झारखण्ड के 25वें जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया गया भाषण

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आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ, इस छोटी सी मुलाकात में, आप सब लोग की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार प्रकट करता हूं, जोहार करता हूं। यहां आए लंदन के विभिन्न डिपार्टमेंट के सभी सदस्यगण आप सभी का भी मैं हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं।

हम पहली बार यहां आए हैं और मेरे आने से पहले हमने आप लोगों को यहां भेजा और आप लोगों के इस हिम्मत, साहस और इस उत्साह कि वजह से ही शायद हम यहां हैं। 

मुझे तो इस सभागार का नाम भी नहीं पता था। वेस्टमिन्स्टर चैपल। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित है और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां बोलने का मौका मिल रहा है। 

आप सबको पता है कि झारखंड, भारत देश का एक छोटा सा राज्य है। इतिहास से भरा यह राज्य - जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, उससे पहले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो का संघर्ष और आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का संघर्ष हमें देखने को मिलता है। इतिहास लिखना बहुत आसान है। इतिहास पढ़ना बहुत आसान है, पर इतिहास बनाना बहुत कठिन है। 

तो हमारा यह झारखंड का इतिहास भी गौरवपूर्ण इतिहास है। हमारे पूर्वज या हमारे, जो वर्षों पुरानी पीढ़ी रही है, शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे, लेकिन उनमें दूरदर्शिता थी। यह बहुत दूर की चीजों को जानते थे, समझते थे और उसी अनुरूप अपने जीवन शैली और कार्यशैली को अंजाम देते थे। 

आज शिक्षा का एक दायरा है। बहुआयामी शिक्षा आज के इस तकनीकी युग में बहुत आवश्यक है। मेरी यही सोच रही है कि जो हमारे पूर्वज रहे हैं उनके सपनों को पूरा करें। जो उनका संघर्ष रहा, जो उनके संघर्ष का कारण था, उन वजहों का कैसे हम समाधान करें, उसके साथ हम आगे बढ़ें। 

आखिर उन्होंने क्यों अपनी कुर्बानियां दी? क्यों उन्होंने अपने को बलिदान किया? वह इसलिए क्योंकि वो हमें सुरक्षित करना चाहते थे। हम अपने पैरों पर खड़ा हो, हम अपने को मजबूत कर पाएं, यही उनकी सोच रही होगी।

आप सबको पता है झारखंड प्रदेश में शिक्षा को लेकर कितनी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच में आप सबको यह भी पता होगा कि हम लोग लगातार शिक्षा के क्षेत्र में, कहा जाए कि आने वाली पीढ़ी को, कैसे सशक्त करें, कैसे उनको अपने पैरों पर खड़ा करें। वह सब इसके लिए नहीं कि सरकारी नौकरी चाहिए। हम उनको इस कदर तराशना चाहते हैं कि देश दुनिया का कोई भी कंपटीटिव, सिचुएशन हो, वो उसका सामना कर पाए। जो आज का वक्त है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। 

आज हम लोगों ने स्कूली स्तर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस प्रारंभ किया है। आज हमारे बच्चों को जो हायर एजुकेशन - चाहे वो टेक्निकल हो, मेडिकल हो या प्रोफेशनल कोई कोर्सेस हो, उन सबके लिए, बड़े पैमाने पर हम लोगों ने दरवाजे खोले हैं। 

आप सबको पता है कि हमारे घर-परिवारों में बेहतर शिक्षा के लिए जो संसाधन की आवश्यकता है, कितनी चुनौती भरा है। आज सभी प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए हम लोगों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ₹15 लाख तक का आर्थिक सहायता बैंकों के माध्यम से बिना किसी कोलेटरल के उनको बैंक सहायता करती है और वो भी बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट में। यह आर्थिक सहायता वह तब तक उनको नहीं देना है जब तक उनकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए। वह कोर्स चार साल का हो, चाहे वो पांच साल का। पांच साल के बाद एक साल और उनको गैप मिलेगा। उसके बाद जब आपकी नौकरी लग जाएगी तब आप धीरे-धीरे बैंक को वापस कर सकते हैं। 

अब हमने यह व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है शिक्षा को लेकर। किसी भी परिवार में - चाहे वह लड़के हों , लड़कियां हों , उनके बीच में आर्थिक अड़चन कभी न आए।

आज आप सब लोग को यहां भेजने का उद्देश्य, आर्थिक मदद का यह नहीं कि आपको आर्थिक सहायता के माध्यम से यहां तक भेजा जा रहा है। बल्कि आपकी जो क्षमता है , उस क्षमता को हम और ताकत देना चाहते हैं। आप उन ऊचाइयों तक जाएं जहां तक आप जा सके। यह ईंधन का काम कर रहा है। ईंधन पूरे मशीन का एक पार्ट है।

यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है कि एक संसाधन के माध्यम से आप और कितनी चीजों को मजबूत कर सकते हैं। विशेषकर मैं लंदन में आज जो हम लोगों ने सुबह मुलाकात की सीमा मल्होत्रा जी से जो ब्रिटिश सरकार में मिनिस्टर भी हैं, और शेवनिंग भी देखती हैं। मैं उनका विशेष रूप से शुक्रिया अदा करूंगा कि उनके माध्यम से हम आज यहां जो इस मंच पर खड़े हैं, इनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है। उसके लिए मैं उन्हें तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। उनके डेलिगेट्स भी यहां है, उनके माध्यम से जरूर यह संदेश जाए। 

यहां आज एक और नया रास्ता हम लोगों ने जिंदल समूह के साथ भी जोड़ने का प्रयास किया है। हमारे पास सब कुछ है। हमारे पास कोई ऐसी चीजें नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। बशर्ते जो दरवाजे बंद हैं, वह पहले खुल नहीं पाए, नीतियां नहीं बन पाई। संसाधन के मामले में हम अपने देश में कई राज्यों से आगे हैं। बस हम कमजोर पड़ते हैं कहां? बौद्धिक रूप से। आज इसी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए हमारा पूरा प्रयास है।

आप लोग का बहुत बहुत शुक्रिया। आप लोग को बहुत सारी शुभकामनाएं। यह साल हमारा सिल्वर जुबली भी है। 25 साल का हो गया हमारा झारखंड प्रदेश। 25 साल के इस युवा राज्य में पूरी ताकत है, पूरी क्षमता है। इस नौजवान राज्य की क्षमता को मैं एक पॉजिटिव डायरेक्शन में ले जाने का कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि अगर लक्ष्य ठीक से नहीं साधा गया तो पूरी मेहनत पानी में चला जाएगी।

इसीलिए आप सब लोग आज यहां है, कल आपके जैसे और नौजवान यहां होंगे। आज आप सब लोगों को यहां देखकर मुझे जो आत्म संतुष्टि है, मैं उसको बयान नहीं कर सकता। मैं आज यहाँ हिंदी में भाषण दे रहा हूं, लेकिन आपको अंग्रेजी में भाषण देते हुए देख मुझे गौरव महसूस हो रहा है।

आप हमारे प्रतिनिधि के रूप में यहां बातों को रख रहे हैं, और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसी तरीके से आगे और तरक्की करें, यह हमारी शुभकामनाएं हैं। इस 25 साल के बाद हम अगले 25 साल के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए - लंबे और मजबूत रोडमैप के साथ आगे आयेंगे। 

यह पहला कदम है, एक ट्राइबल स्टेट से एक ट्राइबल रिप्रेजेंटेटिव, दावोस से लेकर लंदन तक पहुंचा है, तो निश्चित रूप से आगे भी जायेंगे और आत्म विश्वास के साथ जायेंगे।

हम लोगों का राज्य इतना मिलनसार, शांत स्वभाव का है। जहां हमारे लोग झारखंड के बारे में यह कहते हैं कि बोलना ही संगीत है, चलना ही नृत्य है। हमारे यहां द्वेष की कोई जगह है। हमारे लिए सद्भाव, प्रेम और सबके साथ चलना यही हमारा स्वभाव है। इसीलिए हम अपने पुराने विरासत को साथ संभालते हुए हम आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

हजारीबाग: केरेडारी के बेलतू में विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, छावनी में तब्दील हुआ इलाका, DC-SP ने संभाला मोर्चा

हजारीबाग: जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को स्वयं मौके पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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भड़काऊ गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बेलतू पीकेट और बाजार ताड़ के समीप से विसर्जन जुलूस गुजर रहा था। इसी दौरान डीजे पर भड़काऊ गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

छावनी में बदला बेलतू, अतिरिक्त बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात ही पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई के कारण हिंसा को आगे बढ़ने से रोक लिया गया। रविवार सुबह से ही क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

दोषियों पर होगी 'कठोर कार्रवाई' - SP

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया:

"बेलतू में हुई झड़प के बाद स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। शांति भंग करने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

उपायुक्त की अपील: 'अफवाहों से बचें'

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

इलाके में पसरा सन्नाटा

रविवार सुबह से ही बेलतू और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा देखा जा रहा है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पुलिस की गाड़ियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि नागरिकों में सुरक्षा का भाव बना रहे।

भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर: पीएम की विदेश यात्रा पर चुप, मुख्यमंत्री पर सवाल— विनोद पांडेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने दोहरे मापदंडों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा उसे देश का गौरव और कूटनीति की सफलता बताती है, लेकिन वही बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले में उन्हें गलत नजर आने लगती है।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पूरी तरह राज्यहित में है, जिसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और झारखंड को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। इसे भाजपा द्वारा जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे सम्मान और संवैधानिक मर्यादा के साथ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कभी सवाल क्यों नहीं उठते। अगर विदेश जाना गलत है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अनावश्यक बयानबाजी कर रही है।

उन्होंने दोहराया कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी हित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।

राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

शिक्षा से समृद्धि की ओर: गढ़वा में "Garhwa Learns, Garhwa Leads" का शंखनाद, उपायुक्त ने दिया सकारात्मकता का मंत्र

गढ़वा: जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आज टाउन हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने की, जिसमें जिले भर के शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

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शिक्षक ही हैं बच्चों के भविष्य के शिल्पकार: उपायुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने शिक्षकों से नकारात्मकता को त्यागने और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील की।

"यह कार्यक्रम 'District Education Innovation Challenge' के मानकों पर जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब शिक्षक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे, तभी जिले का वास्तविक विकास होगा।"

क्या है इस कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की गई है, जिसमें 9 मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

मिशन रेड अलर्ट: बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और छीजन (Dropout) रोकना।

गढ़वा स्पीक्स: छात्रों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना।

स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड: तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा।

इग्नाइट इनोवेशन: विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि जगाना।

ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल: पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता। इसके अलावा परख, पीएम पोषण, डेस्टिनेशन और 'फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी' जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल होंगे सम्मानित

इस योजना के तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से विद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। प्रत्येक प्रभाग (Primary to Higher Secondary) में टॉप करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एनआर लकड़ा सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीआरपी, बीआरपी और बीपीएम को उनके नए दायित्वों से अवगत कराते हुए इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।

झारखंड में निवेश की नई उड़ान: इस्पात और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नवीन जिंदल समूह के बीच बड़ी चर्चा

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के यूनाइटेड किंगडम (UK) प्रवास के दौरान झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंदन में मुख्यमंत्री और नवीन जिंदल समूह के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें राज्य में स्टील, क्लीन एनर्जी और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी।

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रांची से लंदन तक निवेश का रोडमैप

यह मुलाकात 2 जनवरी 2026 को रांची में मुख्यमंत्री और श्री नवीन जिंदल के बीच हुई प्रारंभिक बातचीत का अगला चरण है। इस बैठक का उद्देश्य उन चर्चाओं को धरातल पर उतारना और रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देना है।

प्रमुख निवेश और सहयोग के क्षेत्र:

बैठक में तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

स्टील और बिजली: नवीन जिंदल समूह ने झारखंड में इस्पात उत्पादन और बिजली के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए बड़े निवेश की इच्छा जताई है।

स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy): भारत के 'कम कार्बन अर्थव्यवस्था' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, राज्य में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास: समूह ने मुख्यमंत्री की 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना' की सराहना की। इसके तहत झारखंड के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रम और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।

युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ राज्य के युवाओं का कौशल विकास उनकी प्राथमिकता है। नवीन जिंदल समूह के सहयोग से झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव मिल सकेगा।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: लंदन में झारखंड के लिए बड़ी डील: नवीन जिंदल समूह करेगा स्टील और क्लीन एनर्जी में निवेश।

विकल्प 2: 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति' के मुरीद हुए जिंदल समूह; झारखंड के छात्रों के लिए खुलेंगे वैश्विक शिक्षा के द्वार।

विकल्प 3: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड में उद्योगों के साथ कौशल विकास की नई इबारत लिखेगा जिंदल समूह।

लंदन में गूँजी 'झारखण्ड' की अस्मिता: 'झारखण्ड @25' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साझा किया विकास का वैश्विक रोडमैप

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लंदन में आयोजित ‘झारखण्ड कार्यक्रम ने एक नया इतिहास रच दिया है। यह संभवतः भारत का पहला ऐसा अवसर है जब किसी राज्य सरकार ने सात समंदर पार अपने छात्रों, प्रवासियों और उद्यमियों के लिए इतने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया हो।

मरांग गोमके स्कॉलर्स की दिखी सक्रिय भागीदारी

लंदन के इस विशेष कार्यक्रम में झारखंड की मरांग गोमके ओवरसीज स्कॉलरशिप और चेवनिंग छात्रवृत्ति के तहत यूके की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे छात्र, शोधकर्ता, विभिन्न विश्वविद्यालयों के फैकल्टी और सफल उद्यमियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अपनी मिट्टी से दूर विदेशी धरती पर झारखंडी युवाओं के इस हुजूम ने राज्य की बौद्धिक प्रगति का प्रदर्शन किया।

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"जड़ों से जुड़कर, भविष्य की ओर अग्रसर" – मुख्यमंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के संघर्ष और भविष्य के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:

"यह कार्यक्रम 25 वर्षों की उपलब्धियों से आगे बढ़कर अनंत संभावनाओं की कहानी है। हमारी विकास यात्रा मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और दिशोम गुरुजी के आत्मसम्मान और न्याय के आदर्शों से प्रेरित है। झारखंड प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर समावेशी विकास के पथ पर निरंतर बढ़ता रहेगा।"

लंदन में सादरी गीतों की गूँज और सांस्कृतिक गौरव

कार्यक्रम स्थल पूरी तरह झारखंडी रंग में रंगा नजर आया। मरांग गोमके स्कॉलर्स और प्रवासी झारखंडियों ने पारंपरिक नृत्य और सादरी गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा हॉल झारखंड की संस्कृति से गुंजायमान हो उठा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे राज्य सरकार की छात्रवृत्ति ने उनके वैश्विक सपनों को हकीकत में बदला है।

प्रमुख आकर्षण:

ऐतिहासिक पहल: किसी राज्य द्वारा विदेश में अपनी अस्मिता और विकास पर केंद्रित पहला बड़ा आयोजन।

युवा शक्ति: उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं ने मुख्यमंत्री को राज्य के विकास में भागीदार बनने का भरोसा दिया।

संस्कृति का संरक्षण: आधुनिकता के बीच अपनी परंपरा और जड़ों के प्रति गर्व का भाव।

लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा

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लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।

भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।

युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।

रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।

विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:

विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।

शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।

तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।

यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण

झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।

POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ

यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:

"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"

झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति

बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:

पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।

मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।

शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।

"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन

प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।

सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर

झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।

उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।