तलाक की अटकलों पर विराम: प्रतीक यादव ने अपर्णा के साथ साझा की तस्वीर, कहा—‘ऑल इज गुड’

लखनऊ । सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव ने हालिया विवादों के बीच पत्नी अपर्णा यादव के साथ एक नई तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस तस्वीर के साथ प्रतीक ने लिखा, “All is good”, जिससे यह संकेत मिला कि दोनों के रिश्ते में सबकुछ सामान्य है। बीते कुछ दिनों से प्रतीक और अपर्णा के वैवाहिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इससे पहले प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए थे और तलाक की बात कही थी। हालांकि अब उनके ताज़ा संदेश ने यह साफ कर दिया है कि दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए हैं। इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में प्रतीक ने लिखा कि असली चैंपियन वही होते हैं जो निजी और पेशेवर चुनौतियों से बाहर निकलना जानते हैं। उन्होंने अपने परिवार को “चैंपियन फैमिली” बताते हुए सकारात्मक संदेश दिया। इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव के भाई अमन बिस्ट ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दंपती के बीच किसी तरह का गंभीर विवाद नहीं था और रिश्ते में दरार डालने की कोशिशें जानबूझकर की गई थीं, जो सफल नहीं हो सकीं। 2011 में हुआ था विवाह प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। इससे पहले दोनों करीब आठ साल तक एक-दूसरे को जानते थे। यह विवाह उस समय काफी चर्चा में रहा था, जिसमें देश की राजनीति और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुई थीं। अपर्णा यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है, जबकि प्रतीक यादव ने लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। दोनों की एक बेटी प्रथमा है। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं।
यूपी में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया विस्तार, ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना शुरू: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। इसके साथ ही लक्ष्य को बढ़ाकर एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और उत्पादों की बिक्री के लिए अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसरों में खाली भूमि पर स्टॉल बनवाकर स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को दिए जाएंगे, जिससे वे अपने उत्पादों का व्यापार कर सकें।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसी दुकान स्थापित की जाएगी, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध होंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इससे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को यूरोप के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिन पर 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 80 हजार महिलाएं ‘बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ी हैं और ऐसी कंपनियां प्रदेश के 18 मंडलों में स्थापित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट की 202 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें से 40 को 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी गई है। शेष इकाइयों को भी सौर सब्सिडी उपलब्ध कराने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी जाएगी, जिससे पूरा पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे। साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली दीदियों के लिए चार्जिंग की समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए।उन्होंने निर्देश दिया कि विधायक निधि के प्रस्ताव 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किए जाएं, ताकि विकास कार्य समय से शुरू हो सकें। इसके अलावा हर तीन महीने में ‘दिशा’ बैठकें आयोजित करने और ग्राम चौपालों को नियमित रूप से लगाने पर भी जोर दिया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर, जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य होता है, स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे। साथ ही अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘स्मार्ट गांव’ का लक्ष्य गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और इसी दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
निर्माण श्रमिकों को 2.68 करोड़ से अधिक का हितलाभ, 771 श्रमिक हुए लाभान्वित
* महात्मा गांधी पेंशन सहित पांच योजनाओं का डीबीटी से वितरण, श्रमिकों के पंजीकरण पर सरकार का जोर

लखनऊ। उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ संचालित महात्मा गांधी पेंशन योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरण कार्यक्रम मंगलवार को मरकरी हॉल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने 771 श्रमिकों को कुल 2 करोड़ 68 लाख 962 रुपये की धनराशि का लाभ डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया।

कार्यक्रम में महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत 139 लाभार्थियों को 13.17 लाख रुपये, कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 285 लाभार्थियों को 1.56 करोड़ रुपये, मातृत्व शिशु एवं बालिका योजना के अंतर्गत 312 लाभार्थियों को 91.55 लाख रुपये, मातृत्व शिशु एवं बालिका योजना (एफडी) के अंतर्गत 25 लाभार्थियों को 6.25 लाख रुपये तथा संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 10 लाभार्थियों को 88 हजार रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक श्रमिक का जीवन सुरक्षित, सशक्त और सम्मानजनक बने। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह दृढ़संकल्पित है और पंजीकृत श्रमिकों व उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से बोर्ड में पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

मंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों का उल्लेख करते हुए श्रमिकों से अपने बच्चों का नामांकन कराने का आह्वान किया और कहा कि सरकार चाहती है कि श्रमिकों के बच्चे बेहतर शिक्षा पाकर अधिकारी बनें। साथ ही हाल ही में मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए कानून की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि इसके तहत न्यूनतम 125 दिन के रोजगार की गारंटी, समय पर मजदूरी भुगतान तथा बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि प्रदेश में 8.42 करोड़ श्रमिक हैं, जिनमें 1.89 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा।

इस अवसर पर विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह, श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश मार्कंडेय शाही, पूजा यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक उपस्थित रहे।
नरैनी में भाई-बहन ने जहर खाकर की आत्महत्या, पारिवारिक विवाद को बताया जा रहा कारण

लखनऊ । नरैनी कोतवाली क्षेत्र के शास्त्री नगर मोहल्ले में रविवार दोपहर एक भाई-बहन ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाकर अपनी जान दे दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।घटना के अनुसार, आनंद प्रकाश गुप्ता (30) और उनकी बहन चंचल गुप्ता (34) अपने घर से स्कूटी पर सवार होकर बरछा पुल से लगभग 100 मीटर दूर बागै नदी के किनारे पहुंचे। वहां उन्होंने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।

पास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने दोनों को अचेत अवस्था में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आसपास के लोगों से बयान भी दर्ज कर रही है।
मैनपुरी में पति-पत्नी की घर में ही गोली मारकर हत्या, दो बच्चे बाहर नौकरी कर रहे थे
लखनऊ । मैनपुरी जिले के बरनाहल थाना क्षेत्र के ग्राम फूलपुर में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह घर के पास से गुजरते हुए महेश चंद्र शाक्य और उनकी पत्नी अनीता देवी की गोली मारकर हत्या होने की जानकारी दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, दंपती अपने दो बच्चों के साथ अकेले रह रहे थे क्योंकि उनके बेटे ललित और अंकित बाहर नौकरी करते हैं। मृतक दंपती का शव घर के अंदर खून से लथपथ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और छानबीन शुरू कर दी।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मृतक दंपती का मकान गांव के प्रमुख स्थान पर स्थित था और उनकी मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चला है और प्रारंभिक जांच में सभी संभावित कोणों को देखा जा रहा है।

बरनाहल थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कह रही है।यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा की संवेदनशीलता को उजागर करती है और ग्रामीण प्रशासन तथा पुलिस के लिए चुनौती पेश करती है।
जिन हिस्ट्रीशीटर भाइयों से कांपते थे लोग, थाने में पकड़ने पड़े कान, वीडियो हुआ वायरल

शाहगंज गोलीकांड के फरार हिस्ट्रीशीटर अनस और सारिक गिरफ्तार, तमंचे बरामद

लखनऊ । आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र स्थित इंद्रा नगर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने शनिवार रात बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान नाटकीय अंदाज में थाना शाहगंज के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनस और सारिक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से एक-एक तमंचा बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात शाहगंज पुलिस फतेहपुर सीकरी की ओर से आने वाले वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर दोनों के पास अवैध तमंचे मिले। पूछताछ में उनकी पहचान हिस्ट्रीशीटर सारिक और उसके भाई अनस के रूप में हुई।
गौरतलब है कि 11 जनवरी की रात इंद्रा नगर निवासी रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे विष्णु उर्फ राघवेंद्र और भतीजे सत्येंद्र को घर के बाहर गोली मार दी गई थी। इस सनसनीखेज हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में हिस्ट्रीशीटर वीपी उर्फ विनय, सारिक, अनस सहित अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे।पुलिस ने इससे पहले वीपी के पिता राजू, भाई छोटू, साथी अमित ठाकुर, मददगार दानिश, नवाजिश और प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं मुख्य आरोपी वीपी उर्फ विनय पुराने मामले में कोर्ट में पेश होकर खुद ही जेल चला गया था।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अनस पर पहले से 8 और सारिक पर 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों शाहगंज क्षेत्र में दबदबा रखने वाले हिस्ट्रीशीटर बताए जाते हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे थे।


गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है, जिसमें वे कान पकड़कर भविष्य में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि न करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर तेज है।इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। गोलीकांड के बाद बीट पुलिस के सत्यापन को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने सवाल खड़े किए थे। सात आरोपी पहले ही जेल जा चुके थे, बावजूद इसके फरार हिस्ट्रीशीटरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर ढिलाई के आरोप लगते रहे। अब अनस और सारिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।थाना प्रभारी शाहगंज ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, माघ मेला विवाद पर दिया इस्तीफा
लंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि डीएम आवास पर लगभग 45 मिनट तक उन्हें बंधक रखा

लखनऊ । प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है और उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है।
इससे पहले, सोमवार को अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दिया, जो पूरे प्रशासनिक वर्ग और जनता के लिए चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है। उनका इस्तीफा 26 जनवरी को आया, जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था। उन्होंने इस्तीफा प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई मारपीट और प्रशासनिक निष्क्रियता के विरोध में दिया।अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सात पन्नों के पत्र में लिखा कि अब राज्य और केंद्र सरकार में न तो जनतंत्र है और न ही गणतंत्र, बल्कि केवल भ्रमतंत्र है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में अब देशी सरकार नहीं, बल्कि विदेशी जनता पार्टी की सरकार है।उन्होंने कहा कि माघ मेले में वृद्ध आचार्यों और ब्राह्मण शिष्यों के साथ मारपीट और उनकी शिखा पकड़कर पीटना प्रशासन की ओर से ब्राह्मणों और साधु-संतों के प्रति अनुचित रवैया है। उन्होंने इसे साधु-संतों की अस्मिता का अपमान करार दिया।

सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर वायरल हुई, जिसमें अलंकार अग्निहोत्री यूजीसी बिल और शंकराचार्य पर हुए अपमान के विरोध में पोस्टर लिए खड़े थे। पोस्टर में लिखा था,  काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि डीएम आवास पर लगभग 45 मिनट तक उन्हें बंधक रखा गया और लखनऊ से आए एक अधिकारी ने उन्हें अपशब्द कहे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने फोन करके डीएम और एसएसपी को सूचित किया, तभी उन्हें छोड़ दिया गया।कर्मचारी कल्याण सेवा समिति बरेली कॉलेज के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को माघ मेला में शंकराचार्य शिष्यों के साथ हुई घटना की गंभीरता समझते हुए अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा वापस लेना चाहिए। उन्होंने यूजीसी कानून को भी वापस लेने की मांग की और अलंकार का समर्थन किया।
लखनऊ पुलिस मित्र परिवार एवं इस वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का किया गया आयोजन
लखनऊ ।  गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर  किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में लखनऊ पुलिस मित्र  परिवार एवं ईश वेलफेयर फाउंडेशन के द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान सिविर का आयोजन किया गया।  शिविर मे  130 से अधिक समाज सेवियों एवं युवाओं ने सहभागिता की, जिसमें 70रक्तदाताओं व रक्त वीरांगनाओं ने  "एक हाथ तिरंगा एक हाथ रक्तदान" का संकल्प लेते हुए मानवता एवं राष्ट्रहित में  बढ़ चढ़कर रक्तदान किया! 27 रक्तदाता स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान करने मे बिफल रहे।

यह शिविर  लखनऊ पुलिस मित्र परिवार के संरक्षक कविंद्र प्रताप सिंह की संरक्षता  एवं  शिविर के आयोजक / संस्थापक  जितेंद्र सिंह, फाउंडर मेम्बर सरिता सिंह, फाउंडर मेंबर/ सेक्टर  वार्डन सिविल डिफेंस-  ज्योति खरे , कवि कुलदीप तिवारी (कलश) फाउंडर मेम्बर नूतन वर्मा,  फाउंडर मेंबर एवं director,(प्रचार जंक्शन) सत्यम पांडेय,  फाउंडर मेंबर   प्रशांत बाजपेई  फाउंडर मेंबर अश्वनी कुमार, फाउंडर मेंबर आशीष सिंह,  प्रशांत तिवारी, पवन सिंह,संजय सिंह, अनुज श्रीवास्तव, एडवोकेट रिचा मिश्रा, बी के सिन्हा सहित बहुत सारे सहयोगियों के अथक प्रयास से सफल बनाया  गया!

रक्तदान शिविर के विशिष्ट अतिथि प्रो प्रो.डॉ. संदीप तिवारी Hod ट्रामा सेंटर  KGMU रहे, जिन्होंने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि “आज आप केवल रक्त नहीं, बल्कि किसी के जीवन की आशा दान कर रहे हैं। आपका यह निःस्वार्थ कार्य समाज में मानवता और सेवा की भावना को सशक्त बनाता है। इस अवसर पर देश की सेवा मे योगदान देने  वाले  सेवानिवृत्ति सैनिकों  अज़हर सिद्दीकी,  राहुल नयन,उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस , सत्येंद्र कुमार सिंह, कौशल किशोर सिंह, रंजीत  सिंह को  पुलिस मित्र परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।”स्वैच्छिक रक्तदान सिविर के प्रथम रक्तदाता पुस्पेंद्र यादव  और द्वितीय रक्त वीरांगना शशिबाला पांडेय जी रही।

शिविर में रक्तदाता  वी के सिंह,अज़हर सिद्दीकी, पवन सिंह,  बी के सिन्हा,प्रभात कुमार श्रीवास्तव ,मनोज कुमार वर्मा ADC सिविल डिफेंस,शैल वर्मा, अतुल सिंह, मुरली, प्रदीप शर्मा, आशीष सिंह, धीरेंद्र मिश्रा, अविनाश पांडेय,  अनिल कुमार, डॉ सुनील कुमार वर्मा, सुजीत पटेल,सुरेंद्र कुमार, रितेश सिंह, रुचि मिश्रा, advocate रिचा मिश्रा, धीरेंद्र यादव  नीरज मिश्रा,गौरव शाहू, जितेंद्र यादव, सहित बहुत सारे  रक्तदाताओं ने उत्साह पूर्वक रक्तदान किया तथा कैंप को सफल बनाने मे  मेडिकल कालेज ब्लड बैंक टीम का काफी सहयोग रहा ।इस अवसर पर निर्मल एजुकेशन वे० सो० की उपाध्यक्ष रिचा मिश्रा, सहित विभिन्न सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधियों एवं  गणमान्या व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ने गणतंत्र दिवस-2026 पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया, पुलिसकर्मियों को दिए सम्मान

राजीव कृष्ण ने शहीदों को नमन करते हुए संवैधानिक मूल्यों, नागरिक सुरक्षा और प्रोफेशनल पुलिसिंग पर जोर दिया
18 कर्मियों को वीरता पदक, 68 को सराहनीय सेवा पदक और 470 को प्रशंसा चिन्ह प्रदान किया गया।

लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक  राजीव कृष्ण ने तिलक मार्ग स्थित आवास/कैम्प कार्यालय और पुलिस मुख्यालय, गोमती नगर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई और उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

बलिदान से ही हमारा गणराज्य सुरक्षित

डीजीपी कृष्ण ने अमर राष्ट्र-बलिदानियों और वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान से ही हमारा गणराज्य सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रोफेशनलिज़्म, तत्परता और अपराधों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।

पारदर्शिता और नागरिक सम्मान पर जोर दिया

पुलिस महानिदेशक ने संविधान आधारित पुलिसिंग, कानून का शासन, निष्पक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक-केंद्रित सेवा, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति और साइबर अपराध पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है।

प्रशिक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया

उन्होंने वैज्ञानिक विवेचना, फॉरेंसिक विस्तार और प्रशिक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया। 60,000 नव-भर्ती कांस्टेबलों के लिए Hybrid Mode Specialised Training लागू की गई है, जिसमें संवैधानिक आचरण, नागरिक-मित्र व्यवहार, बेसिक लॉ, साइबर जागरूकता और ड्यूटी एथिक्स पर जोर दिया गया है।

पुरस्कार और सम्मान

वीरता पदक: 18 पुलिसकर्मी
राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक: 4 कर्मी
सराहनीय सेवा पदक: 68 कर्मी
उत्कृष्ट सेवा/प्रशंसा चिन्ह: 470 कर्मी

‘उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह’

विनय कुमार सिंह, निरीक्षक, एसटीएफ, यूपी लखनऊ।
महेन्द्र कुमार, मुख्य आरक्षी चालक, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, यूपी लखनऊ।
दिलीप कुमार यादव, आरक्षी चालक, विशेष जांच, यूपी लखनऊ।

‘सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह’

संजय कुमार शुक्ला, निरीक्षक, जीआरपी मुख्यालय, यूपी लखनऊ।
नरेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक, जनपद हरदोई।

‘पुलिस महानिदेशक यूपी का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम)

अमृता मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, स्थापना, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ।
उमेश देव पाण्डेय, निरीक्षक, अपराध शाखा, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ।

‘पुलिस महानिदेशक यूपी का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड)

मो. इमरान, पुलिस उप महानिरीक्षक, भवन/कल्याण, यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ।
आशुतोष कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस कमिश्नरेट, आगरा।
पुष्पेन्द्र नाथ, निरीक्षक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा।
अशोक कुमार, निरीक्षक, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ।
धीरज सिंह, मुख्य आरक्षी, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ।

‘पुलिस महानिदेशक यूपी का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर)

शिवम मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ।
जावेद खॉं, पुलिस उपाधीक्षक, नियंत्रण कक्ष, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ।
संतोष कुमार, निरीक्षक, सुरक्षा मुख्यालय, यूपी लखनऊ।
मनीष कुमार, उप निरीक्षक, एएनटीएफ, यूपी लखनऊ।


विशेष बातें

पुलिस महानिदेशक ने संवैधानिक मूल्यों को पुलिसिंग के दैनिक व्यवहार में लागू करने पर बल दिया।
मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा के लिए जवाबदेह और मानकीकृत व्यवस्था लागू।
साइबर अपराध रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए Trained Cyber Help Desks का सृजन।
फॉरेंसिक जांच में राज्य की प्रगति, UPSIFS द्वारा प्रशिक्षण, शोध और विशेषज्ञता को संस्थागत आधार मिला।
पुलिस वेलफेयर, प्रशिक्षण, मनोबल और स्वास्थ्य पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता रेखांकित।


वीरता और प्रोफेशनलिज़्म का उत्सव बन गया

77वाँ गणतंत्र दिवस उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए संविधान और नागरिक सेवा के प्रति समर्पण, वीरता और प्रोफेशनलिज़्म का उत्सव बन गया। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में लगातार उत्कृष्टता बनाए रखने का संकल्प भी इस अवसर पर दोहराया गया।
गणतंत्र दिवस पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति निष्ठा का दिलाया संकल्प
लखनऊ।  गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर उन्होंने सूचना भवन परिसर में आयोजित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें विभागीय गतिविधियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की गई। अपने संबोधन में विशाल सिंह ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र देश में जन्म लिया है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल भावनाओं को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, वहीं उत्साह और उल्लास के प्रतीक रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।