सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 60 किलो गांजा और दो लग्जरी स्कॉर्पियो के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की सोनभद्र पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में थाना रॉबर्ट्सगंज और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर 60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दो लग्जरी स्कॉर्पियो वाहनों के साथ 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 5 लाख रुपये से अधिक की नगदी भी बरामद हुई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में 27 जनवरी 2026 की रात करीब 10:35 बजे रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस लाइन मोड़ स्थित 'मम्मी के ढाबा' के पास दो काली स्कॉर्पियो गाड़ियां संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। तलाशी लेने पर एक वाहन (स्कॉर्पियो क्लासिक S-11) से 40 किलो और दूसरे वाहन (स्कॉर्पियो N) से 20 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से भास्कर दूबे, शुभम तिवारी, लकी यादव, सुनील कुमार यादव और सूरज कुमार सोनी को धरदबोचा।

ओडिशा से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुख्य अभियुक्तों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो क्लासिक से ओडिशा के सप्लायर 'अर्जुन' से संपर्क कर छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा लेकर आ रहे थे। वे रॉबर्ट्सगंज में स्कॉर्पियो-एन सवार अन्य साथियों को गांजे की खेप ट्रांसफर करने वाले थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। बरामद ₹5,20,000 की नगदी गांजे की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में से एक वाहन पर कूटरचित (फर्जी) नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की जा रही थी।

अपराधियों का लंबा काला इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। सूरज कुमार सोनी पर हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 21 मुकदमे दर्ज हैं, वहीं लकी यादव और शुभम तिवारी पर हत्या, लूट और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। सुनील कुमार यादव और भास्कर दूबे भी पूर्व में एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुके हैं।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है। 60 किलोग्राम अवैध गांजा,₹5,25,000 नकद (गांजा बिक्री एवं जामा तलाशी)। 02 लग्जरी वाहन: स्कॉर्पियो क्लासिक (OD-15-Z-4146) एवं स्कॉर्पियो N (UP-32-NP-3600)। 07 मोबाइल फोन।
थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ NDPS Act की धाराओं और फर्जी नंबर प्लेट के मामले में BNS की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा और एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सोनभद्र: चोपन में सोन नदी किनारे मिला युवक का सड़ा-गला शव, जांच में जुटी पुलिस विकास कुमार

सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोन नदी में सोमवार देर शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नदी किनारे शव को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना चोपन पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, हालांकि शव की हालत काफी खराब होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, मृतक युवक की आयु लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। शव काफी समय से पानी में रहने के कारण अत्यधिक सड़-गल गया है, जिससे मौके पर शिनाख्त संभव नहीं हो सकी। पुलिस ने प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच और कार्रवाई पुलिस अब मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है।शिनाख्त के प्रयास आसपास के सभी थानों को गुमशुदगी की रिपोर्ट के मिलान हेतु सूचना भेज दी गई है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों (डूबने या हत्या) का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है ताकि मृतक के बारे में कोई सुराग मिल सके। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।
सोनभद्र में बड़ा सड़क हादसा, सीओ पिपरी की गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ क्षेत्राधिकारी (सीओ) पिपरी हर्ष पाण्डेय का सरकारी वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गया। यह दुखद हादसा तब हुआ जब सीओ हर्ष पाण्डेय जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित पुलिस लाइन में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वापस रेणुकूट लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि पिपरी थाना क्षेत्र के खांडपाथर गाँव के समीप मुर्धवा मोड़ पर अचानक एक महिला सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे गड्ढे में जा गिरा।

हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
इस दर्दनाक हादसे में गाड़ी की चपेट में आने से उस महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वाहन के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। गाड़ी में सवार सीओ हर्ष पाण्डेय, उनका ड्राइवर और गनर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को पास के हिंडाल्को अस्पताल पहुँचाया। सूचना मिलते ही दुद्धी एसडीएम निखिल यादव भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया।

वाराणसी रेफर किए गए सीओ
अस्पताल में शुरुआती उपचार के बाद सीओ हर्ष पाण्डेय की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतका की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
सोनभद्र: ड्रग इंस्पेक्टर की छापेमारी से दवा विक्रेताओं में हड़कंप, बजरंग मेडिकल स्टोर की बिक्री पर रोक

विकास कुमार

सोनभद्र। जिले के रॉबर्ट्सगंज और ओबरा नगरीय क्षेत्रों में दवाओं की बिक्री में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने सोमवार की देर शाम तक विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई छापेमारी से दवा विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते कई संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से भाग निकले।

निरीक्षण के दौरान ओबरा स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर में भारी अनियमितताएं पाई गईं। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के समय संचालक स्टोर में मौजूद दवाओं के वैध बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इसके अतिरिक्त, संदेह के आधार पर दो दवाइयों के नमूने (सैंपल) लेकर राजकीय लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत उक्त मेडिकल स्टोर की खरीद और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने स्पष्ट किया कि जो संचालक निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर भागे हैं, उन्हें चिन्हित कर चेतावनी जारी कर दी गई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नकली दवाओं की बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमानुसार संचालन और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
मुठभेड़: 30 घंटे के भीतर दबोचे गए गैंगरेप के दरिंदे, भाग रहे आरोपी के पैर में लगी पुलिस की गोली

विकास कुमार सोनभद्र ।ओबरा में अपराध करोगे तो पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे और गोली चलाओगे तो खाकी भी खामोश नहीं रहेगी।" ओबरा पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को धूल चटाकर इस बात को सच साबित कर दिया है।

पहाड़ी पर किशोरी की अस्मत लूटने वाले तीनों दरिंदों को पुलिस ने रविवार की तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक आरोपी ने भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में जा लगी।

30 घंटे का 'ऑपरेशन क्लीन'

बीते 2 जनवरी को जब पीड़िता की मां कलवंती देवी ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ हुई दरिंदगी की शिकायत दर्ज कराई, तो पूरे जिले में हड़कंप मच गया। मिशन शक्ति केंद्र ने तुरंत पीड़िता को सहारा दिया और ओबरा थाना प्रभारी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें दरिंदों के शिकार पर निकल पड़ीं। पुलिस को निर्देश साफ थे—आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए।

आधी रात को खदान में 'एनकाउंटर'

3 और 4 जनवरी की दरमियानी रात पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि तीनों आरोपी बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में छिपे हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने पप्पू उर्फ बिंदू यादव और अर्जुन डोम को मौके पर ही दबोच लिया। लेकिन तीसरा आरोपी करन डोम अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, तो उसने तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।जवाबी कार्रवाई (Self-Defense) में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे करन के पैर में लगी। वह कराहते हुए वहीं ढेर हो गया।

बरामदगी और कानूनी शिकंजा

मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी करन के पास से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया है। आरोपियों के पास से पीड़िता से छीना गया मोबाइल और कुछ नकदी भी मिली है।पुलिस ने इन पर BNS की नई धाराओं सहित पॉक्सो (POCSO) और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाकी दोनों को हवालात भेज दिया गया है। पप्पू उर्फ बिन्दू यादव (30 वर्ष): मुख्य आरोपी राजगीर मिस्त्री, जिसने विश्वासघात किया।अर्जुन डोम (19 वर्ष): भलुआ टोला का निवासी और घटना में शामिल साथी। करन डोम (28 वर्ष): लंका कॉलोनी का निवासी, जिसने पुलिस पर फायरिंग की (पैर में गोली लगी)।

जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद

इस त्वरित कार्रवाई से ओबरा की जनता ने राहत की सांस ली है। ओबरा सीओ अमित कुमार ने बताया कि अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी। पीड़िता को सुरक्षा और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
नशे की ओवरडोज बनी मौत का जाल: दोस्त ने ही घोंटा गला, 48 घंटे लाश के साथ उसी कमरे में सोता रहा कातिल
विकास कुमार सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज जनपद के अमौली गांव में नहर के पास मिली एक अज्ञात लाश ने जो राज उगला है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि नशे, दोस्ती और दगाबाजी की एक ऐसी दास्तां है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
मामला पन्नूगंज और रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बीच का है। पुलिस खुलासे के मुताबिक, 23 दिसंबर की शाम सुदीप देव पाण्डेय उर्फ सूरज ने अपने दोस्त अखिलेश यादव उर्फ कन्हैया (25 वर्ष) को बोलेरो से घुमाने के बहाने बुलाया। दोनों 'बंटी' नाम के एक तस्कर से हेरोइन खरीदकर लाए और नशे का इंजेक्शन लगाया।

जब 'झाग' देख कांप गई कातिल की रूह
आरोपी सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने खुद 5ml इंजेक्शन लिया, जबकि अखिलेश को 10ml हेरोइन का इंजेक्शन लगा दिया। ओवरडोज होते ही अखिलेश के मुंह से झाग निकलने लगा और वह तड़पने लगा। पकड़े जाने के डर और घबराहट में सूरज ने मदद करने के बजाय अपने ही दोस्त का गला दबाकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

लाश के साथ गुजारी दो रातें!
इस वारदात का सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला पहलू यह है कि हत्या करने के बाद सूरज ने लाश को ठिकाने लगाने की हिम्मत तुरंत नहीं जुटाई। वह 48 घंटे तक उसी कमरे में अखिलेश की लाश के साथ रहा। अपनी आंखों के सामने दोस्त का शव रखकर वह सामान्य दिखने का नाटक करता रहा। आखिर में 25 दिसंबर की भोर में उसने शव को बोलेरो में लादा और मरकरी नहर में फेंक दिया।
पुलिस की रडार पर था पुराना 'खिलाड़ी'
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर 4 टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान जब सूरज पांडेय का नाम सामने आया, तो पुलिस ने गेरूई नर्सरी के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। मृतक जो अखिलेश यादव (25), निवासी नौडिहा।आरोपी सुदीप देव पाण्डेय (26), जिसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।बरामदगी में हत्या में इस्तेमाल बोलेरो और अन्य साक्ष्य।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (103), अपहरण (140) और साक्ष्य मिटाने (238) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
सोनभद्र में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक सवार को रौंदा; मौके पर ही मौत


विकास कुमार

हाथीनाला सोनभद्र। सोनभद्र जिले के हाथीनाला थाना क्षेत्र अंतर्गत हथवानी गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक अनियंत्रित टैंकर ने बाइक सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर टैंकर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक फरार होने में कामयाब रहा।

घटना का विवरण
मृतक की पहचान अनिल कुमार, निवासी रानीताली के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, अनिल शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अपने घर से रेणुकूट के लिए निकला था। जैसे ही वह हाथीनाला क्षेत्र के हथवानी गांव के मोड़ के पास पहुँचा, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार टैंकर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अनिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई
सड़क पर शव पड़ा देख स्थानीय राहगीरों ने तत्काल हथवानी ग्राम प्रधान आनंद यादव को सूचित किया। ग्राम प्रधान की सूचना पर हाथीनाला थाना प्रभारी नागेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार टैंकर का पीछा किया और उसे पकड़ लिया, हालांकि चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेज दिया है।

शादी वाले घर में पसरा सन्नाटा
इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक अनिल कुमार की इसी महीने शादी होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के बाद खुशियां मातम में बदल गई हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
"घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। टैंकर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। मामले में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
देवदूत बनकर आई सोनभद्र पुलिस: मौत की पटरी पर लेटा था युवक, पुलिस ने ट्रेन रुकवाकर बचाई जान

विकास कुमार

सोनभद्र।कहते हैं 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय', लेकिन सोमवार को शक्तिनगर में इस कहावत को हकीकत में बदलने का श्रेय वहां की पुलिस टीम को जाता है। जब एक शख्स अपनी जिंदगी की डोर तोड़ने के लिए लोहे की पटरियों पर लेट गया, तब शक्तिनगर पुलिस ने फिल्मी अंदाज में दिलेरी दिखाते हुए मौत के पहियों को चंद कदमों की दूरी पर रोक लिया।

खौफनाक मंजर: जब पटरी पर बिछ गई 'मौत'घटना शक्तिनगर थाना क्षेत्र के खड़िया इलाके की है। दोपहर के करीब 1:55 बजे अफरा-तफरी मच गई जब सूचना मिली कि 42 वर्षीय संतोष केशरी नाम का व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर सुसाइड के इरादे से लेटा हुआ है। पटरियों पर दूर से आती ट्रेन की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी और समय रेत की तरह हाथ से फिसल रहा था।डायल-112 की मुस्तैदी और 'सुपरकॉप' एक्शन जैसे ही सूचना डायल-112 के जरिए पुलिस तक पहुंची, थानाध्यक्ष कमल नयन दूबे अपनी टीम के साथ बिना एक पल गंवाए मौके की ओर दौड़ पड़े।

युवक को सकुशल थाने लाने के बाद पुलिस ने सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं की, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका निभाई। संतोष की काउंसलिंग की गई और उसे जीवन का महत्व समझाया गया। बाद में उसके परिजनों को बुलाकर, युवक को समझा-बुझाकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।इस जीवन रक्षक अभियान में थानाध्यक्ष कमल नयन दूबे, कांस्टेबल अक्षय यादव, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सरोज और होमगार्ड चालक नागेंद्र नाथ चौबे की भूमिका की पूरे जिले में सराहना की जा रही है।
माफियाओं के 'सिंडिकेट' पर DM का प्रहार कलेक्ट्रेट में टास्कफोर्स की बैठक में दी कड़ी चेतावनी


विकास कुमार

सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खेल को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित टास्कफोर्स की बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध खनन और परिवहन पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

जिलाधिकारी ने गठित टीमों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा, "अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें जो नजीर बने।" साथ ही, ए.आर.टी.ओ. और खनन विभाग को संयुक्त रूप से ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाने का जिम्मा सौंपा गया है।

राजस्व बढ़ाने और पारदर्शी व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बालू और गिट्टी के जिन पट्टों की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके लिए तत्काल नया विज्ञापन जारी कर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने वन विभाग को भी चेताया कि पट्टों से संबंधित लंबित फाइलों को दबाकर न बैठें, उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान DM ने राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रति माह निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति अनिवार्य है। उन्होंने एडीएम (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला, सभी एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करें ताकि अवैध गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।

बैठक में ये रहे मौजूद।इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला, ओबरा एसडीएम विवेक कुमार सिंह, घोरावल एसडीएम आशीष त्रिपाठी और ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।