कमिश्नरेट सभागार में शहीदों को श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन
*आयुक्त सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया शहीदों का स्मरण

*स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की याद में कमिश्नरेट में श्रद्धांजलि कार्यक्रम 


*गोण्डा 30 जनवरी 2026*  -  भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की पावन स्मृति में शुक्रवार को कमिश्नरेट सभागार में आयुक्त देवीपाटन मण्डल शशि भूषण लाल सुशील की उपस्थिति में समस्त अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को नमन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए की गई। सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दो मिनट के मौन के दौरान वातावरण पूर्णतः शांत एवं अनुशासित रहा, जिससे शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके संघर्ष और त्याग के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं। उन्होंने सभी से शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना के साथ हुआ।

इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन, अपर आयुक्त न्यायिक, संयुक्त विकास आयुक्त मौजूद रहे।
विश्व का अनुपम आदर्श है श्रीकृष्ण - सुदामा की मित्रता : नीरज शास्त्री
कथा की पूर्णाहुति एवं भंडारा आज

बेलसर(गोण्डा)।बेलसर नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह के श्याम सिंह हाता परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में षष्टम व सप्तम दिवस रुक्मणि - कृष्ण विवाह एव सुदामा चरित्र का मनोहारी वर्णन सुनकर नगर के श्रद्धालु श्रोता भाव विभोर हो गए।
कथा पीठाधीश्वर अयोध्या के विद्वान मनीषी नीरज शास्त्री ने श्रोताओं को श्रीकृष्ण के पावन चरित्र से भक्ति में सराबोर करते हुए कहा कि भगवान सांदीपनि ऋषि के गुरुकुल में शिक्षा लेने के बाद प्रभु श्रीकृष्ण विश्वामित्र के आह्वान पर मुरलीधर से चक्रधर भूभिका में आए। द्वारिका में देवी रुक्मणि के साथ विवाह किया। दाम्पत्य जीवन में मर्यादा स्थापित करते हुए उन्होंने अपने सहपाठी गरीब सुदामा को दुर्दशा से उबारते हुए विश्व में मित्रता का अनुपम आदर्श रूप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि द्रुपद व द्रोणाचार्य भी एक ही गुरु के आश्रम मित्र रूप में शिक्षा ग्रहण की थी लेकिन शिक्षा के उपरांत वैर प्रीति समकक्ष से करने की द्रुपद की नीति से दोनों के मध्य कटुता का जो विष पनपा वह महाभारत के युद्ध मे एक दूसरे के विनाश का कारण बन गया। सुदामा चरित के मनोहारी वर्णन  सुनकर श्रोता भावुक हो गए।
कथा में  लवकुश शास्त्री व केशव शास्त्री ने विवाह प्रसंग में प्रस्तुत झांकी में लौकिक रीतियों को सम्पन्न कराया। दर्शक महिलाओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया।
इस मौके पर शिक्षक नेता अजीत सिंह, मोनू सिंह, सूरज सिंह  संतोष कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, पंकज सिंह व नगरवासी व्यापारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने की सैनिक कल्याण बन्धुओं के साथ समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
*सैनिक कल्याण बन्धुओं की समस्याओं का प्राथमिकता पर करें समाधान अधिकारी-डीएम*

*गोण्डा 28 जनवरी,2026*।कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सैनिक कल्याण बन्धुओं की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी लंबित समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना रहा।

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी सैनिक कल्याण बंधुओं से क्रमवार उनकी समस्याओं एवं अपेक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान व हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि सैनिकों एवं उनके परिवारों से संबंधित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हर हाल में किया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किये कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न होने पाए तथा सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से विभागवार समस्याओं की समीक्षा करते हुए समाधान हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने जिले में चल रही विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों, पेंशन संबंधी प्रकरणों, रोजगार अवसरों एवं अन्य सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। नगर मजिस्ट्रेट श्री पंकज वर्मा तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी सुश्री शिल्पा वर्मा ने भी अपने-अपने विभागों के स्तर पर सैनिक कल्याण से संबंधित उपलब्धियों और प्रस्तावित कार्यवाहियों की जानकारी साझा की।

बैठक में आए सैनिक कल्याण बंधुओं ने प्रशासन द्वारा की जा रही पहलों की सराहना की तथा अपनी आवश्यकताओं एवं सुझावों से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्रत्येक समस्या को संवेदनशीलता के साथ लिया जाएगा और उसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारी तत्परता से कार्य करेंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में सैनिक कल्याण बंधु उपस्थित रहे।
परिवार परामर्श केन्द्र में 03 जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछुडे़ जोड़ो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 03 जोड़ों को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

*परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित सदस्यगण-*
महिला थाना प्रभारी श्रीमती अनीता यादव, डा0 उमा सिंह, श्री शशि कुमार भारती, श्रीमती संतोष ओझा, म0मु0आ0 कलावती, म0आ0 वंदना चौहान, म0आ0 आकांक्षा, म0आ0 सलमा, म0आ0 नेहा सिंह, म0आ0 अनुप्रिया सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्राम फरेंदा शुक्ल स्थित कम्पोजिट स्कूल परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

*सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने वाले मददगार नागरिकों को राहवीर योजना के अंतर्गत किया जायेगा सम्मानित एवं प्रोत्साहित*


*गोण्डा 27 जनवरी,2026*।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एआरटीओ प्रशासन द्वारा ग्राम फरेंदा शुकुल स्थित कम्पोजिट स्कूल परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यालय के विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक किया गया।

एआरटीओ प्रशासन द्वारा उपस्थित जनसमूह को बताया गया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम के दौरान कैशलेस उपचार योजना एवं राहवीर योजना की भी जानकारी दी गई। एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने वाले मददगार नागरिकों को राहवीर योजना के अंतर्गत सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही कैशलेस उपचार योजना के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे बहुमूल्य जीवन की रक्षा संभव हो सके।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा हेतु यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर लगभग 300 लोगों की उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ।
एआरटीओ प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को सड़क सुरक्षा के प्रति सजग बनाया जा सके और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
तहसील करनैलगंज के विकासखण्डों की फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई
गोण्डा ।कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद के विभिन्न विकासखण्डों में फार्मर रजिस्ट्री के प्रगति कार्यों की गहन समीक्षा करना था।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा विकासखण्ड करनैलगंज, हलधरमऊ, परसपुर एवं कटराबाजार में संचालित फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित खण्ड विकास अधिकारियों एवं फील्ड कर्मचारियों, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव, कृषि विभाग के अधिकारीगण को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से डोर-टू-डोर सर्वे कर वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सर्वे के दौरान मृतक किसानों को चिन्हित कर उनकी प्रविष्टियों को अलग किया जाए, जिससे अभिलेखों की शुद्धता बनी रहे और किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण आधार है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने भी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विकासखण्डों में आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए कार्य को समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

*फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक के दौरान विकासखण्ड करनैलगंज में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अवधेश तिवारी, विमलेश कुमार तथा ग्राम पंचायत अधिकारी अभिषेक प्रताप सिंह के द्वारा किए जा रहे कार्यों की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कार्यों सुधार लायें अन्यथा विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।*विकासखण्ड करनैलगंज में तैनात ग्राम विकास अधिकारी श्रीमती बीना सिंह का बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर वेतन रोकने के निर्देश दिये हैं।*

बैठक के दौरान उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर, एसडीओ कृषि सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
यूजीसी बिल को वापस लिए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
*बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा असर

गोंडा।जिले के सवर्ण अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रस्तावित नियमों और संशोधनों के खिलाफ प्रदर्शन किया।अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध जताते हुए यूजीसी बिल वापस लो के पोस्टर प्रदर्शित किये हैं।अधिवक्ता संघ के बैनर तले वकीलों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च किया।इस दौरान परिसर में यूजीसी बिल वापस लो और संविधान विरोधी नीतियां नहीं चलेंगी,जैसे नारे लगाए गए।अधिवक्ताओं ने इस बिल को शिक्षा व्यवस्था के लिए हानिकारक बताते हुए कहा कि बिना व्यापक संसदीय चर्चा और सामाजिक सहमति के इतने संवेदनशील विषय पर निर्णय लेना लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है।प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने बिल के संभावित दूरगामी प्रभावों पर चिंता व्यक्त किया।उनका मानना है कि यह बिल शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को समाप्त कर देगा,जिससे शिक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होगी।अधिवक्ताओं के अनुसार,बिल में शिकायतों से संबंधित प्रावधानों से झूठी शिकायतों की संख्या बढ़ सकती है।इससे निर्दोष छात्रों और शिक्षकों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है।जिससे शिक्षण संस्थानों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है।प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।ज्ञापन में बिल को तत्काल रद्द करने अथवा उस पर पूर्णतः रोक लगाने की मांग की गयी है।अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे।अधिवक्ताओं ने कहा कि जहाँ समाज आज भेदभाव को भूलकर एक हो रहा था वही भेदभाव पुनः फैलाने का काम किया जा रहा है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा बाबा साहब अम्बेडकर व महात्मा गाँधी को किया नमन

गोंडा।गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रेयस्कर देव सिंह उर्फ़ गौरव सिंह के नेतृत्व में सालपुर बाजार स्थित वाइ डी सिंह फार्मेसी कॉलेज से जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर चौराहे तक तिरंगा यात्रा निकाली गयी।यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व गौरव सिंह ने वाई डी सिंह फार्मेसी कॉलेज के परिसर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा किया उसके बाद सैकड़ो दोपहिया व लगभग दो दर्जन वाहनों के साथ यह यात्रा शुरू हुई जो लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर चौराहे पर पहुंची जहाँ श्री सिंह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उसके बाद यह यात्रा गांधी पार्क पहुंची जहाँ पूर्व ब्लाक प्रमुख ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और यात्रा समाप्त हुई। गांधी पार्क में यात्रा समाप्ति पर श्रेयस्कर देव सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों और नौजवानों के अंतर्मन में राष्ट्र भक्ति की भावना जागृत करने के साथ ही देश के महान सपूत जो कि देश की एकता अखंडता और आजादी के लिए कुर्बान हुए हैं उनसे परिचित कराना है।
बीएससी छात्रों ने लगाया कापी छीनने का आरोप, कुलपति ने दिए जांच के आदेश
*अपने कॉलेज के छात्रों को अलग बैठाकर कराया नकल

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय में बीएससी  के छात्रों ने परीक्षा के दौरान जमकर विरोध प्रदर्शन किया।छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जल्दी छीन ली गई और परीक्षा में भेदभाव व नकल कराई जा रही थी।इस पूरे मामले में कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं।छात्रों के अनुसार उनका बीएससी जन्तुविज्ञान की परीक्षा प्रात: 8.30 बजे प्रारम्भ होनी थी परन्तु उन्हें 45 मिनट विलम्ब से 9.15 प्रश्नपत्र व उत्तरपुस्तिकाएं दी गईं।वहीं परीक्षा समाप्त होने का समय 10.30 बजे था परन्तु कॉलेज प्रशासन ने 10.15 बजे ही जबरन उत्तरपुस्तिकाएं छीन लिया परिणामस्वरूप उन्हें 15 मिनट कम समय मिला।छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन अपने छात्रों को अलग कमरे में बैठा कर नकल कराता है,जबकि अन्य केंद्रों से आए हुए छात्रों को एक ही कमरे में अलग अलग बैठाने के बजाय मिलाजुला कर बैठाया जाता है।इसके अलावा, कई छात्रों को परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल फोन और गाइड ले जाने की अनुमति दी गई।छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर तरबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।घंटों चले विरोध प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला एक वीडियो में यह कहते हुए दिखाई दिये कि आज तो हम कुछ नहीं करवा पाएंगे लेकिन अगला पेपर आप लोगों का ठीक होगा।छात्रों ने मांग किया है कि उनका परीक्षा केंद्र बदला जाए क्योंकि यहां बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।वहीं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला ने बताया कि छात्रों के आरोप पूरी तरह से गलत हैं।मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और वीडियो का संज्ञान लिया गया है।जांच में जो भी निकलकर आएगा उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी और छात्रों के साथ कोई भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
बच्चों की जान बचाने वाले शशांक का गणतंत्र दिवस पर हुआ सम्मान

*स्कूली वैन में आग लगने पर गेट खोलकर सबको निकाला था बाहर

गोंडा।गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में बहादुरी की मिसाल पेश करने वाले कक्षा चार के छात्र शशांक सिंह को सम्मानित किया गया।स्कूली वैन में आग लगने के दौरान बच्चों की जान बचाने के साहसिक कार्य के लिए शशांक को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।यह सम्मान आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने संयुक्त रूप से दिया।यह घटना 12 नवंबर 2025 की है जब वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के पास सेंट जोसेफ स्कूल के स्कूली वैन में बच्चों को ले जाते समय अचानक आग लग गई थी।वैन में आगे की सीट पर बैठे शशांक सिंह ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए बड़ा हादसा होने से बचा लिया था।बताते चलें कि आग लगने के बाद वैन का दरवाजा अंदर से नहीं खुल रहा था।इस दौरान शशांक ने अपने पैरों से कई बार गेट पर जोरदार वार उसे खोला और खुद बाहर निकल आए।इसके बाद उन्होंने वैन में फंसे अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।सभी बच्चों के बाहर निकलते ही वैन में आग तेजी से फैल गयी और शशांक की बहादुरी से एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गयी।शशांक की इस बहादुरी को समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था,जिसका संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया।गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कहा कि शशांक सिंह ने जिस तरह साहस और सूझबूझ से काम लिया,वह काबिल ए तारीफ है।यदि बच्चे समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।शशांक वास्तव में बेहद बहादुर,निर्भीक और तेज बच्चा है।उसकी बहादुरी की जितनी भी सराहना की जाए,कम है।गौरतलब है कि इससे पहले 11 नवंबर 2025 को सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर  शशांक सिंह की बहादुरी को देखते हुए उनका नाम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार या राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे जाने की सिफारिश किया था।शशांक सिंह वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के निवासी हैं।प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और उम्मीद जताई कि वह आगे भी समाज के लिए इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।