*इलाके में सूखे के आसार, सिंचाई करके फसलों को बचाने में जुटे किसान*
खजनी गोरखपुर।।कम बारिश होने के कारण किसानों को सूखे के आसार नजर आ रहे हैं। बारिश के इंतजार में अपनी आंखों के सामने बेतहाशा धूप और गर्मी से झुलसती जा रही खरीफ की फसलों को देख कर क्षेत्र के किसान अपनी किस्मत को कोसने लगे हैं। जुलाई का महीना आधा बीत गया है, किन्तु इलाके में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। सामान्य बारिश के बाद अपने खेतों में धान के फसल की रोपाई कर चुके किसान अब ट्यूबवेल और पंपिंग सेट से सिंचाई करके अपनी फसलों को बचाने में लग गए हैं। किसानों का कहना है कि फसलों की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी मनचाही बारिश अभी तक नहीं हुई है। पोखरे भी सूखे पडे हैं, मंहगे डीजल से पंपिंग सेट चला कर फसलों की सिंचाई करना क्षेत्र के किसानों को घाटे का सौदा लग रहा है। इलाके के सभी किसान जैसे तैसे अपनी खेती बचाने में लगे हुए हैं, लेकिन छोटे और मझोले किसानों की दुश्वारियां और चिंताएं बढ गई हैं।
रेहरवा गांव के किसान देवता मौर्या ने बताया कि एक बीघा धान की सिंचाई के लिए खेत में पानी भरने के लिए 10 घंटे तक मशीन (पंपिंग सेट) चलाना पडा इसी तरह रामसमुझ, बजरंगी, चेतई, मुनरिका आदि किसानों का कहना है कि तेज धूप और गर्मी से फसलों का विकास रूक गया है, हम लोग रोज आसमान की ओर देखकर अच्छी बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं।
छोटे किसानों का कहना है कि नलकूप भी खेतों से दूर हैं, समय से बिजली नहीं रहती कभी नलकूप खराब हो जाता है, जब तक बारिश नहीं होगी सिंचाई करके फसलों को बचा पाना बहुत मुश्किल है।
कुछ किसान जिनके खेतों में गर्मी की सब्जियां लगी थीं पिछले दिनों हुई बारिश में पौधे खराब हो गए अब नई फसल के पौधों को बचाने के लिए बारिश और पानी का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय किसानों घिराऊ चौरसिया, रामप्रकाश विश्वकर्मा, बलिराम, रामहरख का कहना है कि अभी खेतों में पानी भरने के 2/4 घंटे बाद ही सब पानी सूख जा रहा है।बादल रोज लग रहे हैं मगर बारिश नहीं हो रही है, पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था बारिश कम हुई थी, कहीं बाढ तो कहीं सूखा रह गया था। समय बीत रहा है, अब तो बस भगवान का सहारा है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ आलोक तोमर ने बताया कि सामान्य तौर पर जुलाई के महीने में 300 मिमी बारिश होती है जो कि फसलों के लिए अच्छा है लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अभी तक सिर्फ 95 मिमी बारिश हुई है जो कि बहुत ही कम है।





Jul 22 2025, 19:41
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