31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का हुआ शुभारम्भ
* बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: राज्यपाल थावरचंद

* प्रदेश सरकार दिव्यांगजन शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास पर निरंतर कार्यरत: मंत्री नरेंद्र कश्यप

* अवसर प्रदान कर बौद्धिक दिव्यांगजन को मुख्यधारा में लाना आवश्यक: अवनीश अवस्थी

लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित 31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का भव्य शुभारम्भ  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नरेंद्र कश्यप तथा मुख्यमंत्री  सलाहकार अवनीश कुमार  अवस्थी की उपस्थिति में शनिवार को दीप प्रज्ज्वलन से हुआ ।

राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को गार्जियनशिप संबंधी प्रक्रियाओं में सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने परिवार संगठन द्वारा पिछले 30 वर्षों में किए गए सराहनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

प्रदेश  के दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और नीतियाँ  को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करते हुए,  प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के दौरान अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सम्पन्न हुईं, जिनमें परिवार की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 का विमोचन और सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ द्वारा लिखित पुस्तक “Who knew the forgotten you” का लोकार्पण किया गया । साथ ही पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 प्रदान किए गए, जिनमें रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को  सम्मानित किया गया। शाम के सत्र में बौद्धिक दिव्यांगजन प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को प्रभावित किया ।

दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 11 तकनीकी सत्र, 4 पैनल चर्चाएँ और एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएँगी। इस राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन का उद्देश्य अभिभावकों, विशेषज्ञों, स्वयं-प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे बौद्धिक दिव्यांगजन के नेतृत्व निर्माण, समावेशन, अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा और नीति-निर्माण पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित हो सके। सम्मेलन का समापन 30 नवम्बर को खुला मंच चर्चा के साथ होगा, जिसमें आगामी वर्ष के लिए सामूहिक कार्ययोजना और सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुदीप गोयल ने किया तथा आभार प्रकट करते हुए समापन टिप्पणी यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. सुभोध शंकर ने दी।

सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त संयोजन में किया गया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “समावेशी एवं सतत भविष्य के लिए नेतृत्व का संवर्द्धन” रखा गया, जिसमें देश के 25 राज्यों से 350 से अधिक अभिभावकों, विशेषज्ञों, संस्थानों, एनजीओ  और स्वयं-प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, निदेशक NIEPID सिकंदराबाद, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा,  डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के  कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित थे।
किसानों को आर्थिक रूप से “समृद्ध’ कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बना रही योगी सरकार
* धान कॉमन की 2369 रुपये तथा (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद

* बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति कुंतल किया गया है निर्धारित, यूपी के 33 जनपदों में ही हो रही खरीद

लखनऊ। योगी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से ‘समृद्ध’ कर उत्तर प्रदेश को सशक्त बना रही है। सीएम योगी के निर्देश के उपरांत 48 घंटे के भीतर धान व बाजरा किसानों को किया जा रहा भुगतान इसका उदाहरण है। पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू हुई थी, तबसे 28 नवंबर तक धान किसानों को 1868.35 करोड़ व बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यही कारण है कि योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों की बदौलत अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए किसान फसल की बिक्री राजकीय क्रय केंद्रों पर कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर 17 फीसदी नमी तक का धान खरीदा जा रहा है।

*धान किसानों को 1868.35 करोड़ रुपये का भुगतान*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समय-समय पर धान खरीदारी की समीक्षा हो रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, खाद्य व रसद विभाग लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है। पहली अक्टूबर से 28 नवंबर तक के मध्य सरकारी क्रय केंद्रों पर 1.40 लाख से अधिक किसानों ने धान बिक्री की। इसके एवज में किसानों को अब तक 1868.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बचे किसानों के लिए भी सरकार द्वारा तत्काल भुगतान की प्रक्रिया चालू है।

*बाजरा किसानों को 263.03 करोड़ का किया गया भुगतान*

यूपी में श्री अन्न की खरीद भी पहली अक्टूबर से जारी है। श्री अन्न के अंतर्गत बाजरा किसान भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल को लेकर जा रहे हैं। 28 नवंबर तक लगभग 22000 किसानों को 263.03 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष बचे किसानों को भी तत्काल भुगतान करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। बाजरा की बिक्री के लिए 64 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी करा लिया है।  
बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। बाजरा खरीद सिर्फ 33 जनपदों में ही हो रही है। इसके लिए 281 क्रय केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है। धान खरीद (कॉमन) 2369 रुपये तथा (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हो रही है।
सीएम योगी ने हाल में बैठक लेकर अधिक से अधिक किसानों से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कराने का निर्देश दिया था। इसके पीछे उनकी मंशा अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना था। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रणाली को लेकर योगी सरकार की मंशा धरातल पर मजबूती से दिखाई दे रही है। ई-पॉप मशीनों से बायोमीट्रिक सत्यापन, पंजीकृत किसानों से ही खरीद, बिचौलियों की समाप्त होती भूमिका और 48 घंटे में भुगतान आदि ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीद, राइस मिलों को मिली राहत और किसानों के लिए की गई सुविधाओं ने उनकी आमदनी, भरोसे और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है।
अमजादपुर गांव में बरात के दौरान झगड़ा, पुलिस ने मामले को शांत कराया
लखनऊ । राजधानी में अमजादपुर गांव में गुरुवार रात एक शादी की बरात में विवाद हो गया। घटना में दूल्हे के भाई और दो रिश्तेदारों सहित लड़की पक्ष के कुछ युवक आपस में भिड़ गए। इस दौरान हल्की-फुल्की मारपीट हुई, लेकिन पुलिस ने तुरंत पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और विवाह समारोह को सुरक्षित रूप से संपन्न कराया।

डीजे पर डांस के दौरान शुरू हुआ विवाद

निगोहां के पटसा गांव निवासी रिंकू के छोटे भाई रामचंद्र की बरात अमजादपुर गांव के फूलचंद के घर आई थी। रात करीब 11 बजे जयमाल की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान डीजे पर डांस के दौरान लड़की और लड़के पक्ष के कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। रिंकू ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो हंगामा कर रहे युवकों ने उनके साथ मारपीट की। रिंकू के साथ उनके रिश्तेदार सोनू (पीजीआई बिरूरा) और इंद्रजीत (बछरावां, रायबरेली) भी जुड़ गए, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की।

लूट का आरोप खारिज

सूचना मिलने पर नगराम पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह झगड़े को शांत कर विवाह समारोह को जारी रखा। मारपीट में घायल हुए लोगों का सीएचसी में इलाज कराया गया। थानाध्यक्ष नगराम विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन दूल्हे के भाई से नकदी या सोने की चेन छीनने की बात सत्य नहीं है। पुलिस ने घटना की तहरीर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।यह घटना स्थानीय लोगों के बीच हल्की सनसनी फैलाने वाली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित हस्तक्षेप से विवाह सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।
शादी की खुशियों के बीच बाइक हादसा, अजय गौतम की मौत, दोस्त घायल

लखनऊ । राजधानी में इटौंजा के नेवादा गांव के पास बृहस्पतिवार को एक दर्दनाक बाइक हादसा हुआ। सूरजपुर गांव के अजय गौतम (24) को एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ सवार अमित घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अजय अपनी बहन रीमा की शादी के लिए उत्साहित थे

अजय अपनी बहन रीमा की शादी के लिए उत्साहित थे। रीमा की शादी हरदोई के संडीला निवासी पंकज से तय थी और बरात शाम को आनी थी। बृहस्पतिवार को अपराह्न तीन बजे अजय अपने दोस्त अमित के साथ दूल्हे के लिए बाइक लेने इटौंजा कस्बे स्थित शोरूम गए थे। अजय बाइक चला रहे थे। नेवादा गांव के पास लखनऊ से सीतापुर जा रहे वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। घायल अमित को परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।

परिवार की दुखद स्थिति

अजय की बहन रीमा की शादी की तैयारियों में पूरे घर में खुशी का माहौल था। हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची, खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। घरवालों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। रीमा के ससुराल वालों को हादसे की सूचना दी गई, और दोनों परिवारों की बातचीत के बाद शादी को टाल दिया गया।अजय के परिवार में उनकी पत्नी आरती और दो छोटे बच्चे हैं।

हादसे की यह रही प्रमुख वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे का मुख्य कारण नेवादा हाईवे पर बने अवैध कट थे। इटौंजा टोल के कोरिडोर मैनेजर प्रदीप शुक्ला ने बताया कि यह कट कई बार बंद करवाया गया, लेकिन इसे फिर से खोल दिया जाता है। पुलिस की मदद से इसे स्थायी रूप से बंद करवाने का प्रयास किया जाएगा।बताया गया कि अजय ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन उसका लॉक खुला था। टक्कर लगते ही हेलमेट सड़क पर गिर गया और अजय को सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोग मानते हैं कि अगर हेलमेट का लॉक बंद होता तो शायद अजय की जान बच सकती थी।
लखनऊ में पति ने पत्नी से परेशान होकर खुद का अपहरण रचा, पुलिस ने तुरंत सुलझाया मामला
लखनऊ । राजधानी में खुर्रमनगर निवासी फुरकान, जो पेशे से बाइक मैकेनिक हैं, ने अपनी पत्नी आयशा से झगड़े और परेशानियों के चलते खुद का अपहरण कराने की साजिश रच डाली। मामला तब सामने आया जब पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उन्हें सकुशल ढूंढ निकाला।

झगड़े के कारण बनाई साजिश

एसीपी गाजीपुर ए विक्रम सिंह ने बताया कि फुरकान और आयशा के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते रहते थे। परेशान फुरकान ने अपने दोस्त रितेश के साथ मिलकर खुद के अपहरण की योजना बनाई। बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे फुरकान ने पत्नी से अंडे खाने की बात कहकर घर से बाहर निकलकर साजिश के मुताबिक रितेश के साथ चले गए।कुछ समय बाद रितेश ने घर आकर आयशा को बताया कि फुरकान को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है। घबराई आयशा ने तुरंत इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने आनन-फानन खोजबीन शुरू की।

इस तरह से अपहरण का रचा ड्रामा

पूछताछ में रितेश ने बताया कि वे सीमैप की ओर जा रहे थे कि रास्ते में कार सवार तीन लोगों ने फुरकान पर गुटखा थूक दिया। विरोध करने पर तीनों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें जबरन कार में बैठाया और भाग गए। हालांकि, जब पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज दिखाए, तो रितेश ने अपहरणकर्ताओं की कार की पहचान नहीं की।

पुलिस ने तुरंत किया समाधान

एसीपी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को जानकारी मिली कि फुरकान इंदिरानगर में हैं। दोपहर में पुलिस ने उन्हें सकुशल पकड़ लिया। पूछताछ में फुरकान ने स्वीकार किया कि पत्नी के लगातार झगड़ों से परेशान होकर उन्होंने यह पूरी योजना बनाई थी और फिर ऑटो या ई-रिक्शा से बाहर गए थे। पुलिस ने बताया कि मामला झगड़े और व्यक्तिगत परेशानियों पर आधारित था और फुरकान को किसी बाहरी व्यक्ति ने नुकसान नहीं पहुंचाया।
एएनटीएफ ने बिहार तस्करों का नेटवर्क किया ध्वस्त, 80 लाख की हेरोइन बरामद
लखनऊ । एएनटीएफ थाना गाजीपुर ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले 4 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 412 ग्राम अवैध हेरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये है सहित एक मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 2025 रुपये नकद बरामद किए।यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी क्राइम तथा पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ लखनऊ के दिशा-निर्देश पर की गई।एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि चार युवक बिहार से गाजीपुर क्षेत्र में हेरोइन की खरीद कर उसे बक्सर लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने रेलवे स्टेशन दिलदारनगर गेट के बाहर, पोस्ट ऑफिस के पास सरकारी हैंडपंप के समीप घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम धर्मेंद्र कुमार, 26 वर्ष, निवासी मठिया मोड़ नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, विपिन पासवान, 29 वर्ष, निवासी दुल्लहपुर थाना सेमरी, जनपद बक्सर, बिहार, दिव्यांशू प्रसाद, 19 वर्ष, निवासी कस्बा नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, साहिल खान, 19 वर्ष, निवासी चित्रकोनी, थाना दिलदारनगर, जनपद गाजीपुर है। तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे गाजीपुर के एक व्यक्ति से कम कीमत पर हेरोइन खरीदते थे और बिहार में उसे महंगे दामों पर बेच देते थे। इससे मिलने वाले मुनाफे को वे आपस में बांटते थे। गिरफ्तारी से पहले भी वे हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहे थे। अभियुक्तों के कब्जे से  412 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 80 लाख रुपये), 04 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 मोटरसाइकिल , 2025 रुपये नकद बरामद हुआ है।
लखनऊ : YRG CARE ने किया मधुमेह पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ। YRG CARE फाउंडेशन ने Sanofi के सहयोग से उत्तर प्रदेश में मधुमेह जागरूकता अभियान GGIC शाहमीना रोड, लखनऊ  में चलाया।  विशिष्ट अभियान छात्रों उनके अभिभावकों, विद्यालय शिक्षकों और समुदाय को मधुमेह तथा स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पी.एन.दिवेदी सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश तथा डॉक्टर आर के पांडे जीजीएसआई प्रिंसिपल मीनाक्षी त्रिपाठी जैसे विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत
दीप प्रज्वलन कर शुरू किया गया कक्षा नौ की छात्रा त्रिशा ,अलीशा, शगुन द्वारा सरस्वती वंदना की गई। मुख्य अतिथि पी.एन.दिवेदी  ने कहा कि लोगों को घर पर अपना काम करना चाहिए और मधुमेह से बचने के लिए स्वस्थ भोजन और व्यायाम करना चाहिए।
KDS कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया, जिसमें कॉमिक पुस्तकों की गतिविधियाँ, छोटे खेल, स्वस्थ जीवनशैली कार्यशाला और स्वास्थ्य संबंधी "क्या करें और क्या न करें" की जानकारी दी गई।
लखनऊ के प्रसिद्ध डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. राजनीश पांडेय ने मधुमेह के लक्षण, रोकथाम, उपचार और प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। उनका उद्देश्य था कि लोग, अभिभावक, शिक्षक और समुदाय स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत विकसित करें। इस अवसर पर समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और मधुमेह की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में शिक्षक गरिमा मिश्रा निर्जला फील्ड ऑफिसर प्रणव त्रिपाठी, इमैनुएल, अभय प्रताप, आकाश विश्वकर्मा, शुभम मौर्य और 500 छात्रों के साथ 200 से अधिक लोग शामिल थे। परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।
ध्यान से मिलेगा तनाव से मुक्ति, बढ़ेगा विश्वास, लखनऊ में बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू

लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी ने दुनिया को आगे बढ़ाया है, लेकिन इसके साथ ही लोगों में एकाकीपन, तनाव और अविश्वास भी बढ़ा है। ऐसे में ब्रह्मकुमारीज संस्था का ‘योग, विश्वास और एकता’ अभियान समाज को अधिक मानवीय और आनंदमय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रपति शुक्रवार को लखनऊ के सुलतानपुर रोड स्थित ब्रह्मकुमारीज राजयोग सेंटर, गुलजार उपवन में संस्था की वार्षिक थीम “विश्व एकता और भरोसे के लिए ध्यान” (2025–26) का शुभारंभ करने के बाद बोल रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। बच्चियों द्वारा प्रस्तुत मयूर नृत्य से राष्ट्रपति का स्वागत किया गया।
अपने संबोधन की शुरुआत “ओम शांति” से करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी उन्नति के बावजूद मानव मन में ईर्ष्या, दुख और अकेलापन बढ़ा है। ऐसे समय में मेडिटेशन मानसिक शांति और आत्मिक जागृति का सशक्त साधन हो सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और मिशन लाइफ के तहत मानवीय जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि शांति और सुख बाहर नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर होते हैं और ध्यान-योग के माध्यम से ही इन्हें अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने ब्रह्मकुमारीज संस्था द्वारा गांव-गांव में शिक्षा, संस्कार और मानवता का संदेश फैलाने के कार्यों की सराहना की।

मेडिटेशन तनाव दूर करता है: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ब्रह्मकुमारी संस्थान के इतिहास और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1937 में स्थापित इस संस्था ने कठिन समय में समाज को शांति, पवित्रता और सकारात्मकता का मार्ग दिया। उन्होंने कहा कि राजयोग केवल अभ्यास नहीं, बल्कि संपूर्ण सकारात्मक जीवन शैली है जो आत्मा की अमरता का बोध कराता है।

अभियान समाज को जोड़ेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ध्यान-योग अभियान का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है और राष्ट्रपति की उपस्थिति इसे खास बनाती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता को बढ़ावा देगा।
समारोह में संस्था के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, डंपर ने कार कुचल दी चार की जिंदगी

लखनऊ । शुक्रवार की सुबह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। सहारनपुर जिले के सैय्यद माजरा गांव का एक परिवार अपनी कार से यात्रा कर रहा था, तभी एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही उनकी कार के ऊपर तेज रफ्तार से आता खनिज से भरा डंपर पलट गया।

हादसा इतना भयंकर था कि कार पूरी तरह से डंपर के नीचे दब गई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर चालक ने अचानक कार को सामने देखकर ब्रेक लगाया, लेकिन वाहन की अधिक रफ्तार के कारण नियंत्रण खो गया और डंपर सीधे कार के ऊपर पलट गया। हादसा इतना भयंकर था कि कार पूरी तरह से डंपर के नीचे दब गई और मलबे में तब्दील हो गई।स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक बच्ची भी शामिल है।

कार पर सवार होकर परिवार कहीं जा रहा था

मृतकों की पहचान संदीप (35) पुत्र महेंद्र, रानी पत्नी महेंद्र, रानी की बेटी, व एक अज्ञात उम्र 45 के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि कार में सवार परिवार कहां जा रहा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया और बचाव दल ने मलबा हटाकर राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा।डंपर को मौके से कब्जे में लिया गया है और पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना का कारण रफ्तार और एक्सप्रेसवे पर वाहन नियंत्रण न खो पाने को माना जा रहा है।
लखनऊ पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया भव्य स्वागत


लखनऊ। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज लखनऊ पहुंचीं। अमौसी एयरपोर्ट पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।

एयरपोर्ट पर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद वे निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हुईं। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर प्रशासन और सरकार के उच्च अधिकारियों ने तैयारियों का जायज़ा लिया और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया।