पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम, फिर पाकिस्तान पर कहर बनकर टूटी भारतीय सेना

#operationsindoornamegivenbypmmodi

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है। पीएम मोदी ने खुद इस ऑपरेशन को ये नाम दिया था। सेना ने भी पीएम मोदी के इस सुझाव को माना और ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने आतंकियों के 9 ठिकानों पर स्ट्राइक की।इस ऑपरेशन में पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे 3 आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा, जैश ए मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के अड्डों को निशाना बनाया गया। 

Image 2Image 4

पहलगाम में 26 पर्यटकों की मौत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सेना के हाथ खोल दिए थे। उन्होंने आतंकियों और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेना को समय और स्थान तय करने की खुली छूट दी थी। रिपोर्टस के अनुसार, अफसरों के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखने की सलाह दी थी, जिसे सेना ने मान लिया। 

ऑपरेशन पर PM मोदी की पूरी नजर

पीएम मोदी ने सिर्फ मिशन का नाम ही नहीं दिया था, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार नजर बनाए रखा। पीएम मोदी ऑपरेशन की शुरुआत से ही रात भर पूरी मॉनिटरिंग करते रहे। पीएम मोदी, पीएम आवास से ही पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे। वहीं एनएसए अजित डोभाल भी पीएम मोदी को लगातार ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। 

हमले के बाद से गुस्से में थे पीएम मोदी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी गुस्से में थे। उन्होंनो 22 अप्रैल को हुए अटैक के बाद अपनी सउदी अरब की यात्रा बीच में ही रद्द कर भारत वापसी की थी। वह लगातार सेनाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने एनएसए अजित डोभाल के साथ कई बैठकें की। पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में एक सभा को संबोधित करते हुए आतंकियों को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि इस बार ऐसा एक्शन होगा, जिसकी आतंकियों ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्हें मिट्टी में मिलाया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय महिलाओं की पहचान से जोड़ा जा रहा

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय महिलाओं की पहचान से जोड़ा जा रहा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद बड़ी कार्रवाई की है। रात करीब 1 बजकर 28 मिनट पर भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें आतंकी हाफिज सईद के ठिकानों को ध्वस्त किया गया। वहीं आतंकी मसूद अजहर के अड्डे भी तबाह किए गए।

ऑपरेशन सिंदूर' से बौखलाया पाकिस्तान, LoC पर फायरिंग में 6 भारतीयों की मौत

#indiacivilianskilledinfiringbypakistan

Image 2Image 4

भारत ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। इस के बाद पाकिस्तान तिलमिलाया गया है और उसने आम भारतीयों को निशाना बनाया है। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना ने रातभर भारी गोलीबारी की। इस गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक घायल हैं, पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, राजौरी और उरी में गोलीबारी की है।

भारतीय सेना के अनुसार बीती रात पाकिस्तान आर्मी ने एलओसी पार और इंटरनेशनल बॉर्डर पार से आर्टिलरी फायर किया। जिसमें भारत के 6 सिविलियंस की मौत हुई है। भारतीय सेना के अनुसार पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के इस हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। पाकिस्तान ने तंगधार गांव को अपना निशाना बनाया है।

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग

बुधवार को पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस पर भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई की है।छह और सात मई की रात में पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकियों से जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी गोलीबारी की है। तंगधार में नियंत्रण रेखा के पास मनमाने तरीके से गोलीबारी की। पाकिस्तान की ओर से पुंछ में की गई अंधाधुंध गोलीबारी में छह नागरिकों की जान चली गई।

12 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन

पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव है। इसके बाद से लगातार पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही थी। पाकिस्तान बीते 12 दिनों से LOC पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया है। जिसका भारत ने उसे हर बार मुंहतोड़ जवाब भी दिया। अब उसने भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाकर यह कदम उठाया।

एयरस्ट्राइक में पाक के 9 ठिकानों पर हमला

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए अटैक का जवाब देते हुए भारत ने 6-7 मई की रात करीब 1:30 बजे पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। इस एयरस्ट्राइक में पाक के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसी के बाद भारत के अटैक के कुछ ही समय बाद पाकिस्तान ने मासूम भारतीयों को एक बार फिर निशाना बनाया।

ऑपरेशन सिंदूर’ ही क्यों रखा गया मिशन का नाम? पहलगाम नरसंहार से है खास कनेक्शन

#whyindianamedactionagainstterroristsoperation

Image 2Image 4

पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारत ने पाक‍िस्‍तान के 9 ठिकानों पर एयरस्‍ट्राइक की है। इस बार भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक क्रूर आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। ऐसे में सलवाल उठ रहे हैं कि इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर ही क्यों रखा गया है?

क्यों रखा गया इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर?

ऑपरेशन के नाम सिंदूर रखने के पीछे आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, भारतीय सैन्य परंपरा में ऑपरेशनों के नाम सांस्कृतिक या प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं। हिंदू परंपरा में सिंदूर विवाहित महिलाओं के सुहाग का प्रतीक है, और यह नाम उन पत्नियों के सम्मान में चुना गया, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने पतियों को खो दिया। यह ऑपरेशन न केवल आतंकियों को सबक सिखाने का प्रयास था, बल्कि उन परिवारों के प्रति भारत की संवेदना और संकल्प को भी दर्शाता था। बता दें कि इस हमले में आतंकियों ने विशेष रूप से विवाहित पुरुषों को निशाना बनाया था।

पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को न्याय

डिफेंस एक्‍सपर्ट की मानें तो पहलगाम में आतंक‍ियों ने कई ऐसे लोगों को मारा ज‍िनकी चंद दिनों पहले शादी हुई थी। भारत ने इन मह‍िलाओं की आंखों में आंसू देखे थे, तभी कसम खाई थी क‍ि एक-एक आंसू का ह‍िसाब ल‍िया जाएगा। इनमें गुरुग्राम की ह‍िमांशी नरवाल भी थीं, जिनकी 16 अप्रैल को शादी हुई थी। वह पत‍ि लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के साथ हनीमून मनाने गई थीं, लेकिन आतंक‍ियों ने विनय को मार डाला।

इसी तरह जयपुर की प्रियंका शर्मा को आतंक‍ियों को दर्द द‍िया। प्र‍ियंका अपने पत‍ि रोहित के साथ पहलगाम में हनीमून मनाने गई थीं। हमले के दौरान रोहित को गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रियंका घायल हुईं और उन्हें श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

श‍िमला की रहने वाली अंजलि ठाकुर अपने पत‍ि विवेक ठाकुर के साथ गई थीं। इनकी भी इसी साल 12 अप्रैल को शादी हुई थी। विवेक और अंजलि पहलगाम में ट्रेकिंग के लिए गए थे, लेकिन आतंक‍ियों ने उन्‍हें भी नहीं बख्‍शा। अंजलि किसी तरह बच गईं। अंजलि ने बाद में कहा, हमारी जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। उनकी बातों ने सबको ह‍िला द‍िया था।

पुणे की रहने वाली स्नेहा पाटिल अपने पत‍ि अमित पाटिल के साथ हनीमून पर गई थीं। 10 अप्रैल को ही इनकी शादी हुई थी। अमित और स्नेहा पहलगाम में छुट्टियां मना रहे थे, तभी आतंक‍ियों ने उन्‍हें गोली मार दी। स्नेहा ने अस्पताल में कहा, आतंकियों ने हमारा सब कुछ छीन लिया।

धर्म पूछकर 26 पर्यटकों को मारी थी गोली

बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बायसरन घाटी में आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली युवक की मौत हो गई थी। हमले के दौरान आतंकियों ने धर्म पूछकर सिर्फ पुरुषों को मारा था। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंधु जल संधि के निलंबन से लेकर पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने तक कई पाबंदियां लगाईं।

मॉक ड्रिल की तैयारियों के बीच पीएम मोदी से मिले अजीत डोभाल, 24 घंटे में दूसरी मुलाकात कितनी अहम


Image 2Image 4

#nsadovalmeetspmmodi 

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है। इस बीच देशभर में मॉकड्रिल की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के चलते केन्द्र सरकार ने 7 मई को कई राज्यों में मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति तैयार करने में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस हमले के बाद से लगातार उच्च-स्तरीय बैठकों का सिलसिला जारी है। इस बीच मंगलवार को एनएसए अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में दुश्मन से निपटने की भारत की रणनीति पर चर्चा हुई। 

24 घंटों में दूसरी मुलाकात

पिछले 24 घंटों में यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने अजीत डोभाल से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य सरकारों द्वारा मॉक ड्रिल आयोजित करने से एक दिन पहले हुई है।सोमवार को पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक के तुरंत बाद पीएम ने गृह सचिव गोविंद मोहन से भी मुलाकात की।

पहलगाम हमले के बाद लगातार बैठकें जारी

पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे एक्शन में नजर आ रहे हैं। पहले सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा को बीच में ही समाप्त कर स्वदेश लौटे। दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ आपात बैठक की। पिछले कुछ दिनों में नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं, जिससे लश्कर आतंकी समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।

महबूबा की बेटी इल्तिजा ने पीएम मोदी को कियों दिलाई रूस में दिए बयान की याद?


Image 2Image 4

#iltija_mufti_pm_modi_russia_statement

पाकिस्तान के साथ तनातनी के बीच भारत मॉक ड्रिल की तैयारियों में जुटा है। वहीं, दूसरी ओर जम्‍मू कश्‍मीर की इल्तिजा मुफ्ती ने भारत पाकिस्‍तान दोनों मुल्‍कों के बीच युद्ध न करने की अपील की है। महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने युद्ध के जम्मू-कश्मीर पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम नरेन्‍द्र मोदी को उनके रूस में दिए बयान की याद दिलाई है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने जो भी हुआ, बहुत गलत हुआ और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। आतंकवादियों ने जो यहां पर किया, मैं इसकी पुरजोर तरीके से विरोध करती हूं। पहलगाम में जो हुआ, हम सभी का दिल टूटा है। जो तस्वीरें, वीडियो हमारे सामने आईं, उनसे बहुत दुख पहुंचा है। इस हमले में हम सभी ने देखा कि हमारे यहां टूरिस्टों को दिन-दहाड़े मारा गया। हिमांशी नरवाल, शान्या दुबे के लिए हम सभी लोगों को बुरा लगा। इस हमले के बाद हमसे लगातार पूछा जाता है कि क्या आपको बुरा लगा। हमें बुरा क्यों नहीं लगेगा? क्या हम इंसान नहीं हैं? एक कश्मीरी, हिन्दुस्तानी, मुस्लिम होने से पहले हम एक इंसान हैं और जो वहां पर टारगेट किलिंग हुई, सच मानिए दिल टूटा है।

युद्ध कभी भी इसका समाधान नहीं- इल्तिजा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच तनाव है। क्या दोनों देशों के बीच युद्ध होना चाहिए? इस सवाल के जवाब में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने कहा कि जब भी युद्ध की बात होती है, तो जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत तकलीफ़ होती है, क्योंकि हम एक सीमावर्ती राज्य हैं। हम ही हैं जो इसका खामियाज़ा भुगतेंगे और नुकसान भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि युद्ध कभी भी इसका समाधान नहीं है। पिछले साल जब प्रधानमंत्री मोदी रूस गए थे, तो उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि युद्ध का युग खत्म हो चुका है। मेरा मानना है कि अब उन शब्दों को याद करने का समय आ गया है।

पीएम मोदी सिर्फ हिंदू के ही प्रधानमंत्री नहीं-इल्तिजा

पीएम मोदी पर भरोसा के सवालपर उन्होंने एक कश्मीरी के तौर पर मैं काफी निराश हूं। हमें जिस प्रकार से शक की नजर से देखा जाता है। पिछले 10 दिनों में दिल्ली में कश्मीरी छात्रों, बिजनेसमैन को तंग किया जा रहा है। पीएम मोदी हमेशा एक चीज कहते हैं कि दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी। अगर आपको दिल्ली की दूरी कम करनी होगी तो आपके यहां के लोगों से बात करनी ही पड़ेगी। लेकिन, कश्मीर के लोगों से आपने बातचीत करना बंद ही कर दिया है। 2019 में जो हमारे साथ बुरा हुआ, उसके बाद मुसलमान के साथ जो हो रहा है, आपका दिल तो टूटता ही है। पीएम मोदी सिर्फ हिंदू के ही प्रधानमंत्री नहीं, सभी के प्रधानमंत्री हैं। कश्मीर में जो छह साल से चल रहा है, मैं यकीनन काफी निराश हूं।

देशभर में मॉक ड्रिल की तैयारी, सायरन बजने से लेकर बिजली कटने तक जानें क्या-क्या होगा?

Image 2Image 4

#nationwidecivildefencemockdrill 

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने दो टूक कहा है कि इस हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा। हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े फैसले भी लिए हैं, जिससे पाकिस्तान घबराया और बौखलाया हुआ है। इस बीच 7 मई को देश के 295 जिलों में हवाई हमले से बचाव की मॉक ड्रिल होगी। इसका मकसद नागरिकों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग देना है। मॉक ड्रिल में सायरन टेस्ट, ब्लैकआउट मैनेजमेंट का अभ्यास शामिल है।

गृह मंत्रालय के तहत नागरिक सुरक्षा के अतिरिक्त महानिदेशक बी संदीपकृष्ण ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण देश के 295 सीमावर्ती और तटीय जिलों में नागरिक सुरक्षा अभ्यास करने का निर्देश दिया है। 

लोग क्या-क्या तैयारियां रखें?

मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय में आज अहम बैठक हुई। इसमें देशभर में 295 नागरिक सुरक्षा प्रतिष्ठानों की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा इस बात पर केंद्रित है कि मौजूदा उपकरण काम कर रहे हैं या उनकी मरम्मत की आवश्यकता है। बैठक में यह भी देखा गया कि आपातकालीन हालात में नागरिकों को कैसे प्रशिक्षित किया जाए। इस दौरान हवाई हमले के सायरन के प्रति जनता की प्रतिक्रिया, ब्लैकआउट के दौरान की जाने वाली कार्रवाई और आवश्यक आपूर्ति की तैयारियों पर भी बात की गई। अधिकारियों ने संभावित इलेक्ट्रॉनिक विफलता के लिए तैयार रहने के लिए घरों में चिकित्सा किट, मशालें, मोमबत्तियां और नकदी रखने की जरूरत पर जोर दिया।

मॉक ड्रिल में क्या होगा?

आमतौर पर किसी हमले, हादसे या आगजनी जैसी आपातकालीन स्थिति के लिए कैसी तैयारी है, यह जानने के लिए मॉक ड्रिल की जाती है।मॉक ड्रिल में यह देखा जाता है कि किसी आपाकालीन स्थिति में लोगों की प्रतिक्रिया कैसी होती है, इसके लिए चुनिंदा लोगों, वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग भी दी जाती है।

गृह मंत्रालय के पत्र के मुताबिक़ 7 मई की मॉक ड्रिल शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक होगी। इस मॉक ड्रिल में कई तरह के अभ्यास किए जाएंगे। इनमें हवाई हमले की चेतावनी कितनी कारगर है यह जानना, कंट्रोल रूम के कामकाज को देखना, आम लोगों और छात्रों को हमलों के दौरान काम की ट्रेनिंग देना शामिल है।

इस दौरान कुछ समय के लिए लोगों को घरों या संस्थानों की सभी लाइट पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इस मॉक ड्रिल में यह भी देखा जा सकता है कि अगर लाइट पूरी तरह बंद हो जाए तो उस स्थिति में क्या उपाय किए जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें आपातकालीन स्थिति में सिविल डिफ़ेंस की प्रतिक्रिया, किसी ख़ास जगह से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की ट्रेनिंग वगैरह भी शामिल होती है।

पाकिस्तान के खिलाफ अब तक उठाए गए कदम

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ कई फैसले लिए हैं। सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के अलावा भारत ने पाकिस्तान से सभी तरह के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 

इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत के ख़िलाफ़ कई कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने भी भारत की ओर से उठाए गए कदमों का जवाब दिया है। पाकिस्तान ने भारत के स्वामित्व वाली या उसकी ओर से संचालित सभी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। साथ ही वाघा सीमा को भी बंद किया गया है। पाकिस्तान ने सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर सार्क वीज़ा छूट कार्यक्रम के तहत सभी भारतीय नागरिकों को दिए गए सभी वीज़ा निलंबित कर दिए हैं और कहा है कि इन्हें रद्द माना जाना चाहिए।

पीएम मोदी को थी पहलगाम हमले की जानकारी, इसीलिए जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द किया? खरगे का बड़ा दावा


Image 2Image 4

#khargeclaimspmmodireceivedintelligencereportofterrorist_attack

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। झारखंड की राजधानी रांची में खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी गई थी। इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। मैंने यह बात एक अखबार में भी पढ़ी।

खरगे की सवालों की बौछार

झारखंड की राजधानी रांची में 'संविधान बचाओ' रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी में खामी थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि जब सरकार ने खुफिया विफलता स्वीकार कर ली है? देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही। खरगे ने कहा कि जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की?

उसकी जिम्मेदारी आपको ही लेनी चाहिए-खरगे

खरगे ने कहा कि जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका जाना मुनासिब नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई? खरगे ने कहा मैं सवाल पूछता हूं कि आपने अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया लेकिन जो पर्यटक वहां ज्यादा मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोग जो इस घटना में मर गए हैं उसकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।

पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस साथ-खरगे

खरगे आगे ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं है आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये देश का मामला है।

देश के कल कहां-कहां होगी मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय ने जारी कर दी लिस्ट


Image 2Image 4

#mockdrillinindiaonwhichdistrictandstates

पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच किसी भी संभावित युद्ध की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को बुधवार को नागरिकों की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। गृह मंत्रालय के तहत नागरिक सुरक्षा के अतिरिक्त महानिदेशक बी संदीपकृष्ण ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार देश के 295 जिलों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी।

गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिलों और शहरों की लिस्ट जारी कर दी गई है। देखते हैं 7 मई को किन-किन जिलों में युद्ध वाले सायरन बजेंगे और मॉक ड्रिल होगीः-

राज्य जिले

राजस्थान कोटा, रावत-भाटा, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, सीकर, नाल, सूरतगढ़, आबू रोड, नसीराबाद (अजमेर), भिवरी, फुलेरा (जयपुर), नागौर (मेड़ता रोड), जालोर, बेवर (अजमेर), लालगढ़ (गंगानगर)

उत्तर प्रदेश (UP) बुलन्दशहर (नरौरा), आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बख्शी-का-तालाब, मुगलसराय, सरसावा, बागपत, मुजफ्फर नगर

हरियाणा अंबाला, हिसार, फरीदाबाद, गुड़गांव, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, झज्झर

गुजरात सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, ककरापुर, कांडला, नलिया, अंकलेश्वर, ओखा, वडिनार, भरूच, दंग्स, कच्छ, मेहसाना, नर्मला, नवसारी

जम्मू-कश्मीर अनंतनाग, बडगाम, बारामूला, डोडा, जम्मू, कारगिल, कठुआ, कुपवाड़ा, लेह, पूंछ, राजौरी, श्रीनगर, उद्यमपुर, संब, अखनूर, उरी, नौशेरा, सुंदरबनी, अवंतीपुर, पुलवामा

पंजाब अमृतसर, भटिंडा, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, अजनामपुर, बरनाला, भाखड़ा-नांगल, हलवारा, कोठकापुर, बटाला, मोहाली (सासनगर), अबोहर, फरीदपुर, रोपड़, संग्रूर

ओडिशा तालचेर, बालासोर, कोरापुट, भुवनेश्वर, गोपालपुर, हीराकुंड, पारादीप, राउरकेला, भद्रक, ढेंकनाल, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा

बिहार बरौनी, कटिहार, पटना, पूर्णिया, बेगूसराय

असम बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, धुबरी, गोलपारा, जोरहाट, सिबसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, डिलियाजान, गुवाहाटी (डिसपुर), रंगिया, नामरूप, नाजिरा, नॉर्थ-लखीमपुर, नुमालीगढ़, डारंग, गोलाघाट

झारखंड बोकारो, गोमियो, गोड्डा, साहेबगंज

अरुणाचल प्रदेश इटानगर, तवांग, हायूलिंग

पश्चिम बंगाल कूचबिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, दुर्गापुर, ग्रेटर कोलकाता, हल्दिया, हाशिमारा, खरगपुर, आसनसोल, फरक्का, चितरंजन, बालुरघाट, अलीपुरद्वार, इस्लामपुर, दिनहाटा, मेखलीगंज, माथाभांगा, कलिंपोंग, जलढाका, कुर्सियांग, कोलाघाट, बर्धमान, बिरभूम, पूर्व मेदनीपुर, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद

मध्यप्रदेश भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी

गोवा नॉर्थ गोवा, साउथ गोवा

महाराष्ट्र मुंबई, तारापुर, ठाणे, पुणे, नासिक, पिंपरी चिंचवाड, औरंगाबाद, भुसावल, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग

लक्षद्वीप लक्षद्वीप

कर्नाटक बेंगलुरु, मल्लेश्वर, रायचूर

केरल कोचीन, तिरुवंतपुरम

मेघालय ईस्ट खासी हिल्स, जैंतिया हिल, वेस्ट गारो हिल्स

मणिपुर इंफाल, चुराचांदपुर, उखरूल, मोरेह, निगंथौ-खौंग

चंडीगढ़ चंडीगढ़

छत्तीसगढ़ दुर्ग (भिलाई)

दादरा और नगर हवेली दादरा (सिलवासा)

दमन और दीव दमन

पुडुचेरी पुडुचेरी

हिमाचल प्रदेश शिमला

दिल्ली नई दिल्ली और दिल्ली छावनी

अंडमान-निकोबार पोर्टब्लेयर

आंध्र प्रदेश हैदराबाद, विशाखापत्तनम

त्रिपुरा अगरतल्ला

उत्तराखंड देहरादून

मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा?

सभी राज्यों एवं केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि ‘मॉक ड्रिल’ के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, नागरिकों को ‘किसी भी हमले’ की सूरत में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों एवं खाइयों की साफ-सफाई शामिल है। मॉक ड्रिल के तहत एयर रेड वार्निंग सायरनों का संचालन होगा. यह बड़े खतरे और दुश्मन की गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी करने से जुड़ा कदम है. नागरिकों और छात्रों को संभावित हमलों की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक नागरिक सुरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. क्रैश ब्लैकआउट की व्यवस्था की जाएगी. इसके तहत दुश्मन की हवाई निगरानी या हमले से शहरों और ढांचों को छिपाने के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा.

देश विरोधी काम कर रहे कुछ सोशल मीडिया मंच, अब कसेगा शिकंजा, संसदीय समिति ने मांगा विवरण


Image 2Image 4

#parliamentarycommitteesoughtdetailsofactiontakenagainstsocialmediaplatforms

पहलगाम हमले के बाद, संसद की स्टैंडिंग कमिटी ने कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और प्लेटफॉर्म पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह जताया है। संसद की स्टैंडिंग कमिटी ने सूचनाओं की निगरानी करने वाले दो प्रमुख मंत्रालयों प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश के खिलाफ काम करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया, इसकी जानकारी मांगी है। कमेटी ने 8 मई तक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

निशिकांत दुबे की अगुवाई वाली समिति को संदेह

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अगुवाई वाली संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति को लगता है कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और प्लेटफॉर्म देश के हित में काम नहीं कर रहे हैं। समिति ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से ऐसे इन्फ्लुएंसर और प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मांगी है। पीटीआई के अनुसार, समिति ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। समिति ने आईटी एक्ट 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत ऐसे प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने के बारे में भी पूछा है।

कमेटी के सदस्य टीएमसी सांसद ने किया ये दावा

कमेटी के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद साकेत गोखले ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष कमेटी की मंजूरी के बिना कोई बयान जारी नहीं कर सकते। गोखले ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, एक सदस्य के रूप में मुझे न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही मैंने यह कहते हुए कुछ भी हस्ताक्षर किया है। उन्होंने लिखा, संसदीय नियमों के तहत, कोई अध्यक्ष कमेटी की मंजूरी के बिना कोई भी पत्र जारी नहीं कर सकता। संसदीय समितियों की मर्यादा होती है और राजनीतिक एजेंडे के लिए उन्हें हाईजैक नहीं किया जाना चाहिए।

आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत

बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


Image 2Image 4

#khargenewdemandtopmmodioncastecensus

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।