महिला अधिकारियों ने सुनाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कहानी, दुनिया को बताया 25 मिनट चले पाकिस्तान पर प्रहार का सच

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पहलगाम हमले के 15 दिन बाद देश का इंतजार खत्म हो गया। भारत ने एक बार फिर दुश्मने के घर में घुसकर मारा। भारत की ओर से पाकिस्‍तान पर एयर स्‍ट्राइक किया गया। भारत ने पाकिस्तान और पीओके के अंदर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। भारत ने मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, कोटली और मुजफ्फराबाद में आतंक के ठिकानों को निशाना बनाया। देश की तीनों सेनाओं ने मिलकर इस मिशन को अंजाम दिया। भारत की इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है।

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ऑपरेशन सिंदूर की कहानी

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुनिया के सामने रखी है। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की कहानी सुनाने के लिए भारत ने अपनी दो महिला अधिकारियों को चुना। सोफिया कुरैशी इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, वहीं व्योमिका सिंह इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर।

25 मिनट और 9 आतंकी कैम्प तबाह

कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया 7 मई की रात को 1.05 बजे भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और POK में घुस कर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और ये ऑपरेशन करीब 25 मिनट तक चला, उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय वायु सेना ने सिलसिलेवार तरीके से पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कैम्पों को तबाह किया।

आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद

कर्नल सोफिया कुरैशी ने ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पीओके के आतंकी शिविरों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, 'मुजफ्फराबाद में शवाई नाला कैंप लश्कर-ए-तैयबा का कैंप है। 20 अक्तूबर, 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्तूबर, 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को यहीं प्रशिक्षित किया गया था।' उन्होंने मुजफ्फराबाद में सैयदना बिलाल कैंप पर स्ट्राइक की भी जानकारी दी, यह जैश-ए-मोहम्मद का कैंप है, जो हथियार, विस्फोटक और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करता है। इसके साथ ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) से 30 किलोमीटर दूर कोटली में गुलपुर कैंप को भी टारगेट किया गया। यह 20 अप्रैल, 2023 को पुंछ हमले और 9 जून, 2024 को तीर्थयात्रा बस हमले से जुड़े लश्कर आतंकियों का ठिकाना था। इसके अलावा भिमबेर में बरनाला कैंप को भी ध्वस्त किया गया, यह हथियारों और आईईडी की सप्लाई का केंद्र और ट्रेनिंग सेंटर था। ऐसे ही एलओसी से 13 किमी दूर एक अन्य कोटली कैंप में 15 आतंकवादियों की क्षमता वाले लश्कर के फिदायीन को प्रशिक्षित किया जाता था। इसे भी ध्वस्त किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी का पहला बयान, बोले- पूरे देश के लिए गर्व का पल

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भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एयरस्ट्राइक की है। एक साथ 9 ठिकानों पर हमला किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी देश को संबोधित किया। कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने की सेना की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के लिए गर्व की बात, पीएम मोदी ने कैबिनेट को पूरा जानकारी दी।

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सेना की सराहना

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन की जानकारी कैबिनेट के साथियों को दी। भारतीय सेना ने तैयारी के अनुसार बिना किसी गलती के कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ हैष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना की सराहना की।

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक

कैबिनेट की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की। पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद की परिस्थितियों पर विस्तार से मंथन किया।

पीएम मोदी ने तीन यूरोपीय देशों का दौरा रद्द किया

ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद उपजे संवेदनशील हालात को देखते हुए पीएम मोदी ने नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड का अपना दौरा रद्द कर दिया है।

ऑपरेशन सिंदूरः भारत के एयर स्ट्राइक ने खोली चीन की पोल, एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9 फेल

#chinese_air_defence_fail

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भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में छह और सात मई की दरमियानी रात को सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। भारत ने इस सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया है। भारत का कहना है कि यह हमला आतंकवादी ठिकानों पर किया गया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान को भारत की तरफ से हमले का डर सता रहा था। पाकिस्तान को पता था कि भारत बदला लेगा। अलर्ट रहने का दावा भी कर रहा था, लेकिन हमला रोक नहीं सका। इससे पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता उजागर हुई है।

पाकिस्तान ने सोचा था कि भारत के हमले से चाइना या फिर उसके हथियार उसे बचाने में कामयाब होंगे। लेकिन शायद शहबाज और मुनीर यह नहीं जानते कि चाइना का माल कितना चलता है। पाकिस्तान को अपने सदाबहार दोस्त चीन पर आंख मूंद कर भरोसा करता है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने चीन में तैयार हुए HQ-9 लांग रेंज एयर डिफेंस सिस्टम पर भरोसा जताया। लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साबित कर दिया कि यह सिस्टम भारत की उन्नत मिसाइल क्षमताओं के सामने टिक नहीं पाया।

भारत के एयरस्ट्राइक ने चीनी एयर डिफेंस सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। ब्रह्मोस के बाद स्कैल्प मिसाइल को भी डिटेक्ट करने में चीनी एयर डिफेंस फेल हो गया है। यानि, जिस एयर डिफेंस सिस्टम पर पाकिस्तान उछल रहा था, उसने उसे धोखा दे दिया है। भारत की ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों को लेकर पहले से ही एक्सपर्ट्स कह रहे थे कि चीनी एयर डिफेंस के लिए उन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल है। लिहाजा पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय मिसाइलों के गिरने के बाद अब पाकिस्तान के लिए आगे का कदम उठाना इसलिए भी मुश्किल है, क्योंकि चीनी एयर डिफेंस के फेल होने से उनका भरोसा हिल गया होगा।

पाकिस्तान ने 2021 में चीन द्वारा बनाए गए HQ-9 या FD-2000 एयर डिफेंस सिस्टम को सेना में शामिल किया था। बालाकोट में भारतीय वायुसेना के स्ट्राइक के बाद का डर ऐसा सताया कि आनन-फानन में एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद करने में जुट गया था। चीन ने अपने दोस्त पाक को दुनिया के सबसे आधुनिक हथियार के नाम एयर डिफेंस सिस्टम दिए।

दावा यह किया जाता है कि यह सिस्टम 40 किलोमीटर को अधिकतम दूरी पर 15 मीटर से लेकर 18 किलोमीटर की उंचाई से आने वाले किसी भी मिसाइल, फाइटर जेट को टार्गेट बना सकता है। इस एयर डिफेंस सिस्टम में जो रडार लगा है, कहा जाता है कि 150 किलोमीटर की दूर से दुश्मन को मिसाइल और फाइटर जेट को इंटरसेप्ट कर सकता है। भारत के पास हर तरह के सुपरसोनिक मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल की भरमार है। हवा में जब होतें है तो उनके रडार देख ही नहीं सकते. इनकी इतनी तेज रफ्तार है कि उसे पाकिस्तानी सिर्फ जमीन पर गिरते देख सकते है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम, फिर पाकिस्तान पर कहर बनकर टूटी भारतीय सेना

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पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है। पीएम मोदी ने खुद इस ऑपरेशन को ये नाम दिया था। सेना ने भी पीएम मोदी के इस सुझाव को माना और ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने आतंकियों के 9 ठिकानों पर स्ट्राइक की।इस ऑपरेशन में पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे 3 आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा, जैश ए मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के अड्डों को निशाना बनाया गया। 

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पहलगाम में 26 पर्यटकों की मौत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सेना के हाथ खोल दिए थे। उन्होंने आतंकियों और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेना को समय और स्थान तय करने की खुली छूट दी थी। रिपोर्टस के अनुसार, अफसरों के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखने की सलाह दी थी, जिसे सेना ने मान लिया। 

ऑपरेशन पर PM मोदी की पूरी नजर

पीएम मोदी ने सिर्फ मिशन का नाम ही नहीं दिया था, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार नजर बनाए रखा। पीएम मोदी ऑपरेशन की शुरुआत से ही रात भर पूरी मॉनिटरिंग करते रहे। पीएम मोदी, पीएम आवास से ही पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे। वहीं एनएसए अजित डोभाल भी पीएम मोदी को लगातार ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। 

हमले के बाद से गुस्से में थे पीएम मोदी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी गुस्से में थे। उन्होंनो 22 अप्रैल को हुए अटैक के बाद अपनी सउदी अरब की यात्रा बीच में ही रद्द कर भारत वापसी की थी। वह लगातार सेनाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने एनएसए अजित डोभाल के साथ कई बैठकें की। पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में एक सभा को संबोधित करते हुए आतंकियों को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि इस बार ऐसा एक्शन होगा, जिसकी आतंकियों ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्हें मिट्टी में मिलाया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय महिलाओं की पहचान से जोड़ा जा रहा

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय महिलाओं की पहचान से जोड़ा जा रहा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद बड़ी कार्रवाई की है। रात करीब 1 बजकर 28 मिनट पर भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें आतंकी हाफिज सईद के ठिकानों को ध्वस्त किया गया। वहीं आतंकी मसूद अजहर के अड्डे भी तबाह किए गए।

ऑपरेशन सिंदूर' से बौखलाया पाकिस्तान, LoC पर फायरिंग में 6 भारतीयों की मौत

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भारत ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। इस के बाद पाकिस्तान तिलमिलाया गया है और उसने आम भारतीयों को निशाना बनाया है। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना ने रातभर भारी गोलीबारी की। इस गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक घायल हैं, पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, राजौरी और उरी में गोलीबारी की है।

भारतीय सेना के अनुसार बीती रात पाकिस्तान आर्मी ने एलओसी पार और इंटरनेशनल बॉर्डर पार से आर्टिलरी फायर किया। जिसमें भारत के 6 सिविलियंस की मौत हुई है। भारतीय सेना के अनुसार पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के इस हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। पाकिस्तान ने तंगधार गांव को अपना निशाना बनाया है।

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग

बुधवार को पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस पर भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई की है।छह और सात मई की रात में पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकियों से जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी गोलीबारी की है। तंगधार में नियंत्रण रेखा के पास मनमाने तरीके से गोलीबारी की। पाकिस्तान की ओर से पुंछ में की गई अंधाधुंध गोलीबारी में छह नागरिकों की जान चली गई।

12 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन

पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव है। इसके बाद से लगातार पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही थी। पाकिस्तान बीते 12 दिनों से LOC पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया है। जिसका भारत ने उसे हर बार मुंहतोड़ जवाब भी दिया। अब उसने भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाकर यह कदम उठाया।

एयरस्ट्राइक में पाक के 9 ठिकानों पर हमला

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए अटैक का जवाब देते हुए भारत ने 6-7 मई की रात करीब 1:30 बजे पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। इस एयरस्ट्राइक में पाक के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसी के बाद भारत के अटैक के कुछ ही समय बाद पाकिस्तान ने मासूम भारतीयों को एक बार फिर निशाना बनाया।

ऑपरेशन सिंदूर’ ही क्यों रखा गया मिशन का नाम? पहलगाम नरसंहार से है खास कनेक्शन

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पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारत ने पाक‍िस्‍तान के 9 ठिकानों पर एयरस्‍ट्राइक की है। इस बार भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक क्रूर आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। ऐसे में सलवाल उठ रहे हैं कि इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर ही क्यों रखा गया है?

क्यों रखा गया इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर?

ऑपरेशन के नाम सिंदूर रखने के पीछे आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, भारतीय सैन्य परंपरा में ऑपरेशनों के नाम सांस्कृतिक या प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं। हिंदू परंपरा में सिंदूर विवाहित महिलाओं के सुहाग का प्रतीक है, और यह नाम उन पत्नियों के सम्मान में चुना गया, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने पतियों को खो दिया। यह ऑपरेशन न केवल आतंकियों को सबक सिखाने का प्रयास था, बल्कि उन परिवारों के प्रति भारत की संवेदना और संकल्प को भी दर्शाता था। बता दें कि इस हमले में आतंकियों ने विशेष रूप से विवाहित पुरुषों को निशाना बनाया था।

पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को न्याय

डिफेंस एक्‍सपर्ट की मानें तो पहलगाम में आतंक‍ियों ने कई ऐसे लोगों को मारा ज‍िनकी चंद दिनों पहले शादी हुई थी। भारत ने इन मह‍िलाओं की आंखों में आंसू देखे थे, तभी कसम खाई थी क‍ि एक-एक आंसू का ह‍िसाब ल‍िया जाएगा। इनमें गुरुग्राम की ह‍िमांशी नरवाल भी थीं, जिनकी 16 अप्रैल को शादी हुई थी। वह पत‍ि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के साथ हनीमून मनाने गई थीं, लेकिन आतंक‍ियों ने विनय को मार डाला।

इसी तरह जयपुर की प्रियंका शर्मा को आतंक‍ियों को दर्द द‍िया। प्र‍ियंका अपने पत‍ि रोहित के साथ पहलगाम में हनीमून मनाने गई थीं। हमले के दौरान रोहित को गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रियंका घायल हुईं और उन्हें श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

श‍िमला की रहने वाली अंजलि ठाकुर अपने पत‍ि विवेक ठाकुर के साथ गई थीं। इनकी भी इसी साल 12 अप्रैल को शादी हुई थी। विवेक और अंजलि पहलगाम में ट्रेकिंग के लिए गए थे, लेकिन आतंक‍ियों ने उन्‍हें भी नहीं बख्‍शा। अंजलि किसी तरह बच गईं। अंजलि ने बाद में कहा, हमारी जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। उनकी बातों ने सबको ह‍िला द‍िया था।

पुणे की रहने वाली स्नेहा पाटिल अपने पत‍ि अमित पाटिल के साथ हनीमून पर गई थीं। 10 अप्रैल को ही इनकी शादी हुई थी। अमित और स्नेहा पहलगाम में छुट्टियां मना रहे थे, तभी आतंक‍ियों ने उन्‍हें गोली मार दी। स्नेहा ने अस्पताल में कहा, आतंकियों ने हमारा सब कुछ छीन लिया।

धर्म पूछकर 26 पर्यटकों को मारी थी गोली

बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बायसरन घाटी में आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली युवक की मौत हो गई थी। हमले के दौरान आतंकियों ने धर्म पूछकर सिर्फ पुरुषों को मारा था। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंधु जल संधि के निलंबन से लेकर पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने तक कई पाबंदियां लगाईं।

मॉक ड्रिल की तैयारियों के बीच पीएम मोदी से मिले अजीत डोभाल, 24 घंटे में दूसरी मुलाकात कितनी अहम


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#nsadovalmeetspmmodi 

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है। इस बीच देशभर में मॉकड्रिल की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के चलते केन्द्र सरकार ने 7 मई को कई राज्यों में मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति तैयार करने में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस हमले के बाद से लगातार उच्च-स्तरीय बैठकों का सिलसिला जारी है। इस बीच मंगलवार को एनएसए अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में दुश्मन से निपटने की भारत की रणनीति पर चर्चा हुई। 

24 घंटों में दूसरी मुलाकात

पिछले 24 घंटों में यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने अजीत डोभाल से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य सरकारों द्वारा मॉक ड्रिल आयोजित करने से एक दिन पहले हुई है।सोमवार को पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक के तुरंत बाद पीएम ने गृह सचिव गोविंद मोहन से भी मुलाकात की।

पहलगाम हमले के बाद लगातार बैठकें जारी

पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे एक्शन में नजर आ रहे हैं। पहले सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा को बीच में ही समाप्त कर स्वदेश लौटे। दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ आपात बैठक की। पिछले कुछ दिनों में नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं, जिससे लश्कर आतंकी समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।

महबूबा की बेटी इल्तिजा ने पीएम मोदी को कियों दिलाई रूस में दिए बयान की याद?


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#iltija_mufti_pm_modi_russia_statement

पाकिस्तान के साथ तनातनी के बीच भारत मॉक ड्रिल की तैयारियों में जुटा है। वहीं, दूसरी ओर जम्‍मू कश्‍मीर की इल्तिजा मुफ्ती ने भारत पाकिस्‍तान दोनों मुल्‍कों के बीच युद्ध न करने की अपील की है। महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने युद्ध के जम्मू-कश्मीर पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम नरेन्‍द्र मोदी को उनके रूस में दिए बयान की याद दिलाई है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने जो भी हुआ, बहुत गलत हुआ और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। आतंकवादियों ने जो यहां पर किया, मैं इसकी पुरजोर तरीके से विरोध करती हूं। पहलगाम में जो हुआ, हम सभी का दिल टूटा है। जो तस्वीरें, वीडियो हमारे सामने आईं, उनसे बहुत दुख पहुंचा है। इस हमले में हम सभी ने देखा कि हमारे यहां टूरिस्टों को दिन-दहाड़े मारा गया। हिमांशी नरवाल, शान्या दुबे के लिए हम सभी लोगों को बुरा लगा। इस हमले के बाद हमसे लगातार पूछा जाता है कि क्या आपको बुरा लगा। हमें बुरा क्यों नहीं लगेगा? क्या हम इंसान नहीं हैं? एक कश्मीरी, हिन्दुस्तानी, मुस्लिम होने से पहले हम एक इंसान हैं और जो वहां पर टारगेट किलिंग हुई, सच मानिए दिल टूटा है।

युद्ध कभी भी इसका समाधान नहीं- इल्तिजा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच तनाव है। क्या दोनों देशों के बीच युद्ध होना चाहिए? इस सवाल के जवाब में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने कहा कि जब भी युद्ध की बात होती है, तो जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत तकलीफ़ होती है, क्योंकि हम एक सीमावर्ती राज्य हैं। हम ही हैं जो इसका खामियाज़ा भुगतेंगे और नुकसान भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि युद्ध कभी भी इसका समाधान नहीं है। पिछले साल जब प्रधानमंत्री मोदी रूस गए थे, तो उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि युद्ध का युग खत्म हो चुका है। मेरा मानना है कि अब उन शब्दों को याद करने का समय आ गया है।

पीएम मोदी सिर्फ हिंदू के ही प्रधानमंत्री नहीं-इल्तिजा

पीएम मोदी पर भरोसा के सवालपर उन्होंने एक कश्मीरी के तौर पर मैं काफी निराश हूं। हमें जिस प्रकार से शक की नजर से देखा जाता है। पिछले 10 दिनों में दिल्ली में कश्मीरी छात्रों, बिजनेसमैन को तंग किया जा रहा है। पीएम मोदी हमेशा एक चीज कहते हैं कि दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी। अगर आपको दिल्ली की दूरी कम करनी होगी तो आपके यहां के लोगों से बात करनी ही पड़ेगी। लेकिन, कश्मीर के लोगों से आपने बातचीत करना बंद ही कर दिया है। 2019 में जो हमारे साथ बुरा हुआ, उसके बाद मुसलमान के साथ जो हो रहा है, आपका दिल तो टूटता ही है। पीएम मोदी सिर्फ हिंदू के ही प्रधानमंत्री नहीं, सभी के प्रधानमंत्री हैं। कश्मीर में जो छह साल से चल रहा है, मैं यकीनन काफी निराश हूं।

देशभर में मॉक ड्रिल की तैयारी, सायरन बजने से लेकर बिजली कटने तक जानें क्या-क्या होगा?

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#nationwidecivildefencemockdrill 

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने दो टूक कहा है कि इस हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा। हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े फैसले भी लिए हैं, जिससे पाकिस्तान घबराया और बौखलाया हुआ है। इस बीच 7 मई को देश के 295 जिलों में हवाई हमले से बचाव की मॉक ड्रिल होगी। इसका मकसद नागरिकों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग देना है। मॉक ड्रिल में सायरन टेस्ट, ब्लैकआउट मैनेजमेंट का अभ्यास शामिल है।

गृह मंत्रालय के तहत नागरिक सुरक्षा के अतिरिक्त महानिदेशक बी संदीपकृष्ण ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण देश के 295 सीमावर्ती और तटीय जिलों में नागरिक सुरक्षा अभ्यास करने का निर्देश दिया है। 

लोग क्या-क्या तैयारियां रखें?

मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय में आज अहम बैठक हुई। इसमें देशभर में 295 नागरिक सुरक्षा प्रतिष्ठानों की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा इस बात पर केंद्रित है कि मौजूदा उपकरण काम कर रहे हैं या उनकी मरम्मत की आवश्यकता है। बैठक में यह भी देखा गया कि आपातकालीन हालात में नागरिकों को कैसे प्रशिक्षित किया जाए। इस दौरान हवाई हमले के सायरन के प्रति जनता की प्रतिक्रिया, ब्लैकआउट के दौरान की जाने वाली कार्रवाई और आवश्यक आपूर्ति की तैयारियों पर भी बात की गई। अधिकारियों ने संभावित इलेक्ट्रॉनिक विफलता के लिए तैयार रहने के लिए घरों में चिकित्सा किट, मशालें, मोमबत्तियां और नकदी रखने की जरूरत पर जोर दिया।

मॉक ड्रिल में क्या होगा?

आमतौर पर किसी हमले, हादसे या आगजनी जैसी आपातकालीन स्थिति के लिए कैसी तैयारी है, यह जानने के लिए मॉक ड्रिल की जाती है।मॉक ड्रिल में यह देखा जाता है कि किसी आपाकालीन स्थिति में लोगों की प्रतिक्रिया कैसी होती है, इसके लिए चुनिंदा लोगों, वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग भी दी जाती है।

गृह मंत्रालय के पत्र के मुताबिक़ 7 मई की मॉक ड्रिल शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक होगी। इस मॉक ड्रिल में कई तरह के अभ्यास किए जाएंगे। इनमें हवाई हमले की चेतावनी कितनी कारगर है यह जानना, कंट्रोल रूम के कामकाज को देखना, आम लोगों और छात्रों को हमलों के दौरान काम की ट्रेनिंग देना शामिल है।

इस दौरान कुछ समय के लिए लोगों को घरों या संस्थानों की सभी लाइट पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इस मॉक ड्रिल में यह भी देखा जा सकता है कि अगर लाइट पूरी तरह बंद हो जाए तो उस स्थिति में क्या उपाय किए जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें आपातकालीन स्थिति में सिविल डिफ़ेंस की प्रतिक्रिया, किसी ख़ास जगह से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की ट्रेनिंग वगैरह भी शामिल होती है।

पाकिस्तान के खिलाफ अब तक उठाए गए कदम

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ कई फैसले लिए हैं। सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के अलावा भारत ने पाकिस्तान से सभी तरह के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 

इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत के ख़िलाफ़ कई कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने भी भारत की ओर से उठाए गए कदमों का जवाब दिया है। पाकिस्तान ने भारत के स्वामित्व वाली या उसकी ओर से संचालित सभी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। साथ ही वाघा सीमा को भी बंद किया गया है। पाकिस्तान ने सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर सार्क वीज़ा छूट कार्यक्रम के तहत सभी भारतीय नागरिकों को दिए गए सभी वीज़ा निलंबित कर दिए हैं और कहा है कि इन्हें रद्द माना जाना चाहिए।

पीएम मोदी को थी पहलगाम हमले की जानकारी, इसीलिए जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द किया? खरगे का बड़ा दावा


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। झारखंड की राजधानी रांची में खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी। इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। मैंने यह बात एक अखबार में भी पढ़ी।

खरगे की सवालों की बौछार

झारखंड की राजधानी रांची में 'संविधान बचाओ' रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी में खामी थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि जब सरकार ने खुफिया विफलता स्वीकार कर ली है? देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही। खरगे ने कहा कि जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की?

उसकी जिम्मेदारी आपको ही लेनी चाहिए-खरगे

खरगे ने कहा कि जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका जाना मुनासिब नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई? खरगे ने कहा मैं सवाल पूछता हूं कि आपने अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया लेकिन जो पर्यटक वहां ज्यादा मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोग जो इस घटना में मर गए हैं उसकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।

पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस साथ-खरगे

खरगे आगे ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं है आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये देश का मामला है।