श्रद्धालुओं और आमजन की भारी भीड़ के बावजूद लखनऊ में यातायात नियंत्रण में : पुलिस आयुक्त
लखनऊ । पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर  द्वारा नववर्ष 2026 के अवसर पर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यातायात और नागरिक पुलिस की विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात दबाव और आने वाले कार्यक्रमों के लिए रणनीति का विस्तृत विश्लेषण किया गया।

श्रद्धालुओं और आमजन का बड़ा संख्यात्मक दबाव

नववर्ष के पहले दिन लखनऊ शहर में न केवल होटल, मॉल और पर्यटन स्थलों पर बल्कि चार प्रमुख मंदिरों – हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर – पर दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 05 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन किए और लगभग 01 लाख वाहनों का आवागमन देखा गया।

इस वर्ष विशेष रूप से यह देखा गया कि आमजन ने नववर्ष के दिन पर्यटन स्थलों की बजाय अपने आराध्य देवों के दर्शन को प्राथमिकता दी। इसके अलावा, दो बड़े मेले – कतकी मेला और उत्तरायणी मेला – में विभिन्न धर्मावलंबियों ने भाग लिया, जिससे हनुमंत धाम (परिवर्तन चौक) और नदवा बंधा मोड़ (हनुमान सेतु, खाटूश्याम और मनकामेश्वर मंदिर) पर यातायात दबाव बढ़ गया।

यातायात प्रबंधन की रणनीति और प्रभाव

यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ संकरी सड़कों का क्षेत्र है, इसलिए सामान्य दिनों में भी यातायात दबाव रहता है। लगभग 01 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और आमजन के आने के बावजूद यातायात सुचारु रूप से चलता रहा।नववर्ष के अवसर पर यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूर्व से ही योजना बनाई थी। पूरे थाना क्षेत्र, यातायात पुलिस, कार्यालय और मद में नियुक्त पुलिस बल को सक्रिय रूप से तैनात किया गया।

विशेष रूप से, चिड़ियाघर में अत्यधिक भीड़ के कारण काउंटर बंद करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद 1090 चौराहा, दैनिक जागरण चौराहा, समतामूलक चौराहा, आईजीपी चौराहा, भिटौली तिराहा, शहीदपथ, लखनऊ-अयोध्या रोड, रायबरेली रोड, कानपुर रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, किसानपथ और अन्य मुख्य मार्गों पर यातायात सामान्य रहा।

गोष्ठी में दिए गए प्रमुख निर्देश

समन्वय और कार्ययोजना: ट्रैफिक को बेहतर करने के लिए पुलिस बल और संबंधित विभागों (एलडीए, पीडब्ल्यूडी) के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाए।
डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त बल: शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए डायवर्जन मैप और अतिरिक्त पुलिस बल (10 रेसर मोबाइल और 42 उ0नि0) तैनात किए जाएं।
पार्किंग प्रबंधन: पार्किंग स्थल से अलग-अलग मार्गों के माध्यम से प्रवेश और निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नो पार्किंग जोन का सख्ती से पालन किया जाए और क्रेन/टोइंग की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
सड़क सुधार: नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ रोड इंजीनियरिंग की त्रुटियों का समाधान किया जाए।
व्यवसायिक प्रतिष्ठान सहयोग: होटल, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाए।
आयोजन नियंत्रण: किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देने से पूर्व मार्ग और पार्किंग पर पर्याप्त ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
क्रेन और वाहन टोइंग: शहर में विभिन्न मार्गों पर पार्क किए गए वाहनों के लिए अतिरिक्त क्रेन व्यवस्था की जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
ग्रीन कॉरिडोर रोड समीक्षा: जल्द ही तैयार होने वाले ग्रीन कॉरिडोर मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर संभावित चुनौतियों और समाधान की योजना बनाई जाए।
सार्वजनिक जागरूकता: सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से 3-4 दिन पहले नागरिकों को पार्किंग, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।

भविष्य की तैयारी और चुनौती प्रबंधन

आयुक्त ने विशेष बल दिया कि राजधानी होने के कारण महत्वपूर्ण व्यक्तियों और आमजन के आवागमन के साथ कई आयोजन भी होते रहते हैं। इन आयोजनों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना आवश्यक है, ताकि यातायात सुचारु रहे। आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की मांग की गई है।
घने कोहरे की चादर में लखनऊ, हवाई उड़ानें प्रभावित
लखनऊ। राजधानी लखनऊ घने कोहरे के आगोश में है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब मौसम के चलते कई उड़ानें देरी से चलीं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा।

दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-2171 लैंड नहीं कर सकी। विमान ने आसमान में करीब 17 चक्कर लगाए, लेकिन दृश्यता मात्र 10 मीटर रहने के कारण लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली और फ्लाइट को वापस दिल्ली भेज दिया गया।

लखनऊ से रियाद जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-189 को रद्द कर दिया गया। वहीं, मुंबई से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5264 लगभग 45 मिनट की देरी से पहुंची। रियाद से आने वाली फ्लाइनस की फ्लाइट एक्सवाई-333 भी लेट रही।

इसके अलावा हैदराबाद, किशनगढ़ और झारसुगुड़ा से आने वाली उड़ानें 2 से 3 घंटे की देरी से लखनऊ पहुंचीं। लगातार कोहरे के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अखिलेश यादव ने नववर्ष पर कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और मतदाता सूची पर सतर्क रहने का आह्वान किया
लखनऊ । सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नववर्ष के मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता मतदाता सूची (SIR) पर पूरी नजर रखें और जिन लोगों के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें शीघ्र सूची में शामिल कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने चार करोड़ वोट कटने की बात कही थी

अखिलेश यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने चार करोड़ वोट कटने की बात कही थी, तब अधिकारियों के लिए बेईमानी करने का संदेश गया। उन्होंने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे विश्वसनीय और निष्पक्ष रहेंगे। अगर राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में अंतर रहेगा, तो SIR का महत्व ही समाप्त हो जाएगा।

वर्तमान भाजपा सरकार से सभी वर्ग परेशान

सपा अध्यक्ष ने कृषि, युवा और महिला वर्ग की समस्याओं पर भी जोर देते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार से सभी वर्ग परेशान हैं।नववर्ष के अवसर पर सदर कैंट गुरुद्वारा साहिब में अखिलेश यादव का सम्मान भी किया गया। उन्हें सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसमें नरेंद्र सिंह छाबड़ा, नवल जीत सिंह नागपाल, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, आतम सिंह सोढ़ी और महेंद्र सिंह छाबड़ा मौजूद रहे। साथ ही अभिषेक दीक्षित ने संडीला के लड्डू भेंट किए।

माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की

अखिलेश यादव ने माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अतिरिक्त सतर्कता और मुस्तैदी से कार्य कर रही है, विशेषकर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के प्रांगण में। उन्होंने कहा कि लाखों लोग दर्शन के लिए आएंगे, इसलिए सुरक्षा में हर संभव तैयारी की जा रही है।
यूपी में ठंड का कहर तेज, गलन-कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, 12वीं तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुक्रवार को और सख्त तेवर दिखा दिए। सर्द पछुआ हवाओं के साथ गलन इतनी बढ़ गई कि धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन से राहत नहीं मिली। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया

बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक छुट्टियां घोषित की गई थीं और शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय खुले थे, लेकिन ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब फिर से स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया, वहीं बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में शीत दिवस की आशंका

राजधानी लखनऊ में देर रात हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे ठंड और बढ़ गई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के आठ जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई है। शुक्रवार को दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया।

प्रदेश में बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान महज 13.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा दिन रहा। घने कोहरे के कारण कानपुर, आगरा, गोरखपुर और अमेठी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। शनिवार के लिए 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम के निर्देश: अलाव और कंबल की व्यवस्था हो पुख्ता

ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से यूपी में रातों का तापमान तेजी से गिरेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
यूपी पुलिस भर्ती 2026: सामान्य वर्ग के लिए 3 साल की आयु छूट की मांग बढ़ी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में जारी विज्ञापन के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सरकार से आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर अब राज्य मंत्री और कुछ विधायकों ने भी समर्थन जताया है।

इन विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार, निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, और भाजपा के हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अभ्यर्थियों की मांग रखी है। अनिल त्रिपाठी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 18 नवंबर 2025 को गोरखपुर जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन साल की छूट देने का वादा किया था, लेकिन भर्ती विज्ञप्ति जारी होने के बाद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पत्र के माध्यम से आयु सीमा में छूट देने की अपील की

डॉ. अरुण कुमार और दिनेश रावत ने भी पत्र के माध्यम से आयु सीमा में छूट देने की अपील की। इससे पहले, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की लचर भर्ती प्रक्रिया के कारण बेरोज़गार युवाओं को नुकसान हुआ है, और उन्हें अब आयु सीमा में छूट देकर राहत मिलनी चाहिए।

आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गई

हालांकि, यूपी पुलिस भर्ती के नवीनतम विज्ञापन में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गई है, परन्तु अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्तियों में देरी के कारण कई योग्य उम्मीदवार ओवरएज हो गए हैं, और उन्हें तीन साल की छूट देने की आवश्यकता है।

वाओं का भविष्य सुरक्षित करने में भी मददगार होगा

इस मुद्दे पर अब राजनीतिक समर्थन बढ़ने के साथ ही सरकार की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह कदम न केवल उन्हें न्याय देगा, बल्कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने में भी मददगार होगा।
व्यापार जगत में शोक की लहर: रामजी जैन का असमय निधन
लखनऊ। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मंत्री और वरिष्ठ व्यापारी रामजी जैन के असमय निधन की खबर से व्यापार जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनकी अचानक मृत्यु ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि वे किसी भी बीमारी से ग्रस्त नहीं थे।

अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी, जैन और अग्रवाल समाज के लोग शामिल हुए। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष लालू मित्तल, अभिषेक मित्तल, कमलेश यादव, नीरज गुप्ता, मनोज केशरवानी, मनीष केशरवानी, संजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, प्रफुल मित्तल, श्रीश अग्रवाल और बृजेश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस दुख की घड़ी में कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने फ़ोन पर शोक व्यक्त किया, जबकि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी परिजनों से मिलने उनके घर गईं और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिले।
यौन शोषण व धर्मांतरण मामला: केजीएमयू का रेजीडेंट डॉक्टर फरार, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

लखनऊ।केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला न्यायालय ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसके बावजूद रमीज मलिक अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।

पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, गुरुवार को पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया, जिसमें उसने एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि की। इसी आधार पर पुलिस ने कोर्ट में गैर-जमानती वारंट के लिए आवेदन किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उत्तराखंड के खटीमा, बरेली समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन हर बार पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। रमीज मलिक का मोबाइल फोन लगातार बंद मिल रहा है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही। पुलिस अब उसके करीबी रिश्तेदारों और परिचितों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी कर रही है।
चौक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नागेश उपाध्याय ने बताया कि यदि गैर-जमानती वारंट के बावजूद आरोपी गिरफ्तारी से बचता रहा, तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

पीड़िता, जो स्वयं केजीएमयू की रेजीडेंट डॉक्टर है, ने रमीज मलिक पर दोस्ती का भरोसा तोड़कर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, अगस्त माह में आरोपी उसके किराये के कमरे पर पहुंचा और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।सितंबर में पीड़िता को गर्भवती होने की जानकारी हुई। आरोप है कि इस बारे में बात करने पर रमीज ने दवा देकर जबरन गर्भपात करा दिया। बाद में पीड़िता को यह भी पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है और उसने एक हिंदू युवती का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था।

शादी और धोखे को लेकर सवाल उठाए

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी और धोखे को लेकर सवाल उठाए, तो आरोपी ने उस पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया और ब्लैकमेल किया। मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी पीड़िता ने 17 दिसंबर की सुबह दवाओं की अधिक मात्रा खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद मामला सामने आया।फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
ओवरलोड ट्रक रिश्वत मामला: लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ निलंबित


लखनऊ। ओवरलोड वाहनों से भारी वसूली कर पास कराने के बड़े भ्रष्टाचार सिंडिकेट का पर्दाफाश होने के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। गुरुवार को लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर डिपार्टमेंटल जांच शुरू कर दी गई है।

जांच झांसी के उपपरिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई

मामले की जांच झांसी के उपपरिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई है।ये कार्रवाई उस समय हुई है जब पिछले नवंबर में एसटीएफ ने मौरंग, गिट्टी और बालू के ओवरलोड ट्रकों को रिश्वत लेकर पास कराने वाले सिंडिकेट का खुलासा किया था। इस मामले में लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में शामिल लगभग 25 लोगों के नाम सामने आए, जिनमें परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारी और दलाल शामिल हैं।

राजीव कुमार बंसल एफआईआर के बाद से गायब

सूत्रों के अनुसार, राजीव कुमार बंसल एफआईआर के बाद से गायब हैं। उनका मोबाइल बंद है और उन्होंने स्वास्थ्य कारण बताकर छुट्टी ले रखी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे खारिज कर दिया गया।ओवरलोड वाहनों से वसूली के इस बड़े खेल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 48 दिन की लंबी चुप्पी के बाद यह निलंबन कार्रवाई हुई है।

पहले ही लखनऊ के पीटीओ निलंबित

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने पहले ही लखनऊ के पीटीओ मनोज कुमार, रायबरेली की रेहाना बानो और फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को निलंबित किया था। इसके अलावा, लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के प्रवर्तन पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, प्रवर्तन सिपाही रणजीत कुमार और प्रदीप सिंह, तथा रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद को भी निलंबित किया जा चुका है।

खुलासे ने परिवहन विभाग में हलचल मचा दी

इस भ्रष्टाचार के खुलासे ने परिवहन विभाग में हलचल मचा दी है और सवाल खड़े किए हैं कि इतने बड़े खेल के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।विशेष जांच जारी – STF और परिवहन विभाग की टीम मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और अगले कुछ दिनों में और अधिकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन, यूपी की बांदा इकाई ने रिश्वतखोरी में दो को किया गिरफ्तार
लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ लागू की गई “जीरो टॉलरेंस” नीति और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के सख्त निर्देशों के अनुपालन में भ्रष्टाचार निवारण संगठन, यूपी लगातार प्रभावी और कठोर कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 01.01.2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बांदा इकाई ने चित्रकूट जिले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की।
सूचना के आधार पर निरीक्षक श्री जाकिर हुसैन के नेतृत्व में टीम ने उपनिबंधन कार्यालय कर्वी, चित्रकूट से कनिष्ठ लिपिक वली उज्जमा और प्राइवेट मुंशी आनंद पाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने ग्राम नोनार, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट से बैनामा करवाने के एवज में 10,000 रुपये की अवैध धनराशि की मांग की थी।
गिरफ्तारी के समय आरोपियों से रिश्वत की गई रकम भी बरामद की गई। दोनों आरोपी अब विधिक कार्रवाई के तहत सख्त कानूनी प्रक्रिया के दायरे में हैं।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता के बीच भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना है। टीम ने कहा कि संगठन लगातार ट्रैप के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में होने वाले भ्रष्टाचार की जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश जाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार की शिकायत तुरंत संगठन को रिपोर्ट करें ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की इस कार्रवाई को स्थानीय मीडिया और जनता ने सराहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी और राज्य के प्रत्येक जिले में भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
अखिलेश यादव ने नए साल पर कार्यकर्ताओं और समाजसेवी संगठनों से की मुलाकात, भाजपा पर कसा निशाना
लखनऊ।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नए साल के पहले दिन पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, विधायकों, पत्रकारों और विभिन्न समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नया वर्ष संकल्प और जिम्मेदारी का समय है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव के मार्गदर्शन पर चलते हुए समाज को खुशहाली की ओर ले जाना होगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था चरम पर हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कमजोर हो चुकी है और कमजोर होने पर वह साम्प्रदायिकता फैलाती है।
भूमाफियाओं को संरक्षण, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और किसानों की समस्याओं — जैसे खाद की कमी, कालाबाजारी और फसलों के उचित मूल्य न मिलने — पर भी अखिलेश ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के जरिए जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है।
समाजवादी पार्टी को उन्होंने जनता के हितों की सच्ची लड़ाई लड़ने वाली पार्टी बताया। उन्होंने सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये देने, किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने और बिजली संकट खत्म करने का वादा किया।
नए साल के अवसर पर रायबरेली के शिवा विश्वकर्मा ने अखिलेश यादव को संगीत बजाने वाला छोटा ट्रैक्टर भेंट किया, जबकि लक्ष्मण निषाद ने उन्हें सिंघाड़ा भेंट किया। इस मौके पर बाटी-चोखा सहभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मिलकर भोजन किया। अखिलेश ने कहा कि लिट्टी-चोखा या बाटी-चोखा, समाजवादियों के लिए यह समानता और एकता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी अखिलेश यादव से मिलकर नववर्ष की बधाई दी।