संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का संबोधन, जी राम जी कानून का जिक्र होते ही भड़का विपक्ष
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संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है। आज बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई। बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, हर क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। आजादी तब तक अधूरी है जब तक आत्मनिर्भर का जीवन नहीं जिया जाए। बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्तिथि बहुत मजबूत हुई है।
पिछले 10-11 सालों में नींव मजबूत हुई
राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।
जी राम जी कानून का जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी। इस दौरान एनडीए-भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर अपनी सराहना व्यक्त की। वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध जताते हुए कानून को वापस लेने की मांग करने लगे।
विभिन्न क्षेत्रों में देश के विकास का जिक्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारत सोलर पावर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 20 लाख सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों के घरों में बिजली का उत्पादन बढ़ा है। बीते 11 सालों में नॉर्थ ईस्ट में 7,200 से ज्यादा राजमार्ग बनाए गए हैं। रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश किया गया है। पूर्वोतर के लिए सुरक्षा के लिए यह दशक निर्णायक दशक रहा है। आदिवासी इलाकों में 20,000 से ज्यादा गांव को विकास से जोड़ा जा रहा है। SC जाति के छात्रों को 42,000 हजार करोड़ की छात्रवृति दी जा चुकी है। मेरी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत का लक्ष्य मानती है।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
ऑपरेशन सिंदूर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। आतंकियों के अड्डे को धवस्त कर दिया गया। आगे भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौता भी इसी का हिस्सा है।
माओवाद 126 से घटकर 8 जिलों में सिमटा
राष्ट्रपति मुर्मू ने माओवादियों को लेकर कहा कि माओआतंकी पर भी निर्णायक कार्रवाई की गई है। आज 126 से घटकर 8 जिलों तक रह गया है। सिर्फ 3 जिले इसमें गंभीर रूप से प्रभावित हैं। 2 हजार से ज्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में 'नारी शक्ति' सर्वोपरि है।





1 hour and 46 min ago
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