यूपी रोडवेज बस ने महिला को कुचला, मौत, बेटी के गृह प्रवेश से लौट रही थी घर
लखनऊ । राजधानी के चारबाग रेलवे स्टेशन के सामने फुटओवर ब्रिज के पास आज सुबह करीब 10:15 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, संगीता रावत (उम्र लगभग 40 वर्ष), पत्नी स्व. सुनील कुमार रावत, निवासी आदर्श नगर, शुक्लागंज, थाना गंगाघाट, जनपद उन्नाव, सड़क पार कर रही थीं, तभी यूपी रोडवेज बस संख्या यूपी 32 एमएन 9180 की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय मृतका अपने दो बच्चों और भाई के साथ अपने घर लौट रही थीं। वह लखनऊ में अपनी मौसी की बेटी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं।स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला सड़क पार करते समय बस का चालक तेज गति में था और नियंत्रण खोने के कारण हादसा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बस और चालक को हिरासत में लिया। मृतका का पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों की तहरीर पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस द्वारा बस चालक को हिरासत में लिया गया, मृतका के परिवार से तहरीर प्राप्त की गई। पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम भेजा गया। मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही हैघटना से मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बच्चे और भाई हादसे के दृश्य को देखकर सदमे में हैं। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना स्थल पर सड़क सुरक्षा उपायों की कमी पर चिंता व्यक्त की। वहीं महिला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा गया है।
पारा में नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव,मचा हड़कंप
लखनऊ । राजधानी में आज सुबह सात बजे थाना पारा को मिली सूचना ने इलाके में सनसनी फैला दी। तिकोनिया से नहर तिराहा जाने वाली रोड के किनारे, कुल्हण कट्टा मोड़ के पास नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि शव की उम्र लगभग 40-45 वर्ष है और शरीर पर किसी भी तरह के चोट या घाव के निशान नहीं हैं। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी भी मृतक की पहचान नहीं कर पाए।

तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया

पुलिस ने मृतक की तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया। जांच में शव की पहचान रामसागर, पुत्र लठ्ठा, निवासी टड़ियावां, हरदोई के रूप में हुई। वह पारा में विजय श्रीवास्तव के यहां काम करते थे।परिजनों ने बताया कि रामसागर शराब के आदी थे। फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटनास्थल पर परिजन भी पहुंचे हैं और पुलिस इस रहस्यमय मौत की गहन जांच कर रही है।

बिजनौर में सड़क हादसा, युवक गंभीर रूप से घायल

बिजनौर थाना क्षेत्र के चंद्रावल में रात के समय विनीत सिंह (30) पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। विनीत स्कोडा वर्कशॉप से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

युवक ट्रेन से कटकर मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया

लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक युवक ट्रेन से कटकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पॉइंट मैन अवधेश कुमार ने हरौनी रेलवे स्टेशन से दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान राम प्रकाश, पुत्र लक्ष्मण, उम्र लगभग 57 वर्ष, निवासी बंथरा बाजार के रूप में की। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को बॉडी कीट बैग में पैक कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात है और मामले की जांच जारी है।
लखनऊ में हथियारों की बड़ी सौदेबाजी का खुलासा, शहीद स्मारक के पास अवैध असलहा बेचने पहुंचे दो तस्कर रंगे हाथ गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी  में शनिवार की शाम शहीद स्मारक के पास उस वक्त हड़कंप मच गया जब वजीरगंज पुलिस ने दो ऐसे युवकों को धर दबोचा जो अवैध असलहा बेचने की फिराक में घूम रहे थे। पकड़े गए तस्करों के पास से एक 315 बोर का तमंचा, 20 जिंदा कारतूस, चाकू और उनकी मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय हथियार तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा झटका माना जा रहा है।

चेकिंग के दौरान भिड़े तस्कर, पलभर में घेराबंदी

डीसीपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि वजीरगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह कुशवाहा अपनी टीम के साथ शहीद स्मारक क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक अवैध हथियार बेचने आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्षेत्र की घेराबंदी की। कुछ ही मिनटों में संदिग्ध मोटरसाइकिल आती दिखी और पुलिस ने उसे रोककर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया।

थैले में छिपा था असलहे का जखीरा

तलाशी लेने पर एक थैले से 315 बोर का अवैध तमंचा, 20 कारतूस और चाकू बरामद हुआ।पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों युवक किसी खरीदार से मिलने और हथियार बेचने की तैयारी में थे।

गिरफ्तार तस्करों के नाम हारिश खान, निवासी हाजीपुर, थाना इमलिया सुल्तानपुर, जिला सीतापुर, वर्तमान पता: मुंगफली मंडी, वजीरगंज, मोहम्मद जीशान, निवासी हरिहरपुर, थाना महमूदाबाद, जिला सीतापुर, वर्तमान पता: रहीमनगर, मड़ियांव है। दोनों शहर में सक्रिय होकर अवैध असलहे की सप्लाई कर रहे थे।

अवैध हथियार नेटवर्क पर बड़ा झटका

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार वे कहां से लाते थे और किसे बेचने जा रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी किसी बड़े सप्लायर गिरोह के संपर्क में थे।वजीरगंज पुलिस की सतर्कता से राजधानी में होने वाली बड़ी आपराधिक वारदात टल गई। शहीद स्मारक जैसे संवेदनशील क्षेत्र में दो तस्करों का रंगे हाथ पकड़ा जाना पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
लखनऊ की सड़कों पर आफत: बाइक सवार युवक की मौत, कार सवारों का तांडव
लखनऊ । राजधानी में शनिवार को सड़क पर दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। हुसैनगंज में नशे में कार चला रहे युवक की तेज रफ्तार कार बाइक सवार भाइयों से टकरा गई, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ। वहीं, सरोजनीनगर के बंथरा में कार सवार ने ऑटो चालक से विवाद के बाद सड़क पर उत्पात मचाया और तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हुसैनगंज में बाइक सवार भाई पर कार की टक्कर

हुसैनगंज इलाके में शनिवार रात बाइक चला रहे मनीष कुमार (39) और उनके भाई दीपक के ऊपर पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। मनीष की मौके पर मौत हो गई, जबकि दीपक गंभीर रूप से घायल है।मनीष के भाई नितिन ने बताया कि दोनों भाई शादी से लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीष का हेलमेट सिर से छिटक गया और दोनों बाइक सहित करीब 50 मीटर तक घिसटते चले गए।पुलिस ने दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। मनीष को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दीपक को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। आरोपी कार चालक अभी फरार है। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने की धारा में एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

बंथरा में कार सवार का उत्पात, तीन लोग घायल

सरोजनीनगर के बंथरा कस्बे में शनिवार शाम एक कार चालक ने ऑटो चालक से ओवरटेक विवाद के बाद सड़क पर उत्पात मचाया। उसने पहले ऑटो चालक को पीटा और फिर गुस्से में कार दौड़ा कर भीड़ में घुस गया।इस घटना में स्कूटी सवार शिक्षिका दिव्या वर्मा, सुशील गुप्ता (50) और गुड्डू (55) घायल हो गए। गुस्साए लोगों ने कार पर ईंट-पत्थर बरसाए। आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने घायल शिक्षिका की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।दोनों ही घटनाओं ने सड़क सुरक्षा की अहमियत को दोबारा उजागर कर दिया है। पुलिस जनता से सतर्क रहने और तेज रफ्तार वाहन से बचने की अपील कर रही है।
विकासनगर पुलिस की बड़ी सफलता, “Good Gang” व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर डकैती की साजिश रचने वाला 10,000 रुपये का इनामिया गिरफ्तार

लखनऊ । राजधानी की विकासनगर पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी से हुई डकैती के मुख्य आरोपी और 10,000 रुपये के इनामिया शिवम दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। यह वही आरोपी है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर Good Gang (Gg) नाम का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था और उसी के ज़रिए डकैती की पूरी योजना तैयार की गई थी। कई महीनों से फरार चल रहा शिवम लगातार पुलिस और कोर्ट से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था, लेकिन अंततः पुलिस ने उसे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से दबोच लिया।

इस तरह से हुई गिरफ्तारी

28 मार्च को एक कारोबारी के साथ हुई डकैती की घटना में शिवम दीक्षित का नाम सामने आया था। घटना के बाद से ही वह पुलिस को चकमा देकर फरार था।कोर्ट द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी अधिपत्र (NBW) जारी किया गया था।धारा 84(1) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत उद्घोषणा भी की गई थी। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) ने उस पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।लगातार निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के बाद विकासनगर पुलिस टीम को सूचना मिली कि शिवम गाजियाबाद के टीला शाहबाजपुर, तृप्ता सिटी क्षेत्र में छिपा है। टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

डकैती की पूरी साजिश ऐसे रची गई थी

शिवम दीक्षित कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि डकैती की योजना बनाने वाला गैंग लीडर था।उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अत्यंत सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया।

गिरोह का अपराध करने का तरीका

“Good Gang (Gg)” नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें सभी सदस्य जुड़े थे।
कारोबारी के नकद लेन-देन की जानकारी जुटाकर उसे “आसान टारगेट” मानकर डकैती की योजना बनाई गई।
घटना से पहले तय किया गया कि पीड़ित प्राथमिकी दर्ज नहीं कराएगा, इसलिए पकड़ की संभावना कम रहेगी।
डकैती के बाद लूटे गए धन को आपस में बांटने की तैयारी की गई।
शिवम ने अपना बोलेरो वाहन (UP76V8792) इस वारदात के लिए उपलब्ध कराया।
यह पूरी वारदात सोची-समझी रणनीति और तकनीकी माध्यमों के उपयोग का उदाहरण थी।

गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?

गिरफ्तार आरोपी को विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा (रिमांड) पर जिला कारागार लखनऊ भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 11 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
राहगीरों को निशाना बनाने वाली महिला चोर गैंग का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार, भारी मात्रा में जेवरात बरामद

लखनऊ । राजधानी में सक्रिय महिला चोर गैंग पर मड़ियांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर दो शातिर महिला चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। ये महिलाएँ ई-रिक्शा में सफर करने वाले यात्रियों को ही अपना निशाना बनाती थीं और पलक झपकते ही उनका सोना-चाँदी समेत कीमती सामान गायब कर देती थीं। मुखबिर की सटीक सूचना पर दोनों महिलाओं को सीतापुर रोड स्थित कोयला ढाल के पास से दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी के कई कीमती जेवर और नकदी बरामद हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय चोर गिरोहों पर भी बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

कैसे बेनकाब हुआ महिला चोर गिरोह

डीसीपी अपराध कमलेश दीक्षित ने बताया कि 28 नवंबर को मड़ियांव पुलिस भिठौली चौराहे पर संदिग्धों की चेकिंग में थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो महिलाएँ, जिनका हुलिया पहले भी बताया गया था, सीतापुर रोड पर खड़ी हैं और राहगीरों का सामान चोरी करने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके की ओर दौड़ी और घेराबंदी करते हुए दोनों महिलाओं को पकड़ लिया।

पुलिस को लंबे समय से थी इनकी तलाश

गिरफ्तार महिलाओं का नाम रजनी पत्नी मनोज (25), निवासी पलवल, हरियाणा, रामबती पत्नी महावीर (26), निवासी धौलपुर, राजस्थान है। पूछताछ में दोनों ने कई वारदातों का खुलासा किया और चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी, क्योंकि हाल के दिनों में ई-रिक्शा यात्रियों से आभूषण चोरी की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।

खुल गए कई चोरी के मामले

गिरफ्तार महिलाओं की निशानदेही पर और बरामदगी के आधार पर मड़ियांव थाने में दर्ज कई मुकदमों का अनावरण हुआ है। बरामद माल के आधार पर मुकदमों की धारा में बढ़ोतरी भी की गई है। पुलिस ने महिलाओं को मौके पर ही कानूनन कार्रवाई की जानकारी देते हुए औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इनके पास से तीन अंगूठी, एक जोड़ी कुंडल, एक जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी बुंदे, दो जोड़ी पायल, दो जोड़ी बिछया, 670 रुपये नकद बरामद किया गया है। बरामदगी यह साबित करती है कि दोनों महिलाएं लंबे समय से चोरी कर जेवर इकट्ठा करती थीं और इन्हें बेचकर ही अपना गुजर-बसर करती थीं।

कैसे देती थीं वारदात को अंजाम

दोनों अभियुक्ताएँ मजदूरी करने का बहाना बनाकर शहर में रहती थीं, लेकिन असल में ई-रिक्शा में यात्रियों के साथ सफर करके माहिराना तरीके से चोरी करती थीं।यात्रियों के साथ बैठते ही मौके की तलाश, ध्यान भटकते ही कान, हाथ या बैग में रखी कीमती चीजें झपट लेना, भीड़भाड़ वाले इलाके में उतरकर भीड़ में गुम हो जाना, इन्हें देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि ये पेशेवर चोर हैं।

अन्य जिलों तक फैली पड़ताल

पुलिस अब हरियाणा और राजस्थान पुलिस से समन्वय कर दोनों महिलाओं के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। आशंका है कि इन्होंने अन्य राज्यों में भी कई वारदातें की होंगी।यह गिरफ्तारी न सिर्फ पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है बल्कि यात्रियों को भी सचेत करती है कि सार्वजनिक वाहनों में सफर करते समय सावधान रहें।
31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का हुआ शुभारम्भ
* बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: राज्यपाल थावरचंद

* प्रदेश सरकार दिव्यांगजन शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास पर निरंतर कार्यरत: मंत्री नरेंद्र कश्यप

* अवसर प्रदान कर बौद्धिक दिव्यांगजन को मुख्यधारा में लाना आवश्यक: अवनीश अवस्थी

लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित 31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का भव्य शुभारम्भ  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नरेंद्र कश्यप तथा मुख्यमंत्री  सलाहकार अवनीश कुमार  अवस्थी की उपस्थिति में शनिवार को दीप प्रज्ज्वलन से हुआ ।

राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को गार्जियनशिप संबंधी प्रक्रियाओं में सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने परिवार संगठन द्वारा पिछले 30 वर्षों में किए गए सराहनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

प्रदेश  के दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और नीतियाँ  को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करते हुए,  प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के दौरान अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सम्पन्न हुईं, जिनमें परिवार की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 का विमोचन और सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ द्वारा लिखित पुस्तक “Who knew the forgotten you” का लोकार्पण किया गया । साथ ही पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 प्रदान किए गए, जिनमें रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को  सम्मानित किया गया। शाम के सत्र में बौद्धिक दिव्यांगजन प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को प्रभावित किया ।

दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 11 तकनीकी सत्र, 4 पैनल चर्चाएँ और एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएँगी। इस राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन का उद्देश्य अभिभावकों, विशेषज्ञों, स्वयं-प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे बौद्धिक दिव्यांगजन के नेतृत्व निर्माण, समावेशन, अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा और नीति-निर्माण पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित हो सके। सम्मेलन का समापन 30 नवम्बर को खुला मंच चर्चा के साथ होगा, जिसमें आगामी वर्ष के लिए सामूहिक कार्ययोजना और सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुदीप गोयल ने किया तथा आभार प्रकट करते हुए समापन टिप्पणी यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. सुभोध शंकर ने दी।

सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त संयोजन में किया गया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “समावेशी एवं सतत भविष्य के लिए नेतृत्व का संवर्द्धन” रखा गया, जिसमें देश के 25 राज्यों से 350 से अधिक अभिभावकों, विशेषज्ञों, संस्थानों, एनजीओ  और स्वयं-प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, निदेशक NIEPID सिकंदराबाद, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा,  डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के  कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित थे।
किसानों को आर्थिक रूप से “समृद्ध’ कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बना रही योगी सरकार
* धान कॉमन की 2369 रुपये तथा (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद

* बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति कुंतल किया गया है निर्धारित, यूपी के 33 जनपदों में ही हो रही खरीद

लखनऊ। योगी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से ‘समृद्ध’ कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बना रही है। सीएम योगी के निर्देश के उपरांत 48 घंटे के भीतर धान व बाजरा किसानों को किया जा रहा भुगतान इसका उदाहरण है। पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू हुई थी, तबसे 28 नवंबर तक धान किसानों को 1868.35 करोड़ व बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यही कारण है कि योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों की बदौलत अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए किसान फसल की बिक्री राजकीय क्रय केंद्रों पर कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर 17 फीसदी नमी तक का धान खरीदा जा रहा है।

*धान किसानों को 1868.35 करोड़ रुपये का भुगतान*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समय-समय पर धान खरीदारी की समीक्षा हो रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, खाद्य व रसद विभाग लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है। पहली अक्टूबर से 28 नवंबर तक के मध्य सरकारी क्रय केंद्रों पर 1.40 लाख से अधिक किसानों ने धान बिक्री की। इसके एवज में किसानों को अब तक 1868.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बचे किसानों के लिए भी सरकार द्वारा तत्काल भुगतान की प्रक्रिया चालू है।

*बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ का किया गया भुगतान*

यूपी में श्री अन्न की खरीद भी पहली अक्टूबर से जारी है। श्री अन्न के अंतर्गत बाजरा किसान भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल को लेकर जा रहे हैं। 28 नवंबर तक लगभग 22000 किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष बचे किसानों को भी तत्काल भुगतान करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। बाजरा की बिक्री के लिए 64 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी करा लिया है।  
बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। बाजरा खरीद सिर्फ 33 जनपदों में ही हो रही है। इसके लिए 281 क्रय केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है। धान खरीद (कॉमन) 2369 रुपये तथा (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है।
सीएम योगी ने हाल में बैठक लेकर अधिक से अधिक किसानों से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कराने का निर्देश दिया था। इसके पीछे उनकी मंशा अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना था। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को लेकर योगी सरकार की मंशा धरातल पर मजबूती से दिखाई दे रही है। ई-पॉप मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों से ही खरीद, बिचौलियों की समाप्त होती भूमिका और 48 घंटे में भुगतान आदि ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीद, राइस मिलों को मिली राहत और किसानों के लिए की गई सुविधाओं ने उनकी आमदनी, भरोसे और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है।
अमजादपुर गांव में बरात के दौरान झगड़ा, पुलिस ने मामले को शांत कराया
लखनऊ । राजधानी में अमजादपुर गांव में गुरुवार रात एक शादी की बरात में विवाद हो गया। घटना में दूल्हे के भाई और दो रिश्तेदारों सहित लड़की पक्ष के कुछ युवक आपस में भिड़ गए। इस दौरान हल्की-फुल्की मारपीट हुई, लेकिन पुलिस ने तुरंत पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और विवाह समारोह को सुरक्षित रूप से संपन्न कराया।

डीजे पर डांस के दौरान शुरू हुआ विवाद

निगोहां के पटसा गांव निवासी रिंकू के छोटे भाई रामचंद्र की बरात अमजादपुर गांव के फूलचंद के घर आई थी। रात करीब 11 बजे जयमाल की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान डीजे पर डांस के दौरान लड़की और लड़के पक्ष के कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। रिंकू ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो हंगामा कर रहे युवकों ने उनके साथ मारपीट की। रिंकू के साथ उनके रिश्तेदार सोनू (पीजीआई बिरूरा) और इंद्रजीत (बछरावां, रायबरेली) भी जुड़ गए, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की।

लूट का आरोप खारिज

सूचना मिलने पर नगराम पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह झगड़े को शांत कर विवाह समारोह को जारी रखा। मारपीट में घायल हुए लोगों का सीएचसी में इलाज कराया गया। थानाध्यक्ष नगराम विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन दूल्हे के भाई से नकदी या सोने की चेन छीनने की बात सत्य नहीं है। पुलिस ने घटना की तहरीर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।यह घटना स्थानीय लोगों के बीच हल्की सनसनी फैलाने वाली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित हस्तक्षेप से विवाह सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।
शादी की खुशियों के बीच बाइक हादसा, अजय गौतम की मौत, दोस्त घायल

लखनऊ । राजधानी में इटौंजा के नेवादा गांव के पास बृहस्पतिवार को एक दर्दनाक बाइक हादसा हुआ। सूरजपुर गांव के अजय गौतम (24) को एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ सवार अमित घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अजय अपनी बहन रीमा की शादी के लिए उत्साहित थे

अजय अपनी बहन रीमा की शादी के लिए उत्साहित थे। रीमा की शादी हरदोई के संडीला निवासी पंकज से तय थी और बरात शाम को आनी थी। बृहस्पतिवार को अपराह्न तीन बजे अजय अपने दोस्त अमित के साथ दूल्हे के लिए बाइक लेने इटौंजा कस्बे स्थित शोरूम गए थे। अजय बाइक चला रहे थे। नेवादा गांव के पास लखनऊ से सीतापुर जा रहे वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। घायल अमित को परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।

परिवार की दुखद स्थिति

अजय की बहन रीमा की शादी की तैयारियों में पूरे घर में खुशी का माहौल था। हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची, खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। घरवालों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। रीमा के ससुराल वालों को हादसे की सूचना दी गई, और दोनों परिवारों की बातचीत के बाद शादी को टाल दिया गया।अजय के परिवार में उनकी पत्नी आरती और दो छोटे बच्चे हैं।

हादसे की यह रही प्रमुख वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे का मुख्य कारण नेवादा हाईवे पर बने अवैध कट थे। इटौंजा टोल के कोरिडोर मैनेजर प्रदीप शुक्ला ने बताया कि यह कट कई बार बंद करवाया गया, लेकिन इसे फिर से खोल दिया जाता है। पुलिस की मदद से इसे स्थायी रूप से बंद करवाने का प्रयास किया जाएगा।बताया गया कि अजय ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन उसका लॉक खुला था। टक्कर लगते ही हेलमेट सड़क पर गिर गया और अजय को सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोग मानते हैं कि अगर हेलमेट का लॉक बंद होता तो शायद अजय की जान बच सकती थी।