मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।




















1 hour and 41 min ago
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