माघ मेला 2026 में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित
* पर्यटन सुविधाओं से माघ मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यादगार बना रही है योगी सरकार: जयवीर सिंह
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन और मार्गदर्शन में संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ 3 जनवरी से भव्य और दिव्य स्वरूप में हो चुका है। आस्था, सुविधा और सुव्यवस्था के संगम के रूप में विकसित हो रहा यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से नई पहचान बना रहा है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रयागराज के प्रमुख स्थलों पर चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सूचना केंद्रों के माध्यम से 3 जनवरी से अब तक लगभग 20 लाख से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक लाभान्वित हो चुके हैं। इस वर्ष माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं को सही, सरल और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन सूचना केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित पुस्तिकाएं, गाइड बुक, प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की सूची तथा शहर भ्रमण से जुड़ी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस, धर्मशाला एवं अन्य ठहरने के विकल्पों की जानकारी भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सूचना केंद्रों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मेला क्षेत्र, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सेक्टर मैप के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न सुविधाओं की जानकारी और पहुंच का मार्ग भी बताया जा रहा है।
ये चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र परेड ग्राउंड, नागवासुकी मंदिर, प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन और अरैल घाट के पास स्थापित किए गए हैं। यहां प्रयागराज के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की पर्यटन पुस्तिकाएं भी उपलब्ध हैं।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृति अभिजात ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम अनुभव प्राप्त हो।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में आयोजित दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ को यूनेस्को द्वारा ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में मान्यता मिली थी। उसी क्रम में माघ मेला 2026 भी योगी सरकार की कुशल व्यवस्थाओं और सुव्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनता नजर आ रहा है।
Jan 09 2026, 15:54
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