शहरी गरीबों को पक्का घर देने की मुहिम तेज, यूपी बना आवास निर्माण में अग्रणी राज्य
* पीएम आवास योजना–शहरी 2.0 के तहत  18 जनवरी को 2 लाख लाभार्थियों को मिलेगी पहली किश्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी गरीबों के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को एक नई निर्णायक गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक के तहत लगभग 02 लाख लाभार्थियों को प्रथम किश्त की धनराशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
इस अवसर पर 18 जनवरी, 2026 को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अपराह्न 03:00 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रति लाभार्थी एक लाख रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जारी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहाँ विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को समान प्राथमिकता दी गई है। गरीबों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान बनाई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 17.67 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17.01 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं—जो देश में सर्वाधिक हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उत्तर प्रदेश को वर्ष 2019 और 2021 में लगातार दो बार राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य’ का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डीबीटी और पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभार्थियों को पारदर्शी ढंग से धनराशि हस्तांतरित करने तथा 38,876.23 करोड़ रुपये की राशि के प्रभावी उपयोग में भी प्रदेश देश में अग्रणी रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 एक मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध रूप से लाभ प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल धनराशि वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सार्वजनिक प्रमाण भी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। योजना के अंतर्गत 36.57 लाख आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 36.37 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से 90 प्रतिशत आवासों का निर्माण मात्र 10 महीनों के भीतर पूरा हुआ है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे तेजी से आवास निर्माण करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी पहुंचे
*शुक्रवार को  विभिन्न वार्डों के औचक निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जमीनी हकीकत को देखा*


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी में सफाई व्यवस्था एवं दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति परखने हेतु अचानक  पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को जोन एक के विभिन्न वार्डों में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने हेतु प्रातः 7:00 बजे औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों एवं लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगायी थी।

प्रभारी मंत्री शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लेने हेतु आज पुनः डायमंड डेरी कॉलोनी पहुंचे और वहां की जमीनी हकीकत को जाना। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया की सफाई कार्य जारी था तथा काफी हद तक सफाई करा दी गई है और अवैध कब्जे को नगर निगम द्वारा हटा दिया गया है।

सुरेश कुमार खन्ना ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि अवैध कब्जे से मुक्त कराए गए स्थान पर ओपन जिम बनवाई जाए । इसके साथ ही जाली के माध्यम से इसकी बैरिकेटिंग भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि 20 दिन बाद संबंधित स्थान का पुनः निरीक्षण किया जाएगा। स्वच्छता संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में विशेष रुचि लेकर अधिकारी कार्य करें मॉनिटरिंग से परिणाम बेहतर होते हैं। संबंधित अधिकारी लगातार अपने क्षेत्र में स्थलीय निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं।
लखनऊ होटल हयात में वरिष्ठ मैनेजर का शव मिला, परिजनों के आगमन पर होगी पोस्टमार्टम कार्रवाई
लखनऊ । राजधानी थाना विभूतिखण्ड के क्षेत्र में शुक्रवार को एक होटल के कमरे में 45 वर्षीय युवक के मृत पाए जाने की सूचना ने सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों को सक्रिय कर दिया। जानकारी के अनुसार, आज सुबह लगभग 10:30 बजे होटल हयात से पुलिस को सूचना मिली कि होटल में ठहरे एक व्यक्ति कमरे में बेसुध अवस्था में पड़े हैं।

मृतक 14 जनवरी से होटल हयात में ठहरे हुए थे

सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अचेत अवस्था में पाया और तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।जांच में मृतक की पहचान मोहम्मद फ़हिम्मुद्दीन ज़ाहिद, पुत्र नजीरुद्दीन मोहम्मद, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी ठाणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। वह बजाज फाइनेंस कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और कार्यालयी कार्य से लखनऊ आए थे। मृतक 14 जनवरी से होटल हयात में ठहरे हुए थे।

शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई

शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और पोस्टमार्टम नियमानुसार संपन्न कराया जाएगा। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और वे कर्नाटक से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। परिजनों के आगमन के बाद आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक और अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
तेज रफ्तार ट्रक पलटा, 3 की मौत, 2 घायल, उरई में नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा

प्याज से लदा ट्रक टायर फटने से अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड़े लोगों पर पलटा, मौके पर अफरा-तफरी


लखनऊ । उरई जिले के एट थाना क्षेत्र के ग्राम जखोली के सामने शुक्रवार दोपहर नेशनल हाईवे पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ। झांसी की ओर से कानपुर जा रहे प्याज से लदे ट्रक का टायर अचानक फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे किनारे खड़े लोगों पर पलट गया।हादसे में दो महिलाओं और ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो युवक-युवती गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, ग्राम जखोली निवासी अनंतराम की बहन लौंगश्री (45) और उनकी भाभी माया देवी (65) अपनी नातिन वंदना (20) और नाती अरमान सिंह (18) के साथ घर लौटने के लिए नेशनल हाईवे किनारे वाहन का इंतजार कर रही थीं। इसी समय झांसी की ओर से आ रहे ट्रक का टायर फटने से हादसा हुआ।

घटना में माया देवी और लौंगश्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वंदना और अरमान गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक की भी घटनास्थल पर मृत्यु हुई, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से उरई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। गंभीर हालत में वंदना को झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर लगा जाम खुल पाया और यातायात बहाल हुआ। हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों और घायलों के परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस मामले की पूरी तरह जांच कर रही है।
राजभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक सजेगी प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026


* प्रदेशभर के उद्यानों व गृहवाटिकाओं के बीच होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक

लखनऊ। राजभवन प्रांगण, लखनऊ में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का आयोजन इस वर्ष भी 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पत्र सूचना शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में प्रदेश भर के व्यक्तिगत बंगलों, गृहवाटिकाओं, कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों, पब्लिक पार्कों के साथ-साथ प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थलों के उद्यानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इन सभी श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक उद्यान एवं गृहवाटिका प्रेमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 3:00 बजे तक चलेगी। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी http://upflowershowlko.com पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण के पश्चात आवेदकों को पंजीकरण आवेदन की एक प्रति कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। पंजीकृत उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की जजिंग 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को निर्णायक टोलियों द्वारा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0522-2975506 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में कानपुर ने रचा नया कीर्तिमान, सोलर रूफटॉप स्थापना में प्रदेश में तीसरा स्थान

* 64 मेगावाट सौर उत्पादन से 20,756 घर बने पावर यूनिट, 80 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दी जनपदवासियों को बधाई



लखनऊ/कानपुर नगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप स्थापना के क्षेत्र में कानपुर नगर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश नेडा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 20,756 से अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 64 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इस उपलब्धि के साथ कानपुर नगर प्रदेश में सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उल्लेखनीय प्रगति पर कानपुरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि शहर की छतें अब छोटे-छोटे पावर हाउस के रूप में विकसित हो रही हैं, जो आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली प्राप्त हो रही है, जिसका वार्षिक आर्थिक मूल्य 34 से 38 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। यदि इतनी बिजली पारंपरिक स्रोतों से खरीदी जाती, तो सरकार और उपभोक्ताओं को भारी खर्च वहन करना पड़ता। सोलर रूफटॉप लगाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी उल्लेखनीय कमी आ रही है।

फरवरी 2024 से शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत कानपुर नगर में सोलर स्थापना की गति लगातार तेज बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवासों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों और हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया में भी सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे शहरी स्तर पर विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 64 मेगावाट सौर उत्पादन से सालाना करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है, जो लगभग 35 लाख पेड़ लगाने के बराबर लाभ प्रदान करती है। इससे प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रति किलोवाट सोलर सिस्टम से औसतन रोजाना 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सोलर सिस्टम की लागत लगभग 60 से 65 हजार रुपये प्रति किलोवाट है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा एक किलोवाट पर कुल 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी तथा अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, बैंकों के माध्यम से 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

नेडा, कानपुर नगर के परियोजना अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और जिले में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
70वें जन्मदिन पर मायावती का ऐलान—बीएसपी अकेले लड़ेगी सभी चुनाव, मैं न झुकूंगी न डरूंगी
लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मायावती ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं के नाम और स्वरूप में थोड़ा बदलाव कर उन्हें लागू किया जा रहा है, लेकिन योजनाओं का वास्तविक लाभ हर पात्र व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान संतों और महापुरुषों के नाम पर अनेक स्मारक व स्थल बनाए गए, जिनकी आज विरोधी पार्टियां नकल कर रही हैं। मायावती ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति “मुंह में राम, बगल में छुरी” जैसी है।

बसपा सुप्रीमो ने दो टूक कहा, “मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी दलों द्वारा किए जा रहे षड्यंत्रों का लेखा-जोखा वे अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट के संदर्भ में सामने रखेंगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क और सचेत रहने की अपील की।

कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि ये दोनों दल बीएसपी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं, इसलिए बीएसपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव सहित भविष्य के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ेगी और किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रमुख मायावती का 70वां जन्मदिवस देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।

* ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मायावती बोलीं—बीएसपी सरकार ही दे सकती है सुरक्षा
लखनऊ में ब्राह्मण समाज के विधायकों की बैठक के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैठक में ब्राह्मण समाज की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

मायावती ने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही किसी के “बाटी-चोखा” के लालच में पड़ना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज पर किसी भी प्रकार का अत्याचार न हो, इसके लिए प्रदेश में बीएसपी की सरकार का होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की नीतियां सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली हैं और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा व सम्मान पार्टी की प्राथमिकता रही है। मायावती के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

* मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मची अफरातफरी
बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्रेसवार्ता समाप्त होने के ठीक पहले शॉर्ट सर्किट हो गया। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में धुआं भर गया, जिससे कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तत्काल उपयोग किया गया, जिससे किसी भी बड़ी घटना को टाल दिया गया।

धुएं के फैलते ही सुरक्षा घेरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कुछ ही देर में हालात पूरी तरह सामान्य हो गए।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से समाप्त किया गया।
सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस भर्ती बोर्ड ने जारी किए महत्वपूर्ण निर्देश

लखनऊ। पुलिस भर्ती बोर्ड ने सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार यह परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी।

परीक्षा में कुल 160 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय दिया जाएगा। परीक्षा ओएमआर शीट आधारित होगी।

लिखित परीक्षा चार विषयों पर आधारित होगी, जिसमें हिंदी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक योग्यता एवं मानसिक योग्यता शामिल हैं। प्रत्येक विषय का प्रश्नपत्र 100-100 अंकों का होगा। हर विषय से 40-40 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक सही उत्तर पर 2.5 अंक प्रदान किए जाएंगे।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि लिखित परीक्षा में प्रत्येक विषय में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा, वहीं कुल मिलाकर अभ्यर्थियों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे।
योगी सरकार में पीड़ितों को न्याय सर्वोपरि — मंत्री नरेन्द्र कश्यप
* सरधना पहुंचकर मंत्री ने मृतक सोनू के परिजनों को बंधाया ढांढस, निष्पक्ष जांच के निर्देश

* एक लाख रुपये की निजी आर्थिक सहायता प्रदान की

लखनऊ / मेरठ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बुधवार को मेरठ जनपद के सरधना क्षेत्र में युवक सोनू कश्यप की हत्या की दुखद घटना के बाद मृतक के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने मौके पर उपस्थित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष, गंभीर एवं त्वरित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार कानून के शासन और जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है, इसलिए किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी चाहे जो भी हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मंत्री कश्यप ने मृतक सोनू के परिजनों को अपनी ओर से एक लाख रुपये की निजी आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन स्तर से मिलने वाली सभी वैधानिक सहायता एवं सुविधाएं भी परिवार को उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अपराधियों को सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को संबल और भरोसा देना है।

इस अवसर पर मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर राजनीति करने का प्रयास करते हैं, जबकि योगी सरकार संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों के साथ खड़ी होकर ठोस कार्रवाई करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मंत्री कश्यप ने विश्वास जताया कि प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलेगा और प्रदेश में कानून का राज और अधिक सुदृढ़ होगा।
लेबर अड्डों पर जागरूकता एवं पंजीयन शिविर आयोजित
* निर्माण श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

* कन्या विवाह, मातृत्व, शिक्षा व गंभीर बीमारी योजनाओं का प्रचार


लखनऊ। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा पंजीयन/नवीनीकरण के उद्देश्य से बुधवार को लेबर अड्डा मोहनलालगंज, लेबर अड्डा बुद्धेश्वर एवं लेबर अड्डा बाराबिरवा, आशियाना में जागरूकता अभियान एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान श्रमिकों को कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना तथा अटल आवासीय विद्यालय योजना सहित बोर्ड की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही योजनाओं से संबंधित पम्पलेट वितरित किए गए और पात्र श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण भी कराया गया।

जागरूकता शिविर में विशेष रूप से अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु कक्षा-06 एवं कक्षा-09 में प्रवेश के लिए अधिकाधिक आवेदन कराने पर जोर दिया गया। बोर्ड में न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके श्रमिकों को अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवेदन करने हेतु प्रेरित किया गया।

शिविर के आयोजन में विज्ञान फाउंडेशन एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रीमती शक्तिराय, श्री संतोष कुमार एवं श्री सुनील कुमार उपस्थित रहे। अधिकारियों ने श्रमिकों से समय पर पंजीयन एवं नवीनीकरण कराने की अपील की।

अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र, कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का पंजीकृत होना एवं पंजीयन का नियमानुसार नवीनीकरण अनिवार्य है। श्रमिक अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण सी.एस.सी. ई-डिस्ट्रिक्ट सेंटर, सी.एस.सी. ई-गवर्नेंस सेंटर अथवा बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in के माध्यम से करा सकते हैं।

इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों ने भाग लिया और योजनाओं के प्रति रुचि दिखाते हुए पंजीयन प्रक्रिया का लाभ उठाया।