विकसित भारत–‘जी राम जी’ अधिनियम से ग्रामीण भारत की बदलेगी तस्वीर: केशव मौर्य


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 यानी ‘जी राम जी’ अधिनियम ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक परिवर्तन का माध्यम बनेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की लगभग 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का ठोस रोडमैप है।

सोमवार को निरीक्षण भवन, उन्नाव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 के स्थान पर 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार वैधानिक गारंटी के साथ मिलेगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि गांवों से होने वाला पलायन भी रुकेगा। भुगतान प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे फर्जी भुगतान की कोई संभावना नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण श्रमिकों को आजीविका के लिए शहरों की ओर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने गांव में ही स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। गांव की गलियों को हाईवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। विकास के मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे सभी गांवों को समान विकास का अवसर मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों की वैज्ञानिक और प्रभावी योजना के लिए पीएम गति शक्ति योजना, जीआईएस और आधुनिक आईटी टूल्स का उपयोग किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत जॉब कार्ड तीन वर्षों की अवधि के लिए बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी’ अधिनियम से ग्रामीण क्षेत्रों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। विद्यालयों में अब केवल बाउंड्री वॉल ही नहीं, बल्कि किचन शेड, प्रयोगशाला और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक कार्यों का भी प्रावधान किया गया है।

भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम में बायोमेट्रिक सत्यापन, जीआईएस आधारित मोबाइल एप और फेस रीडिंग जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग होगा। इसमें एनजीओ की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम गांव, गरीब और श्रमिक के जीवन में निर्णायक परिवर्तन लाएगा। रोजगार के साथ सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा ग्रामीण भारत विकास की मुख्य धारा से जुड़ेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल नारा नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्वगुरु बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है, जिसके पथप्रदर्शक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। डबल इंजन सरकार के चलते उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। विकसित भारत–‘जी राम जी’ अधिनियम इसी संकल्प को धरातल पर उतारने वाला क्रांतिकारी कदम है।
लक्ष्य, संकल्प और निरंतर कर्म ही स्वामी विवेकानंद का संदेश: सीएम योगी

* राष्ट्रीय युवा दिवस पर सीएम ने 10 युवाओं व मंगल दलों को किया सम्मानित, खेल, पर्यावरण व जल संरक्षण पर बढ़ेगा फोकस

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का मूल संदेश है। जब तक इन तीनों का समन्वय नहीं होगा, तब तक सफलता संभव नहीं है। इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ युवा हर परिस्थिति में बदलाव के वाहक बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद और माता जीजाबाई को नमन किया तथा 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल और तीन महिला मंगल दल को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी और लघु फिल्म का भी अवलोकन किया।

सीएम योगी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको’ का मंत्र आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने की यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि भारत युवा शक्ति और आध्यात्मिक चेतना के बल पर विश्व गुरु बनेगा और आज यह संकल्प साकार होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आवाज आज पूरी दुनिया सुन रही है।

* खेल, पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर

सीएम ने कहा कि अगली बार से स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड में खेल, पर्यावरण और जल संरक्षण के कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। युवक व महिला मंगल दल गांवों में खेल मैदान, जल संरक्षण, नदी व कुओं के पुनरुद्धार और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाएं। उन्होंने जुलाई 2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य भी दोहराया।

* नशे के खिलाफ अभियान और रोजगार पर फोकस

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और इसके खिलाफ अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा समाज और राष्ट्र को खोखला करता है। सीएम ने बताया कि मिशन रोजगार के तहत यूपी में अब तक नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और निवेश व ओडीओपी के माध्यम से दो करोड़ युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब सिफारिश, अवैध वसूली और ‘महाभारत के रिश्ते’ नहीं चलेंगे, ऐसा करने वालों को जेल जाना पड़ेगा।

* तकनीक के साथ नैतिकता जरूरी

सीएम योगी ने युवाओं से एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी नई तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया, साथ ही कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
KGMU हंगामे पर डॉक्टरों का अल्टीमेटम, 24 घंटे में FIR नहीं तो OPD अनिश्चितकाल बंद
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हुए हंगामे के मामले में अब तक FIR दर्ज न होने से डॉक्टरों में भारी नाराज़गी है। इसी को लेकर KGMU के डॉक्टरों की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ा निर्णय लिया गया।

डॉक्टरों ने साफ कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर हंगामे के मामले में FIR दर्ज नहीं की गई, तो KGMU की OPD सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी। हालांकि, मरीजों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया गया कि इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की तरह चालू रहेंगी।

डॉक्टरों ने कल 13 जनवरी से ओपीडी बंद करने के साथ ही दोपहर 2 बजे एक और बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉक्टरों के इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के KGMU दौरे के बाद माहौल बिगड़ गया था। डॉक्टरों ने समर्थकों और कुछ हिंदू संगठनों पर हंगामा करने का आरोप लगाया है। कुलपति कार्यालय के बाहर कई घंटे तक हंगामा चला, जिससे विश्वविद्यालय का कामकाज ठप हो गया।

हंगामे के दौरान तोड़फोड़ किए जाने और कुलपति का CUG नंबर वाला मोबाइल फोन गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अब तक FIR न होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और FIR दर्ज होने पर टिकी हुई हैं।
लखनऊ विवि में 21 पुस्तकों का विमोचन, उच्च शिक्षा मंत्री बोले— नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी

* राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के बौद्धिक पुनर्जागरण का आधार : योगेंद्र उपाध्याय

लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य एक-दूसरे के पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है।

मंत्री उपाध्याय ने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान का मार्गदर्शक बनना होगा और ‘भारत बौद्धिक्स’ जैसी पहलें युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करेंगी।

कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों के बौद्धिक, संज्ञानात्मक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक सार्थक पहल बताया।

कार्यक्रम में भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने बताया कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। इसमें 100 अंकों में से 80 अंक बहुविकल्पीय और 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित होंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय 50 हजार रुपये, तृतीय 25 हजार रुपये और चतुर्थ 2,500 रुपये के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर महोत्सव-2026 में इतिहास और ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी

* गोरखनाथ से लेकर 1942 आंदोलन तक के ऐतिहासिक दस्तावेज बने आकर्षण

लखनऊ। गोरखपुर महोत्सव–2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार, संस्कृति विभाग द्वारा गोरखपुर के इतिहास एवं ‘वंदे मातरम्’ विषय पर आधारित विशेष अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 11 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक चंपा देवी पार्क, रामगढ़ ताल, गोरखपुर में आमजन के लिए खुली है।

प्रदर्शनी में गोरखपुर और पूर्वांचल के गौरवशाली इतिहास से जुड़े अनेक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें गुरु गोरखनाथ से संबंधित प्राचीन पांडुलिपि, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मयूटिनी नैरेटिव (गोरखपुर), क्रांतिकारी बंधू सिंह का चित्र एवं विवरण, जनपद गोरखपुर परिक्षेत्र के क्रांतिकारियों की सूची, चौरी-चौरा घटना से संबंधित अभिलेख तथा काकोरी कांड के क्रांतिकारियों के विवरण एवं उनकी गिरफ्तारी की तिथियाँ शामिल हैं।

इसके साथ ही गोरखपुर जेल से संबंधित अभिलेख, जहां पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी की सजा दी गई थी, 1942 के आंदोलन के दौरान देवरिया कचहरी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले क्रांतिकारी रामचंद्र और सोना विद्यार्थी से जुड़े दस्तावेज, गोरखपुर के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों तथा ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रीय आंदोलन, स्थानीय इतिहास और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी एवं आम नागरिक इस अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं।
अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं,भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई :योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।

गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।

‘जनता दर्शन’ में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने मुख्यमंत्री योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारते हुए चॉकलेट दी। योगी ने अभिभावकों से कहा कि सर्दी में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।--
देश का रोल मॉडल बना यूपी का सोलर मॉडल, बिहार–असम सहित कई राज्य ले रहे प्रशिक्षण


लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रूफटॉप सोलर को जनआंदोलन का रूप दे दिया है। यूपी का सोलर मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है।

बिहार और असम की मांग पर उत्तर प्रदेश के सोलर विशेषज्ञ वहां जाकर यूपी के सोलर मॉडल की कार्यप्रणाली की जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों ने भी इस मॉडल का अध्ययन करने की इच्छा जताई है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के एमडी एवं निदेशक इंद्रजीत सिंह के अनुसार, यूपी का मॉडल अब पूरे देश में एक सफल केस-स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

*ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि*


प्रदेश में अब तक रूफटॉप सोलर संयंत्र के लिए 10.43 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3.34 लाख से ज्यादा घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे 1,148.56 मेगावॉट सोलर क्षमता विकसित हुई है। केंद्र सरकार ने 2,285.46 करोड़ रुपये और राज्य सरकार ने लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को दी है।

*एक दिन में 1,868 इंस्टॉलेशन, विश्व रिकॉर्ड*


दिसंबर 2025 में यूपी ने एक ही दिन में 1,868 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। पूरे महीने में 31,165 इंस्टॉलेशन के साथ प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और सीमित कार्य समय जैसी चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि दर्ज की गई।

*188 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली, 1,225 करोड़ की बचत*


स्थापित सोलर क्षमता से हर वर्ष 188 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे 30–35 लाख शहरी परिवारों की बिजली जरूरतें पूरी हो रही हैं। उपभोक्ताओं को सालाना करीब 1,225 करोड़ रुपये की सामूहिक बचत हो रही है।

*रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा*


रूफटॉप सोलर परियोजनाओं से 1.25 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही सोलर से जुड़े उद्योगों को भी नई गति मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर सब्सिडी पर खर्च किया गया प्रत्येक एक रुपया ढाई से तीन रुपये तक की आर्थिक गतिविधि पैदा कर रहा है।

*पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका*


सोलर ऊर्जा से हर साल लगभग 16.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है, जो करोड़ों पेड़ लगाने के बराबर है। इससे उत्तर प्रदेश के नेट-जीरो लक्ष्य और जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूती मिली है। उत्तर प्रदेश का सोलर मॉडल आज न केवल ऊर्जा उत्पादन का माध्यम है, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण बनकर पूरे देश को दिशा दे रहा है।
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर बवाल, नया ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग

जल्दबाजी में बिल पारित हुआ तो देशव्यापी हड़ताल, 27 लाख बिजली कर्मियों के आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को लेकर पावर सेक्टर में विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नए ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के उद्देश्य से इस संशोधन बिल को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने की कोशिश की गई तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल को पत्र भेजकर मांग की है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर स्टेकहोल्डर्स से चर्चा से पहले संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी के माननीय सदस्यों की सूची सार्वजनिक करने और नए ड्राफ्ट पर कमेंट देने के लिए कम से कम 31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की है।
बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे केंद्रीय विद्युत मंत्री
फेडरेशन के अनुसार, संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने 9 अक्टूबर 2025 को विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर अपनी टिप्पणी देते हुए एक नया ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। इसी प्रस्तावित ड्राफ्ट के आधार पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर आगामी 22 और 23 जनवरी को देशभर के राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट के अनुरूप इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर आम सहमति बनाना है। साथ ही बिजली के निजीकरण, फ्रेंचाइजी मॉडल और निजीकरण के लिए सशर्त वित्तीय पैकेज जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बजट सत्र में इस बिल को संसद से पारित कराया जा सके।
किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं है। संगठन का कहना है कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक ओर विद्युत मंत्रालय स्टेकहोल्डर्स से पुराने मसौदे पर चर्चा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के बिजली मंत्रियों से स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट पर बातचीत की जा रही है, जबकि यह नया ड्राफ्ट सार्वजनिक ही नहीं किया गया है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया ड्राफ्ट ही सार्वजनिक नहीं किया गया है, तो उस पर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है। फेडरेशन ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन भी जारी
शैलेन्द्र दुबे ने यह भी कहा कि 12 जनवरी को केंद्रीय विद्युत सचिव के साथ होने वाली वार्ता के बाद नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में संघर्ष की आगे की रणनीति का ऐलान करेगी।उधर, उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर अवकाश के दिन भी बिजली कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मियों के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर निजीकरण के खिलाफ जन आंदोलन को और तेज करने का प्रयास किया।
कन्नौज जेल से दो बंदियों के फरार होने पर बड़ी कार्रवाई, जेल अधीक्षक मुख्यालय से संबद्ध
लखनऊ/ कन्नौज। कन्नौज जिला जेल से दो बंदियों के फरार होने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। प्राथमिक जांच में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद को नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है। जांच के बाद उन्हें कन्नौज जेल से हटाकर जेल मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

बताया गया कि 5 जनवरी की सुबह बंदी अंकित और शिवा ने कंबल की रस्सी बनाकर जेल की दीवार फांद ली और फरार हो गए। घटना सामने आते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और उच्च स्तर पर जांच शुरू की गई।

इस प्रकरण में जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, बैरक प्रभारी शिवेंद्र यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरन तथा वार्डर अतुल मिश्रा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जेल अधीक्षक की भूमिका की जांच डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता द्वारा की गई, जिसमें सामने आया कि अधीक्षक को जेल की सुरक्षा संबंधी खामियों की पूर्व जानकारी थी। इसके बावजूद न तो सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराया गया और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

नियमों की अनदेखी उजागर
सूत्रों के अनुसार नए साल के अवसर पर जेल परिसर में देर रात तक पार्टी चली, जिसमें नियम-कानूनों की अनदेखी की गई। इसके अलावा जेल का सिक्योरिटी ऑडिट भी नहीं कराया गया था। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित पाए गए और उनकी निगरानी के लिए भी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी।

डीजी जेल पीसी मीना ने बताया कि जेल अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण श्रमिकों के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण अभियान जारी

* लखनऊ में अब तक 892 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण, 26 जनवरी तक चलेगा अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत एवं अद्यतन नवीनीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ 23 दिसंबर 2025 को श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय विभाग के मंत्री के करकमलों से किया गया था।

कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विभिन्न निर्माण स्थलों—शालीमार वन वर्ल्ड, ओमैक्स ग्रांड, शालीमार गैलेन्ट, अमौसी एयरपोर्ट, एल्डिको आई.आई.एम. रोड सहित अन्य स्थलों पर कार्यरत निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, बोर्ड द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कुल 45 मापदंडों पर श्रमिकों की जांच की जा रही है।

अब तक जनपद लखनऊ में कुल 892 निर्माण श्रमिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम 26 जनवरी 2026 तक संचालित रहेगा।

इसी क्रम में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, शालीमार वन वर्ल्ड के पदाधिकारी तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी संतोष कुमार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।