योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर उत्तर प्रदेश


*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 50 करोड़ तक सरकारी सहायता और स्टार्टअप्स को 5 साल की फंडिंग से यूपी बनेगा ग्रीन एनर्जी हब*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में देश की अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टेट बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी के तहत शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे और ग्रीन हाइड्रोजन स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से विकसित होगी स्वदेशी और सस्ती तकनीक*

योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीकों का विकास करना और लागत को न्यूनतम करना है। ये केंद्र देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। यहां होने वाला शोध उद्योग की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे तकनीक को सीधे व्यावहारिक उपयोग में लाया जा सके।
सरकार इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इस राशि से हाई-एंड रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

*स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन*

ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत स्टार्टअप्स को भी विशेष बढ़ावा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े स्टार्टअप्स को पांच साल तक हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। शर्त यह होगी कि स्टार्टअप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के इनक्यूबेटर से जुड़ा हो। इससे युवाओं को शोध आधारित उद्यमिता के अवसर मिलेंगे और उद्योग जगत को नई स्वदेशी तकनीक उपलब्ध होगी।

*नेट जीरो लक्ष्य में यूपी की अहम भूमिका*

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का निर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गोरखपुर जिले में प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है, जिससे लगभग 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी कई अन्य योजनाएं भी प्रदेश में पाइपलाइन में हैं।

*ग्रीन जॉब्स और राष्ट्रीय मिशन को मिलेगी मजबूती*

रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए न सिर्फ ग्रीन जॉब्स का सृजन होगा, बल्कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। यह पहल प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी की राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
RTE के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित, आवेदन 2 फरवरी से

*तीन चरणों में होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लॉटरी से मिलेगा प्रवेश*

लखनऊ। प्रदेश में शिक्षा के समान अवसर और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का अवसर मिलेगा।

विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। कक्षा-1 अथवा पूर्व-प्राथमिक स्तर पर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित हो सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को समयसीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

*तीन चरणों में आवेदन*
RTE प्रवेश के लिए अभिभावकों को तीन चरणों में आवेदन का अवसर मिलेगा—

प्रथम चरण: 2 से 16 फरवरी

द्वितीय चरण: 21 फरवरी से 7 मार्च

तृतीय चरण: 12 से 25 मार्च

*आवश्यक दस्तावेज*
आवेदन के लिए माता या पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा पेंशन या दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।

*शुल्क पूरी तरह निःशुल्क*
RTE के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। निजी विद्यालयों को प्रति छात्र निर्धारित धनराशि शासन द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।

*योजना का उद्देश्य*
इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के माध्यम से उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।

*मंत्री और महानिदेशक का बयान*
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि RTE के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को मजबूत करती है।

वहीं, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए पूरी समय-सारणी जारी की गई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।

*आयु सीमा*
नर्सरी: 3 से 4 वर्ष

LKG: 4 से 5 वर्ष

UKG: 5 से 6 वर्ष

कक्षा-1: 6 से 7 वर्ष
(आयु की गणना 01 अप्रैल 2026 से होगी)

*पात्रता*
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, सामाजिक-शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, अनाथ बच्चे, अलाभित समूह, दिव्यांग, तथा दिव्यांगता/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चे पात्र माने गए हैं।
लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था फिर हुई ध्वस्त, सीएम आवास से सिविल अस्पताल तक लगा भीषण जाम
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर मंगलवार को भीषण जाम देखने को मिला, जिससे राहगीरों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सिविल अस्पताल के आसपास स्थिति सबसे अधिक खराब रही। यहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। जाम के चलते आम नागरिकों के साथ-साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और एंबुलेंस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन समय पर उचित प्रबंधन न होने के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जाम खुलवाने में काफी समय लगा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
इजराइल में दिखेगी यूपी की साइबर शक्ति, दुनिया सीखेगी भारत का साइबर सुरक्षा मॉडल

*‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में यूपी के सुपर कॉप करेंगे भारतीय साइबर टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन*

लखनऊ। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा मंचों में शामिल ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में इस बार भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की साइबर ताकत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी। 26 से 28 जनवरी 2026 तक इजराइल के तेल अवीव में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी के साइबर विशेषज्ञ भारत की साइबर सुरक्षा क्षमताओं, तकनीक और अनुभव को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।

सम्मेलन में भारत से दो दिग्गज साइबर विशेषज्ञ चीफ मेंटर के रूप में भाग लेंगे। इनमें भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक माधवन उन्नीकृष्णन नायर और उत्तर प्रदेश से एशिया के साइबर कॉप के रूप में विख्यात प्रो. त्रिवेणी सिंह शामिल हैं। दोनों विशेषज्ञ वैश्विक साइबर वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और टेक्नोलॉजी लीडर्स के समक्ष भारतीय साइबर सुरक्षा मॉडल और व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे।

*20 से अधिक देशों के साइबर विशेषज्ञ होंगे शामिल*

इस वैश्विक सम्मेलन में अमेरिका, जापान, स्पेन, इटली, इंग्लैंड, जर्मनी, साइप्रस, स्कॉटलैंड, वेल्स, उत्तरी आयरलैंड, रोमानिया, फिलीपींस, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम, लातविया, नीदरलैंड, अल्बानिया, उरुग्वे, हंगरी सहित 20 से अधिक देशों के शीर्ष साइबर एक्सपर्ट्स भाग लेंगे।

*सीएम योगी के विजन से मजबूत हुआ ‘साइबर सेफ यूपी’*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेफ्टी को प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे का अहम हिस्सा बनाया गया है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्क वेब, साइबर अपराध और आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यूपी में सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है।
इसी क्रम में प्रो. त्रिवेणी सिंह द्वारा चलाया जा रहा ‘साइबर सेफ उत्तर प्रदेश’ अभियान देशभर में एक मॉडल के रूप में उभरा है, जिसकी जानकारी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा की जाएगी।

यूपी के साइबर सिस्टम को समझेगी दुनिया
प्रो. त्रिवेणी सिंह अपने 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर बताएंगे कि किस तरह उत्तर प्रदेश ने साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और टेक्नोलॉजी आधारित अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रभावी सिस्टम विकसित किया है। वहीं, माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत के राष्ट्रीय साइबर फ्रेमवर्क और नीति अनुभव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

*नेतन्याहू की मौजूदगी में साइबर सहयोग पर मंथन*

सम्मेलन में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत समेत 20 से अधिक देशों के बीच साइबर सिक्योरिटी सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।

भारत को ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में कदम
यह सम्मेलन भारत की साइबर शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ देश को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसमें साइबर टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और बिजनेस अवसरों को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
एटा में घर में घुसकर चार लोगों की हत्या, दंपती, पुत्रवधू और नातिन की मिली खून से सनी लाशें

लखनऊ ।  एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नगला प्रेमी में सोमवार को दिनदहाड़े घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। इसमें तीन लोगों की माैके पर ही माैत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर घायल को अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उसको भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। श्याम देवी का सिर फटा हुआ था। अन्य शव भी खून से लथपथ थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से चार लोगों की हत्या की गई है। दिनदहाड़े चार लोगों की हत्या से क्षेत्र में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग माैके पर पहुंच गए।

पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम और डाॅग स्क्वायड भी माैके पर जांच में जुटे हैं।गंगा सिंह का 10 वर्षीय नाती देवांश सोमवार को स्कूल से लौटा। उसने घर का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद गेट खोलकर अंदर घुस गया। वहां जाकर देखा सामने वाले कमरे में बाबा गंगा सिंह शाक्य मृत अवस्था में पड़े थे। इसके अलावा दादी श्यामा देवी, मां रत्ना और बड़ी बहन ज्योति पहली मंजिल पर खून से लथपथ पड़े हुए थे।  यह देख कर उसकी चीख निकल गई। बाहर आकर गली में बैठे हुए लोगों को बताया।

यह सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची तो श्यामा देवी की सांस चल रही थी। श्यामा देवी को तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया। यहां कुछ समय चले उपचार के बाद उनकी भी मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर कोतवाली नगर पुलिस के अलावा डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम व अन्य थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। घटना की गहनता के साथ छानबीन की जा रही है। पुलिस की टीम मोहल्ले में आसपास के घरों में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है।
यूपी दिवस-2026 पर दिल्ली हाट में सजेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और विकास गाथा

सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन और प्रवासी यूपीवासियों का सम्मान



लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यूपी दिवस-2026 के अवसर पर 24 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली हाट को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर सजाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध लोकनृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प और विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि समारोह में 18 से 20 देशों के भारत में पदस्थ राजनयिकों, प्रवासी भारतीयों, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों एवं उत्तर प्रदेश के विशिष्टजनों की सहभागिता प्रस्तावित है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी दिवस को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने विदेशों में भी इसे उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की है। इसी क्रम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सेशेल्स सहित लगभग 12 देशों में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को यूपी दिवस के आयोजन हेतु पत्र भेजे गए हैं।

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूपी दिवस मनाने से प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क में मिली मान्यता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन संभावनाओं को विश्व पटल पर स्थापित करेगी।
मेरठ में बुजुर्ग ने एमए छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो भेजकर किया परेशान

लखनऊ । मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति पर एमए की पढ़ाई कर रही एक छात्रा को मोबाइल मैसेजिंग ऐप के जरिए आपत्तिजनक वीडियो और संदेश भेजने के आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया गया है कि आरोपी करीब 70 वर्ष का है और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हो चुका है। वह छात्रा का पड़ोसी है और अपने परिवार के साथ रहता है। छात्रा का कहना है कि शुरू में उसे लगा कि वीडियो गलती से भेजी गई होगी, लेकिन इसके बाद लगातार उसके नंबर पर अश्लील वीडियो आने लगे। कुछ वीडियो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी भेजी गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।

घटना से आहत छात्रा ने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद सोमवार को परिवार के लोग आरोपी के घर पहुंचे और उसके बेटे से बातचीत करने की कोशिश की। आरोप है कि बुजुर्ग ने सामने आने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

इसके बाद पीड़िता के परिजन गंगानगर थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने बुलाया। छात्रा ने पुलिस को अपना मोबाइल सौंपा, जिसमें आरोपी के नंबर से भेजे गए वीडियो और संदेश मौजूद पाए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा की ओर से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दिया गया था।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की भी जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। थाने में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके चलते एहतियात के तौर पर आरोपी के बेटे को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।

पीड़िता के पिता ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
शहरी गरीबों को पक्का घर देने की मुहिम तेज, यूपी बना आवास निर्माण में अग्रणी राज्य
* पीएम आवास योजना–शहरी 2.0 के तहत  18 जनवरी को 2 लाख लाभार्थियों को मिलेगी पहली किश्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी गरीबों के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को एक नई निर्णायक गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक के तहत लगभग 02 लाख लाभार्थियों को प्रथम किश्त की धनराशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
इस अवसर पर 18 जनवरी, 2026 को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अपराह्न 03:00 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रति लाभार्थी एक लाख रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जारी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहाँ विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को समान प्राथमिकता दी गई है। गरीबों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान बनाई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 17.67 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17.01 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं—जो देश में सर्वाधिक हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उत्तर प्रदेश को वर्ष 2019 और 2021 में लगातार दो बार राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य’ का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डीबीटी और पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभार्थियों को पारदर्शी ढंग से धनराशि हस्तांतरित करने तथा 38,876.23 करोड़ रुपये की राशि के प्रभावी उपयोग में भी प्रदेश देश में अग्रणी रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 एक मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध रूप से लाभ प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल धनराशि वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सार्वजनिक प्रमाण भी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। योजना के अंतर्गत 36.57 लाख आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 36.37 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से 90 प्रतिशत आवासों का निर्माण मात्र 10 महीनों के भीतर पूरा हुआ है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे तेजी से आवास निर्माण करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी पहुंचे
*शुक्रवार को  विभिन्न वार्डों के औचक निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जमीनी हकीकत को देखा*


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी में सफाई व्यवस्था एवं दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति परखने हेतु अचानक  पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को जोन एक के विभिन्न वार्डों में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने हेतु प्रातः 7:00 बजे औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों एवं लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगायी थी।

प्रभारी मंत्री शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लेने हेतु आज पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी पहुंचे और वहां की जमीनी हकीकत को जाना। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया की सफाई कार्य जारी था तथा काफी हद तक सफाई करा दी गई है और अवैध कब्जे को नगर निगम द्वारा हटा दिया गया है।

सुरेश कुमार खन्ना ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि अवैध कब्जे से मुक्त कराए गए स्थान पर ओपन जिम बनवाई जाए । इसके साथ ही जाली के माध्यम से इसकी बैरिकेटिंग भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि 20 दिन बाद संबंधित स्थान का पुनः निरीक्षण किया जाएगा। स्वच्छता संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में विशेष रुचि लेकर अधिकारी कार्य करें मॉनिटरिंग से परिणाम बेहतर होते हैं। संबंधित अधिकारी लगातार अपने क्षेत्र में स्थलीय निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं।