवस्था को समझा। इसके पश्चात विधानसभा कक्ष का भ्रमण कराते हुए सत्तापक्ष, विपक्ष, मीडिया दीर्घा, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था तथा अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका और सदन संचालन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को विधानसभा में प्रयुक्त आधुनिक डिजिटल प्रणालियों—डिजिटल पैनल, हेडफोन, मतदान एवं प्रश्न पूछने की प्रक्रिया—का भी प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल, सहज और संवेदनशील भाषा में उत्तर दिया गया। यह शैक्षिक भ्रमण दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र को समझने का एक अनूठा, प्रेरक और सशक्त अनुभव सिद्ध हुआ।
आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर विवाद, बांदा जेल का कारपाल निलंबित
लखनऊ। कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। मामले में बांदा जिला जेल के कारपाल विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि नोएडा कोर्ट से जारी वारंट के बावजूद रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, बांदा जेल प्रशासन का दावा है कि रवि काना की रिहाई शाम 6 बजकर 39 मिनट पर हो चुकी थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ। जेल प्रशासन का कहना है कि वारंट आने से पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहाई की जा चुकी थी।

रवि काना नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा कबाड़ी और स्क्रैप माफिया बताया जाता है। कुख्यात अपराधी सुन्दर भाटी के जेल जाने के बाद उसका गैंग पूरी तरह सक्रिय हुआ था। उल्लेखनीय है कि फिलहाल सुन्दर भाटी भी जेल से बाहर है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
लखनऊ में UGC 2026 बिल के खिलाफ ब्राह्मण परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC 2026 बिल के विरोध में ब्राह्मण परिवार लखनऊ/भारत (रजि.) के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ के GPO स्थित गांधी प्रतिमा, हज़रतगंज पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध में ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा, शामिल हुए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की प्रतिनिधि बताती थी, वह आज समाज को बांटने का काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर वोट दिया, और आज उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह “काला बिल” जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जंतर-मंतर, दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा।

ब्राह्मण परिवार के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि UGC संशोधन से सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णयों से उच्च शिक्षा के संस्थानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अपराधी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश का हिस्सा है और सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के विरोध में खड़े सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और सवर्ण नेताओं के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई हुई, तो ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी ससम्मान पदों पर वापसी सुनिश्चित कराएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह समझती है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस कानून का समर्थन करेगा, सवर्ण समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सवर्ण समाज अपना राजनीतिक विकल्प स्वयं तैयार करेगा। मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष थमेगा नहीं और जरूरत पड़ी तो संसद का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि UGC 2026 कानून में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं है; इसे पूर्ण रूप से वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण परिवार ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक मांग-पत्र भी सौंपा।
जिज्ञासा कप सीजन-1: एन जे एस तेलीबाग का शानदार प्रदर्शन, मास्टर ब्लास्टर को 8 विकेट से हराया
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 के तहत खेले गए मैच नंबर-9 में एन जे एस तेलीबाग और मास्टर ब्लास्टर के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। टॉस के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए एन जे एस तेलीबाग ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और मास्टर ब्लास्टर की टीम को मात्र 59 रन पर समेट दिया।

एन जे एस तेलीबाग की ओर से गेंदबाजी में मुदित यादव और गौरव यादव ने कहर बरपाया। दोनों गेंदबाजों ने 5-5 विकेट हासिल कर विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

59 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए एन जे एस तेलीबाग ने केवल 2 विकेट खोकर मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया। इस दौरान आशुतोष पांडे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 13 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। इस तरह एन जे एस तेलीबाग ने मास्टर ब्लास्टर को 8 विकेट से हराकर मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की।

* मैन ऑफ द मैच:
* मुदित यादव
संपत्ति पंजीकरण में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, 1 फरवरी से लागू होगा आधार प्रमाणीकरण: रवींद्र जायसवाल
लखनऊ। स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विधान भवन में विभाग से संबंधित दस्तावेजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2025 को संपन्न स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक में संपत्ति पंजीकरण में छद्म व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने हेतु आधार प्रमाणीकरण लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-69 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2024 को प्रवृत्त किया गया है।

इस नियमावली के अंतर्गत आधार संख्या धारकों की पहचान e-KYC के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्थापित की जाएगी तथा इलेक्ट्रॉनिक/आधार ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन की परिभाषा में सम्मिलित किया गया है। मंत्री ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू की जाएगी, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल पक्षकारों एवं गवाहों की पहचान का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित हो सकेगा।

श्री जायसवाल ने कहा कि आधार प्रमाणीकरण लागू होने से छद्म व्यक्तियों द्वारा पंजीकरण पर प्रभावी रोक लगेगी, पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा भूमि एवं संपत्ति से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही यह व्यवस्था डिजिटल पंजीकरण प्रणाली को सशक्त बनाएगी, विधिक विवादों एवं न्यायालयीन वादों में कमी लाएगी और राज्य सरकार के डिजिटल गवर्नेंस लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से नागरिकों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित होगा और संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक सरल, सुरक्षित एवं आधुनिक बनेगी।
हज-2026: यात्री अब स्वयं कर सकेंगे उड़ान बुकिंग, ऑनलाइन सेल्फ बुकिंग सुविधा शुरू
लखनऊ। हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई द्वारा हज-2026 के लिए हज यात्रियों की सुविधा हेतु ऑनलाइन सेल्फ फ्लाइट बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इस संबंध में सचिव/कार्यपालक अधिकारी एस.पी. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्कुलर संख्या-29 के माध्यम से यह सूचना दी गई है।

हज यात्री अपने व्यक्तिगत लॉगइन के माध्यम से वेबसाइट hajcommittee.gov.in अथवा हज सुविधा मोबाइल एप पर जाकर अपनी इच्छानुसार उड़ान बुक कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है और इसका उद्देश्य यात्रियों को अपनी पसंद के अनुसार उड़ान चुनने का अवसर प्रदान करना है।

ऑनलाइन सेल्फ बुकिंग सुविधा आज 29 जनवरी 2026 से केवल चार दिनों के लिए उपलब्ध रहेगी। बुकिंग उड़ान की उपलब्ध सीटों एवं क्षमता पर निर्भर करेगी। एक बार उड़ान बुक हो जाने के बाद यात्रा या उड़ान की तिथि में किसी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं होगा तथा इस संबंध में हज कमेटी द्वारा किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।

ऑनलाइन सेल्फ बुकिंग अवधि समाप्त होने के बाद जो हज यात्री अपनी बुकिंग नहीं कर पाएंगे, उनकी उड़ान बुकिंग हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा सीटों की उपलब्धता के आधार पर की जाएगी। हालांकि, जोहफा, बिना महरम श्रेणी की महिलाएं एवं रुबात श्रेणी के हज यात्रियों के लिए यह सुविधा मान्य नहीं होगी।
बारामती विमान हादसा: उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 की मौत, जौनपुर की पिंकी माली भी शामिल
पिंकी पिछले आठ साल से एयर होस्टेस की नौकरी कर रही थीं

पिंकी माली की शादी बस्ती जिले के सोविकर सैनी के साथ नवंबर 2021 में हुई थी

लखनऊ । पुणे जिले के बारामती में मंगलवार को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई। इस दुर्घटना में विमान में सवार कुल पांच लोग भी जान से हाथ धो बैठे। हादसा तब हुआ जब एनसीपी नेता अजित पवार और अन्य यात्रियों को ले जा रहा विमान बारामती के रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया।

हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली एयर होस्टेस पिंकी माली भी शामिल थीं। पिंकी, जिन्हें उनके गांव में मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के लिए जाना जाता था, पिछले आठ सालों से एयर होस्टेस के रूप में काम कर रही थीं और विभिन्न छोटे और निजी विमानों में सेवाएं देती रहीं।

पिंकी माली की शादी नवंबर 2021 में बस्ती जिले के सोविकर सैनी से हुई थी। उनके परिवार के अनुसार, पिंकी के दो बहनें और एक भाई हैं। परिवार का अधिकांश हिस्सा मुंबई में रहता है। पिंकी की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई।पिंकी के पिता शिवकुमार माली भी राजनीति से जुड़े हुए हैं और मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। परिवार ने हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क किया।
इस घटना ने न सिर्फ राजनीति के गलियारे बल्कि एयर ट्रैवल समुदाय में भी सदमे का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की विस्तृत जांच जारी है और विमान में तकनीकी खामी या अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है।
तलाक की अटकलों पर विराम: प्रतीक यादव ने अपर्णा के साथ साझा की तस्वीर, कहा—‘ऑल इज गुड’

लखनऊ । सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव ने हालिया विवादों के बीच पत्नी अपर्णा यादव के साथ एक नई तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस तस्वीर के साथ प्रतीक ने लिखा, “All is good”, जिससे यह संकेत मिला कि दोनों के रिश्ते में सबकुछ सामान्य है। बीते कुछ दिनों से प्रतीक और अपर्णा के वैवाहिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इससे पहले प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए थे और तलाक की बात कही थी। हालांकि अब उनके ताज़ा संदेश ने यह साफ कर दिया है कि दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए हैं। इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में प्रतीक ने लिखा कि असली चैंपियन वही होते हैं जो निजी और पेशेवर चुनौतियों से बाहर निकलना जानते हैं। उन्होंने अपने परिवार को “चैंपियन फैमिली” बताते हुए सकारात्मक संदेश दिया। इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव के भाई अमन बिस्ट ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दंपती के बीच किसी तरह का गंभीर विवाद नहीं था और रिश्ते में दरार डालने की कोशिशें जानबूझकर की गई थीं, जो सफल नहीं हो सकीं। 2011 में हुआ था विवाह प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। इससे पहले दोनों करीब आठ साल तक एक-दूसरे को जानते थे। यह विवाह उस समय काफी चर्चा में रहा था, जिसमें देश की राजनीति और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुई थीं। अपर्णा यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है, जबकि प्रतीक यादव ने लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की एक बेटी प्रथमा है। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं।
यूपी में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया विस्तार, ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना शुरू: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। इसके साथ ही लक्ष्य को बढ़ाकर एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और उत्पादों की बिक्री के लिए अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसरों में खाली भूमि पर स्टॉल बनवाकर स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को दिए जाएंगे, जिससे वे अपने उत्पादों का व्यापार कर सकें।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसी दुकान स्थापित की जाएगी, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध होंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इससे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को यूरोप के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिन पर 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 80 हजार महिलाएं ‘बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ी हैं और ऐसी कंपनियां प्रदेश के 18 मंडलों में स्थापित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट की 202 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें से 40 को 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी गई है। शेष इकाइयों को भी सौर सब्सिडी उपलब्ध कराने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी जाएगी, जिससे पूरा पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे। साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली दीदियों के लिए चार्जिंग की समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए।उन्होंने निर्देश दिया कि विधायक निधि के प्रस्ताव 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किए जाएं, ताकि विकास कार्य समय से शुरू हो सकें। इसके अलावा हर तीन महीने में ‘दिशा’ बैठकें आयोजित करने और ग्राम चौपालों को नियमित रूप से लगाने पर भी जोर दिया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर, जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य होता है, स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे। साथ ही अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘स्मार्ट गांव’ का लक्ष्य गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और इसी दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।