मुठभेड़: 30 घंटे के भीतर दबोचे गए गैंगरेप के दरिंदे, भाग रहे आरोपी के पैर में लगी पुलिस की गोली

विकास कुमार सोनभद्र ।ओबरा में अपराध करोगे तो पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे और गोली चलाओगे तो खाकी भी खामोश नहीं रहेगी।" ओबरा पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को धूल चटाकर इस बात को सच साबित कर दिया है।

पहाड़ी पर किशोरी की अस्मत लूटने वाले तीनों दरिंदों को पुलिस ने रविवार की तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक आरोपी ने भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में जा लगी।

30 घंटे का 'ऑपरेशन क्लीन'

बीते 2 जनवरी को जब पीड़िता की मां कलवंती देवी ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ हुई दरिंदगी की शिकायत दर्ज कराई, तो पूरे जिले में हड़कंप मच गया। मिशन शक्ति केंद्र ने तुरंत पीड़िता को सहारा दिया और ओबरा थाना प्रभारी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें दरिंदों के शिकार पर निकल पड़ीं। पुलिस को निर्देश साफ थे—आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए।

आधी रात को खदान में 'एनकाउंटर'

3 और 4 जनवरी की दरमियानी रात पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि तीनों आरोपी बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में छिपे हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने पप्पू उर्फ बिंदू यादव और अर्जुन डोम को मौके पर ही दबोच लिया। लेकिन तीसरा आरोपी करन डोम अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, तो उसने तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।जवाबी कार्रवाई (Self-Defense) में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे करन के पैर में लगी। वह कराहते हुए वहीं ढेर हो गया।

बरामदगी और कानूनी शिकंजा

मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी करन के पास से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया है। आरोपियों के पास से पीड़िता से छीना गया मोबाइल और कुछ नकदी भी मिली है।पुलिस ने इन पर BNS की नई धाराओं सहित पॉक्सो (POCSO) और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाकी दोनों को हवालात भेज दिया गया है। पप्पू उर्फ बिन्दू यादव (30 वर्ष): मुख्य आरोपी राजगीर मिस्त्री, जिसने विश्वासघात किया।अर्जुन डोम (19 वर्ष): भलुआ टोला का निवासी और घटना में शामिल साथी। करन डोम (28 वर्ष): लंका कॉलोनी का निवासी, जिसने पुलिस पर फायरिंग की (पैर में गोली लगी)।

जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद

इस त्वरित कार्रवाई से ओबरा की जनता ने राहत की सांस ली है। ओबरा सीओ अमित कुमार ने बताया कि अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी। पीड़िता को सुरक्षा और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
नशे की ओवरडोज बनी मौत का जाल: दोस्त ने ही घोंटा गला, 48 घंटे लाश के साथ उसी कमरे में सोता रहा कातिल
विकास कुमार सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज जनपद के अमौली गांव में नहर के पास मिली एक अज्ञात लाश ने जो राज उगला है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि नशे, दोस्ती और दगाबाजी की एक ऐसी दास्तां है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
मामला पन्नूगंज और रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बीच का है। पुलिस खुलासे के मुताबिक, 23 दिसंबर की शाम सुदीप देव पाण्डेय उर्फ सूरज ने अपने दोस्त अखिलेश यादव उर्फ कन्हैया (25 वर्ष) को बोलेरो से घुमाने के बहाने बुलाया। दोनों 'बंटी' नाम के एक तस्कर से हेरोइन खरीदकर लाए और नशे का इंजेक्शन लगाया।

जब 'झाग' देख कांप गई कातिल की रूह
आरोपी सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने खुद 5ml इंजेक्शन लिया, जबकि अखिलेश को 10ml हेरोइन का इंजेक्शन लगा दिया। ओवरडोज होते ही अखिलेश के मुंह से झाग निकलने लगा और वह तड़पने लगा। पकड़े जाने के डर और घबराहट में सूरज ने मदद करने के बजाय अपने ही दोस्त का गला दबाकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

लाश के साथ गुजारी दो रातें!
इस वारदात का सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला पहलू यह है कि हत्या करने के बाद सूरज ने लाश को ठिकाने लगाने की हिम्मत तुरंत नहीं जुटाई। वह 48 घंटे तक उसी कमरे में अखिलेश की लाश के साथ रहा। अपनी आंखों के सामने दोस्त का शव रखकर वह सामान्य दिखने का नाटक करता रहा। आखिर में 25 दिसंबर की भोर में उसने शव को बोलेरो में लादा और मरकरी नहर में फेंक दिया।
पुलिस की रडार पर था पुराना 'खिलाड़ी'
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर 4 टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान जब सूरज पांडेय का नाम सामने आया, तो पुलिस ने गेरूई नर्सरी के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। मृतक जो अखिलेश यादव (25), निवासी नौडिहा।आरोपी सुदीप देव पाण्डेय (26), जिसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।बरामदगी में हत्या में इस्तेमाल बोलेरो और अन्य साक्ष्य।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (103), अपहरण (140) और साक्ष्य मिटाने (238) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
सोनभद्र में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक सवार को रौंदा; मौके पर ही मौत


विकास कुमार

हाथीनाला सोनभद्र। सोनभद्र जिले के हाथीनाला थाना क्षेत्र अंतर्गत हथवानी गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक अनियंत्रित टैंकर ने बाइक सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर टैंकर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक फरार होने में कामयाब रहा।

घटना का विवरण
मृतक की पहचान अनिल कुमार, निवासी रानीताली के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, अनिल शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अपने घर से रेणुकूट के लिए निकला था। जैसे ही वह हाथीनाला क्षेत्र के हथवानी गांव के मोड़ के पास पहुँचा, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार टैंकर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अनिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई
सड़क पर शव पड़ा देख स्थानीय राहगीरों ने तत्काल हथवानी ग्राम प्रधान आनंद यादव को सूचित किया। ग्राम प्रधान की सूचना पर हाथीनाला थाना प्रभारी नागेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार टैंकर का पीछा किया और उसे पकड़ लिया, हालांकि चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेज दिया है।

शादी वाले घर में पसरा सन्नाटा
इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक अनिल कुमार की इसी महीने शादी होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के बाद खुशियां मातम में बदल गई हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
"घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। टैंकर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। मामले में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
देवदूत बनकर आई सोनभद्र पुलिस: मौत की पटरी पर लेटा था युवक, पुलिस ने ट्रेन रुकवाकर बचाई जान

विकास कुमार

सोनभद्र।कहते हैं 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय', लेकिन सोमवार को शक्तिनगर में इस कहावत को हकीकत में बदलने का श्रेय वहां की पुलिस टीम को जाता है। जब एक शख्स अपनी जिंदगी की डोर तोड़ने के लिए लोहे की पटरियों पर लेट गया, तब शक्तिनगर पुलिस ने फिल्मी अंदाज में दिलेरी दिखाते हुए मौत के पहियों को चंद कदमों की दूरी पर रोक लिया।

खौफनाक मंजर: जब पटरी पर बिछ गई 'मौत'घटना शक्तिनगर थाना क्षेत्र के खड़िया इलाके की है। दोपहर के करीब 1:55 बजे अफरा-तफरी मच गई जब सूचना मिली कि 42 वर्षीय संतोष केशरी नाम का व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर सुसाइड के इरादे से लेटा हुआ है। पटरियों पर दूर से आती ट्रेन की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही थी और समय रेत की तरह हाथ से फिसल रहा था।डायल-112 की मुस्तैदी और 'सुपरकॉप' एक्शन जैसे ही सूचना डायल-112 के जरिए पुलिस तक पहुंची, थानाध्यक्ष कमल नयन दूबे अपनी टीम के साथ बिना एक पल गंवाए मौके की ओर दौड़ पड़े।

युवक को सकुशल थाने लाने के बाद पुलिस ने सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं की, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका निभाई। संतोष की काउंसलिंग की गई और उसे जीवन का महत्व समझाया गया। बाद में उसके परिजनों को बुलाकर, युवक को समझा-बुझाकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।इस जीवन रक्षक अभियान में थानाध्यक्ष कमल नयन दूबे, कांस्टेबल अक्षय यादव, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सरोज और होमगार्ड चालक नागेंद्र नाथ चौबे की भूमिका की पूरे जिले में सराहना की जा रही है।
माफियाओं के 'सिंडिकेट' पर DM का प्रहार कलेक्ट्रेट में टास्कफोर्स की बैठक में दी कड़ी चेतावनी


विकास कुमार

सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खेल को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित टास्कफोर्स की बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध खनन और परिवहन पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

जिलाधिकारी ने गठित टीमों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा, "अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें जो नजीर बने।" साथ ही, ए.आर.टी.ओ. और खनन विभाग को संयुक्त रूप से ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाने का जिम्मा सौंपा गया है।

राजस्व बढ़ाने और पारदर्शी व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बालू और गिट्टी के जिन पट्टों की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके लिए तत्काल नया विज्ञापन जारी कर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने वन विभाग को भी चेताया कि पट्टों से संबंधित लंबित फाइलों को दबाकर न बैठें, उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान DM ने राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रति माह निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति अनिवार्य है। उन्होंने एडीएम (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला, सभी एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करें ताकि अवैध गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।

बैठक में ये रहे मौजूद।इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला, ओबरा एसडीएम विवेक कुमार सिंह, घोरावल एसडीएम आशीष त्रिपाठी और ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
शक्तिनगर में दबंगों का तांडव: पहले युवक को लाठी-डंडों से पीटा, फिर भागते समय बाइक सवार को बोलेरो से रौंदा

विकास कुमार

शक्तिनगर (सोनभद्र)। औद्योगिक क्षेत्र शक्तिनगर की बीना कॉलोनी सोमवार की दोपहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। बेखौफ दबंगों ने न केवल एक युवक को घर के सामने घेरकर बेरहमी से पीटा, बल्कि भागने की हड़बड़ी में एक अन्य राहगीर को अपनी गाड़ी से जोरदार टक्कर मार दी। इस दोहरे तांडव से पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल व्याप्त है।

घर के बाहर घेरकर किया जानलेवा हमला मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (29 दिसंबर 2025) दोपहर करीब 2 बजे कृष्णशीला क्षेत्र के निवासी प्रणय शर्मा अपने घर के पास थे। आरोप है कि तभी इलाके के रसूखदार दबंग राजकुमार शर्मा, प्रकाश नारायण और गोलू दुबे ने उन्हें घेर लिया। बिना किसी उकसावे के आरोपियों ने गालियां देते हुए लाठी-डंडों से प्रणय पर हमला बोल दिया। इस हमले में प्रणय के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और वे लहूलुहान हो गए।

फरार होते समय बाइक सवार को मारी टक्कर
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी बोलेरो (MP17 ZQ 3299) में सवार होकर जान से मारने की धमकी देते हुए भागने लगे। भागने की आपाधापी में उन्होंने सड़क पर जा रहे कॉलोनी निवासी नवीन कुमार सिंह की मोटरसाइकिल (DL 35 R 2720) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नवीन बाइक समेत काफी दूर तक घिसटते चले गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनकी मोटरसाइकिल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

अस्पताल में भर्ती, पुलिस से न्याय की गुहार
हादसे के बाद घायल नवीन कुमार सिंह को आनन-फानन में नेहरू अस्पताल, जयंत ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और इलाज जारी है। वहीं, पीड़ित प्रणय शर्मा ने हिम्मत दिखाते हुए थाना शक्तिनगर में नामजद तहरीर दी है।इस घटना के बाद से बीना कॉलोनी के निवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि इन दबंगों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, शक्तिनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
सोनभद्र में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में कार्रवाई  'ऑपरेशन क्लीन' के तहत 14,311 लीटर अवैध शराब पर चला बुलडोजर
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद में अपराधियों और अवैध कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने मजिस्ट्रेटीय समिति की निगरानी में भारी मात्रा में जब्त की गई अवैध अंग्रेजी शराब को नष्ट कर दिया।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनभद्र द्वारा 19 नवंबर 2024 को जारी आदेश के अनुपालन में यह विनष्टीकरण प्रक्रिया अपनाई गई। बुधवार (24 दिसंबर) को रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत जेसीबी मशीन से गहरा गड्ढा खोदकर कुल 14,311 लीटर अवैध शराब को जमींदोज किया गया।

इन मुकदमों से जुड़ी थी खेप नष्ट की गई शराब रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज दो बड़े मामलों से संबंधित थी। मु0अ0सं0 171/2024: इस मामले में वाहन (HR 55 S 1638) से 5,400 लीटर (600 पेटी) शराब बरामद की गई थी। मु0अ0सं0 536/2023: इस पुराने मामले में ट्रक (HR 45 B 0051) से 8,911 लीटर (21,936 शीशी) अवैध शराब पकड़ी गई थी।

समिति की निगरानी में पारदर्शिता
पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा, नायब तहसीलदार विशाल कुमार, अभियोजन अधिकारी श्रीकांत सिंह और प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज माधव सिंह मौके पर मौजूद रहे।
ओबरा में अवैध खनन की कवरेज करने गए पत्रकारों को जान से मारने की धमकी, थाने में शिकायत दर्ज क्या है पूरा मामला
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के ओबरा खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकारों ने ओबरा थाने में तहरीर देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, ओबरा के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में स्थित बजरंग स्टोन पत्थर खदान में बुधवार को विभागीय जांच टीम के आने की सूचना मिली थी। समाचार संकलन के लिए जब पत्रकार अरविंद कुशवाहा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां तैनात खनन संचालक के गुर्गों ने उन्हें रोक लिया।

पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि धीरज राय के साथी ने उनके साथ अभद्र और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। पत्रकारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि वे वहां से नहीं गए या फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उन्हें "खदान में धकेल दिया जाएगा, जिससे उनका नामोनिशान मिट जाएगा।"

डेंजर जोन में तब्दील हो चुकी हैं खदानें
गौरतलब है कि यह क्षेत्र पिछले दिनों कृष्ण माइंस में सात मजदूरों की मौत के बाद से ही चर्चा में है। ओबरा के इस खनन क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाकर मनमानी की जा रही है।
* बंद खदानें: नियमों के उल्लंघन के कारण प्रशासन अब तक 37 खदानों को बंद कर चुका है।
* अवैध बैरिकेडिंग: अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए खदान मालिकों ने चारों तरफ बैरिकेड लगा दिए हैं ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी वीडियो न बना सके।
* डीजीएमएस के मानक: सुरक्षा मानकों (DGMS) की अनदेखी के कारण कई खदानें 'डेंजर जोन' घोषित हो चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

जांच से बौखलाए खदान मालिक
लगातार हो रहे खबरों के प्रकाशन और शासन-प्रशासन की सख्ती से खनन माफियाओं में बौखलाहट है। खदान मालिक अपनी अवैध गतिविधियों के उजागर होने के लिए सीधे तौर पर पत्रकारों को जिम्मेदार मान रहे हैं। इसी रंजिश के चलते पत्रकारों को डराने-धमकाने और कवरेज से रोकने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

फिलहाल, ओबरा पुलिस ने पत्रकारों की शिकायत ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्रकारों ने मांग की है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने वाले और अवैध खनन में लिप्त दबंगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सोनभद्र खनन हादसा: 7 शव बरामद, दर्जन भर फंसे! मजदूर नेता मंगल तिवारी ने सीएम योगी से की भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों जांच की मांग

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जिले के बिल्ली-मारकुण्डी घाटी में बीते शनिवार को हुए भयंकर खनन हादसे ने प्रदेश में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हृदय विदारक दुर्घटना में बचाव दल द्वारा अब तक 7 मजदूर मृतकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अभी भी लगभग एक दर्जन मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए, मजदूर नेता एवं वरिष्ठ पत्रकार मंगल तिवारी ने इस मामले में गहन जांच की मांग उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने खदानों में होने वाले श्रमिकों की मौत की गहराई से जांच कराने तथा खनन कारोबारियों से लगाए संबंधित विभाग एवं संलिप्त लोगों की संपत्तियों की जांच की मांग की है।

सीएम योगी को पत्र में मुख्य मांगें

मिर्ज़ापुर असंगठित कामगार यूनियन (माकू यूनियन) के महामंत्री मंगल तिवारी ने मुख्यमंत्री से निवेदन भरे शब्दों में कहा है कि यदि उनके प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार तथा अपने पद एवं दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती जा रही है, तो अन्य मंत्रालयों की स्थिति का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है।

माकू यूनियन ने उत्तर प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए निम्नलिखित निष्पक्ष जांचों की मांग की है:

 दोषी अधिकारियों की जांच: खनन विभाग के संबंधित अधिकारी, स्थानीय पुलिस अधिकारी, सहायक निदेशक कारखाना (ADF) तथा श्रम विभाग के संबंधित मॉनिटरिंग अधिकारी (सहायक श्रमायुक्त, उप श्रमायुक्त) की भूमिका एवं दायित्वों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 संपत्ति की विस्तृत जांच: दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं लीज धारकों की संपत्ति की विस्तृत जांच की जाए।

 स्वतंत्र एजेंसी से जांच: इस घटना सहित विगत दो वर्षों में खनन क्षेत्र में मजदूरों के साथ हुई दुर्घटनाओं एवं मौतों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।एनजीटी मानकों पर जांच: मिर्जापुर-सोनभद्र के सभी खनन पट्टों की एनजीटी (NGT) के मानकों के तर्ज पर जांच कराई जाए।

 समान आर्थिक सहायता: सभी दिवंगत श्रमिक आश्रितों को एक समान आर्थिक सहायता मिले।

"यह परिस्थिति शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न उत्पन्न करती है।"

मंगल तिवारी, मजदूर नेता एवं वरिष्ठ पत्रकार

भविष्य के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी

मंगल तिवारी ने बताया कि माकू यूनियन श्रमिकों के लिए पूर्ण रूप से समर्पित संगठन है, जिसका एकमात्र लक्ष्य श्रमिकों और उनके परिवार का उत्थान, उनको मान सम्मान और अधिकार दिलाना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यूनियन का उद्देश्य केवल इतना है कि प्रदेश में कार्यरत श्रमिक भाइयों को सुरक्षा का अधिकार मिले तथा इस भीषण घटना में मारे गए श्रमिकों के परिजनों को शीघ्र न्याय मिल सके।

मंगल तिवारी ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द ही सोनभद्र जिले में श्रमिकों के हक अधिकारों को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, ताकि प्रति वर्ष खदानों में खाक होती मजदूरों की जिंदगी को बचाया जा सके और उन पूँजिपतियों से लेकर सफेदपोशों के कारनामों का भी खुलासा किया जा सके जो इन मजदूरों के कंधों का उपयोग कर अपने लिए सुख-सुविधाएं तो बना लेते हैं लेकिन मजदूरों की जिंदगी जस की तस ही बनी रह जाती है।

सोनभद्र खदान हादसा: ड्रिलिंग के दौरान चट्टान धसी, पांच मजदूरों की मौत, मलबे में दबे अन्य 10 से अधिक लोग, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की राहत अभियान जारी

सोनभद्र । ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खदान में शनिवार दोपहर हुए भयानक हादसे ने मजदूरों और उनके परिवारों को हिला कर रख दिया है। खदान में ड्रिलिंग के दौरान अचानक चट्टान धसक गई, जिससे कम से कम 15 मजदूर मलबे में दब गए। दो दिन के लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मजदूरों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।

मृतकों की पहचान

अमरिनिया टोला, परसोई ग्राम पंचायत, ओबरा: राजू सिंह गोंड (शव रविवार की सुबह बरामद)

पनारी ग्राम पंचायत, करमसार टोला: संतोष यादव (30), इंद्रजीत यादव (32)

कोन, कचनरवा गांव: रविंद्र उर्फ नानक

एक अन्य मजदूर की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पहचान के लिए केवल मृतकों के स्वजन ही पोस्टमार्टम हाउस में प्रवेश कर पा रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन और मुश्किलें

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सीआईएसएफ की 100 से अधिक जवानों की टीम मलबे में दबे मजदूरों को बचाने के लिए लगातार काम कर रही है। खदान की गहराई लगभग 150–200 फीट है और भारी मलबा बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन रहा है।एक बड़ी चट्टान के नीचे कई मजदूर फंसे हुए हैं, जिसे तोड़ने में काफी समय लग रहा है।बचाव दल रात-दिन जुटा हुआ है, लेकिन मलबे और अंधेरे की स्थिति में रेस्क्यू की गति अपेक्षित नहीं रही।प्रशासन ने दुर्घटना स्थल को अति संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर, आम लोगों और मीडिया का प्रवेश रोक दिया है।

हादसे का समय और कारण

हादसा शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे हुआ।श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स कंपनी की पत्थर खदान में ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा था।नौ कंप्रेशर मशीनों पर 18 मजदूर काम कर रहे थे।अचानक एक तरफ से चट्टान धसक गई और मलबा लगभग 150 फीट नीचे गिर गया।तीन मजदूर किसी तरह बचकर बाहर आए, लेकिन अन्य 15 से अधिक मजदूर मलबे में फंस गए।

प्रशासनिक पहल और सुरक्षा उपाय

ओबरा के एसपी और सीओ सिटी रणधीर मिश्र की अगुवाई में सुरक्षा बल तैनात हैं।जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारों का जल्द पता लगाया जाएगा।सुरक्षा कारणों से दुर्घटना स्थल पर आम जनता और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।

गांवों में मातम और हाहाकार

मलबे में फंसे मजदूरों के परिवार शोकाकुल हैं।आसपास के गांवों में हाहाकार मचा हुआ है, क्योंकि कई परिवार अब भी अपने परिजनों की तलाश में हैं।राहत कार्य में हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि दबे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।अधिकारियों का कहना है कि मलबे की बड़ी चट्टान को हटाने के बाद ही बचे हुए मजदूरों की संख्या और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।राहत और बचाव अभियान जारी है, और प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और सावधानी बरती जा रही है।