25 जनवरी को मनाया जाएगा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस, ‘My India, My Vote’ थीम पर होंगे प्रदेशव्यापी कार्यक्रम

लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में 25 जनवरी 2026 को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “My India, My Vote” निर्धारित की गई है। इस अवसर पर स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में मतदाता जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने बताया कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

* विद्यालयों में प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों को दिलाई जाएगी शपथ

निर्देशों के अनुसार स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में वाद-विवाद, परिचर्चा, निबंध लेखन, चित्रकला, गीत एवं नाटक (स्किट) जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई हिन्दी एवं अंग्रेजी में राष्ट्रीय मतदाता शपथ विद्यार्थियों को दिलाई जाएगी, जिससे उनमें लोकतांत्रिक चेतना का विकास हो सके।

* शासकीय कार्यालयों में 11 बजे दिलाई जाएगी मतदाता शपथ

राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 25 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे राष्ट्रीय मतदाता शपथ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि 25 जनवरी को साप्ताहिक अवकाश है, इसलिए आयोग के निर्देशानुसार 23 या 24 जनवरी 2026 को भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है।

#NVD2026 के साथ सोशल मीडिया पर साझा होंगी गतिविधियां

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मतदान के महत्व को दर्शाने वाले आधिकारिक लोगो के उपयोग के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के फोटोग्राफ्स और वीडियो को #NVD2026 हैशटैग के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व वेबसाइट पर साझा किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के कार्यक्रमों का प्रभावी और समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करें, ताकि मतदाता जागरूकता को नई मजबूती मिल सके।
प्रमुख सचिव श्रम ने ईएसआई औषधालय सरोजनी नगर का किया निरीक्षण

* नई पैथोलॉजी लैब व फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन, समयबद्ध इलाज के निर्देश

लखनऊ। श्रम विभाग की कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के अंतर्गत बीमित श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने गुरुवार को ईएसआई औषधालय, सरोजनी नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नव स्थापित पैथोलॉजी लैब एवं फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन किया।

निरीक्षण के समय विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह, अनुसचिव शिव सूरत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि नई पैथोलॉजी लैब में एचबीए1सी मशीन, सेमी ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और फुली ऑटोमेटिक हिमैटोलॉजी एनालाइजर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को जांच की सुविधा औषधालय स्तर पर ही मिलेगी।

फिजियोथेरेपी यूनिट में शार्ट वेव डायथर्मी, ट्रेक्शन मशीन, वैक्स बाथ, आईएफटी व टेन्स मशीन, इंफ्रारेड लैम्प और ट्रेडमिल जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे रोगियों को बेहतर उपचार मिलेगा।

प्रमुख सचिव ने ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी, आयुर्वेदिक यूनिट एवं पंजीकरण काउंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मरीजों से संवाद कर दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और प्रतीक्षा समय की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों को समयबद्ध, पारदर्शी और सम्मानजनक सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा तथा डिजिटल पंजीकरण और ऑनलाइन रेफरल प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

प्रमुख सचिव ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बीमित व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
पशुधन मंत्री ने 14 जनपदों में 18 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का किया लोकार्पण, प्रत्येक में 400 गोवंश संरक्षण की क्षमता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को पशुपालन निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 14 जनपदों में नवनिर्मित 18 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन केंद्रों पर कुल 28 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत आई है और प्रत्येक केंद्र में लगभग 400 गोवंश के संरक्षण की क्षमता है।

लोकार्पण के अंतर्गत मिर्जापुर में 3, बरेली और कानपुर देहात में 2-2 तथा आजमगढ़, कासगंज, उन्नाव, बुलंदशहर, श्रावस्ती, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, फिरोजाबाद, रायबरेली और बदायूं में 1-1 वृहद गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

* गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : धर्मपाल सिंह

इस अवसर पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में गोवंश के भरण-पोषण, संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। गोशालाओं में चारा, भूसा, प्रकाश, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि कोई भी गोवंश भूखा न रहे। मंत्री ने संबंधित जनपदों के ग्राम प्रधानों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं केयरटेकरों से संवाद कर गोवंश के रखरखाव और स्थानीय सहयोग पर भी चर्चा की।

* 7497 गोआश्रय स्थलों में 12.38 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 630 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 421 का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 410 केंद्र क्रियाशील किए जा चुके हैं। प्रत्येक केंद्र की निर्माण लागत 160.12 लाख रुपये है। प्रदेश में 0.5 हेक्टेयर भूमि पर स्थायी गोआश्रय स्थल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 6503 अस्थायी गोआश्रय स्थल, 421 वृहद गोसंरक्षण केंद्र, 259 कांजी हाउस तथा शहरी क्षेत्रों में 314 कान्हा गोआश्रय स्थल सहित कुल 7497 गोआश्रय स्थलों में 12,38,447 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं।

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,13,631 लाभार्थियों को 1,81,418 निराश्रित गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। गोवंश के भरण-पोषण पर प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

* खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान (एफएमडी) के 7वें चरण (2025-26) का भी शुभारंभ किया, जो 22 जनवरी से 8 मार्च 2026 तक संचालित होगा।

* गोआश्रय स्थलों को स्वावलंबी बनाने पर जोर

मंत्री ने कहा कि गोआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से गोदीप, धूपबत्ती, गोलॉग, गमले, वर्मी कम्पोस्ट और सीबीजी उत्पादन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इन गतिविधियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भागीदारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गोसंरक्षण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दें।

इस अवसर पर विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर निदेशक डॉ. संगीता तिवारी, योजनाधिकारी डॉ. पी.के. सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपी दिवस पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में बहेगी संस्कृति और सुरों की सरिता, लोक कलाओं से सजेगा मंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में प्रदेश की विकास यात्रा की झलक के साथ गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सुरमयी धारा बहेगी। संस्कृति विभाग द्वारा यूपी दिवस को भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रमों में गांव से लेकर मंडल स्तर तक चयनित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक आयोजनों में प्रदेश की विलुप्त होती लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्य-नाट्य और प्राचीन वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। विभिन्न संगीत घरानों के कलाकार शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और लोक संगीत के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।

* लोक कला और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच : जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार यूपी दिवस को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति–हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के माध्यम से प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के मूल निवासी किशोर (14 से 20 वर्ष) और युवा (21 से 25 वर्ष) कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्ययंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। चयनित प्रतिभागियों को 24 से 26 जनवरी 2026 के बीच राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, लखनऊ में सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

* संस्कृति उत्सव से विरासत को नई पहचान

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के माध्यम से प्रदेश की लोक और शास्त्रीय कलाओं को सशक्त मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

यूपी दिवस के अवसर पर होने वाले ये सांस्कृतिक आयोजन उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
एन जे एस तेलीबाग का दबदबा, एवेंजर 11 को 128 रन से दी करारी शिकस्त

जिज्ञासा कप – सीजन 1, मैच 5

लखनऊ। जिज्ञासा कप– सीजन 1 के पाँचवें मुकाबले में एन जे एस तेलीबाग और एवेंजर 11 के बीच खेले गए मैच में एन जे एस तेलीबाग ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी एन जे एस तेलीबाग की टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए निर्धारित ओवरों में 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभय यादव ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 57 गेंदों में 72 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। उनका भरपूर साथ आशुतोष पांडे ने निभाया, जिन्होंने 44 गेंदों पर 59 रन बनाकर पारी को मजबूती दी।

एवेंजर 11 की ओर से गेंदबाज़ी में यजत सिंह और दीपक ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि अंश और जिगर को 1-1 विकेट से संतोष करना पड़ा।

257 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी एवेंजर 11 की टीम शुरुआत से ही दबाव में नज़र आई और एन जे एस तेलीबाग के गेंदबाज़ों के सामने पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम केवल 129 रन पर सिमट गई।

एन जे एस तेलीबाग की ओर से गोकुल ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए गेंदबाज़ी में 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके, वहीं बल्लेबाज़ी में 51 गेंदों पर 43 रन की उपयोगी पारी खेली।

इस तरह एन जे एस तेलीबाग ने एवेंजर 11 को 128 रन से पराजित कर मुकाबला अपने नाम किया।

मैन ऑफ द मैच:
* गोकुल – शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए
KGMU ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे निशुल्क इलाज की नई व्यवस्था, 26 जनवरी से पहले लागू करने की तैयारी

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब 24 घंटे तक शुरुआती इलाज निशुल्क मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटा है, जिसे 26 जनवरी से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज का परचा बनते ही उसका एक वर्चुअल खाता खोला जाएगा। पहले चरण में इस खाते में 10 हजार रुपये डाले जाएंगे। इसी राशि से मरीज की जांच और दवाओं की रसीदें जारी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर खाते में अतिरिक्त धनराशि भी डाली जाएगी, ताकि इलाज में किसी तरह की बाधा न आए।

इस योजना का लाभ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सभी मरीजों और घायलों को मिलेगा। हालांकि, इंप्लांट का खर्च इस निशुल्क इलाज व्यवस्था में शामिल नहीं होगा।

नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए परचा और रसीद से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से संस्थान पर हर माह करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, लेकिन इससे आपातकालीन मरीजों को तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

KGMU प्रशासन का मानना है कि इस पहल से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी और इलाज में होने वाली देरी भी कम होगी
वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह बने एनयूजे उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष

एनयूजे प्रयागराज के कैलेन्डर का नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने किया अनावरण


लखनऊ । उतर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, उत्तर प्रदेश (एनयूजे) की प्रदे श कार्यकारिणी बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से अहम निर्णय लिए गए। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन से जुड़े विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित होटल द कॉन्टिनेंटल में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारियों के साथ-साथ अधिकांश जनपद इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन ने किया। इस दौरान संरक्षक अजय कुमार, अशोक अग्निहोत्री और के. बख्श सिंह संरक्षत्व में मंच साझा किया गया। मंच पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान भी मौजूद रहे। इसी बीच प्रयागराज इकाई के कोषाध्यक्ष मनोज कुमार का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।
के. बख्श सिंह बने कार्यवाहक अध्यक्ष
बैठक की शुरुआत में प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक कुमार जैन ने के. बख्श सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष नामित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे संरक्षक अजय कुमार ने समर्थन दिया। सभागार में मौजूद सभी सदस्यों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रस्ताव का स्वागत किया। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में आगे की कार्यवाही संचालित करने की बात कही।
संगठन और ट्रस्ट विवाद पर तीखे विचार
इसी बीच, प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि किसी भी निजी ट्रस्ट को पत्रकार संगठन की मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो पत्रकारों के जायज़ मुद्दों को मजबूती से उठा सके। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अतुल मोहन सिंह ने संगठन में समान सम्मान और समभाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य सदस्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शीर्ष नेतृत्व।

प्रदेश सचिव राकेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश सैनी, प्रयागराज जिलाध्यक्ष कुंदन श्रीवास्तव, चंदौली जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, सुल्तानपुर सदस्य अरुण जायसवाल एवं श्याम चंद्र श्रीवास्तव, आजमगढ़ से आये डॉ. संतोष श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने संगठनात्मक एकता, पारदर्शिता और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। इसके बाद लखनऊ की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा ने सभी जनपद इकाइयों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

“हम रेखा मिटाने में नहीं, नई रेखा बनाने में विश्वास करते हैं”

संरक्षक अजय कुमार ने कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकता में होती है। उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह को संगठन का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से पत्रकारों की समस्याओं का समाधान होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह ने कहा कि वे किसी बड़े वादे की बजाय सदस्यों की उम्मीदों, आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का ईमानदार प्रयास करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा ऐलान

संरक्षक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि विवाद की जड़ बने नवगठित ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही उत्तर प्रदेश इकाई के चुनाव कराए जाएंगे, जो केंद्रीय पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होंगे। लखनऊ इकाई की ओर से कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा, महामंत्री श्यामल त्रिपाठी और कोषाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव और संगठन मंत्री अनिल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिव सागर सिंह, पंकज सिंह चौहान, पूनम कुमारी, शिवेंद्र पाण्डेय, आलोक श्रीवास्तव, मनीषा सिंह, टीटू शर्मा, नागेंद्र सिंह, किरन सिंह, फरहान इराकी, रोलैंड डिसूजा, सचिन भार्गव, के.के. सिंह समेत बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
महोबा में दबंगों का खौफनाक हमला: पिता की तेरहवीं पर बेटे की चाकुओं से हत्या, 5 घायल
लखनऊ /महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लेवा गांव में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पिता की तेरहवीं के दिन 25 वर्षीय विकास यादव को दबंगों ने चाकुओं से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव के प्रयास में आए 5 अन्य परिजन भी घायल हो गए।

घटना के अनुसार, राम कृपाल की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दबंग अजय यादव और उसके साथियों ने धारदार हथियार से लैस होकर विकास पर हमला कर दिया। युवक की पिटाई होती देख परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन वे भी हत्यारे के कोप का शिकार हुए। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद जान-माल की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

परिजन घायल लोगों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनिल (22) को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं मृतक के भाई आकाश (23), सुर्जन सिंह (45) और बाबू (22) का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पिता की तेरहवीं पर पुत्र की हत्या से पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुलपहाड़ क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
सहारनपुर में खून से सनी सुबह: किराए के मकान में अमीन ने पूरे परिवार को गोलियों से भून डाला? मां-पत्नी और दो मासूम बेटों की लाशें मिलीं
लखनऊ /सहारनपुर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में मंगलवार की सुबह ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक किराए के मकान के अंदर संग्रह अमीन समेत उसके पूरे परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव मिलने से हड़कंप मच गया। एक ही घर में मां, पत्नी और दो नाबालिग बेटों की लाशें देख पड़ोसियों की रूह कांप उठी।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए

मृतकों की पहचान नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। घर का नजारा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

कमरे के अंदर बिखरा खून, अलग-अलग जगह मिले शव

पुलिस के अनुसार, अमीन अशोक और उनकी पत्नी अंजिता का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि वृद्ध मां और दोनों नाबालिग बेटे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी या सीने पर गोली लगी, जबकि मां, पत्नी और दोनों बच्चों के माथे पर गोली मारी गई है। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

तीन तमंचे बरामद, मोबाइल जब्त

घटनास्थल से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं, जो शवों के पास ही पड़े मिले। फॉरेंसिक टीम ने पूरे घर को सील कर दिया है और सभी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर एंगल से सबूत जुटा रहे हैं।

आत्महत्या या सामूहिक हत्या? उलझी गुत्थी

पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या—दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि क्या अशोक ने पहले अपने परिवार को गोली मारी और फिर खुद को मौत के घाट उतार लिया, या फिर इसके पीछे कोई और खौफनाक साजिश है? अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

शांत था परिवार, कोई विवाद नहीं

पड़ोसियों के मुताबिक, अशोक का परिवार बेहद शांत स्वभाव का था। किसी से कोई झगड़ा या विवाद सामने नहीं आया था। दोनों बेटे पढ़ाई में अच्छे थे—देव कस्बे के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था, जबकि कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ता था। अचानक हुई इस सामूहिक मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।

इलाके में मातम और दहशत

घटना के बाद सरसावा कस्बे में शोक और दहशत का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पूरा परिवार गोलियों का शिकार हो गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर परत को खोला जाएगा और सच सामने लाया जाएगा, चाहे वह कितना भी भयावह क्यों न हो।