मेला रामनगरिया मेंआपातकाल लोकतंत्र सेनानी समिति का हुआ आयोजन
फर्रुखाबाद l मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में लोकतंत्र सेनानी सम्मलेन/गंगा प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन रविवार को किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व सुधीर बालियान एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आपातकाल लोकतंत्र सेनानी समिति के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर मिश्र एडवोकेट ने की।
गोष्ठी के प्रारंभ में दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के लिए 2 मिनट का मौन रखकर उनके प्रति श्रद्धाजलि अर्पित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सुधीर बालियान ने कहा कि लोकतंत्रिक अधिकारों की अहमियत लोकतंत्र सेनानियों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को अनेकों प्रकार की अमानवीय यातनाए देकर आन्दोलन को कमजोर करने का प्रयास किया, किन्तु लोकतंत्र सेनानियों ने तानाशाह को उखाड़ के ही दम लिया। सत्ता के दमन के आगे न झुकने वाले लोकतंत्र सेनानी आज कि पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
कार्यक्रम संयोजक ब्रज किशोर मिश्र एडवोकेट ने कहा कि 25 जून 1975 को आजाद भारत एक बार फिर आंतरिक गुलामी की बेडियों में जकड़ गया था। उन्होंने कहा तानाशाही सरकार ने "न अपील, न वकील, न दलील के सिद्धांत पर आपातकाल का विरोध करने वाले समस्त राजनेताओ, विद्याथियो को जेल की काल कोठरियों में डाल दिया किन्तु 7 तालों के भीतर कुम्भकरणी नींद सोयी सरकार को उखाड़ फेकने की कसम खा चुके लोकतंत्र रक्षक "हटे नहीं, डिगे नहीं, डटे रहे"। गंगा में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाईयों द्वारा छोड़े जाने वाला औद्योगिक कचरा प्रदूषण के मुख्य कारण है जिन पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीर प्रदूषण फैलाने वाले जिन उद्योगों की पहचान की है उनपर सरकार को सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने यह सिद्ध कर दिया कि संविधान केवल कागज नहीं बल्कि जनता कि चेतना है और ऐसे कार्यक्रमों से लोकतान्त्रिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। उन्होंने माँ गंगा के जल कि शुद्धता को लेकर कहा कि भारत में अनादिकाल से ही गंगा जीवनदायिनी और मोक्ष दायिनी रही है, माँ गंगा भारतीय संस्कृति, सभ्यता और अस्मिता की प्रतीक रही हैं। माँ गंगा की स्वच्छता को लेकर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार लगातर कड़े कदम उठा रही है फलस्वरूप गंगा जल की शुद्धता में दिनोदिन सुधार हो रहा है।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय शारीरिक प्रमुख सर्वेश जी ने कहा कि अहिंसक आन्दोलन कर जेल जाने वाले लोगों को रात-रात भर बर्फ की सिल्लियों से बाँध कर लिटाना, नाखूनों में कील ठोकना, पंखो से उल्टा लटकाने जैसी ना जाने कितनी ही अमानवीय यातनाए लोकनायक जयप्रकाश तथा अन्य अनेको लोकतंत्र समर्थक राजनैतिक बंदियों को आपातकालीन अवधि में दी गई।
कार्यक्रम को आर एस एस के विभाग प्रचारक राहुल ने संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान जेल कि सलाखों के पीछे भी लोकतंत्र कि लौ को बुझने नहीं दिया। नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरुरी है कि आज जो स्वतंत्रताएं सहज लगती है वे संघर्ष और बलिदान से मिली है और यदि हम सजग नहीं रहे तो लोकतंत्र पुनः खतरे में पड़ सकता है।
गंगा प्रदूषण निवारण समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष बाजपेयी ने कहा कि गंगा जी की अविरल और निर्मल सतत् धारा के बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती इसलिए माँ गंगा की स्वच्छता सबका सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी राम सनेही कनौजिया (जिलाध्यक्ष कन्नौज), मधु राठौर (जिलाउपाध्यक्ष कन्नौज), राम लखन मिश्रा, राजेंद्र त्रिपाठी, चंद्रशेखर कटियार, वीरेंद्र कटियार, अरुण कटियार, राम सिंह बाथम, विजय वर्मा, आशा दुबे, दुरुपा बाथम, मकबूल बेग, सतीश शुक्ला, मनोरमा मिश्रा, लाल मोहम्मद, रवि मिश्रा, राहुल मिश्रा, रजनीश बाजपेई आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया गया।
2 hours and 17 min ago
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