काशी में नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आगाज, पीएम मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन
लखनऊ /वाराणसी। काशी के सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यक्रम से जुड़े, पूरा स्टेडियम ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

पीएम ने खिलाड़ियों और कोच का किया अभिवादन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों, कोच और आयोजकों का अभिवादन करते हुए कहा कि बनारस केवल एक शहर नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कारों की जीवंत पाठशाला है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वॉलीबॉल जैसे खेल टीमवर्क और सामूहिक जीत की भावना सिखाते हैं। यह खेल ‘टीम फर्स्ट’ का संदेश देता है, जो देश की ‘इंडिया फर्स्ट’ भावना से जुड़ा हुआ है।

कोई भी जीत अकेले की नहीं होती : मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी जीत अकेले की नहीं होती, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम से पहले स्टेडियम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और खेल प्रेमियों ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि काशी में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होना गौरव की बात है।

आज देश के खिलाड़ियों को वैश्विक पहचान मिल रही : पाठक

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि आज देश के खिलाड़ियों को वैश्विक पहचान मिल रही है और प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनसे संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था बनाई गई है।इस चैंपियनशिप में देशभर से 58 टीमें भाग ले रही हैं। स्टेडियम को आकर्षक बैनर, होर्डिंग और ध्वजों से सजाया गया है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों की मौजूदगी रही।
नए साल पर जाम लगने पर तीन चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
लखनऊ। नए साल के पहले दिन राजधानी में भारी यातायात जाम के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डीसीपी पश्चिम ने सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट चौकियों के इंचार्ज को लाइनहाजिर कर दिया, जबकि पुराना हाईकोर्ट और रिवर बैंक चौकियों के इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।

हजरतगंज में ई-रिक्शा पूरी तरह से प्रतिबंध

शहर के हजरतगंज इलाके में शनिवार से ई-रिक्शा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। शुक्रवार को नए साल के जश्न में शहरभर में पांच लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे, जिससे बड़े हिस्सों में जाम लग गया। खासकर पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज, चौक और हजरतगंज क्षेत्रों में वाहनों का दबाव बढ़ गया।जाम की वजह ठेले-खोमचों और ई-रिक्शा के अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी होना बताया गया। श्रद्धालु हनुमंत धाम और हनुमान सेतु दर्शन के लिए आए, उन्हें भी लंबा जाम झेलना पड़ा।

चौक इलाके में जाम के कारण टीआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई

जाम की स्थिति पर डीसीपी पश्चिम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित चौकी इंचार्जों से जानकारी मांगी। पुराना हाईकोर्ट और रिवर बैंक के चौकी इंचार्जों ने जाम की जानकारी न होने की बात बताई, जिससे उनकी लापरवाही उजागर हुई।इसके अलावा, चौक इलाके में जाम के कारण टीआई जमानत अब्बास के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

अभियान के तहत 28 ई-रिक्शा सीज किए गए

हजरतगंज में अभियान के तहत 28 ई-रिक्शा सीज किए गए और 120 वाहनों के चालान काटे गए। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने बताया कि हजरतगंज इलाके में ई-रिक्शा संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सड़कों पर जाम रोकने और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया था। इस आदेश के बाद प्रशासन ने नए साल के पहले दिन हुई लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।
भट्ठा लूट कांड: पूर्व ब्लॉक प्रमुख के दो गुर्गों की गिरफ्तारी, एक फरार
कन्नौज। दो साल पहले हुए भट्ठा लूट मामले में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक अन्य आरोपी के घर भी दबिश दी, लेकिन वह भागने में सफल रहा। इस दौरान पुलिस ने उसके घर से सीसीटीवी का डीवीआर जब्त कर लिया।

दोनों आरोपियों को कोतवाली लाकर पूछताछ की जा रही

शहर के मोहल्ला यूसुफपुर भगवान में सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने कार्रवाई की। कार्रवाई में विराट मौर्य को पकड़ा गया, जबकि शिवम दुबे उर्फ सोमू पुलिस से बच निकला। इसके अलावा रामपुर मजरे गांव में एक ट्यूबवेल पर दबिश देकर सुरजीत यादव को भी हिरासत में लिया गया। दोनों आरोपियों को कोतवाली लाकर पूछताछ की जा रही है।

विशाल ने दो साल बाद घटना की एफआईआर दर्ज कराई थी

सदर कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव और उनके भाई नीलू यादव के साथ मिलकर भट्ठा लूट कांड को अंजाम देने में शामिल थे। पीड़ित विशाल यादव ने दो साल बाद घटना की एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 2023 को नवाब और नीलू ने उनके भट्ठे पर कब्जा कर डेढ़ लाख रुपये की नकदी और 15 लाख रुपये के सामान लूट लिए थे। इसके अलावा चाचा की बाइक भी ले ली गई थी।किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में नवाब सिंह यादव वर्तमान में बांदा की मंडलीय कारागार में बंद हैं, जबकि नीलू यादव कौशांबी जिला कारागार में साक्ष्य मिटाने के आरोप में बंद हैं।

दोनों पर पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी

दोनों पर पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।भट्ठा लूट मामले के अन्य फरार आरोपियों में अड़ंगापुर निवासी सचिन यादव, रामपुर मजरे निवासी प्रदीप यादव और कुतलूपुर मकरंदनगर निवासी शिवम दुबे उर्फ सोमू शामिल हैं। सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि पुलिस जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।पुलिस ने बताया कि नवाब सिंह यादव के गुर्गों पर शिकंजा कसना जारी है और शेष फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए भी अभियान तेज कर दिया गया है।
हज 2026: यात्रियों के प्रशिक्षण की तैयारी शुरू, प्रशिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण


लखनऊ। हज 2026 पर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा। इससे पहले हज कमेटी ऑफ इंडिया ने चयनित हज प्रशिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है।

कमेटी के अनुसार चयनित प्रशिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण 10 और 11 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। यह विशेष प्रशिक्षण मुंबई स्थित हज हाउस में संपन्न होगा। सभी चयनित ट्रेनर्स को 10 जनवरी की सुबह 7:30 बजे अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करना होगा।

हज कमेटी ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। जो प्रशिक्षक प्रशिक्षण में सफल नहीं होंगे, उन्हें प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

प्रशिक्षण में शामिल होने वाले ट्रेनर्स को एसी 3-टियर रेल किराया तथा 1000 रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद ही प्रशिक्षक हज यात्रियों को हज की प्रक्रिया, नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी देंगे।

हज कमेटी का कहना है कि इस व्यवस्था से हज यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित
कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं वरुण गांधी, गांधी परिवार के एकजुट होने के संकेत
* विधानसभा चुनाव 2027 से पहले यूपी की सियासत में हो सकता है बड़ा उलटफेर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जल्द ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। बीजेपी नेता एवं पूर्व लोकसभा सांसद वरुण गांधी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, गांधी परिवार के भीतर एकजुटता के संकेत मिलने लगे हैं, जिससे सियासी हलकों में हलचल मची हुई है।

सूत्र बताते हैं कि हाल ही में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी की वरुण गांधी से मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि वरुण गांधी के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से रिश्ते पहले से ही अच्छे रहे हैं और इससे पहले भी उनकी मुलाकातें होती रही हैं।

माना जा रहा है कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वरुण गांधी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस जिस रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों में जुटी है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी कोई बड़ा राजनीतिक दांव खेलने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि 2024 लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद से वरुण गांधी राजनीतिक रूप से हाशिए पर नजर आ रहे हैं और सार्वजनिक रूप से काफी शांत दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, हाल ही में संजय गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस के बड़े आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट ने भी राजनीतिक संदेश दे दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सभी घटनाक्रमों से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि गांधी परिवार एक बार फिर सियासी तौर पर एकजुट होने की दिशा में बढ़ रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव की एडिटेड फोटो वायरल, साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज

लखनऊ /मैनपुरी। सांसद डिंपल यादव और उनकी पुत्री की आपत्तिजनक एडिटेड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीन यादव ने फेसबुक पेज ‘इंडियन स्टोरी’ के खिलाफ शिकायत दी है।

सांसद और उनकी पुत्री को फोटो को किया गया संपादित

प्रवीन यादव ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को इस आईडी के माध्यम से सांसद और उनकी पुत्री की फोटो को संपादित कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह फोटो उनके खिलाफ मानसिक और सामाजिक अपमान फैलाने के उद्देश्य से वायरल की गई थी।साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतीश यादव ने बताया कि वायरल फोटो के मामले में आरोपी के खिलाफ महिला की निजता का उल्लंघन, निजी पलों में दखल और अश्लील सामग्री फैलाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

अब आईडी बनाने वाले आरोपी की तलाश में जुट गई पुलिस

टीम अब आईडी बनाने वाले आरोपी की तलाश में जुट गई है और उसकी पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता से आवश्यक दस्तावेज भी मांगे जा चुके हैं।साइबर क्राइम टीम ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में कानूनी कार्रवाई तेजी से की जाती है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
चार मोबाइल चोरी के साथ जीआरपी ने दो पेशेवर चोरों को धर दबोचा
लखनऊ। जीआरपी चारबाग पुलिस ने शुक्रवार को दो पेशेवर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से चार चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइल फोन की कीमत लगभग ₹40,000/- बताई गई है।पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे उत्तर प्रदेश और पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ/प्रयागराज के निर्देश और पुलिस उपमहानिरीक्षक रेलवे लखनऊ व पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

दोनों अभियुक्त पहले भी चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहे

अभियान का मकसद ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर चोरी, लूट, जहरखुरानी और मादक पदार्थ की तस्करी जैसी घटनाओं की रोकथाम करना और इनामी/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी करना है।गिरफ्तार अभियुक्त का नाम आनंद, 29 वर्षीय, पुत्र राज, निवासी 554 ग़/120 दामोदर नगर, कृष्णानगर,धर्मेश, 27 वर्षीय, पुत्र हरि नाम, निवासी फतेहगंज थाना है। दोनों अभियुक्त पहले भी कई चोरी की घटनाओं में संलिप्त रह चुके हैं और पेशेवर चोर माने जाते हैं।

अभियुक्तों के कब्जे से चार चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद

गिरफ्तारी जीआरपी चारबाग के प्रभारी निरीक्षक और टीम के निरीक्षकों सौरव, संतोष कुमार, राजेश कुमार, आज्ञाराम, राहुल कुमार और दलजीत के नेतृत्व में की गई। अभियुक्तों के कब्जे से चार चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद हुए।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रेलवे ट्रैकों और स्टेशनों की सुरक्षा को मजबूत करने, ट्रेनों में चोरी और लूट की घटनाओं को रोकने, और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई है।
“छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने आई युवती को चलती ट्रेन से फेंकने का सनसनीखेज प्रयास, परिजनों ने दर्ज कराई हत्या की साजिश की FIR”

लखनऊ। यूपी की राजधानी के काकोरी के रहमानखेड़ा रेलवे लाइन के पास एक युवती को चलती ट्रेन से धक्का देकर मारने की सनसनीखेज कोशिश की गई। घटना की आड़ में आरोप है कि यह हमला उसी प्रधान सहायक ने कराया, जिसके खिलाफ युवती ने पहले छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

लोकेशन रहमानखेड़ा फॉर्म के पास रेलवे पटरी के किनारे मिली

जानकारी के अनुसार, हरदोई की ठाकुरगंज निवासी युवती, जो बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में सुपरवाइजर हैं, बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे पिता के साथ आलमनगर स्टेशन से बरेली एक्सप्रेस में बैठकर घर लौट रही थीं। कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। आखिरी लोकेशन रहमानखेड़ा फॉर्म के पास रेलवे पटरी के किनारे मिली।

ट्रैक के पास युवती को घायल अवस्था में देखा

परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन युवती का पता नहीं चला। शाम को रेलवे फाटक पर तैनात कर्मचारियों ने सूचना दी कि चरवाहों ने ट्रैक के पास युवती को घायल अवस्था में देखा है। युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और वहां से ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।युवती के भाई का आरोप है कि 19 दिसंबर को युवती ने प्रधान सहायक कमल कुमार के खिलाफ हरदोई कोतवाली में छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

युवती का बैग और सामान गायब

इसके बाद कमल का तबादला देहात कर दिया गया। लेकिन 1 जनवरी को युवती जब घर से दस्तावेज और अन्य सामान लेकर ट्रेन में निकली, आरोप है कि कमल और उसके परिचितों ने हत्या की नियत से उसे ट्रेन से धक्का दे दिया।परिजन यह भी बताते हैं कि युवती का बैग और सामान गायब हो गया है।

रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे

इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि युवती होश में आने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराएगी। आलमनगर स्टेशन और रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी कमल कुमार की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।यह मामला केवल छेड़छाड़ का नहीं, बल्कि हत्या की साजिश का सनसनीखेज खुलासा बन गया है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और सनसनी पैदा कर दी है।
श्रद्धालुओं और आमजन की भारी भीड़ के बावजूद लखनऊ में यातायात नियंत्रण में : पुलिस आयुक्त
लखनऊ । पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर  द्वारा नववर्ष 2026 के अवसर पर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यातायात और नागरिक पुलिस की विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात दबाव और आने वाले कार्यक्रमों के लिए रणनीति का विस्तृत विश्लेषण किया गया।

श्रद्धालुओं और आमजन का बड़ा संख्यात्मक दबाव

नववर्ष के पहले दिन लखनऊ शहर में न केवल होटल, मॉल और पर्यटन स्थलों पर बल्कि चार प्रमुख मंदिरों – हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर – पर दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 05 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन किए और लगभग 01 लाख वाहनों का आवागमन देखा गया।

इस वर्ष विशेष रूप से यह देखा गया कि आमजन ने नववर्ष के दिन पर्यटन स्थलों की बजाय अपने आराध्य देवों के दर्शन को प्राथमिकता दी। इसके अलावा, दो बड़े मेले – कतकी मेला और उत्तरायणी मेला – में विभिन्न धर्मावलंबियों ने भाग लिया, जिससे हनुमंत धाम (परिवर्तन चौक) और नदवा बंधा मोड़ (हनुमान सेतु, खाटूश्याम और मनकामेश्वर मंदिर) पर यातायात दबाव बढ़ गया।

यातायात प्रबंधन की रणनीति और प्रभाव

यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ संकरी सड़कों का क्षेत्र है, इसलिए सामान्य दिनों में भी यातायात दबाव रहता है। लगभग 01 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और आमजन के आने के बावजूद यातायात सुचारु रूप से चलता रहा।नववर्ष के अवसर पर यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूर्व से ही योजना बनाई थी। पूरे थाना क्षेत्र, यातायात पुलिस, कार्यालय और मद में नियुक्त पुलिस बल को सक्रिय रूप से तैनात किया गया।

विशेष रूप से, चिड़ियाघर में अत्यधिक भीड़ के कारण काउंटर बंद करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद 1090 चौराहा, दैनिक जागरण चौराहा, समतामूलक चौराहा, आईजीपी चौराहा, भिटौली तिराहा, शहीदपथ, लखनऊ-अयोध्या रोड, रायबरेली रोड, कानपुर रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, किसानपथ और अन्य मुख्य मार्गों पर यातायात सामान्य रहा।

गोष्ठी में दिए गए प्रमुख निर्देश

समन्वय और कार्ययोजना: ट्रैफिक को बेहतर करने के लिए पुलिस बल और संबंधित विभागों (एलडीए, पीडब्ल्यूडी) के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाए।
डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त बल: शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए डायवर्जन मैप और अतिरिक्त पुलिस बल (10 रेसर मोबाइल और 42 उ0नि0) तैनात किए जाएं।
पार्किंग प्रबंधन: पार्किंग स्थल से अलग-अलग मार्गों के माध्यम से प्रवेश और निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नो पार्किंग जोन का सख्ती से पालन किया जाए और क्रेन/टोइंग की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
सड़क सुधार: नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ रोड इंजीनियरिंग की त्रुटियों का समाधान किया जाए।
व्यवसायिक प्रतिष्ठान सहयोग: होटल, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए।
आयोजन नियंत्रण: किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देने से पूर्व मार्ग और पार्किंग पर पर्याप्त ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
क्रेन और वाहन टोइंग: शहर में विभिन्न मार्गों पर पार्क किए गए वाहनों के लिए अतिरिक्त क्रेन व्यवस्था की जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
ग्रीन कॉरिडोर रोड समीक्षा: जल्द ही तैयार होने वाले ग्रीन कॉरिडोर मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर संभावित चुनौतियों और समाधान की योजना बनाई जाए।
सार्वजनिक जागरूकता: सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से 3-4 दिन पहले नागरिकों को पार्किंग, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।

भविष्य की तैयारी और चुनौती प्रबंधन

आयुक्त ने विशेष बल दिया कि राजधानी होने के कारण महत्वपूर्ण व्यक्तियों और आमजन के आवागमन के साथ कई आयोजन भी होते रहते हैं। इन आयोजनों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना आवश्यक है, ताकि यातायात सुचारु रहे। आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की मांग की गई है।
घने कोहरे की चादर में लखनऊ, हवाई उड़ानें प्रभावित
लखनऊ। राजधानी लखनऊ घने कोहरे के आगोश में है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब मौसम के चलते कई उड़ानें देरी से चलीं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा।

दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-2171 लैंड नहीं कर सकी। विमान ने आसमान में करीब 17 चक्कर लगाए, लेकिन दृश्यता मात्र 10 मीटर रहने के कारण लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली और फ्लाइट को वापस दिल्ली भेज दिया गया।

लखनऊ से रियाद जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-189 को रद्द कर दिया गया। वहीं, मुंबई से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5264 लगभग 45 मिनट की देरी से पहुंची। रियाद से आने वाली फ्लाइनस की फ्लाइट एक्सवाई-333 भी लेट रही।

इसके अलावा हैदराबाद, किशनगढ़ और झारसुगुड़ा से आने वाली उड़ानें 2 से 3 घंटे की देरी से लखनऊ पहुंचीं। लगातार कोहरे के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।