श्रद्धालुओं और आमजन की भारी भीड़ के बावजूद लखनऊ में यातायात नियंत्रण में : पुलिस आयुक्त
लखनऊ । पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर द्वारा नववर्ष 2026 के अवसर पर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यातायात और नागरिक पुलिस की विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात दबाव और आने वाले कार्यक्रमों के लिए रणनीति का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
श्रद्धालुओं और आमजन का बड़ा संख्यात्मक दबाव
नववर्ष के पहले दिन लखनऊ शहर में न केवल होटल, मॉल और पर्यटन स्थलों पर बल्कि चार प्रमुख मंदिरों – हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर – पर दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 05 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन किए और लगभग 01 लाख वाहनों का आवागमन देखा गया।
इस वर्ष विशेष रूप से यह देखा गया कि आमजन ने नववर्ष के दिन पर्यटन स्थलों की बजाय अपने आराध्य देवों के दर्शन को प्राथमिकता दी। इसके अलावा, दो बड़े मेले – कतकी मेला और उत्तरायणी मेला – में विभिन्न धर्मावलंबियों ने भाग लिया, जिससे हनुमंत धाम (परिवर्तन चौक) और नदवा बंधा मोड़ (हनुमान सेतु, खाटूश्याम और मनकामेश्वर मंदिर) पर यातायात दबाव बढ़ गया।
यातायात प्रबंधन की रणनीति और प्रभाव
यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ संकरी सड़कों का क्षेत्र है, इसलिए सामान्य दिनों में भी यातायात दबाव रहता है। लगभग 01 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और आमजन के आने के बावजूद यातायात सुचारु रूप से चलता रहा।नववर्ष के अवसर पर यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूर्व से ही योजना बनाई थी। पूरे थाना क्षेत्र, यातायात पुलिस, कार्यालय और मद में नियुक्त पुलिस बल को सक्रिय रूप से तैनात किया गया।
विशेष रूप से, चिड़ियाघर में अत्यधिक भीड़ के कारण काउंटर बंद करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद 1090 चौराहा, दैनिक जागरण चौराहा, समतामूलक चौराहा, आईजीपी चौराहा, भिटौली तिराहा, शहीदपथ, लखनऊ-अयोध्या रोड, रायबरेली रोड, कानपुर रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, किसानपथ और अन्य मुख्य मार्गों पर यातायात सामान्य रहा।
गोष्ठी में दिए गए प्रमुख निर्देश
समन्वय और कार्ययोजना: ट्रैफिक को बेहतर करने के लिए पुलिस बल और संबंधित विभागों (एलडीए, पीडब्ल्यूडी) के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाए।
डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त बल: शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए डायवर्जन मैप और अतिरिक्त पुलिस बल (10 रेसर मोबाइल और 42 उ0नि0) तैनात किए जाएं।
पार्किंग प्रबंधन: पार्किंग स्थल से अलग-अलग मार्गों के माध्यम से प्रवेश और निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नो पार्किंग जोन का सख्ती से पालन किया जाए और क्रेन/टोइंग की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
सड़क सुधार: नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ रोड इंजीनियरिंग की त्रुटियों का समाधान किया जाए।
व्यवसायिक प्रतिष्ठान सहयोग: होटल, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए।
आयोजन नियंत्रण: किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देने से पूर्व मार्ग और पार्किंग पर पर्याप्त ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
क्रेन और वाहन टोइंग: शहर में विभिन्न मार्गों पर पार्क किए गए वाहनों के लिए अतिरिक्त क्रेन व्यवस्था की जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
ग्रीन कॉरिडोर रोड समीक्षा: जल्द ही तैयार होने वाले ग्रीन कॉरिडोर मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर संभावित चुनौतियों और समाधान की योजना बनाई जाए।
सार्वजनिक जागरूकता: सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से 3-4 दिन पहले नागरिकों को पार्किंग, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।
भविष्य की तैयारी और चुनौती प्रबंधन
आयुक्त ने विशेष बल दिया कि राजधानी होने के कारण महत्वपूर्ण व्यक्तियों और आमजन के आवागमन के साथ कई आयोजन भी होते रहते हैं। इन आयोजनों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना आवश्यक है, ताकि यातायात सुचारु रहे। आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की मांग की गई है।
6 hours ago
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