गया में जमीन खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, एक करोड़ से अधिक के गबन का आरोप

गया जिले में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी संजय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने चंदौती थाना क्षेत्र के कटारी हिल मोहल्ला निवासी संजय यादव को उसके कटारी हिल स्थित आवास से गिरफ्तार किया। आरोपी पर जमीन कारोबार में धोखाधड़ी और एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन का गंभीर आरोप है।

इस संबंध में शनिवार सुबह सिविल लाइंस थानाध्यक्ष शमीम अहमद से पूछे जाने पर बताया कि संजय यादव लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसके खिलाफ जमीन खरीद-बिक्री में ठगी और 420 के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी कई महीनों से फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर उसके आवास पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तारी की गई.

थाना अध्यक्ष शमीम अहमद ने बताया कि संजय यादव जमीन का कारोबार करता है और स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान एक भू-माफिया के रूप में भी की जाती रही है।

आरोप है कि उसने लोगों को सस्ते दामों पर जमीन दिलाने का लालच देकर उनसे बड़ी रकम वसूली, लेकिन बाद में न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही पैसे वापस किए। इस तरह उसने कई लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया। संजय यादव पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन का आरोप है।

मामले में कई पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस को आशंका है कि जांच के दौरान और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।

फिलहाल आरोपी से सिविल लाइंस थाना में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं

तथा जमीन कारोबार में उसने किन-किन तरीकों से धोखाधड़ी की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने या बेचने से पहले सभी कागजातों की अच्छी तरह जांच करें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आएं। साथ ही यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी हुई है तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे।

स्व. विनोद सिंह की पुण्यतिथि पर गया में सेवा का संगम: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने हजारों गरीबों के बीच बांटे कंबल

गया: जिले के खिरियामा पंचायत में पूर्व मुखिया स्वर्गीय विनोद सिंह की पुण्यतिथि को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया गया। इस भावपूर्ण अवसर पर एक भव्य सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कड़ाके की ठंड को देखते हुए हजारों जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय विनोद सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और अपने हाथों से ग्रामीणों को कंबल बांटे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को नए साल की अग्रिम बधाई भी दी।

"सच्चे जनसेवक थे विनोद सिंह" - डॉ. प्रेम कुमार

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि स्वर्गीय विनोद सिंह एक जमीन से जुड़े और सच्चे जनसेवक थे। उन्होंने अपने मुखिया कार्यकाल में समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य किया।

उन्होंने वर्तमान मुखिया राजेश सिंह और भाजपा नेता संतोष सिंह की सराहना करते हुए कहा, "विनोद बाबू के पुत्र आज उनके पदचिह्नों पर चलकर उनके अधूरे सपनों को पूरा कर रहे हैं। गरीबों की सेवा ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।"

खुश हुए ग्रामीण, युवाओं ने संभाली कमान

कंबल वितरण के दौरान बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान साफ देखी गई। ठंड के मौसम में मिली इस राहत के लिए ग्रामीणों ने आयोजकों का आभार जताया। कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाने में स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय विनोद सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

गया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सिंधु गढ़ थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का सफल उद्भेदन, एक आरोपी गिरफ्तार

गया जिले के सिंधु गढ़ थाना क्षेत्र में हुई लूट की सनसनीखेज घटना का गया पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर आम लोगों में भरोसा बढ़ा है।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र के मलिक चक्का गांव निवासी गोरेलाल कुमार, पिता स्वर्गीय रोशन यादव के रूप में की गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पूर्व सिंधु गढ़ थाना क्षेत्र में घटित हुई थी, जहां एक अज्ञात व्यक्ति को रास्ते में जबरन उसकी गाड़ी रुकवाकर अपराधियों ने पिस्तौल दिखाकर डराया-धमकाया। इसके बाद पीड़ित के साथ मारपीट की गई और उसके पास से नकद रुपये, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल तथा कुछ महत्वपूर्ण कागजात छीन लिए गए। घटना के बाद पीड़ित ने सिंधु गढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस संबंध में थाना कांड संख्या 64/24 दर्ज की गई थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान, गुप्त सूचना और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच शुरू की। लगातार छापेमारी और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने मुख्य अभियुक्त गोरेलाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया

पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने उसके पास से घटना से जुड़े कुछ अहम सुराग भी बरामद किए हैं, जिससे मामले की जांच को और मजबूती मिली है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

गया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आम जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने गया पुलिस की तत्परता और कार्यशैली की सराहना की है।

बॉडीबिल्डर प्रकाश कुमार ने बिहार चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण: एआर फिटनेस जिम के प्रकाश कुमार ने 75 किलो वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया

गया: गया शहर के एपी कॉलोनी स्थित वी-मार्ट मॉल के ऊपर संचालित लग्जरी ए.आर फिटनेस जिम इन दिनों शहर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जिम के होनहार बॉडीबिल्डर प्रकाश कुमार ने 21 दिसंबर 2025 को छपरा में आयोजित इंडियन बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन (मुंबई) से संबद्ध सीनियर मिस्टर बिहार बॉडीबिल्डिंग एंड मेन्स फिजिक्स चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 75 किलोग्राम भार वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने अपने गृह जिला औरंगाबाद और पूरे बिहार का नाम रोशन किया है।

प्रकाश कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के बिरहा बरिसा गांव के निवासी हैं। उनकी यह सफलता रातोंरात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे लगभग 14 वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और त्याग छिपा है। उन्होंने कठिन प्रशिक्षण, सख्त डाइट और मानसिक मजबूती के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। इससे पहले भी प्रकाश कुमार मिस्टर बिहार प्रतियोगिता में कुल सात पदक जीत चुके हैं, जिनमें चार स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर वे राज्य के उभरते बॉडीबिल्डरों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं।

अपनी सफलता का श्रेय माँ को देते हुए प्रकाश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता से करीब 10 दिन पहले जब शरीर में पानी और नमक का सेवन बंद कर दिया जाता है, तब शरीर और मन दोनों ही अत्यंत संवेदनशील अवस्था में होते हैं। यह समय बॉडी के लिए रिस्क जोन और डेंजर जोन माना जाता है। ऐसे कठिन क्षणों में उनकी मां का अटूट समर्थन और पूरे परिवार का सहयोग उन्हें भावनात्मक और मानसिक ताकत देता है। उनकी मां समय-समय पर डाइट और देखभाल करती हैं, जिसके बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। प्रकाश का कहना है कि “अकेले कोई भी खिलाड़ी सफल नहीं हो सकता, परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत है।”

प्रकाश कुमार ने यह भी कहा कि बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में बिहार और केंद्र सरकार द्वारा खिलाड़ियों को कई बड़े अवसर दिए जा रहे हैं। CISF और रेलवे जैसी सेवाओं में पदक विजेताओं को सीधी नौकरी मिलना युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। उनकी इस सफलता में ए.आर फिटनेस जिम के निदेशक आर्यन राज का भी अहम योगदान रहा, जिनका निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग उन्हें मिलता रहा। प्रकाश कुमार की यह जीत बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार के समर्थन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

गया में अपार्टमेंट विवाद ने लिया गंभीर रूप, महिला ने पुलिस संरक्षण का आरोप लगाते हुए वरीय अधिकारियों से लगाई गुहार

गया: गया शहर के चांदचौरा इलाके में स्थित मान ज्योति अपार्टमेंट का एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में रहने वाली महिला मनिका राय ने उसी अपार्टमेंट की एक अन्य महिला पर लगातार मारपीट, झगड़ा और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस पूरे मामले को लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

मनिका राय का आरोप है कि फ्लैट नंबर 203 की निवासी मधु कुमारी, पति चंदन कुमार, आए दिन अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों से विवाद करती रहती हैं। मधु कुमारी का फ्लैट के रहने वाली मनिका राय के सात बेरहमी से मारपीट करने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. आरोप के अनुसार, बात-बात पर गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे अपार्टमेंट का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। पीड़िता का कहना है कि इन घटनाओं से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की तस्वीरें कैद होने का दावा किया जा रहा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि मधु कुमारी को पुलिस विभाग में तैनात एक इंस्पेक्टर धर्म प्रकाश का संरक्षण प्राप्त है, जो उसी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में रहने की बात कही जा रही है और वर्तमान में पटना में पदस्थापित हैं। मनिका राय के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर के कथित इशारे पर ही मधु कुमारी अपार्टमेंट के अन्य निवासियों पर दबंगई दिखाती हैं, जिससे लोग डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

मामले को और गंभीर बनाते हुए मनिका राय ने आरोप लगाया कि मधु कुमारी द्वारा उनके बेटे को झूठे दुष्कर्म के मामले में फँसाने की धमकी दी जा रही है। वहीं, आरोप है कि पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा शराब तस्करी के झूठे केस में फँसाने की धमकी भी दी गई है, जिससे पूरा परिवार भयभीत है।

पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर विष्णुपद थाने में लिखित आवेदन दिया था, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। इससे आहत होकर उन्होंने वरीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

फिलहाल मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है और अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।

गया में मगध पुस्तक मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम 2025 का भव्य उद्घाटन, पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों से गुलजार नजर आया

गया शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार को मगध पुस्तक मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम 2025 का भव्य उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर गांधी मैदान पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों से गुलजार नजर आया।

कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं और युवा पीढ़ी को किताबों से जुड़ना चाहिए। लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पुस्तक मेले ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम होते हैं और ऐसे आयोजनों से बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिलता है। शैक्षणिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. विनोद कुमार मंगलम ने शिक्षा और संस्कृति के आपसी संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें ही सभ्यता की पहचान होती हैं। वहीं बोधगया मठ के स्वामी विवेकानंद गिरी ने भारतीय संस्कृति में साहित्य के महत्व को रेखांकित किया।

सम्मानित अतिथियों में पूर्व सांसद (औरंगाबाद) सुशील कुमार सिंह, अतरी विधायक रोमित कुमार, टिकारी विधायक अजय कुमार दांगी तथा गया नगर निगम के मुख्य महापौर वीरेंद्र कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के मेले न केवल साहित्य को बढ़ावा देते हैं बल्कि स्थानीय कलाकारों और लेखकों को भी मंच प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमार करण ने कहा कि किताबें बच्चों के मानसिक और नैतिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

उद्घाटन समारोह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुस्तक मेले में विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर शैक्षणिक, साहित्यिक और धार्मिक पुस्तकों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। आयोजन के माध्यम से गया में साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

गया में शीतलहर का असर, कक्षा 5 तक के विद्यालय 24 दिसंबर तक बंद

गया: गया जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार गया जिले के सभी सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल सहित), आंगनबाड़ी केंद्रों, निजी विद्यालयों एवं निजी कोचिंग संस्थानों में कक्षा 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 24 दिसंबर 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश 22 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा और 24 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों को ठंड से सबसे अधिक खतरा रहता है, इसलिए यह कदम उनके स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

वहीं कक्षा 6 एवं उससे ऊपर की कक्षाओं के लिए आंशिक राहत दी गई है। इन कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित की जाएंगी। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि इस दौरान पर्याप्त सावधानियां बरती जाएं, ताकि छात्रों को ठंड से बचाया जा सके।

गर्म कपड़े पहनने, खुले स्थानों में गतिविधियों से बचने और आवश्यकतानुसार ही कक्षाओं का संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जा रही विशेष कक्षाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है, ताकि परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों से आदेश का सख्ती से पालन करने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन के इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर इसे एक सराहनीय कदम बताया जा रहा है।

मानपुर के जीडी पब्लिक स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी, छात्रों ने दिखाया नवाचार का हुनर, विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर के सुंदर मॉडल भी प्रदर्शित

गया जिले के मानपुर लक्खीबाग स्थित जीडी पब्लिक स्कूल परिसर में शनिवार को एक भव्य और रोचक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ना रहा।

विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने। विद्यार्थियों ने हाइड्रोलिक सिस्टम, ऑटोमेटिक लाइट सिस्टम, पावर फिल्टर, कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण मॉडल, ब्लॉक पावर हाउस, जल संचय प्रणाली, किडनी की संरचना, हरित गांव का मॉडल और ज्वालामुखी के प्रतिरूप जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाया। इसके साथ ही छात्रों ने गया की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर के सुंदर मॉडल भी प्रदर्शित किए।

वहीं, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रोड सेफ्टी और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित प्रदर्शनों ने लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। प्रदर्शनी में अभिभावक, शिक्षक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे और बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर धर्मशाही ने कहा कि जीडी पब्लिक स्कूल की पहचान केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की वैज्ञानिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और उनमें आत्मविश्वास, तार्किक सोच व समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ाती हैं। विद्यालय की शिक्षिका सुष्मिता ने बताया कि विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर छिपी वैज्ञानिक सोच को निखारना और उन्हें नए प्रयोगों के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपने विचारों को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हैं, तो उनकी समझ और रुचि दोनों मजबूत होती हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रयास के लिए प्रोत्साहित किया। विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुई।

गया में 10 दिसंबर से लापता पालतू डॉगी मिलने से परिवार में लौटी खुशियां, मीडिया को दिया धन्यवाद

गया: गया शहर के समीर तकिया स्थित पंजाबी धर्मशाला इलाके में रहने वाले उमेश प्रसाद के घर उस समय खुशियों की लहर दौड़ गई, जब उनका पालतू डॉगी, जो बीते 10 दिसंबर से लापता था, आज सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया। यह डॉगी बाराचट्टी थाना क्षेत्र से मिला, जिसकी सूचना मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली। बताया जाता है कि 10 दिसंबर को अचानक डॉगी घर से लापता हो गया था. उसके बाद से पूरा परिवार बेहद परेशान था। घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। हर कोई डॉगी की तलाश में जुटा हुआ था। उमेश प्रसाद ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों से वे इस डॉगी को पाल रहे थे और वह सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं बल्कि उनके परिवार का अहम सदस्य बन चुका था। उसकी गैरमौजूदगी से घर सूना-सूना लगने लगा था।

डॉगी की तलाश के लिए उमेश प्रसाद ने हर संभव प्रयास किया। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, पोस्टर लगाए गए और लोगों से संपर्क किया गया। साथ ही सूचना देने वाले को ₹5000 का इनाम देने की भी घोषणा की गई थी। इसी क्रम में मीडिया में खबर प्रकाशित और प्रसारित की गई, जिससे यह मामला ज्यादा लोगों तक पहुंच सका।

मीडिया में खबर चलने के बाद आज बाराचट्टी थाना क्षेत्र से डॉगी मिलने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही परिवार वहां पहुंचा और डॉगी को सुरक्षित अपने साथ घर ले आया। डॉगी के घर लौटते ही परिवार के सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

डॉगी के मिलने के बाद उमेश प्रसाद ने मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि अगर मीडिया में यह खबर नहीं चलती, तो शायद उनका पालतू डॉगी वापस नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस मामले को गंभीरता से उठाया, जिसकी वजह से लोगों ने सहयोग किया और आज उनका परिवार फिर से पूरा हो सका।

डॉगी के वापस आने से न सिर्फ उमेश प्रसाद का परिवार, बल्कि मोहल्ले के लोग भी खुश हैं। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पालतू जानवर सिर्फ जानवर नहीं होते, बल्कि परिवार के सदस्य होते हैं और मीडिया जनसेवा में अहम भूमिका निभाता है।

गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान बना सियासी चर्चा का विषय, वायरल वीडियो से मचा हलचल

गया: बिहार के गया जिले से केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सम्मान समारोह का बताया जा रहा है, जहां मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने वर्ष 2020 के टिकारी विधानसभा चुनाव को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वर्ष 2020 के टिकारी विधानसभा चुनाव में सीट “डीएम से लगवा कर” 2700 वोट से जीती गई थी। मंच से दिया गया यह बयान अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दल इस बयान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाला बता रहे हैं, जबकि समर्थक इसे मजाक या संदर्भ से काटकर पेश किया गया बयान बता रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम एक सम्मान समारोह का था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे। इसी दौरान जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में यह टिप्पणी की, जो अब चर्चा का केंद्र बन गई है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और पूरे बयान के संदर्भ को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी प्रक्रिया और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि बयान को गंभीर रूप से लिया जाता है, तो यह चुनाव आयोग और प्रशासनिक व्यवस्था की छवि पर असर डाल सकता है। वहीं, कुछ विश्लेषक इसे राजनीतिक मंच पर कही गई अतिशयोक्तिपूर्ण बात मान रहे हैं।

इस मामले पर अब तक न तो जीतन राम मांझी की ओर से कोई औपचारिक सफाई आई है और न ही उनकी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि चुनाव आयोग इस बयान का संज्ञान ले और मामले की जांच कराए।

फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।