राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रांची दौरे की तैयारी तेज, उपायुक्त ने विभागों को दिए समन्वय के निर्देश

रांची: भारत सरकार की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगामी 31 जुलाई और 1 अगस्त 2025 को प्रस्तावित रांची दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वागत-सत्कार और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त श्री भजन्त्री ने संबंधित विभागों को उनके कार्यों की स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि राष्ट्रपति महोदया का दौरा बिना किसी त्रुटि के संपन्न होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने रांची में प्रस्तावित सभी कार्यक्रम स्थलों और अन्य संभावित स्थलों पर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, अग्निशमन, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल, शौचालय और पार्किंग व्यवस्था सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा की। रूटलाइन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश भी दिया गया।

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों से कहा कि माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित परिभ्रमण हेतु सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सजगता और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तैयारियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची श्री चंदन कुमार सिन्हा, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री उत्कर्ष कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात श्री कैलाश करमाली, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, जिला नजरत उपसमाहर्ता श्री सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, योजना पदाधिकारी सहित पेयजल, सड़क, बिजली, अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

धनबाद की बेटी सुदीती सुमन ने JPSC में 111वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास, कड़ी मेहनत और धैर्य का नतीजा


धनबाद: जब जुनून और समर्पण हो तो सफलता हर बाधा को पार कर लेती है। धनबाद की बेटी सुदीती सुमन ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में राज्य में 111वीं रैंक हासिल कर सफलता की एक नई मिसाल कायम की है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो कड़ी मेहनत, निरंतरता और धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहते हैं।

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शिक्षा और प्रारंभिक जीवन का सफर

सुदीती मूल रूप से धनबाद के जेसी मालिक रोड की निवासी हैं। उनके पिता सुनील कुमार सिन्हा धनबाद कोर्ट में एक जाने-माने अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी मां सुमन सिन्हा एक गृहिणी हैं। एक शिक्षित परिवार से आने के कारण, सुदीती के जीवन में शिक्षा का महत्व बचपन से ही रहा।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा धनबाद के प्रतिष्ठित कार्मेल स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए, सुदीती ने दिल्ली का रुख किया और 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। हाल ही में, 2024 में उन्होंने कानून (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है।

दूसरा प्रयास लाया सफलता, दृढ़ निश्चय बना मूल मंत्र

JPSC परीक्षा में सुदीती का यह दूसरा प्रयास था। अपने पहले प्रयास में, उन्होंने मेन्स तक का सफर तय कर लिया था, लेकिन अंतिम सफलता उनसे दूर रह गई थी। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और दोगुनी ऊर्जा के साथ दूसरे प्रयास में जुटीं। इस बार, उन्होंने राज्य स्तर पर 111वीं रैंक हासिल कर सभी को चौंका दिया और अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।

सुदीती बताती हैं कि यह सफर आसान नहीं था। खासकर, जब आप बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हों, तो कई चुनौतियाँ सामने आती हैं। उनकी सफलता का मूल मंत्र कड़ी मेहनत, निरंतर पढ़ाई और सही मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया, उन्हें समर्थन दिया और उनके सपनों को उड़ान दी।

छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

सुदीती सुमन की यह सफलता उन तमाम छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो छोटे शहरों या कस्बों से आकर बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं। उनके अनुसार, "अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का निस्वार्थ साथ मिले, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं होता।" सुदीती ने साबित कर दिया है कि लगन और समर्पण से कोई भी बाधा पार की जा सकती है, और सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। उनकी यह कहानी धनबाद और झारखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

रांची राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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रांची : सिमडेगा लातेहार और गढ़वा जिलों में बीते 24 घंटे के भीतर रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झारखंड मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।मौसम विभाग ने झारखंड के सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 150 मिमी तक बारिश होने की आशंका जताई गई है।

विभाग ने लोगों को घरों में ही रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है।गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी और राँची जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों में तेज बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण दक्षिणी और मध्य झारखंड में अगले पांच दिनों तक असर दिख सकता है।

फुसरो की स्वाती ने JPSC में 127वीं रैंक हासिल कर बेरमो-बोकारो का मान बढ़ाया


फुसरो, बोकारो: जब कुछ कर दिखाने का जुनून और अडिग इरादे हों, तो रास्ते खुद ही बन जाते हैं। इस बात को सच कर दिखाया है फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के करगली गेट रेलवे कॉलोनी की निवासी कुमारी स्वाती ने, जिन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में 127वीं रैंक हासिल कर पूरे बेरमो और बोकारो जिले को गौरवान्वित किया है।

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स्वाती के पिता अजय कुमार कुंवर, मध्य विद्यालय करगली बाजार में शिक्षक हैं। एक शिक्षक की बेटी होने के नाते स्वाती के जीवन में शिक्षा की अहमियत शुरू से ही रही। JPSC की तैयारी के दौरान, वह वर्तमान में AG Office, रांची में ऑडिटर के पद पर कार्यरत थीं और वहीं रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।

स्वाती बताती हैं कि नौकरी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने समय का बेहतर प्रबंधन किया। ऑफिस से लौटने के बाद वह रोजाना 5-6 घंटे पढ़ाई करती थीं और छुट्टियों का पूरा समय तैयारी में लगाती थीं। उन्होंने दृढ़ निश्चय कर लिया था कि उन्हें कुछ बड़ा करना है।

JPSC परीक्षा में 127वीं रैंक हासिल करने के बाद अब स्वाती का चयन झारखंड शिक्षा सेवा में हुआ है। वह अब एक शिक्षा अधिकारी के रूप में काम करेंगी और बच्चों को बेहतर भविष्य देने के मिशन से जुड़ेंगी। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

झारखंड पुलिस बहाली में बड़ा बदलाव: नई संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 को मंजूरी, अधिकतम उम्र सीमा में छूट

रांची: झारखंड सरकार ने पुलिस बहाली प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 को मंजूरी मिल गई है। अब राज्य में पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी) और उत्पाद सिपाही की बहाली इसी नई नियमावली के तहत की जाएगी। इसके साथ ही, पहले जारी किए गए सभी पुलिस भर्ती विज्ञापनों को रद्द कर दिया गया है।

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नई नियमावली के मुख्य बिंदु:

अधिकतम उम्र सीमा में छूट: नई नियमावली के अनुसार, आगामी भर्ती प्रक्रिया में सभी वर्गों के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

आवेदन शुल्क में छूट: पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नए आवेदन में शुल्क से छूट मिलेगी।

प्रभावी तिथि: इस उम्र सीमा की छूट का प्रभाव 1 अगस्त 2019 से माना जाएगा।

कैबिनेट की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने स्पष्ट किया कि जिन नियुक्तियों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, उन पर इस नई नियमावली का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे भर्तियां पूर्ववत जारी रहेंगी। यह बदलाव केवल भविष्य की नई भर्तियों के लिए लागू होगा।

गुरुवार की इस कैबिनेट बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025, राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन, 4339 उर्दू सहायक आचार्य पदों का सृजन और अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी शामिल हैं।

JPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट जारी, आशीष अक्षत ने किया टॉप

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने बहुप्रतीक्षित सिविल सेवा परीक्षा 2023 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 342 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं, और आयोग ने सभी 342 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से सफल घोषित कर दिया है। उम्मीदवार अपना परिणाम JPSC की आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर जाकर रोल नंबर और नाम के साथ पूरी चयन सूची में देख सकते हैं।

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फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा (मेन्स) और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई है। JPSC मेन्स परीक्षा में कुल 864 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, जिनमें से अब अंतिम चयन किया गया है।

टॉपर्स की सूची में शामिल नाम:

इस परीक्षा में आशीष अक्षत ने टॉप किया है। उनके बाद अभय कुमार दूसरे, रवि रंजन कुमार तीसरे, गौतम गौरव चौथे और श्वेता पांचवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 में शामिल अन्य सफल उम्मीदवारों में राहुल कुमार विश्वकर्मा, रोबिन कुमार, संदीप प्रकाश, स्वाति केशरी और राजीव रंजन के नाम भी शामिल हैं।

झारखंड में PDS डीलरों को मिलेंगी 4G ई-पॉस मशीनें, पारदर्शिता बढ़ाने और परेशानी दूर करने का लक्ष्य


रांची: झारखंड सरकार जन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और इसका लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार 25,280 PDS डीलरों को आधार-आधारित बायोमीट्रिक फोर-जी ई-पॉस मशीनें उपलब्ध कराएगी। झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) निदेशालय ने ₹178 करोड़ की लागत से इन फोर-जी ई-पॉस मशीनों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह निर्णय टू-जी ई-पॉस मशीनों से हो रही परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस पहल के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने ₹100 करोड़ के व्यय का प्रस्ताव रखा है।

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खरीद प्रक्रिया हुई शुरू:

JSFC ने इस संबंध में जेम पोर्टल (GeM portal) के माध्यम से इच्छुक कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्री-बिड (Pre-Bid) मीटिंग 28 जुलाई को बुलाई गई है, जबकि निविदा (tender) डालने की अंतिम तिथि 13 अगस्त निर्धारित की गई है। तकनीकी बिड 14 अगस्त को खोली जाएगी।

डीलरों की पुरानी मांग हुई पूरी:

PDS डीलर लगातार सरकार से फोर-जी ई-पॉस मशीनों की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि मौजूदा टू-जी ई-पॉस मशीनें पुरानी (आउटडेटेड) हो चुकी हैं, और नेटवर्क व सर्वर की समस्याओं के कारण लाभार्थियों को अनाज वितरण में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक-एक लाभार्थी को अनाज देने की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था, और ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार लाभार्थियों को बिना अनाज के ही वापस लौटना पड़ता था।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी छह जिलों में स्मार्ट PDS योजना शुरू की है, जिसमें फोर-जी ई-पॉस मशीनें लगाने की बात कही गई है। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: शहीद अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को मिलेगी सरकारी नौकरी

रांची: झारखंड सरकार ने गुरुवार, 24 जुलाई को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उग्रवादी घटनाओं में या देश की सीमा पर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद होने वाले राज्य के अर्द्धसैनिक बल के कर्मियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें यह संवेदनशील फैसला भी शामिल है।

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यह निर्णय उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्होंने देश सेवा में अपने प्रियजनों को खोया है। सरकार का यह कदम शहीदों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों के प्रति समर्थन को दर्शाता है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकेगा।

रांची-जमशेदपुर के बीच जल्द दौड़ेगी फ्लैश चार्जिंग लग्जरी बसें: यात्रियों को मिलेंगी विमान जैसी सुविधाएं

झा. डेस्क

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड के लिए एक बड़ी सौगात की घोषणा की है। जल्द ही रांची और जमशेदपुर के बीच अत्याधुनिक फ्लैश चार्जिंग इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने जा रही है। यह सेवा यात्रियों को न केवल पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का विकल्प देगी, बल्कि सफर के दौरान फ्लाइट जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी प्रदान करेगी।

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यह परियोजना भारत में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्लैश चार्जिंग तकनीक बसों को बहुत कम समय में, संभवतः कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से चार्ज करने में सक्षम बनाती है, जिससे यात्रा का समय प्रभावित नहीं होगा और बसों का संचालन अधिक कुशल बनेगा। गडकरी ने जोर देकर कहा कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को अत्यधिक आरामदायक और लक्जरी यात्रा का अनुभव देना है, जो वर्तमान में लंबी दूरी की बसों में शायद ही उपलब्ध होता है।

इन बसों में आधुनिक इंटीरियर, आरामदायक सीटें, व्यक्तिगत मनोरंजन प्रणालियां, वाई-फाई कनेक्टिविटी और अन्य उच्च-स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रांची और जमशेदपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को थकान महसूस न हो और वे अपने गंतव्य तक तरोताजा पहुंचें।

यह कदम प्रदूषण कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का भी हिस्सा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और कार्बन फुटप्रिंट भी घटेगा। इसके अतिरिक्त, यह सेवा दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में ऐसी फ्लैश चार्जिंग इलेक्ट्रिक बस सेवाएं देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी शुरू की जाएं, जिससे लोगों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प मिल सकें। यह रांची और जमशेदपुर के लोगों के लिए निश्चित रूप से एक रोमांचक और स्वागत योग्य खबर है।

राज्य सरकार का ऐतिहासिक फैसला: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मजदूरी में ₹52 तक की बढ़ोतरी

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रांची, - झारखंड सरकार ने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लगभग 94 लाख श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य घोषणा की है। राज्य सरकार ने इन श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में ₹52 तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह कदम राज्य के लाखों गरीब और वंचित परिवारों के लिए आर्थिक राहत प्रदान करेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगा।

यह बढ़ोतरी विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों पर लागू होगी। अब अकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन पुरानी मजदूरी के दर के बजाय नई मजदूरी मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी में भी इसी अनुपात में वृद्धि होगी। 

"यह बढ़ोतरी न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत की गई है, और इसके साथ ही, अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी अगर ₹300 होगी तो यह बढ़कर ₹352 हो जाएगी।" इस फैसले से खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अक्सर कम मजदूरी पर काम करने को मजबूर होते हैं।

राज्य सरकार का यह फैसला श्रमिकों के कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लंबे समय से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा अपनी मजदूरी बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है। यह बढ़ोतरी बढ़ती महंगाई के दौर में श्रमिकों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल श्रमिकों की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन से बाजार में उपभोग बढ़ेगा।

इस निर्णय का विभिन्न श्रमिक संगठनों और यूनियनों ने भी स्वागत किया है। उन्होंने इसे श्रमिकों के संघर्ष की जीत बताया है और सरकार से इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह किया है ताकि लाखों श्रमिक इसका तत्काल लाभ उठा सकें।