नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।
विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भारत हमको जान से प्यारा है...
डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।
साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में दिलाई गई मतदान की शपथ

रायपुर- राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर कुलपति श्री कावरे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान में भाग लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को धर्म, जाति, वर्ग, समुदाय एवं भाषा से ऊपर उठकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से मतदान करना चाहिए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव सौरभ शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मंडावी, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 

सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

रायपुर में दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां अधिवेशन, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का होगा आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां वार्षिक अधिवेशन 18 जनवरी 2026 को बूढ़ा तालाब स्थित सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस स्वर्ण जयंती अधिवेशन में प्रदेश के लगभग 22 जिलों से करीब 5,000 समाजजन शामिल होंगे।

समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि करीब 400 वर्ष पहले, वर्ष 1627 में मुगल शासक शाहजहां के अत्याचारों से त्रस्त होकर अग्रवाल समाज के पूर्वज छत्तीसगढ़ आए और यहां की संस्कृति, परंपराओं व त्योहारों को अपनाकर स्वयं को छत्तीसगढ़िया बनाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से जो कुछ भी पाया, उसे प्रदेश के विकास में समर्पित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों के निर्माण के माध्यम से अग्रवाल समाज ने छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन्हीं सेवाओं के कारण छत्तीसगढ़ की जनता ने समाज को स्नेहपूर्वक “दाऊ” की उपाधि दी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के पृथक राज्य बनने से पहले ही अग्रवाल समाज ने संगठित होकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना शुरू कर दिया था। समाज का उद्देश्य सदैव सामाजिक-सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करना और छत्तीसगढ़ के विकास में सक्रिय भूमिका निभाना रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष अधिवेशन के अवसर पर सामाजिक समरसता को समर्पित एक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

इस कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में निवासरत आदिवासी, तेली, कुर्मी, यादव, सोनकर, निषाद सहित सभी छत्तीसगढ़ी समाजों तथा अन्य राज्यों से आकर छत्तीसगढ़ को कर्मभूमि बनाने वाले समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, वानप्रस्थ (वृद्धाश्रम) निर्माण, यातायात एवं स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह होंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, रायपुर महापौर सहित शहर के विधायकगण भी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति द्वारा आयोजित इस 50वें स्वर्ण समागम के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक संध्या का भी आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में डॉ. शशिकांत यादव, वीर रस के प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पवार (मेरठ), हास्य कवि शंभु शिखर (बिहार), पैरोडीकार पार्थ नवीन (प्रतापगढ़), गीतकार रमेश विश्वहास, कवयित्री योगिता चौहान (आगरा) और छत्तीसगढ़ के कवि भरत द्विवेदी अपनी प्रस्तुति देंगे। यह साहित्यिक संध्या 18 जनवरी 2026, रविवार को शाम 6:30 बजे से सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ा तालाब, रायपुर में आयोजित होगी।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने सभी साहित्य प्रेमियों और नागरिकों को इस ऐतिहासिक व यादगार आयोजन में सादर आमंत्रित किया है।

पतंगबाजी से किया ऋतु परिवर्तन का आगाज, साई कॉलेज में मनाया गया मकर संक्रांति

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को कल्चरल कमेटी के तत्वावधान में मकर संक्रांति मनायी गयी। इस अवसर पर प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने तिल के लड्डू, गजक के साथ खिचड़ी का आनन्द लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह पर्व ऋतु परिवर्तन के साथ बसंत के आगमन का है। बसंत के आने के साथ ही नई ऊर्जा और फागुनी बहार शुरू हो जाती है। उन्होंने सभी को मंकर संक्रांति की बधाई दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मकर संक्रांति के गीत प्रस्तुत किये। मादर की थाप पर छत्तीसगढ़ी की तान सुनने को मिली। भांगड़ा की प्रस्तुति ने लोहड़ी को जीवंत कर दिया।

मंकर संक्राति पर आयोजित पतंग प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। डोर पर सवार पतंग आसमान की ऊंचाई को छू रही थीं तो विविध रंगों और कार्टून से आकाश रंगीन हो गया।

कल्चरल प्रभारी डॉ. जसप्रीत, डॉ. जगमीत कौर, डॉ. अलका पांडेय के साथ प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन शर्मा, लाइफ साईंस के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर एंड आईटी के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।