ग्राम चौपालों में ‘विकसित भारत–'जी राम जी’ अधिनियम का व्यापक प्रचार हो: केशव प्रसाद मौर्य

* ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश
गांवों के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार


लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को विकास कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्ता पूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय, 7 कालिदास मार्ग पर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम चौपालों को वृहद एवं व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए तथा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ग्राम चौपालों में “विकसित भारत–जी राम जी” अधिनियम के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी जाए और इसके पंपलेट वितरित किए जाएं। समूहों की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम–2025’ ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अधिनियम के अंतर्गत रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है तथा श्रमिकों के पारिश्रमिक भुगतान को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बुआई एवं कटाई के समय राज्यों को 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार भी दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने, सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को पूर्ण क्षमता के साथ प्रशिक्षण देने तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर बल दिया।

उन्होंने निर्माण कार्यों एवं पीएमजीएसवाई सड़कों में अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा अच्छा कार्य करने वालों के अभिनंदन के निर्देश दिए। साथ ही निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने, नए समूह बनाने और समूह सखियों को समय पर देय धनराशि उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
माघ मेला 2026 में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित

* पर्यटन सुविधाओं से माघ मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यादगार बना रही है योगी सरकार: जयवीर सिंह


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन और मार्गदर्शन में संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ 3 जनवरी से भव्य और दिव्य स्वरूप में हो चुका है। आस्था, सुविधा और सुव्यवस्था के संगम के रूप में विकसित हो रहा यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से नई पहचान बना रहा है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रयागराज के प्रमुख स्थलों पर चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सूचना केंद्रों के माध्यम से 3 जनवरी से अब तक लगभग 20 लाख से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक लाभान्वित हो चुके हैं। इस वर्ष माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं को सही, सरल और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन सूचना केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित पुस्तिकाएं, गाइड बुक, प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की सूची तथा शहर भ्रमण से जुड़ी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस, धर्मशाला एवं अन्य ठहरने के विकल्पों की जानकारी भी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि सूचना केंद्रों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मेला क्षेत्र, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सेक्टर मैप के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न सुविधाओं की जानकारी और पहुंच का मार्ग भी बताया जा रहा है।

ये चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र परेड ग्राउंड, नागवासुकी मंदिर, प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन और अरैल घाट के पास स्थापित किए गए हैं। यहां प्रयागराज के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की पर्यटन पुस्तिकाएं भी उपलब्ध हैं।

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृति अभिजात ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम अनुभव प्राप्त हो।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में आयोजित दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ को यूनेस्को द्वारा ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में मान्यता मिली थी। उसी क्रम में माघ मेला 2026 भी योगी सरकार की कुशल व्यवस्थाओं और सुव्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनता नजर आ रहा है।
मानव सम्पदा पोर्टल की सेवाएं 9 से 12 जनवरी तक रहेंगी बाधित
लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग के मानव सम्पदा पोर्टल से संबंधित सर्वर अनुरक्षण (सर्वर मेंटेनेंस) का कार्य 9 जनवरी 2026 से 12 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुरक्षण कार्य के दौरान पोर्टल से जुड़ी सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहेंगी।

इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी ने बताया कि सर्वर अनुरक्षण के कारण उक्त अवधि में मानव सम्पदा पोर्टल पर कोई भी ऑनलाइन कार्य संभव नहीं होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे अपने आवश्यक कार्यों की योजना पहले से बनाकर समय रहते निस्तारित कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। अनुरक्षण कार्य पूर्ण होते ही पोर्टल की सेवाएं पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ कर दी जाएंगी।
विद्यालयों में विकसित होगी नियमित समाचार पत्र पठन की संस्कृति: अध्यक्ष बीओसीडब्ल्यू


लखनऊ। अध्यक्ष, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड एवं प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन (न्यूज पेपर रीडिंग) की संस्कृति विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

डॉ. शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, भाषाई दक्षता और आलोचनात्मक सोच को सशक्त बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के नियमित पठन के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस संबंध में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 23 दिसंबर 2025 को विस्तृत निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने समस्त अटल आवासीय विद्यालयों में इन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतिष्ठित एवं उच्च गुणवत्ता वाले हिंदी तथा अंग्रेजी समाचार पत्र नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों को समाचार पत्रों में सामान्य ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान, अर्थव्यवस्था, समसामयिक विकास और खेल से जुड़े विषयों के पठन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

निर्देशों के अनुसार, प्रार्थना सभा के उपरांत कक्षा में पठन-पाठन प्रारंभ करने से पूर्व प्रतिदिन 10 मिनट समाचार पत्र पठन के लिए निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही रोजाना 5 नए अथवा कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर ‘आज का सुविचार’ अंकित करना भी अनिवार्य होगा।

कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक बार संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन या समूह चर्चा आयोजित की जाएगी। वहीं कनिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों से विज्ञान, पर्यावरण और खेल विषयों पर आधारित न्यूज क्लिपिंग स्क्रैपबुक तैयार कराई जाएगी।

मानसिक विकास एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित सुडोकू, शब्द पहेली और प्रश्नोत्तरी से संबंधित प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए प्रत्येक विद्यालय में त्रैमासिक विद्यालय समाचार पत्र या पत्रिका प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिसका संपादन विद्यार्थियों की टीम द्वारा किया जाएगा।

डॉ. शन्मुगा सुन्दरम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपरोक्त दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
आयुष्मान अस्पतालों को 30 दिन में भुगतान, इलाज में लापरवाही पर सख्ती

लखनऊ। योगी सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जहां पात्र परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है, वहीं योजना से जुड़े सरकारी व निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पिछले एक वर्ष में आयुष्मान योजना के क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जनवरी 2025 में जहां क्लेम पेंडेंसी 10 लाख 75 हजार तक पहुंच गई थी, वहीं दिसंबर 2025 तक इसे घटाकर मात्र 3 लाख कर दिया गया है। शेष लंबित मामलों का भी शीघ्र निस्तारण किया जा रहा है।

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में योजना के अंतर्गत प्रति माह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम प्राप्त होते हैं। इसके बावजूद पुराने लंबित मामलों के साथ-साथ नए क्लेम का भी पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सूचीबद्ध अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज बिना किसी हीलाहवाली के कर सकें।

क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाने के लिए मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। साचीज की एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है, जिससे क्लेम जांच की गति में तेजी आई है। इसके साथ ही क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क (सीपीडी) की संख्या भी 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम्स का भुगतान निर्धारित 30 दिनों की टर्न अराउंड टाइम (TAT) के भीतर किया जाए।

साचीज की सीईओ के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों को कुल 4,649 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार न केवल मरीजों के इलाज की व्यवस्था कर रही है, बल्कि अस्पतालों के आर्थिक हितों की भी रक्षा कर रही है।

सरकार की इन नीतियों से क्लेम पेंडेंसी में भारी कमी आई है, अस्पतालों का विश्वास बढ़ा है और इसका सीधा लाभ गरीब व जरूरतमंद मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें अब इलाज के लिए कर्ज लेने या संपत्ति बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिल रही है।
आदिवासी राजनीति की बुलंद आवाज खामोश, दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का SGPGI में निधन
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधानसभा सीट से विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दोनों किडनियों के खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की है।

सोनभद्र जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर

विजय सिंह गोंड के निधन की खबर मिलते ही सोनभद्र जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों से लेकर आदिवासी समाज तक गहरा दुख व्याप्त है। समर्थकों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन को आदिवासी राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

वनवासी और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए किया संघर्ष

आदिवासी समाज के ‘पितामह’ माने जाने वाले विजय सिंह गोंड ने दशकों तक वनवासी और अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति आरक्षित घोषित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सदन में उनकी पहचान एक मुखर और जमीनी नेता के रूप में रही, जिन्होंने आदिवासी मुद्दों को बार-बार मजबूती से उठाया।

1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीते

उनका राजनीतिक सफर बेहद साधारण शुरुआत से शुरू हुआ। वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्य करते हुए उन्होंने वर्ष 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 1989 में उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को पराजित कर आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा।

विजय सिंह गोंड आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे

विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहते हुए विजय सिंह गोंड आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे और प्रदेश की राजनीति में आदिवासी समाज को एक सशक्त पहचान दिलाई। उन्होंने हमेशा शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार और विस्थापन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी।उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक क्षेत्र की ओर रवाना हो रहे हैं। विजय सिंह गोंड का जाना आदिवासी समाज की एक मजबूत आवाज के खामोश होने जैसा माना जा रहा है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर घोटाला, STF ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए
लखनऊ । असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने एक-एक अभ्यर्थी से 35 लाख रुपये तक की डील की, जिसमें एडवांस के तौर पर 10 से 12 लाख रुपये वसूले गए थे। शेष रकम परीक्षा के कुछ दिनों बाद लेने की योजना बनाई गई थी।

गिरफ्तार आरोपी और जांच का दायरा

एसटीएफ ने तीन प्रमुख आरोपियों सहायक प्रोफेसर बैजनाथ पाल,उनका भाई विनय कुमार,आयोग की अध्यक्ष के गोपनीय सहायक महबूब अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि मामले की दोबारा विवेचना के आदेश के बाद जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कई अन्य अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये की वसूली की थी।

मोबाइल नंबर और डाटा से मिला सुराग

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अभ्यर्थियों का डाटा बरामद हुआ, जिसमें दर्जनों मोबाइल नंबर शामिल थे। एसटीएफ ने आयोग के अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड से मिलान कराया, जिससे साबित हुआ कि गिरोह ने सुनियोजित तरीके से परीक्षा में सेंधमारी की थी।

परीक्षा में उठाए गए सवाल

अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी:
परीक्षा में रेंडमाइजेशन न होना
कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की कमी
निर्धारित समय के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाना
कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ
एसटीएफ ने इस मामले में आयोग के एक आउटसोर्स कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप हैं कि वह परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

आगे की कार्रवाई

जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, जिनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मामले की तफ्तीश अभी जारी है और कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना है।
उरई में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म, नशीला पिलाकर बाइक पर ले जाकर अकोढ़ी गांव में पीड़ा दी, आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ /उरई। 22 वर्षीय एक छात्रा को पढ़ाई में मदद करने के बहाने युवक ने अकोढ़ी गांव ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाया और उसके बाद अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी युवक छात्रा को राठ रोड स्थित बस स्टैंड पर अचेत हालत में छोड़कर भाग गया।मंगलवार रात छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने एट थाना पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि उसकी 22 वर्षीय पुत्री उरई में रहकर कोचिंग कर रही थी। तीन जनवरी को उसी के साथ पहले कोचिंग करने वाले सिद्धार्थ पटेल ने उसे पढ़ाई में सहयोग करने का झांसा दिया। उसे अपने साथ बाइक से एट थाना क्षेत्र के अकोढ़ी गांव ले गया।

यहां सिद्धार्थ ने छात्रा को शीतल पेय में नशीला पदार्थ पिला दिया। इससे वह अचेत हो गई। इसके बाद सिद्धार्थ व उसके चचेरे भाई रिषी पटेल ने दुष्कर्म किया। इसके बाद अचेतावस्था में सिद्धार्थ उसे शहर के राठ रोड स्थित बस स्टैंड पर छोड़ने के लिए ले गया। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे देखा तो पकड़कर पूछताछ की और युवती के परिजनों को सूचना दे दी।

मौके पर पहुंचे परिजन छात्रा को घर ले आए। होश में आने पर छात्रा ने आपबीती सुनाई। पिता ने बताया कि वह भाई के देहांत हो जाने पर उसके क्रिया-कर्म के लिए बिठूर गया था। वहां से लौटने पर उसे घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर आरोपी रिषी व सिद्धार्थ को गांव के पास से ही गिरफ्तार कर लिया।

बस स्टैंड पर सिद्धार्थ जब युवती को अचेत हालात में छोड़कर भाग रहा था तो लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों की पूछताछ में सिद्धार्थ ने बताया था कि युवती उसे झांसी रोड पर अचेतावस्था में पड़ी मिली है, वह तो उसे बस स्टैंड तक छोड़ने आया है। इस पर युवती के पहुंचे परिजनों ने युवक का वीडियो बना लिया। छात्रा को होश आया और परिजनों ने जैसे ही उसे वीडियो दिखाया तो छात्रा रोते हुए बोली कि यही तो उसे ले गया था। इसी ने भाई के साथ उससे दुष्कर्म किया है। परिजनों ने बताया कि करीब 20 घंटे बाद युवती को होश आया था।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों को गांव के ही एक महिला ने बताया कि आरोपी छात्रा को चार घंटे तक कमरे में बंद कर यातनाएं देते रहे। छात्रा चीखती रही, लेकिन युवकों उस पर दया नहीं आई। वह अचेतावस्था में उसे फिर से कहीं लेकर चले गए थे। घटना से खलबली मची हुई है।पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों युवकों और युवती का मेडिकल कराया गया है।
यूपी की मतदाता सूची में बड़ा अंतर उजागर, 3.62 करोड़ पात्र नागरिक अब भी बाहर
चुनाव आयोग का अलर्ट: एक महीने में 1 करोड़ नए वोटर जोड़ने का महाअभियान

लखनऊ।उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक तस्वीर में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राज्य में करीब 3 करोड़ 62 लाख ऐसे नागरिक हैं, जो उम्र के लिहाज से वोट देने के पात्र हैं, लेकिन अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। यह खुलासा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जनसंख्या रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद चुनाव आयोग ने किया है।

इसी बड़े अंतर को पाटने के लिए चुनाव आयोग ने एक महीने के भीतर एक करोड़ नए मतदाता जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग भी मांगा गया है।

2026 तक 16 करोड़ से अधिक होंगे वोट देने के योग्य

केंद्रीय विभाग की वर्ष 2020 में जारी उच्चस्तरीय जनसंख्या रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों की संख्या 16 करोड़ 16 लाख 85 हजार तक पहुंच जाएगी। यानी ये सभी नागरिक संविधान के तहत मताधिकार के पात्र होंगे।इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग अपनी मतदाता सूची को दुरुस्त करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

कच्ची सूची और जनसंख्या में 3.62 करोड़ का फासला

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत 6 जनवरी को जारी कच्ची मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता दर्ज हैं।जबकि केंद्रीय जनसंख्या अनुमान के अनुसार पात्र मतदाताओं की संख्या कहीं अधिक है।यही अंतर 3.62 करोड़ पात्र मतदाताओं के रूप में सामने आया है, जिन्हें सूची में शामिल किया जाना बाकी है।

फॉर्म-6 भरने की अपील, 6 फरवरी तक मौका

चुनाव आयोग ने ऐसे सभी पात्र नागरिकों से अपील की है, जिनका नाम कच्ची मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता पंजीकरण कराएं।
6 फरवरी तक फॉर्म-6 भरने पर
6 मार्च को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़ जाएगा
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक में साफ शब्दों में कहा है कि यदि एक महीने में एक करोड़ नए मतदाता नहीं जुड़ते, तो इसका मतलब होगा कि अभियान में कहीं न कहीं गंभीर कमी रह गई।

पहले भी दिखा है असर, दो चुनावों में जुड़े थे लाखों वोटर

चुनाव आयोग का भरोसा पिछले अनुभवों पर टिका है।
2022 विधानसभा चुनाव से पहले विशेष अभियान में 50 लाख से अधिक मतदाता जुड़े
2024 लोकसभा चुनाव से पहले भी करीब 50 लाख नए वोटर सूची में शामिल हुए
आयोग का मानना है कि यदि उसी स्तर की सक्रियता दोहराई गई, तो एक करोड़ नए मतदाता जोड़ना पूरी तरह संभव है।

चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा“हम अगले एक माह में एक करोड़ नए मतदाता जोड़ने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की गई है और सहयोग की अपेक्षा है।”
चिनहट: होटल कर्मी ने की खुदकुशी, पुलिस पड़ताल में जुटी ,विकल्प खंड दो में हुई घटना का मामला

लखनऊ। हरदोई से होटल में काम करने आए 27 वर्षीय शिवम सिंह ने खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसका बुधवार सुबह होटल के बाथरूम में बेडशीट के सहारे लटकता मिला। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। आत्महत्या किए जाने की वजह साफ नहीं हो सकी है। इंस्पेक्टर के मुताबिक घरवालों को इसकी खबर दे दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

हरदोई जिले के चमन भरवा क्षेत्र स्थित दुलार नगर निवासी करूणेश सिंह का 27 वर्षीय बेटा शिवम सिंह चिनहट थाना क्षेत्र के विकल्प खंड दो में स्थित बरदहिया रेस्टोरेंट में नौकरी करता था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक साथ में काम करने वाले सीतापुर निवासी अर्जुन यादव व बीकेटी निवासी अभिनव यादव ने बताया रोज की तरह मंगलवार रात खाना खाने के बाद सो रहे थे।
बुधवार सुबह जब सोकर उठे तो देखा कि बाथरूम का दरवाजा बंद था।

बताया जा रहा है कि इस काफी आवाज देने के बाद भीतर से कोई आहट न मिलने पर सहपाठियों ने दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए तो दंग रह गए। देखा कि शिवम सिंह का शव बाथरूम में बेडशीट के सहारे उसका शव लटक रहा था।यह माजरा देख सहपाठियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इंस्पेक्टर के मुताबिक मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि इसकी सूचना घरवालों को दे दी गई है। शिवम सिंह ने यह कदम क्यों उठाया इसकी वजह साफ नहीं हो सकी है।