मीरजापुर में ग्राम पंचायत अधिकारी पर रिश्वत मांगने और मारपीट का गंभीर आरोप

मीरजापुर जनपद के सदर तहसील अंतर्गत ग्राम देवापुर पचवल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब मजदूर ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर आवास योजना के नाम पर रिश्वत मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित बबलू बिन्द पुत्र तौलन बिन्द, निवासी ग्राम देवापुर पचवल, ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है।
शिकायत के अनुसार बबलू बिन्द एक गरीब मजदूर हैं और अक्सर बीमार रहते हैं। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को शाम लगभग 4 बजे ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश कुमार सरोज उनके घर आए और प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम स्वीकृत कराने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। अधिकारी ने आधार कार्ड व पैन कार्ड लेकर प्रधान के घर आने को कहा। इसके बाद पीड़ित अपनी पत्नी के साथ ग्राम प्रधान के घर पहुँचा।
आरोप है कि जब पीड़ित निर्धारित राशि नहीं ला पाया और पात्रता सूची की जांच कर आवास पास कराने की बात कही, तो ग्राम पंचायत अधिकारी ने आपा खो दिया। शिकायत के मुताबिक अधिकारी ने पीड़ित के बाल पकड़कर गला दबाया, जमीन पर गिराया और लात-घूंसे से बुरी तरह पीटा। इस दौरान पीड़ित की पत्नी और गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पीड़ित का कहना है कि उसकी पत्नी ने घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया था, जिसे खंड विकास अधिकारी सिटी को भी भेजा गया, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अधिकारी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया।
विवश होकर पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया जाए। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।
विहिप का लक्ष्य: गौ रक्षा, मतांतरण पर रोक और हिंदू कन्याओं की सुरक्षा –मिलिंद परांडे
विहिप का मूल ध्येय हिंदुओं पर आने वाले संकटों का स्थायी समाधान: मिलिंद परांडे

मिर्जापुर। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि संगठन की स्थापना केवल राम मंदिर आंदोलन के लिए नहीं, बल्कि हिंदू समाज पर उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के संकटों पर अंकुश लगाकर उन्हें समाप्त करने के लिए हुई है। शुक्रवार को सिटी क्लब मिर्जापुर में आयोजित विंध्याचल विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ रक्षा, मतांतरण पर रोक और हिंदू कन्याओं की सुरक्षा संगठन के तीन मुख्य आधार स्तंभ हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और राम जानकी दरबार के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ,
कार्यक्रम की अध्यक्षता जगजीत डंग ने किया ।
कार्यक्रम का संचालन प्रान्त सत्संग प्रमुख महेश जी ने किया ।
मुख्य वक्ता श्री परांडे ने मंदिरों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मंदिरों के माध्यम से सेवा, जनसुविधा, पंचांग और अन्नदान जैसे कार्यों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने पुजारियों के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि आरती के पश्चात पुजारियों द्वारा प्रबोधन देने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने मंदिर में कछुए की उपस्थिति के आध्यात्मिक अर्थ को समझाते हुए कहा कि यह इंद्रिय संयम का प्रतीक है और समाज को भी इसी प्रकार धर्म के आचरण पर ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से उन्होंने उल्लेख किया कि विहिप महिला पुजारियों के प्रशिक्षण का कार्य भी कर रही है, जिसे शास्त्र सम्मत माना गया है।
मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सामाजिक दायित्वों पर चर्चा करते हुए संगठन महामंत्री ने कहा कि महिलाओं को एनीमिया, कुपोषण और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान में लगभग चालीस प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। रोजगार के मोर्चे पर संगठन की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि विहिप ने इस वर्ष चौदह हजार और पिछले वर्ष ग्यारह हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा है। उन्होंने धर्मांतरण प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और जिहादी हिंसा की रोकथाम के लिए स्वयं की सिद्धता और तैयारी पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
संगठन की वैश्विक और राष्ट्रीय सक्रियता का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में विहिप का कार्य 30 देशों और देश के 40,000 गांवों में फैला हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 21 हजार लोगों की घर वापसी कराई गई है, 1100 कन्याओं की रक्षा की गई और 2.02 लाख से अधिक गौवंश को बचाया गया है। देशभर में संगठन के छह हजार से ज्यादा सेवा प्रकल्प और 28 हजार सत्संग चल रहे हैं, जिनसे 72 लाख हितचिंतक जुड़े हैं। उन्होंने बजरंग दल को विद्यार्थियों के बीच सक्रिय होने और समाज को गौवंश के आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान प्रांत संगठन मंत्री नितिन, प्रांत उपाध्यक्ष विद्याभूषण विभाग पालक सुरेश अग्रवाल सत्संग प्रमुख महेश, विभाग मंत्री रामचंद्र शुक्ला,विभाग संयोजक प्रवीण जिला उपाध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा,,जिला मंत्री कृष्ण,जिला सहमंत्री अभय व विनय,चुनार से जिलाध्यक्ष दिनेश प्रकाश,जिला मंत्री कृष्ण गोपाल,अर्जुन,अभिषेक,अभय,विवेकानंद,
विजय,नारायण,भदोही से जिला संगठन मंत्री विकास,जिला संयोजक आर्यन,मातृशक्ति से अनीता सहित चुनार, भदोही और मिर्जापुर के प्रबुद्ध नागरिक नगर विधायक रत्नाकर् मिश्र जी मझवां विधायिका सुचिस्मिता मौर्य जी पूर्व प्रान्त संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव पूर्व चेयरमैन मनोज जायसवाल जी के साथ अनेक पदाधिकारी एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
जनाब! यहां जिलाधिकारी नहीं भ्रष्टाचार अधिकारियों का है बोलबाला
*डीएम के जांच आदेश के दो माह बाद भी मौके पर झांकने तक नहीं गई टीम

*जिलाधिकारी से जांच कराकर की गई थी कार्रवाई कि मांग

*हलिया के मनरेगा घोटाले पर भारी पड़ रहा मनिगढ़ा गांव का घोटाला

मीरजापुर। जिले में भले ही इन दिनों जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की त्वरित कार्रवाई नीतियों को जनमानस द्वारा सराहा जा रहा है, लेकिन वहीं कुछ अधिकारीयों पर जिलाधिकारी के आदेश निर्देश का कोई भी खौफ नहीं है। वह अपनी ही मनमर्जी करते आएं हैं। जिन्हें जिले के न तो मुखिया का भय है और ना ही शासन सत्ता की पारदर्शिता पूर्ण नीतियों का मानों उन्होंने ठान रखा है कि चलेगी तो ख़ुद की उनकी मनमर्जी, कुछ ऐसा ही मामला जिले के हलिया विकासखंड क्षेत्र का इन दिनों चर्चा में बना हुआ है जहां विकास कार्यों के नाम सीधे-सीधे ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंक लाखों का गोलमाल किया गया है। यों कहें कि धरातल पर कार्य शून्य है और कागजों में सबकुछ चकाचक दिखाकर सरकारी धन को हज़म कर लिया गया है। जिसकी शिकायत दर शिकायत होने के बाद जिलाधिकारी द्वारा जांच टीम गठित तो कर दी गई है लेकिन डीएम के जांच टीम पर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी और स्वयंभू ग्राम प्रधान भारी पड़ते आएं हैं। बता दें कि हलिया विकासखंड के मनिगढ़ा गांव में विकास कार्यों के नाम पर हुए भारी घोटाले और बिना धरातल पर कार्य कराएं ही कागजों में सरकारी धन खर्च दिखाकर हज़म कर लिया गया है। इस बात का खुलासा होने पर तथा जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से इस संबंध में तीन सौ पन्नों का शिकायती पत्र सौंप कर जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 28 अक्टूबर 2025 को उक्त शिकायत के आधार पर आदेश संख्या 3394/7/शिकायत जांच/2025-26 द्वारा जांच समिति गठित की गई थी। हद की बात यह है कि जांच टीम गठन के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के उपरांत भी न तो कोई जांच अधिकारी आज तक मौके पर स्थलीय जांच करने पहुंचा है और न ही शिकायतकर्ता को जांच तिथि की सूचना प्रदान की गई। आरोप है कि इस बीच प्रधान, सचिव एवं बीडीओ हलिया द्वारा जांच को प्रभावित करने हेतु कृत्रिम फोटोग्राफ तैयार कर लीपापोती की जा रही है, जिससे मूल अनियमितताएं छुपाई जा रही हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि गठित जांच टीम को तत्काल प्रभाव से स्थल निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया जाए, जांच के समय शिकायतकर्ता को पूर्व सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान की जाए तथा जांच विलंब के कारण साक्ष्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना के मद्देनज़र दोषियों के विरुद्ध विधिक, अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही साथ संपूर्ण जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


--महिला ग्राम प्रधान को पता नहीं तो किसने किया गोलमाल--

हलिया विकास खंड क्षेत्र के मनिगढ़ा गांव में हुए भारी विकास कार्यों से जुड़ा घोटाला जितना रोचक है, उससे कहीं रोचक यह है कि कच्चे खपरैल के मकान में जीवन गुजार रही महिला ग्राम प्रधान देवरजिया खुद विकास कार्यों के संदर्भ में अनभिज्ञता जताती है तो सवाल उठता है कि आखिरकार उनके नाम पर भ्रष्टाचार का यह खेल कौन खेलते हुए आया है? सचिव से लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को क्यों नहीं इसकी भनक होने पाई? जबकि ग्रामीणों की मानें तो न तो गांव में कभी खुली बैठक हुई है और ना ही कोई अधिकारी झांकने आया है। बहरहाल देखना अब यह है कि जिलाधिकारी इस मामले में अगला क्या कदम उठाते हैं। ग्रामीणों को बेसब्री से उनके कार्रवाई का इंतजार है, ताकि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन पर ऐसों आराम करने वालों की करतूतों का पर्दाफाश हो सके।
बालक की अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई मौत, परिजनों में कोहराम
ड्रमंड गंज मिर्जापुर

ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के गलरिया गांव में शुक्रवार की भोर में 12 वर्षीय बालक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उपचार हेतु निजी साधन से मंडलीय चिकित्सालय ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई।बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। क्षेत्र के गलरिया प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मित्र के पद पर कार्यरत रामराज सिंह के 12 वर्षीय पुत्र अंश की अचानक तबीयत बिगड़ गई।सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर निजी साधन से परिजन उपचार हेतु मंडलीय अस्पताल लेकर जा रहे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले बालक की मौत हो गई।मृत बालक दो बहनों में सबसे छोटा था। और अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मृत बालक क्षेत्र के पटेहरा गांव स्थित शहीद केसरी सिंह स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। बेटे की मौत से मां कंचन सिंह व परिजनों का रो रोकर बुरा हाल।बालक की मौत की खबर पाकर घर पहुंचे भाजपा जिला उपाध्यक्ष विपुल सिंह ग्राम प्रधान गुलाब पटेल व ग्रामीणों ने ढांढस बंधाया।
पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह से मिलकर अभिभूत दिखे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष
*नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनार विधायक ने किया स्वागत
*स्वागत में उमड़ा कार्यकताओं और ग्रामीणों का भारी हूजूम
*मगरहां गांव में किसी उत्सव से कम नहीं रहा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत कार्यक्रम
मीरजापुर। कुर्मीगढ़ मीरजापुर के चुनार में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के स्वागत में हुजुम उमड़ पड़ा था। चुनार विधायक अनुराग सिंह के आवास पर पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का चुनार विधायक अनुराग सिंह के आवास पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का जमकर फूल मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान
भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री एवं पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रहे ओम प्रकाश सिंह से मुलाकात कर बीजेपी यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की मुद्दों पर वार्ता की माना जा रहा है कि 2027 चुनाव से पहले यह मुलाकात काफी अहम है। बताते चलें कि चुनार विधायक ओमप्रकाश सिंह भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं चुनार से 8 बार के विधायक, पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह के बेटे हैं। जिन्होंने लगातार चुनाव विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी एक अलग पहचान बनाई हुई है। चुनार विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के आवास पर मुलाक़ात करने पहुंचे नवनियुक्त बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी का यह आगमन काफी अहम माना जा रहा है जिसे 2027 के चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है तो वहीं चुनार विधायक के कद से भी आंका जा रहा है। पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने चुनार के मंगरहा गांव स्थित अपने आवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया। इसके पूर्व वाराणसी से चलकर मीरजापुर जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनार विधायक अनुराग सिंह के नेतृत्व में गर्मजोशी के स्वागत किया। चुनार विधायक के आवास पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आगमन पर नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्या, मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, एमएलसी विनीत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, काशी प्रांत के दिलीप सिंह पटेल, बीजेपी जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल, अनिल सिंह, उत्तर मौर्या, सहित हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे हैं।
इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जहां भारी संख्या में भारी पुलिस फोर्स रहीं हैं वहीं कड़ाके की ठंड के बावजूद भी कार्यकताओं और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही है।
एनसीसी कैंप 327 का ग्रुप कमांडर ने किया निरीक्षण कैडेटों को अग्निवीर योजना

मीरजापुर। एनसीसी ग्रुप 'बी' के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन विकास पांज्यार ने आज 101 एनसीसी यूपी बटालियन, मिर्जापुर के एनसीसी कैम्प 327 का निरीक्षण किया। यह वार्षिक संयुक्त प्रशिक्षण शिविर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, परसिया में आयोजित किया जा रहा है। इसमें दो आर्मी अधिकारी, पाँच जेसीओ, छः एएनओ, तेरह एनसीओ, दो जीसीआई और 531 एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान ग्रुप कमांडर ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने अग्निवीर भर्ती योजना, ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष, शारीरिक रूप से सुदृढ़ और मानसिक रूप से सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया।
ग्रुप कमांडर ने शिविर में कैडेटों के फायरिंग अभ्यास, टेंट पिचिंग गतिविधि और प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर की उत्कृष्ट योजना, अनुशासन और प्रशिक्षण मानकों की सराहना की।
इस अवसर पर उन्होंने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रमोद कुमार दूबे से भी संवाद किया। प्राचार्य के सहयोग से यह प्रशिक्षण शिविर सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। उन्होंने शिविर के चिकित्सक डॉ. सुमित गुप्ता और संबद्ध एनसीसी अधिकारियों से भी भेंट कर चिकित्सा एवं कैडेट कल्याण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिविर की व्यवस्थाएँ प्रभावी रहीं। सभी कैडेट पूरे उत्साह के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण गतिविधियों और खेल आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह शिविर कैडेटों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। शिविर के कमांडेंट कर्नल राकेश उपाध्याय और डिप्टी कमांडेंट कर्नल मौलिक चंदर ने ग्रुप कमांडर को प्रशिक्षण, अनुशासन, प्रशासनिक व्यवस्था और कैडेट कल्याण से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। शिविर में उपस्थित सभी कैडेटों में अनुकरणीय अनुशासन, अद्भुत जोश और आत्मविश्वास देखने को मिला, जो उनकी देश के भविष्य के लिए तैयारी को दर्शाता है।
विंध्याचल में श्रद्धालुओं की जेब पर डाका: अवैध पार्किंग वसूली बदस्तूर जारी
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी देवी धाम, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, यहां लाखों श्रद्धालु साल भर दर्शन के लिए आते हैं। एक तरफ प्रशासन और आला अधिकारी भक्तों की सुविधा बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ वाहन स्टैंड संचालक श्रद्धालुओं की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। खुलेआम अवैध वसूली का यह खेल विंध्याचल में लंबे समय से चल रहा है, जहां वाहन स्टैंड संचालक प्रति घंटे 100 रुपये की मनमानी राशि वसूल रहे हैं।

श्रद्धालु जब मां के दर्शन के लिए वाहन लेकर पहुंचते हैं, तो उन्हें इन अवैध स्टैंडों पर पार्किंग के नाम पर जबरन पैसे देने पड़ते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि किसी भी वाहन स्टैंड पर सरकारी रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई है। यदि नगर पालिका या यातायात पुलिस द्वारा कभी रेट लिस्ट लगाई भी जाती है, तो स्टैंड संचालक इसे उखाड़ फेंकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि यह अवैध धंधा कितनी बेखौफी से चल रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट फरमान जारी किया है कि वाहन स्टैंड तभी वैध माना जाए, जहां वाहनों के लिए छावनी (शेड), यात्रियों के लिए पीने का पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। लेकिन विंध्याचल में संचालित अधिकांश स्टैंडों पर इन सुविधाओं का पूर्णतः अभाव है। फिर भी ये अवैध स्टैंड अपने चरम पर चल रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है? प्रशासन की उदासीनता या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना इतनी बेखौफी संभव नहीं।

यह अवैध वसूली न केवल श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनकी आस्था पर भी चोट करती है। दूर-दराज से आने वाले भक्त पहले से ही यात्रा की थकान और लंबी कतारों से जूझते हैं, ऊपर से यह मनमानी वसूली उनकी परेशानी बढ़ा देती है। अन्य धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी के दुर्गाकुंड मंदिर में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जहां पार्किंग के नाम पर अतिक्रमण और अवैध चार्जिंग होती है। विंध्याचल में भी यही स्थिति है, जो योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े करती है।

प्रशासन से अपील है कि इस अवैध धंधे पर तत्काल अंकुश लगाया जाए। वैध स्टैंडों की व्यवस्था की जाए, रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। तभी मां विंध्यवासिनी के भक्तों को सच्ची श्रद्धा से दर्शन का सुख मिल सकेगा।
ट्रक चालक इस्तकीन खां की मध्य प्रदेश में हृदय गति रुकने से मौत
लालगंज(मीरजापुर): थाना क्षेत्र के बामी गांव निवासी 40 वर्षीय ट्रक चालक इस्तकीन खां की मध्य प्रदेश में हृदय गति रुकने से मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को तब हुई जब वह नरसिंहपुर जिले के करेली कस्बे में अपने ट्रक में गुड़ लोड कर रहे थे।
गुड़ लोडिंग के दौरान इस्तकीन को अचानक सीने में तेज दर्द और जलन महसूस हुई, जिसके बाद वे वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद अन्य ट्रक चालकों ने तत्काल इसकी सूचना स्वजनों को दी।
इस्तकीन को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि खून की नसों में ब्लॉकेज के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। बेहतर उपचार के लिए स्वजन उन्हें प्रयागराज ले जा रहे थे, लेकिन देर रात रास्ते में ही इस्तकीन ने दम तोड़ दिया। बुधवार को सुबह जब इस्तकीन का शव उनके बामी गांव स्थित घर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इस्तकीन के निधन से उनके तीन बेटों, एक बेटी और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
लहुरियादह गांव में नामचीन कंपनी की बोरियों में बनाकर बेचा जा रहा नकली सीमेंट
ग्रामीणों का कहना पुलिस की शह पर किया जा रहा गोरखधंधा ड्रमंडगंज, मीरजापुर।क्षेत्र के एमपी बार्डर से सटे लहुरियादह गांव में करीब एक महीने से नकली सीमेंट बनाने का कारोबार किया जा रहा है।नकली सीमेंट बनाकर रखी गई सीमेंट की बोरियों का किसी ने वीडियो फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद नकली सीमेंट बनाने का धंधा करने वाला गांव निवासी सीमेंट की बोरियों को हटवाने में जुट गया है।नकली सीमेंट बनाने को लेकर स्थानीय पुलिस सब कुछ जानते हुए भी मामले से अनजान बनी हुई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक माह से लहुरियादह गांव में नेशनल हाईवे पर स्थित एचपी पेट्रोल पंप व जायसवाल ढाबा से पीछे पांच सौ मीटर दूर जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर नकली सीमेंट बनाने का कारोबार मध्यप्रदेश निवासी एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।नकली सीमेंट बनाने वाले अल्ट्राटेक सीमेंट की बोरियों में राखड़ भरकर उसे सस्ते दामों पर बेंचकर क्षेत्र में खपा रहे हैं।नकली सीमेंट के कारोबार से क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में घटिया सीमेंट के इस्तेमाल से उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने नकली सीमेंट के कारोबार पर अंकुश लगाने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में ज्वांइट मजिस्ट्रेट एसडीएम लालगंज महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर नकली सीमेंट बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार : श्रम विभाग के खिलाफ कर करणी सेना ने खोला मोर्चा
*फर्जीवाड़ा में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर दी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

*फर्ज़ी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग


मीरजापुर। जिले के श्रम विभाग में कूटरचित सरकारी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने एक बार पुनः जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। आरोप लगाया है कि जब जांच दर जांच के बाद मामला सही पाया गया है तो फिर दोषी अफसरों, बिचौलियों पर मुक़दमा दर्ज करने में देर क्यों? करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया है कि श्रम विभाग मीरजापुर कार्यालय से कुछ असंगठित गिरोह (बिचौलिए) द्वारा अपने निजी लाभ के लिए दुरभिसंधि कर निर्माण श्रमिकों, मजदूरों एवं सीधे-साधे लोगों को लुभावना प्रस्ताव देकर अपने जाल में फसातें हैं। फंसाने के बाद उनके बैंक खाते, आधार कार्ड व व्यक्तिगत दस्तावेज लेकर उनका दुरूपयोग करते हुए जान बूझकर कूटरचित दस्तावेज जैसे, बिना बच्चे के जन्मे, सरकारी अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल तथा बिना प्रसव के ही सरकारी अस्पताल का प्रसव प्रमाण पत्र आदि लगाकर श्रम विभाग की योजनाएं मसलन, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना तथा पुत्री विवाह अनुदान योजना में लाभ दिलाया गया है। इस बात की पुष्टि श्रम विभाग के ही उच्चाधिकारियों की जांच टीम द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया है कि पूर्व के दो जांचों में एक में 105 की जांच में 90 आवेदन में लगे कूटरचित दस्तावेज के आधार पर लाभ दिए गये हैं तथा इसके पूर्व की एक जांच में 12 आवेदनों की जांच में कुल 12 फर्जी पाये गये थे, जिसमें श्रम विभाग के उप श्रमायुक्त पंकज राणा ने अपने जांच रिपोर्ट और कार्यालय आदेश में विभिन्न सुसंगत धाराओं तत्कालिन भादवि की धारा-120 बी, 192, 197, 420, 464, 467, 468 तथा 471 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराये जाने का आदेश दिया था। इस सम्बन्ध में दोषियों के विरूद्ध सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज करने के लिए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा 15 दिसंबर 2025 को ज्ञापन दिया गया था जिसपर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी। चूंकि मामले की जांच स्वयं विभाग के उच्चाधिकारी द्वारा पूर्व में की जा चुकी है, जिसमें 90 तथा 12 में 11 आवेदनों की पुनः जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया है कि कूटरचित सरकारी दस्तावेज का दुरूपयोग कर सरकारी योजना में धनलाभ लेने व दिलाने वाले जैसे गंभीर मामले को देखते हुए सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज कर मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराकर ज्ञात-अज्ञात अधिकारी, कर्मचारी एवं बिचौलिए एवं दोषी आवेदकों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध व वैद्यानिक कार्यवाही कराई जाएं, ताकि श्रमिकों के हक अधिकार सहित सरकारी धन को हज़म कर लाखों की सम्पत्ति खड़ी करने वालों को बेनकाब करते हुए उनसे इसकी रिकवरी भी सुनिश्चित हो सके।