आतंकियों की हर चाल होगी नाकाम, अमित शाह ने लॉन्च किया नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सेंटर

#amitshahlaunchesnidmsatnsgmanesarforcounterterror

हाईटेक होते दौर में अब जंग भी तकनीक के जरिए जीते जा सकते हैं। यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की आंतरिक सुरक्ष को लेकर हाइटेक होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। ह ना केवल पुराने धमाकों की जांच करेगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह भी बताएगा कि आतंकी भविष्य में कहां और कैसा हमला कर सकते हैं?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित

एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। डेटा सेंटर की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो धमाकों के डेटा हैं वो अब इस डेटा सेंटर के शुरू होने से आपस में बात कर पाएंगे। हमारे नागरिक चैन की नींद सोते हैं तो उसमें एनएसजी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आईईडी के डेटा मैनेजमेंट सेंटर की जो शुरुआत हो रही है उससे सारे राज्यों की पुलिस और एनआईए को लगातार गाइडेंस मिलेगा।

डेटा का होगा केंद्रीकरण

गृह मंत्री ने बताया कि एनआईडीएमएस के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।

इंटर-एजेंसी समन्वय होगा बेहतर

शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

देश के 700 जिला मुख्यालय जोड़े गए

यह डेटा सेंटर एक विशाल नेटवर्क की तरह काम करेगा। इसमें देश के 700 जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और सभी राज्यों की पुलिस अपनी जानकारी यहां साझा करेगी। यह एक टू वे इनपुट सिस्टम है जिसके जरिए 800 अलग-अलग सोर्सेस से डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

26 देश इस मिशन का हिस्सा

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 26 सहयोगी देश भी इस मिशन का हिस्सा बने हैं। ये देश अपने यहां हुए आतंकी हमलों और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की इंटेलिजेंस भारत के साथ साझा करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी गुटों के अगले टारगेट और उनके आईईडी बनाने के नए तरीकों का प्रिडिक्शन करना संभव होगा।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

#tmcmpsdetainedmahuamoitraprotestedipacraidamitshahresidence

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

थरूर बोले- नेहरू की गलतियां स्वीकारना जरूरी, लेकिन हर समस्या के लिए दोषी ठहराना गलत

#congressmpshashitharoorbig_statement

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे कांग्रेस के अंदर खलबली मच सकती है। थरूर ने कहा है कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, लेकिन उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोषी ठहराना ठीक नहीं है।

थरूर ने कहा- मैं नेहरू का गहरा प्रशंसक

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं मैं उनके विचारों और सोच का बहुत सम्मान करता हूं, हालांकि मैं उनके सभी विश्वासों और नीतियों से 100% सहमत नहीं हो सकता। उन्होंने जो बहुत सी चीजें कीं, वे बहुत सराहनीय हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया था।

मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं पर नेहरू विरोधी-थरूर

थरूर ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।

नेहरू को हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते-थरूर

नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन हर चीज के लिए सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहरा देना गलत है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में नेहरू की ओर से लिए गए कुछ फैसले गलत हो सकते हैं, लेकिन हम उन्हें हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं।

1962 में हार के लिए नेहरू के फैसले कुछ हद तक जिम्मेदारर-थरूर

1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए, थरूर ने कहा कि वर्तमान सरकार की नेहरू की आलोचना में कुछ सच्चाई हो सकती है। उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार के लिए कुछ हद तक नेहरू के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन वे अब जो करते हैं वह यह है कि किसी भी मुद्दे पर नेहरू को हर चीज के लिए दोषी ठहराते हैं।'

फिर जल रहा ईरानः बवाल के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद, सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी

#iranprotestreasonnationwideinternet_blackout

ईरान में पिछले 12 दिनों से भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार की रात एक बार फिर ईरान धधक उठा। प्रदर्शन की आंच इतनी तेज हो गई कि खामेनेई सरकार सकते में आ गई। आनन-फानन में सरकार ने इंटरनेट और फोन लाइन्स काट दी।

रेजा पहलवी की अपील के बाद उग्र हुई भीड़

गुरुवार की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। रेजा पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है।

50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

सबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती थी। बताया जा रहा है कि ईरान के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

सुरक्षाबलों पर 45 प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप

ईरान ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से देश में सुरक्षाबलों ने 45 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार का दिन अब तक का सबसे बड़ा जानलेवा दिन रहा, जिसमें 13 प्रदर्शनकारी मारे गए। वहीं, सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके अलावा, 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ईरान की अर्थव्यवस्था संकट में

रअसल, ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। महंगाई से आवाम त्रस्त है। रियाल मुद्रा का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। 28 दिसंबर 2025 को ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। ये विरोध प्रदर्शन पहले तेहरान बाजार की हड़ताल से चले, मगर जल्दी ही पूरे देश में फैल गए। सरकारी डेटा में 21 मौतें हुई हैं, मगर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एजेंसी ने 45 लोगों के मरने का दावा किया है। खामेनेई सरकार ने इसे विदेशी साजिश बता रही है, जबकि प्रदर्शनकारी महंगाई, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में IPAC कार्यालय पर ईडी का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी

#edraidinwestbengalkolkataipacprateekjainofficemamatabanerjeevisit

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले को लेकर कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म I-PAC के दफ्तर में छापेमारी की। I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी की गई है। रेड के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी छापे की जगह पर पहुंच गईं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी को लेकर नाराजगी जताई।

ममता बोलीं- मैं भी भाजपा के कार्यालय में छापा मारूं तो

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह और ईडी पर उनकी पार्टी के कागजात और डेटा शीट पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। बंगाल की सीएम ने कहा कि अगर मैं भी बीजेपी की पार्टी ऑफिस में रेड मारूं तो क्या होगा?

छापेमारी बदले की भावना से प्रेरित-ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान टीएमसी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने का कोशिश कर रहे थे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर पर ईडी की छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित और असंवैधानिक है, यह गृह मंत्री का सबसे घिनौना काम है।

अमित शाह कहा- नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री

ममता बनर्जी ने कहा कि क्या पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची इकट्ठा करना ईडी और अमित शाह का काम है? उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को बुरा बताते हुए कहा, "ये नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री, जो देश की रक्षा नहीं कर सकते, मेरी पार्टी के सारे दस्तावेज ले जा रहे हैं। अगर मैं भाजपा के पार्टी कार्यालय पर छापा मारूं तो क्या होगा?"

नाबालिग शूटर से यौन शोषण, नेशनल कोच अंकुश भारद्वाज सस्पेंड, NRAI ने किया निलंबित

#nationalshootingcoachsuspendedafterallegedsexual_assault

नेशनल पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 साल की नेशनल लेवल की महिला निशानेबाज खिलाड़ी के साथ यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। इस खबर के सामने आते ही नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने एक नाबालिग खिलाड़ी के साथ कथित यौन दुराचार के गंभीर आरोपों के बाद नेशनल शूटिंग कोच अंकुश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद के एक होटल में 17 साल की नेशनल लेवल की महिला शूटर के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोप में नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अंकुश भारद्वाज पर पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई एथलीट के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई एक विस्तृत शिकायत के बाद की गई।

एफआईआर में क्या

एफआईआर के अनुसार, यह घटना नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में एक नेशनल लेवल की शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान हुई। शिकायत में कहा गया है कि भारद्वाज ने कथित तौर पर फरीदाबाद के एक होटल के कमरे में शूटर के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बहाने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। परिवार ने यह भी दावा किया कि एक और युवा शूटर के साथ भी समान व्यवहार हुआ था, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

कोच पर खिलाड़ी को धमकी देने का भी आरोप

एफआईआर में कहा गया है कि शुरुआत में खिलाड़ी को होटल की लॉबी में कोच से मिलने के लिए कहा गया था, लेकिन बाद में प्रदर्शन मूल्यांकन के बहाने उस पर कमरे में जाने का दबाव बनाया गया। कोच ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसका करियर बर्बाद करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। बताया गया कि खिलाड़ी सदमे की हालत में होटल से निकली और बाद में पूरी घटना अपने परिवार को बताई।

शो-कॉज नोटिस भी किया जाएगा जारी

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ सचिव राजीव भाटिया ने कहा, 'हमने उन्हें निलंबित कर दिया है और हम शो-कॉज नोटिस जारी करेंगे। उन्हें नैतिक आधार पर सस्पेंड किया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, वे किसी कोचिंग गतिविधि से जुड़े नहीं रहेंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ की सिफारिश पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन्हें राष्ट्रीय कोच बनाया था।

तुर्कमान गेट हिंसा मामले में आया सपा सांसद का नाम, दिल्ली पुलिस भेजेगी समन

#spmpmohibullahnadviturkmangatestone_pelting

सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद और उससे सटे कब्रिस्तान के पास सरकारी जमीन पर कथित तौर पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए जैसे ही बुलडोजर गरजा, इलाके के लोग सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते विरोध ने हिंसक रूप ले लिया। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अमले और पुलिसकर्मियों पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास पुलिस पर हुए हमले मामले में 30 लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिसकर्मियों द्वारा पहने गए बॉडी कैमरा की मदद से 30 और आरोपियों को पहचान लिया गया है। पुलिस इन सभी को हिरासत में लेने के लिए रेड करेगी।

सपा सांसद को उपद्रवियों की भीड़ में देखा गया

वहीं, रामपुर के समाजवादी पार्टी सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी उपद्रवियों की भीड़ में देखा गया था। सपा सांसद पर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। अब दिल्ली पुलिस उन्हें भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी। हिंसा के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें यह देखा जा सकता है कि सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे।

सपा सांसद ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की

दरगाह फैज इलाही पर एमसीडी के एक्शन से पहले यूपी, रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने तुर्कमान गेट इलाके में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों के बुलाने पर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मंगलवार देर रात करीब 11.15 बजे तुर्कमान गेट पर आए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वो दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद घटनास्थल के आसपास ही बने रहे।

एक्शन होगा तो रिएक्शन आएगा- एसटी हसन

उधर सपा नेता एसटी हसन ने पत्थरबाजी की घटना का बचाव करते हुए कहा कि, जब कहीं एक्शन होगा तो रिएक्शन आएगा ही। अतिक्रमण हटाने के नाम पर जुल्म किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का उपद्रव

पुलिस ने बताया कि उपद्रव तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की गई कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान तुर्कमान गेट के सामने मस्जिद को गिराया जा रहा है। इसके बाद 30 से 35 उपद्रवियों ने एमसीडी के खिलाफ नारे लगाने शुरू किए और पथराव कर दिया। उपद्रव के बीच भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए गए। पुलिस सोशल मीडिया के जरिये भीड़ को उकसाने वालों की तलाश कर रही है।

यूट्यूबर सलमान की तलाश में जुटी पुलिस

इसके अलावा, दिल्ली पुलिस यूट्यूबर सलमान की तलाश में भी जुटी हुई है। आरोप है कि सलमान ने सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उसने इलाके के लोगों को इकट्ठा किया। जांच में ये भी सामने आया है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लोगों को जमा होने के लिए उकसाया। इनका मकसद माहौल खराब करना और प्रशासन के काम में बाधा डालना था।

हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही थी कार्रवाई

दिल्ली में 6 जनवरी की रात दिल्ली पुलिस के जवान तुर्कमान गेट पहुंच चुके थे। प्रशासन का उद्देश्य हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उस जमीन को खाली कराना था जो सरकारी रिकॉर्ड में अतिक्रमण का शिकार थी। शुरुआती कुछ घंटों में कार्रवाई शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे ही सुबह की रोशनी हुई, मस्जिद के पास बड़ी भीड़ जमा होने लगी। भीड़ ने पहले नारेबाजी शुरू की और फिर अचानक पुलिस और एमसीडी की टीम पर पथराव शुरू कर दिया।

भारत पर अब 500 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रंप! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त

#trumpproposes500percenttariffonindiachinaandbraziloverrussianoil_purchases

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग हो सकती है। बिल को मंजूरी मिलने पर भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।

बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग

सीनेटर ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि यह बिल अगले सप्ताह तक वोटिंग के लिए पेश किया जा सकता है।इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका भारत और चीन जैसे देशों पर आयात शुल्क (टैरिफ) 500 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।

रूसी तेल खरीदने वाले देशों को सजा देने की अनुमति

ग्राहम ने कहा कि यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को सजा देने की अनुमति देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्राहम ने बताया कि इस बिल पर वह सीनेटर ब्लूमथल और कई दूसरे लोगों के साथ महीनों से काम कर रहे थे।

सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025

अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बिल का नाम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 है। इसमें व्यक्तियों और संस्थाओं पर जुर्माने के साथ ही रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामानों और सेवाओं पर ड्यूटी को कीमत के कम से कम 500% तक बढ़ाना शामिल है।

कैसे पता चलेगा, कुत्ता काटने के मूड में है या नहीं? कपिल सिब्बल की दलील पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी

#supremecourtonstraydogscantread_mind

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान आवारा कुत्तों और पशु-प्रेम को लेकर एक रोचक बहस देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता वंदना जैन की एक दलील पर टिप्पणी की, 'जब हम पशु प्रेमियों की बात करते हैं, तो इसमें सभी जानवर शामिल होते हैं। मैं अपने घर में कोई जानवर रखना चाहता हूं या नहीं, यह मेरा विवेक है।

कोर्ट ने पूछा-सोसाइटी में भैंस पालना चाहे तो क्या होगा?

आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणियां की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गेटेड कम्युनिटी में कुत्ते को घूमने देना चाहिए या नहीं, यह समुदाय को तय करना होगा। मान लीजिए, 90 प्रतिशत निवासियों को लगता है कि यह बच्चों के लिए खतरनाक होगा, लेकिन 10 फीसदी कुत्ते रखने पर जोर देते हैं। कोई कल भैंस ला सकता है। वे कह सकते हैं कि मुझे भैंस का दूध चाहिए।

शीर्ष अदालत ने सिब्बल को लगाई फटकार

आवारा कुत्तों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल को लताड़ भी लगाई। दरअसल, बहस के दौरान सिब्बल ने कहा कि कुत्ते सड़कों पर नहीं होते हैं बल्कि परिसरों में रहते हैं। इसी दलील पर शीर्ष अदालत ने सिब्बल पर नाराजगी जताई।

शेल्टर में मौजूद कुत्तों को खाना खिलाने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों पर सवाल करते हुए कहा, क्या कुत्तों को यह सिखाया जा सकता है कि वे किसी को न काटें? किसी को कैसे पता चलेगा कि कौन सा कुत्ता काटने के मूड में है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पशुप्रेमियों को शेल्टर में मौजूद कुत्तों को खाना खिलाना चाहिए।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

#pmnarendramodispokewithisraeliprimeministerbenjamin_netanyahu

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।