बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत रविवार को ज्ञानपुर स्थित गांधी पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर महत्वकांक्षी योजनाओं को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लगातार कमजोर किया जा रहा है। मजदूरों को समय से काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों का जीवन संकट में है। कोऑर्डिनेटर सुरेश चंद्र मिश्रा व पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे ‘राजन’ ने कहा कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस साजिश के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। मांग किया कि मनरेगा में तत्काल पर्याप्त बजट आवंटन किया जाए, मजदूरी की दर बढ़ाई जाए और लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। कहा कि जब तक सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक मनरेगा बचाओ संग्राम जारी रहेगा। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने किया। मौके पर राकेश मौर्य, विकास मिश्रा, दीनानाथ दुबे, प्रेम बिहारी उपाध्याय, राजेश दूबे, राजेश्वर दुबे, मुशीर इकबाल, सुबुकतगीन अंसारी, त्रिलोकी नाथ बिंद आदि रहे।
पत्थरों से इतिहास लिखने वाले गार्गोटी म्यूजियम के डायरेक्टर केसी पांडे का लल्लन तिवारी ने किया सम्मान

भायंदर। पत्थरों का महत्व निर्माण (मजबूती), इतिहास (स्मारक, शिलालेख), अर्थव्यवस्था (खनिज, उद्योग), संस्कृति (पूजा, कला), और दैनिक जीवन (आग जलाने से लेकर सजावट) तक फैला है, जो उन्हें मानव सभ्यता का एक अनिवार्य हिस्सा बनाता है, जो मजबूती, सौंदर्य और ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करते हैं। कीमती और मूल्यवान पत्थरों को सजाकर उसे प्रेरणादायक स्वरूप में प्रस्तुत करने वाले नाशिक के सुप्रसिद्ध गार्गोटी द मिनरल म्यूजियम के संस्थापक चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक केसी पांडे का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने मीरा रोड स्थित राहुल इंटरनेशनल स्कूल के आलीशान कार्यालय में सम्मान किया। इस अवसर पर आदित्य कॉलेज के चेयरमैन हरिश्चंद्र मिश्रा, समाजसेवी देवेंद्र तिवारी, युवा अधिवक्ता एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, एडवोकेट भारत पांडे, सुरेंद्र पांडे, रामराज पाल, सुधीर आनंद पांडे, एडवोकेट त्रिभुवन तिवारी, सुरेंद्र मिश्रा, जेबी यादव समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। श्री पांडे मुंबई के सुप्रसिद्ध उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी के निजी कार्यक्रम में भाग लेने मीरा रोड आए हुए थे।1960 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित सोहसा गांव में पुलिस अधिकारी रहे पंडित श्याम सुंदर पांडे के पुत्र के रूप में पैदा हुए केसी का बचपन से ही पत्थरों के प्रति अटूट प्रेम रहा। भारतीय नौसेना में चीफ एयर आर्टिफिशिर के रूप में 15 वर्षों तक देश की सेवा की। लोनावाला में प्रशिक्षण के दौरान पत्थरों के करीब आने का अवसर मिला। यहीं से शुरू हुई उनकी पत्थरों की एक नई दुनिया, जिसने उन्हें पूरे विश्व में चर्चित कर दिया। 9 साल तक श्री साईं बाबा संस्थान, शिर्डी के ट्रस्टी रहे। शिर्डी में 8 एकड़ के एरिया में उनका दूसरा प्रकल्प बन रहा है, जिसमें म्यूजियम के अलावा आलीशान होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। गार्गोटी म्यूजियम देखने के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि इस म्यूजियम में पत्थर भी बोलते हैं। संत राजेंद्र दास मलूक, स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जैसे अनेक आध्यात्मिक संतों ने गार्गोटी म्यूजियम के पत्थरों को अद्भुत बताया है। हर कंकर में शंकर की अनुभूति करने वाले केसी पांडे तमाम उपलब्धियों के बावजूद खुद को समाज का अदना सा सेवक मात्र मानते हैं।
साहित्यिक संस्था आगमन द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सफल

दिल्ली । साहित्यिक संस्था आगमन द्वारा वैदूर्य समारोह विगत 4 जनवरी 2026 को किया गया जिसमें देश के कोने-कोने से साहित्यकारों की उपस्थिति देखी गई।सूत्रों से ज्ञात हुआ कि संस्था द्वारा आगमन आयोजकों की कुछ कमियां थीं।जिससे उपस्थित साहित्यकार नाराज़ हुए।आगमन पर धन उगाही का आरोप लगाना गलत पाया गया ऐसा कुछ भी नहीं है संस्था ने स्वयं खर्च किया था और युवा साहित्यकार योगेश बहुगुणा योगी के नाम का इस्तेमाल किसी उपस्थित व्यक्ति ने किया जो सच नहीं है।योगेश बहुगुणा योगी उत्कृष्ट साहित्यकार हैं उनके द्वारा ऐसा नहीं कहा गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आगमन संस्था की न्यूज‌ जो लगी है घटना पूर्ण सत्य है‌ पर पैसे उगाही की बात नहीं‌ है किंतु धोखाधड़ी कवियों के साथ हुई यह सत्य है‌।सूचना के अनुसार कवियों के साथ‌ सम्मान जनक व्यवहार न करते हुए अंधेरे मे रखा गया। वीडियो और वहां के कवि साक्ष्य हैं।जो सूचना दी गई थी उसके ठीक उल्टा व्यवहार‌ किया गया।साहित्यिकारों ने बताया कि आयोजन सराहनीय था राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के साथ सम्मान समारोह आयोजित किया गया था किन्तु आयोजन समिति के ज्यादा नजदीक एवं पहचान वाले कवियों को मंच दिया गया।
बस व डीसीएम में जबरदस्त टक्कर, डीसीएम चालक गंभीर रूप से घायल *बस चालक मौके से हुआ फरार

गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवां गौराचौकी मार्ग पर फुटहिया बाजार महुलीखोरी के पास सुबह लगभग 9.30 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें मसकनवां से लखनऊ जा रही अवध एक्सप्रेस बस व मसकनवां से गोंडा जा रही डीसीएम के बीच आमने सामने जोरदार टक्कर हो गयी।हादसे के बाद अवध एक्सप्रेस बस का चालक मौके से फरार हो गया तो वहीं डीसीएम चालक विजयपाल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया ले जाया गया।बस में सवार किसी भी यात्री को किसी तरह की कोई चोट नहीं लगी है।टक्कर इतनी भीषण थी कि बस व डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।डीसीएम चालक बोरे लादकर ले जा रहा था कि तभी यह हादसा हो गया।इस हादसे के कारण लगभग दो घंटे तक मसकनवां से गोंडा, लखनऊ व बस्ती जाने वाले लोगों को आवागमन में अत्यधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।घटना की सूचना मिलने पर पहुंची छपिया थाने की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बस व डीसीएम को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करवाया।इस संबंध में छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि अवध एक्सप्रेस बस प्रतिदिन मसकनवां से लखनऊ जाती है।पुलिस ने डीसीएम चालक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच प्रारम्भ कर दिया है और फरार बस चालक की तलाश जारी है।
चार वर्ष से बंद पड़े राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज के एक बार पुनः संचालित होने के बने आसार

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। चार वर्ष से बंद पड़े राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज के  एक बार पुनः संचालित होने के बने आसार, ज्ञातव्य है कि, जनता जनार्दन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग्राम सिंह पटेल के अथक प्रयासों के  बाद भी नगर के मध्य बने राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होने के 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक संचालित नहीं हो सका था जिसको लेकर  संग्राम सिंह पटेल  द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर डिग्री कॉलेज को संचालित किए जाने की मांग की गई थी, जिसपर  संयुक्त निदेशक उत्तर प्रदेश शिक्षा डॉ अर्पणा मिश्रा के द्वारा अवगत कराया गया था कि, महाविद्यालय को हैंडओवर करने के लिए समिति का गठन कर दिया गया है और स्थानांतरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसपर संग्राम सिंह पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र देकर पुनः डिग्री कॉलेज को संचालित किए जाने कि मांग की थी, जिसके उपरांत विगत 26 नवंबर को विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन गिरजेश कुमार त्यागी ने निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश को  पत्र भेजकर प्रधान मंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत निर्माणाधीन राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज को पूर्ण कराने के लिए  9 करोड़ 72 लाख 86 हजार रुपए की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृत प्रदान की, इस संबंध में जनता जनार्दन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, डिग्री कॉलेज के नए मानकों के अनुसार सरकार द्वारा 9 करोड़ 72 लाख 86 हजार रुपए निर्माण कार्य पूरा कराए जाने का टेंडर भी जारी कर दिया गया है, शीघ्र ही डिग्री कालेज का कार्य पूरा होगा जिससे लहरपुर क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एक बार फिर राजकीय कन्या महाविद्यालय के संचालित होने की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर क्षेत्र की बालिकाओं में हर्ष की लहर।
सपा विधायक अनिल वर्मा व सपा नेता अतुल वर्मा ने किया व्यापक जनसंपर्क

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। किसान गोष्ठी को सफल बनाने के लिए सपा विधायक अनिल वर्मा व सपा नेता अतुल वर्मा ने किया व्यापक जनसंपर्क।

रविवार को सपा विधायक अनिल वर्मा व युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने क्षेत्र के ग्राम भुसैला,कंजा, बाजार पुरवा , मदारपुर, उमरिया, परसेंडी पुरवा, मुलाहिमपुर, तालगांव, मोहरैय्या, दोस्तपुर, टकेला, करस्यौरा,टकेली, गोकुलपुर, मुबारकपुर, मिरकिल्लीपुर, जमालापुर, बस्ती पुरवा, खपुरा,बरगदहा, मोहद्दीनपुर, अनिया कलां आदि ग्रामों में जनसंपर्क कर आगामी 15 जनवरी को होने वाली किसान गोष्ठी में प्रतिभाग करने की अपील की।
ज्ञातव्य है कि पूर्व सांसद किसान नेता अमर शहीद स्वर्गीय हरगोविंद वर्मा की 38 वीं पुण्यतिथि पर एक विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन नगर के तहसील मार्ग स्थित एक निजी लान में सपा विधायक अनिल वर्मा के द्वारा किया जा रहा है,  जिसके मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव होंगे।
आयोजक अनिल वर्मा ने बताया कि, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सांसद आनंद भदौरिया, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप, पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री रामहेत भारती, सदस्य विधान परिषद जास्मीर अंसारी, सपा जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव सहित भारी संख्या में किसान व सपा नेता भाग लेंगे।

लापता किशोर का मिला शव,परिजनों ने जतायी हत्या की आशंका *मामले की पुलिस ने शुरू किया जांच

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के नकहरा गांव में एक किशोर का शव पानी टंकी के नीचे मिलने से हड़कम्प मच गया है वहीं मृतक किशोर के परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त किया है।शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच प्रारम्भ कर दिया है।मृतक की पहचान गोपासराय गांव निवासी शिवा सिंह (15) के रूप में हुई है।मृतक के चाचा रामू सिंह ने बताया कि शनिवार देर रात लगभग 11 बजे से शिवा लापता था।जिसका काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चल रहा था जिसके कारण परिजन अत्यधिक परेशान चल रहे थे।परिजनों द्वारा एक पुलिसकर्मी रिश्तेदार के मदद से शिवा सिंह की मोबाइल लोकेशन निकलवाया गया जो नकहरा गांव स्थित पानी टंकी परिसर की निकली और वहां पहुंचने पर शिवा का शव पानी टंकी के नीचे पड़ा मिला।पुलिस को पानी टंकी के ऊपर से एक जैकेट और मोबाइल फोन मिला है।इससे यह आशंका जतायी जा रही है कि किशोर को ऊपर से नीचे फेंका गया होगा।
पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर हर पहलू पर जांच कर रही है।मृतक शिवा के माता पिता दिल्ली में रहते हैं और उन्हें घटना की सूचना उपलब्ध करवा दी गई है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही डाग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।सभी बिंदुओं पर नवाबगंज पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
भारत में स्कोडा ऑटो का सिल्वर जुबली साल अब तक का सबसे शानदार साल बन गया है

अपनी 25वीं सालगिरह पर 72,665 कारें बेचकर सालाना 107% की ग्रोथ दर्ज की
2025 एक बेशकीमती साल रहा: स्पष्ट बिज़नेस ज़रूरतों के मार्गदर्शन और काम, अलग पहचान और भरोसे के स्तंभों पर टिका हुआ
प्रोडक्ट का धमाल: काइलैक को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक, कुशाक और स्लाविया की लगातार डिमांड और ऑक्टेविया आरएस को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स
नेटवर्क ग्रोथ: 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स तक पहुँच
ग्राहक को प्राथमिकता: ग्राहक की खुशी पर ज़्यादा ध्यान देने के लिए कई पहल शुरू की गईं

उदयपुर, जनवरी, 2026: स्कोडा ऑटो ने 2025 को अपनी भारत यात्रा में अब तक का सबसे अहम् साल बताया। इसने देश में अपनी 25वीं सालगिरह को अपनी अब तक की सबसे मज़बूत सेल्स परफॉर्मेंस के साथ मनाया। ब्रैंड ने 2025 को 72,665 कारों की बिक्री के साथ पूरा किया, जो 2024 में बेची गई 35,166 यूनिट्स की तुलना में सालाना 107% की बढ़ोतरी है। यह शानदार परफॉर्मेंस 2025 को स्कोडा ऑटो इंडिया का अब तक का सबसे शानदार साल बनाती है, जो प्रोडक्ट्स, मार्केट्स और कस्टमर टचपॉइंट्स में हुई तेज़ी को उजागर करती है।

इस खास साल पर टिप्पणी करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर, आशीष गुप्ता ने कहा, “साल 2025 हमारे लिए हमेशा खास रहेगा। यह भारत में हमारी 25वीं सालगिरह है और हमने यह साल अब तक के सबसे बेहतर और अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ देखा है और अब हम नेटवर्क और मार्केट में अपनी सबसे बड़ी मौजूदगी के मामले में सबसे आगे हैं। इस सबने, हमारे ग्राहकों के भरोसे और प्यार के साथ मिलकर, इसे भारत में अब तक का हमारा सबसे शानदार साल बनाया है। काइलैक को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक के लिए लगातार तारीफ और ऑक्टेविया आरएस की वापसी के लिए जोश, ब्रैंड के साथ ग्राहकों के मज़बूत इमोशनल जुड़ाव को और पक्का करता है। इसके साथ ही, जिन कारों, कुशाक और स्लाविया से हमारी इंडिया 2.0 जर्नी शुरू हुई, उनकी लगातार डिमांड बनी हुई है। जैसे ही हम 2026 में कदम रख रहे हैं, हम इस मोमेंटम को नए प्रोडक्ट अटैक, बेहतर सेल्स और आफ्टरसेल्स इनिशिएटिव्स और अपनी पहुँच बढ़ाने और अपने ग्राहकों के करीब आने पर और भी ज़्यादा फोकस के साथ आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।”

अपनी पकड़ बनाए रखना
2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया का परफॉर्मेंस एक आसान प्रोडक्ट और नेटवर्क स्ट्रेटेजी पर आधारित था। काइलैक एक मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा, जिसने ब्रैंड की एक्सेसिबिलिटी को काफी बढ़ाया, जबकि कुशाक और स्लाविया के लिमिटेड एडिशन ने पूरे लाइन-अप में वैल्यू और फ्रेशनेस के अहसास को बढ़ाया। कोडियाक ने प्रीमियम एसयूवी स्पेस में स्कोडा की उपस्थिति को मजबूत किया और ऑक्टेविया आरएस की वापसी ने ब्रैंड की परफॉर्मेंस लेगेसी को फिर से रोशन कर दिया। साल के दौरान, स्कोडा ऑटो इंडिया ने 2021 से 200,000 से ज़्यादा लोकल तौर पर बनी कारों की बिक्री की उपलब्धि भी पार की, साथ ही 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट तक अपनी पहुँच बढ़ाई, जिससे पूरे भारत में यूरोपियन इंजीनियरिंग को पहुँचाने की उसकी प्रतिबद्धता और भी मज़बूत हुई। नेटवर्क विस्तार का एक बड़ा हिस्सा भारत में स्कोडा ऑटो के लंबे समय के डीलर पार्टनर्स के साथ किया गया है, साथ ही ग्राहक को महत्व देने के प्रूवन ट्रैक रिकॉर्ड वाले नए पार्टनर्स को भी शामिल किया गया है।

अलग पहचान बनाना
प्रोडक्ट्स के अलावा, 2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया ने सही विचारों वाली स्टोरी, सांस्कृतिक महत्व और ग्राहक को महत्व देने वाले अनुभवों के ज़रिए अपने ब्रैंड की आवाज़ को बेहतर बनाया। भारत दुनिया का पहला बड़ा स्कोडा मार्केट बन गया, जिसने अपडेटेड कॉर्पोरेट आइडेंटिटी और डिज़ाइन के साथ अपने नेटवर्क की 100% रीब्रांडिंग पूरी की, जिससे ग्राहकों के लिए एक जैसा और मॉडर्न ब्रैंड अनुभव मज़बूत हुआ। रणवीर सिंह के स्कोडा ऑटो इंडिया के पहले ब्रैंड सुपरस्टार बनने से कस्टमर कम्युनिकेशन में एक बड़ी छलांग लगी, जिससे ब्रैंड में युवा एनर्जी और सांस्कृतिक जुड़ाव आया। साल के आखिर में, इस रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए, ‘फैन्स, नॉट ओनर्स’ कैंपेन ने स्कोडा के साथ लोगों के गहरे इमोशनल जुड़ाव का जश्न मनाया जो ओनरशिप से कहीं ज़्यादा है। ब्रैंड ने ऑक्टेविया आरएस कैंपेन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सितार वादक ऋषभ शर्मा के साथ भी मिलकर काम किया, जिससे परफॉर्मेंस स्टोरीटेलिंग में एक मॉडर्न और भावपूर्ण नज़रिया आया और नए ऑडियंस से जुड़ने में मदद मिली।

भरोसे में मज़बूती
स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने डीलरशिप पर कुल सेल्स और आफ्टरसेल्स वर्कफोर्स को 7,500 से ज़्यादा प्रोफेशनल्स तक बढ़ाकर अपने सर्विस इकोसिस्टम को मज़बूत किया, जिन्हें साल भर के दौरान 25,000 से ज़्यादा ट्रेनिंग दिनों से सपोर्ट मिला। ब्रैंड ने बेहतर ओनरशिप फायदे भी पेश किए, जिसमें पूरी रेंज में एक्सटेंडेड स्टैंडर्ड वारंटी, साथ ही फीचर-लेड वैल्यू अपग्रेड शामिल हैं, जिनका मकसद ओनरशिप कॉस्ट कम करना और ओवरऑल सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। कई कोशिशों से ब्रैंड की इंजीनियरिंग और काबिलियत पर भरोसा और मज़बूत हुआ। उनमें से कुछ में स्कोडा लेह एक्सपीडिशन के फैन्स शामिल थे। इसे उमलिंग ला तक पहुँचने वाले सबसे बड़े काफिले के तौर पर इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पहचान मिली, जो उस समय दुनिया की सबसे ऊँची रोड थी, जिस पर गाड़ी चलाना मुमकिन था। ऐसी ही एक और पहल में कोडियाक माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ फेस बेस कैंप तक पहुँचने वाली पहली पेट्रोल-पॉवर्ड एसयूवी बन गई।

जैसे ही स्कोडा ऑटो इंडिया 2026 में कदम रख रहा है, ब्रैंड अपने सिल्वर जुबली साल में रखी गई मजबूत नींव को और मजबूत बनाने पर फोकस कर रहा है, जिसमें नए प्रोडक्ट लाना, सेल्स और आफ्टरसेल्स की पहल को बढ़ाना, मार्केट में गहरी पैठ बनाना और अपने ग्राहकों की बात सुनने और उनके साथ आगे बढ़ने पर लगातार जोर देना शामिल है।