मतदाता बूथ पर जाकर अपनी मतदाता सूची में नाम सही करा सकते


फर्रुखाबाद।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत दावे और आपत्तियी प्राप्त करने की अवधि 6 फरवरी 2020 तक है। आयोग द्वारा दावे और आपत्तियों प्राप्त करने हेतु विशेष अभियान तिथियां निर्धारित की गयी है जो यभावत है- 18 से 31 जनवरी 2026 और एक फरवरी 2026 आयोग के निर्देशानुसार उक्त विशेष अभियान तिथियों पर जनपद के समस्त मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रात 10.30 बजे से साय 0430 बजे तक अपने संबधित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहकर निर्वाचक नामावली तथा गणना।अवधि के दौरान अपर्याप्त Uncollectable श्रेणी में मार्क किये गये निर्वाचकों की सूची तथा अनुपस्थित / शिफ्टेड / मृतक / डुप्लीकेट की सूची को पढ़कर सुनाया जायेगा तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि किसी भी चूक या गलती का पता बते तो उसके सबभ ने सुधारात्मक कार्यवाही की जायेगी।

आयोग द्वारा 04 अर्हक तिथिया निर्धारित की गयी है। एतत्दारा दावे और आपत्तिया प्रापा करने की उपरोक्त अवधि के दौरान यदि कोई मतदाता 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अतिरिक्त 01 अप्रैल, 2020. 01 जुलाई, 2026 व 01 अक्टूबर, 2025 को अहं हो रहे हैं. तो ऐसे मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 (अनुलग्नक-IV), नाम अपमार्जित कराने हेतु प्रारूप-7 तथा निर्वाचक नामावली की किसी प्रविष्टि में संशोधन करने / मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन / दिव्याग मतदाताओं के चिन्हांकन करने/ निवास परिवर्तन हो जाने के सबंध मे फार्म-8 एवं घोषणा पत्र भरकर सम्बन्धित यूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा कर सकता है।

आयोग के निर्देशानुसार समय-समय पर जनपद के समस्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय दलों के अध्यक्ष / सचिव के साथ जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठके आयोजित की जाती रही है। जिलाधिकारी  द्वारा जनपद के समस्त राजनैतिक दलों से भी अनुरोध किया गया कि उनके द्वारा नामित बूथ लेविल ऐजेण्ट के माध्यम से  विशेष अभियान की तिथियों में अधिक से अधिक सख्या में प्रारूप 6 भरवाने में सहयोग प्रदान करे।

मतदाता सूची में पंजीकरण कराने या किसी भी प्रकार की प्रविष्टि में राशोधन इत्यादि के लिए ऑनलाइन माध्यम से आयोग के ऐप Voter Helpline App एप वेपसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी फार्म-6, फार्म-7 व कार्म-8 घोषणा-पत्र सहित सम्पिट किया जा सकता है।
सीता हरण की कथा को सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रही सुधाकर मिश्र और सुशील मिश्र के तत्वाधान में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी ने बताया रामचंद्रजी के बनवास काल के समय लंका नरेश रावण रामचंद्रजी की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले जाता है। भगवान श्री राम अपनी पत्नी सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराने हेतु भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान एवं वानरों की सेना के साथ मिलकर रावण वध किया।

आचार्य ने  आगे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजा। मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण बेहोश हो गए। उनका उपचार करने के लिए हनुमान विभीषण के कहने पर सुषेण वैद्य को भवन सहित उठा लाए। उन्होंने सूर्योदय से पहले हनुमान से संजीवनी लाने को कहा। इस पर हनुमान पूरा का पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

संजीवनी के उपचार से लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद उन्होंने मेघनाद का वध कर दिया। आखिर में स्वयं रावण युद्ध भूमि में आया। राम का प्रताप देख वह आकाशमार्ग में पहुंच गया जहां पहुंचकर प्रभु श्री राम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसकी नाभि का अमृत सोख लिया और उसका वध कर दिया। रावण वध का प्रसंग सुनते ही भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और पूरा आयोजन स्थल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

लंका विजय के बाद जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके भाई भरत अपने प्राण त्यागने जा रहे थे। तब भगवान राम ने हनुमान जी को भेजकर उनके प्राणों की रक्षा की।

इस दौरान आयोजक सुधाकर मिश्र, सुशील मिश्र और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धांलुओं के साथ साथ पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ रविंद्र शुक्ल, अंजनी कुमार सिंह जिला अधिकारी मैनपुरी, अनुपम राहुल राजपूत चेयरमैन संकिसा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सीएम डैशबोर्ड में जनपद का 18 वा स्थान,विद्युत विभाग सहित एक दर्जन विभागों की रैंक खराब, मुख्य विकास अधिकारी ने दी सभी को चेतावनी

फर्रूखाबाद l सी0एम0 डैऊशबोर्ड के विकास कार्यो की नवंबर माह की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ कीअध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित किया गया जिसमे विकास कार्यों में जनपद ने 18वां स्थान प्राप्त किया है।

बैठक  में 29 विभागों की 77 योजनाओं की समीक्षा की गई,समीक्षा में सबसे खराब डी0 श्रेणी में  उद्योग विभाग की ओ0डी0ओ0पी0 टूल किट योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना  में आई,समाज कल्याण विभाग  की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 24 रैंक आई,सामान्य वर्ग दशमोत्तर  छात्रवृत्ति योजना में 38रैंक आई,अनुसूचित जाति पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 59 रैंक आई,  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 40 रैंक आई,पूर्व दशम छात्रवृतियोजना में 63 रैंक आई, जल निगम ग्रामीण विभाग का कार्यक्रम जल जीवन मिशन की रैंक 60 प्राप्त हुई है ।

ग्राम्य विकास विभाग का कार्यक्रम डे एन आर एल एम आरएफ सी आई एफ में रैंक में सुधार हुआ और 12 रैंक आई है,अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यक्रम दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ती योजना में 35,पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 48  रैंक प्राप्त हुई है, उद्योग विभाग  ओ0डी0ओ0पी0 वित्त पोषण योजना में 67 रैंक आई,  चिकित्सा विभाग का कार्यक्रम एम्बुलेंस 102 में 23 एवं एम्बुलेंस 108 में 12 रैंक आई है,विद्युत विभाग के खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों में 75 रैंक व विद्युत आपूर्ति ग्रामीण में 52 रैंक आई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उक्त विभागों के अधिकारियों से नाराजगी जताई व अगले माह रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिये।इस मौके पर पी0डी0 डी0आर0डी0ए0, जिला विकास अधिकारी व संवंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बहन को परीक्षा दिलाने आए भाई के साथ मारपीट,गाड़ी में टक्कर लगने के बाद हुआ विवाद
*बचाने आए सिपाही के साथ भी हुई मारपीट

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज चौराहे पर दो गाड़ियों के टक्कर के बाद दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।बताते चलें कि बलरामपुर निवासी विवेक अपनी बहन नुपुर को परीक्षा दिलाने गोंडा आया था कि स्थानीय जनपद निवासी एक अज्ञात व्यक्ति ने विवेक की गाड़ी में टक्कर मार दिया था।गाड़ी में टक्कर लगने के बाद जब विवेक ने विरोध किया तो अज्ञात व्यक्ति ने गाली गलौज करते हुए विवेक व उसकी बहन नुपुर के साथ मारपीट किया।इस विवाद के दौरान बीच बचाव करने आये मिर्जापुर में तैनात एक सिपाही के साथ भी लोगों ने मारपीट किया।सिपाही को थप्पड़ मारते और विवेक व नुपुर के साथ विवाद करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।नुपुर शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक 2025 की परीक्षा देकर लौट रही थी कि तभी यह घटना हुई।सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच प्रारम्भ कर दिया है।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी पक्ष की तरफ से अभी तक नगर कोतवाली में कोई भी शिकायती प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है।तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने बीच बचाव का भी प्रयास किया था।
समाधान दिवस की शिकायतों को अधिकारी त्वरित निस्तारण करें डीएम
फर्रूखाबाद l तहसील  कायमगंज में सम्पूर्ण समाधान दिवस जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता और कायमगंज विधायक डॉक्टर सुरभि गंगवार की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस दौरान 9 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया l जिला अधिकारी ने तहसील दिवस में राजस्व विभाग की 18, पुलिस विभाग की 11,विद्युत विभाग की 23, विकास विभाग की 14,आपूर्ति विभाग की 04,नगर पालिका/नगर पंचायत की 05 व अन्य विभागों की 12 कुल 87 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमे से 09 का मौके पर निस्तारण हुआ।
जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर निस्तारण करने के आदेश संवंधित अधिकारियो को दिये।
साथ ही विधायक, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा 40 गरीब व निराश्रित लोगों को कंबल वितरण किया गया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी,उप जिलाधिकारी व संवंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अवैध खनन कर रहे दो ट्रैक्टर को पकड़ा,की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन/ परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतू चेकिंग अभियान  के दौरान थाना शमसाबाद क्षेत्र के अंतर्गत 2 ट्रेवटर मय पिली बालू /बालू एवं थाना कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक ट्रेवटर मय बालू के अवैध परिवहन मे खनन अधिकारी द्वारा वाहनों को सम्बधित थाना की अभिरक्षा मे दिया गया है। इस कार्यवाही से विभाग को लगभग 78000 रुपए जुर्माने के रूप मे प्राप्त हुआ l
पर्यावरण को स्वच्छ पर हुई प्रतियोगिता, प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित दिलाई गई  शपथ
फर्रुखाबाद l विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तत्वाधान में और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जिला विज्ञान क्लब फ़र्रुख़ाबाद द्वारा आरपी इंटर कॉलेज कमालगंज में आज विज्ञान लोकप्रियकरण एवं विज्ञान जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य आर.पी.डिग्री कॉलेज कमाल गंज डॉ. सूरजभान सागर द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।जिला विज्ञान क्लब की जिला समन्वयक दीपिका राजपूत ने कार्यक्रम की प्रस्तावना के अंतर्गत बताया कि विज्ञान लोकप्रिय करण एवं विज्ञान जन जागरूकता हेतु ब्लॉक कमाल गंज के 4 विद्यालय आर.पी.इंटर कॉलेज कमालगंज श्री फ़िरोज़ गांधी जनता इंटर कॉलेज ,आदर्श जनता इंटर कॉलेज रानूखेड़ा डी.पी.एस.इंटर कॉलेज मूसाखिरिया के छात्र छात्राओं ने स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन विषय पर व्याख्यान मॉडल पोस्टर तथा निबंध लेखन आदि गतिविधियों में प्रतिभाग किया।आरपी इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट के द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतिकरण किया गया ।जिसे सभी के द्वारा सराहा गया।पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि पवित्र पावनी गंगा तट को स्वच्छ रखना है तथा प्लास्टिक थैले के स्थान पर कपड़े के थैले का प्रयोग करने का संकल्प करना है।विशेषज्ञ के रूप में जीव विज्ञान प्रवक्ता हरेंद्र प्रताप सिंह ने संतुलित आहार और योग द्वारा जीवन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया।प्रधानाचार्य कैप्टन बलविंदर सिंह ने छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन कर धन्यवाद ज्ञापित किया।व्याख्यान गतिविधि में नैन्सी श्री फ़िरोज़ गांधी जनता इंटर कॉलेज,मॉडल में जावित्री तथा निबंध में नंदनी आरपी इंटर कॉलेज,पोस्टर में जैनब डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम की सराहना की गई।तथा सभी प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर प्रधानाचार्य सत्य प्रकाश वर्मा आशुतोष पांडे उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन संजीव कुमार ने किया कार्यक्रम की व्यवस्था में रामबीर सिंह अमिताभ सिंह राजेश कुमार पाण्डेय राधा यादव रणजीत सिंह सुनील कुमार दिव्या शर्मा राजेश कुमार शिवराम बर्मा पी डी अमित कुमार राजकुमार यादव देवेश कुमार सनी बाथम ने सहयोग किया।
सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान मे  मेला श्रीरामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में गंगा गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्त ईश्वरदास महाराज जी ने की। कार्यक्रम में गंगा ग्राम से आये  युवाओं एवं अन्य युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य, गीत एवं भाषण के माध्यम से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि आधुनिक युग में हम सभी आगे बढ़ रहे हैं परंतु कहीं न कहीं हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।हम सभी प्रतिदिन कई माध्यमों से प्रदूषण का उत्पादन करते हैं जिसके जरिए पर्यावरण को नुक़सान पहुंचता है। हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि ऐसा उपयोग करना चाहिए जिससे प्रदूषण कम हो। पालिथीन का प्रयोग नही करना चाहिए। कपड़े व कागज के थैले का प्रयोग करना चाहिए। गंगा नदी में एवं अन्य नदियों में किसी भी प्रकार की अपशिष्ट वस्तुएं नहीं विसर्जित करनी चाहिए। मेला श्रीराम नगरिया में आए हुए श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया। महंत ईश्वरदास महाराज जी ने जागरूक करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति,अपना पर्यावरण को बचाने का प्रयास करना चाहिए।हमें अपने  जल,जगंल,जमीन को संरक्षित करना  चाहिए।अपनी आने वाली पीढ़ी  को भी इसके लिए शिक्षित करना चाहिए । कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत भारती मिश्रा, जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी,जिला गंगा विचार मंच के संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति करने वाले  युवाओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कार किया गया। कार्यक्रम में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती दीप्ति वत्स, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित,जिला स्काउट मास्टर सुधीर कुशवाहा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।कार्यक्रम में गंगा योद्धा सुमित कुमार, मीना कटियार,दीक्षा, दिव्या,अस्मित, रचना, घनश्याम,वैभव,विकास आदि ने सहयोग किया।
भरत राम संवाद की कथा सुनकर श्रोताओं के आंखों में झलक उठे अश्रु, आज एक जमीन के टुकड़े के लिए लोग लड़ाई लड़ते हैं लेकिन भरत ने भाई के लिए राज्य छो

फर्रुखाबाद ।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा में सप्तम दिवस की कथा में अंतराष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने बड़े ही भाव पूर्ण वाणी में भरत चरित्र का वर्णन किया। चित्रकूट में भरत और श्री राम का मिलाप का संवाद सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। कथा में आचार्य ने कहा कि भरत जी को जब पता चला कि मेरी माता ने राम जी को बन भेज दिया है तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भरत जी ने चित्रकूट जाने के लिए सबको तैयार किया और चित्रकूट में जाकर राम जी से मिले। भरत जी को देखकर राम जी के धनुष बाण गिर पड़े ।

भरत जी ने वापस लौटने की प्रार्थना की , पर राम जी ने कहा यदि मैं अयोध्या लौट चलूंगा तो शबरी माता को दर्शन कैसे दे पाउंगा। भगवान ने अपनी चरण पादुका देकर भरत जी को अयोध्या लौटाया। आचार्य मनोज अवस्थी जी ने बताया भरत के समान  कोई दूसरा भाई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भरत चरित्र को नियम से सुनने से राम जी के चरणों में प्रेम उत्पन्न हो जाता हैं।

भरत चरित्र की विस्तृत व्याख्या करते हुए आचार्य मनोज  अवस्थी जी महाराज ने  कहा कि आजकल एक इंच ज़मीन के टुकड़े के लिए कोर्ट तक लड़ाई होती है , पर राम जी ने भरत जी के लिए अपने अधिकार का राज्य छोड़ दिया और भरत जी ने भी उस राज्य को अपने बड़े भाई को वापस लौटा दिया। समाज में तीन राम और तीन भरत हुए । पहले राम थे परशुराम , दूसरे राम हुए दशरथ पुत्र राम और तीसरे बलराम । इसी प्रकार तीन भरत हुए पहले जड़भरत, दूसरे शकुन्तला पुत्र भरत और तीसरे दशरथ पुत्र भरत। आचार्य  ने कहा कि दूसरों के सुख से सुखी होना और दूसरों के दुख से दुखी होना ही संत होने के लक्षण है। संतत्व के गुण उस व्यक्ति में आ सकते हैं जो  सच्चे मन से कथा और सत्संग सुनता है। श्री राम कथा मन को निर्मल बनाकर दोषों को दूर करती है। हमारा समाज स्वर्ग से सुंदर बन जाए यदि समाज के लोग एक दूसरे के दुख सुख को अपना दुख सुख समझ लें ।


आज की कथा में अपार जनमानस के साथ साथ वीरेंद्र सिंह विभाग संघचालक फिरोजाबाद विभाग,गोपाल शर्मा उप जिला अधिकारी किशनी, नीरज द्विवेदी उप जिला अधिकारी कुरावली, अखिल गोयल नायब तहसीलदार कुरावली, पत्रकार आशुतोष तिवारी, अशोक दीक्षित, शैलेश गंगवार उपस्थित रहे।