युद्ध के दौरान सुरक्षा को लेकर कल पटना मे मॉक ड्रिल, जानिए पूरा डिटेल

डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढते तनाव को लेकर पूरे देश मे अलर्ट जारी किया गया हैं। भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारियों में जुटा है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल करने को कहा है।

कल 7 मई को देश भर के 244 चिह्नित जिलों में बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के आयोजन का निर्देश दिया गया है। जारी निर्देश के तहत राजधानी पटना समेत बिहार के छह जिलों में शाम 7 बजे से 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा। 

पटना जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी आकाश कुमार ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए लोगों से घबराने के बजाय सहयोग करने की अपील की है।

डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि बुधवार 7 मई को शाम 7:00 बजे से 7:10 तक ब्लैक आउट कर मॉक ड्रिल की जाएगी। अगर किसी के घर में आपातकाल स्थिति है तो लाइट जलाएं लेकिन खिड़की पर मोटा कपड़ा लगाएं। शाम 6 बजकर 58 मिनट में सायरन बजेगा। ये सायरन 2 मिनट बजेगा। सायरन बजने के बाद ब्लैक आउट होगा। दोबारा सायरन 7 बजकर 10 मिनट पर बजेगा। 

कुल 80 जगहों पर सायरन बजेगा. सड़क पर गाड़ियो को भी इस दौरान रुककर लाइट ऑफ करना है। एम्बुलेंस को छूट है। मॉक ड्रिल को लेकर पूरी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। फायर ब्रिगेड, पुलिस, थानों की गाड़ियां और अन्य आपातकालीन सेवाएं सायरन बजाकर लोगों को सूचित करेंगी। इमरजेंसी सेवाओं जैसे एंबुलेंस को इस ब्लैकआउट से छूट दी गई है। 

प्रशासन ने कहा है कि यह केवल एक रिहर्सल है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। 

बिहार के पटना, पूर्णिया, कटिहार, अररिया , किशनगंज, और बेगूसराय समेत बरौनी में मॉक ड्रिल होगा।

बड़ी खबर : बिहार मे बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों का तबादला, 15 दिनों के अंदर विरमित करने का आदेश जारी

डेस्क : बिहार के पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश मे बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है।

विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने पूरे राज्य के करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। सरकार की तरफ से इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। 

जारी आदेश के अनुसार इन सभी पुलिसकर्मियों को 15 दिन के भीतर विरमित करने का आदेश जारी किया गया है।

सड़क की खुदाई से पहले सूचना नहीं देने वाले विभाग और एजेंसियों पर अब होगी कार्रवाई, इतने लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना



डेस्क : निर्माण के द्वारा सरकारी विभाग और निर्मान एजेंसियों द्वारा सड़क पर खुदाई कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया जाता है जिससे लोगों को भारी परेशानी का समना करना पड़ता है। अब सरकार इनपर नकेल कसने जा रही है। सड़क की खुदाई से पहले सूचना नहीं देने वाले विभाग और एजेंसियों पर अब कार्रवाई होगी। इन विभाग और एजेंसियों पर नुकसान के लिए मुआवजे के साथ 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसकी सूचना दूर संचार विभाग ने संबंधित विभागों को दी है। इन्हें सोमवार को नोटिस भी जारी कर दिया गया। 

बता दें कि दूर संचार अधिनियम 2023 के खंड 42(5) के अनुसार दूरसंचार नेटवर्क को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग या एजेंसी को इसकी भरपाई करनी है। नुकसान से बचने के लिए दूर संचार विभाग ने सीबीयूडी (कॉल बीफोर यू डिग) एप बनाया है। राज्य सरकार के सहयोग से इस एप को बनाया गया है। इस एप पर कुल 3984 अलग-अलग विभागों और 1302 खुदाई करने वाली एजेंसियां पंजीकृत है। 

राज्य भर में एक साल में 1358 सड़क खोदी गई, इसमें 220 की रिपोर्ट सीबीयूडी एप पर नहीं दी गई। सीबीयूडी एप से खुदाई करने वाले और भूमिगत पहले से डाल चुके तार मालिकों के बीच समन्वय स्थापित करता है। इस एप पर खुदाई करने से पहले इलाका, सड़क की लंबाई, तिथि, समय आदि की जानकारी दी जाती है। एप से प्रस्तावित खुदाई गतिविधियों के लिए समन्वय करना है। इससे ऑप्टिकल फाइबर केबल, जल पाइपलाइन, विद्युत केबल, गैस पाइपलाइन आदि को नुकसान से बचाता है। 

मेट्रो रेल निगम तो अभी तक सीबीयूडी एप से पंजीकृत भी नहीं है। दूर संचार विभाग की ओर से सड़क खुदाई से संबंधित विभाग को बार-बार नोटिस दिया गया है। इसमें कहा गया कि सीबीयूडी एप से पंजीकृत हो। खुदाई के पहले इसकी जानकारी एप पर दे। एप पर जानकारी देने से संबंधित विभाग खुदाई के पहले केबल की जानकारी दे सकेंगे।

पहलगाम आतंकी घटना के बाद बिहार में रेलवे समेत सभी सार्वजनिक स्थलों की बढ़ाई गई सुरक्षा, बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को जारी किया अलर्ट


डेस्क : पहलगाम की घटना के बाद आतंकी संगठनों की हिंसक कार्रवाई की आशंका को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोमवार शाम सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है। रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक व संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। होटल-लॉज आदि की नियमित जांच कराने और सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिये हैं।

एडीजी (विधि व्यवस्था) पंकज दराद ने सभी सीनियर एसपी व रेल एसपी को पत्र भेजकर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने को कहा है। एडीजी ने कहा है कि सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील सभी स्थलों पर निगरानी रखते हुए बल तथा दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करें। पुलिस गश्त बढ़ाएं। सोशल मीडिया पर निगरानी रखें। अफवाह का डीएम-एसपी प्रेस कांफ्रेंस कर अविलंब खंडन करें। आवश्यकता पड़ने पर डीएम इंटरनेट सेवा को निलंबित कर सकते हैं। 

महाबोधि मंदिर, हनुमान मंदिर पटना जंक्शन, पटना-गया और दरभंगा एयरपोर्ट, बरौनी रिफाइनरी, एनटीपीसी बाढ़, गुरु गोविंद साहब गुरुद्वारा आदि की सुरक्षा ऑडिट करते हुए इनकी सुरक्षा बढ़ाएं।

जदयू नेताओं के साथ बैठक में सीएम ने दिए निर्देश, मजबूती से लड़े विधान सभा चुनाव

डेस्क : बिहार मे इस साल विधान सभा चुनाव होने है, जिसकी तैयारी में सभी राजनीतिक दल जुट गए है। इसी कड़ी में बीते सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग में जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। 

सीएम आवास में हुई इस बैठक में वरिष्ठ नेता संजय झा, ललन सिंह, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, अशोक चौधरी, उमेश कुशवाहा, संजय गांधी, ललन सर्राफ, खालिद अनवर आदि मौजूद थे।

बैठक में पूरी मजबूती से चुनाव लड़ने व विरोधियों के हर वार का माकूल जवाब देने की रणनीति बनी। चुनिंदा नेताओं की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार चुनाव खूब बढ़िया से लड़ना है। लोगों को सरकार के कार्यों के बारे में समझाना है। उन्हें लोगों को जानकारी देने का टास्क सौंपा गया।

जातिगत जनगणना के ऐलान के बाद खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तेलंगाना मॉडल अपनाने की दी सलाह


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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले के आक्रोश के बीच जातिगत जनगणना के फैसले पर पीएम मोदी को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने 2 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है।

सभी राजनीतिक दलों से बातचीत का अनुरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर जाति जनगणना के मुद्दे पर जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 16 अप्रैल, 2023 को ही आपको जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अफ़सोस की बात है कि मुझे इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के नेताओं और आपने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर जाति जनगणना की मांग को उठाने का विरोध भी किया था, जिसे आप आज स्वीकार करते हैं कि यह गहरे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है। 

खरगे के पास सरकार के लिए सुझाव

खरगे ने कहा कि आपने बिना किसी तरह की डिटेल्ज की घोषणा दी कि अगली जनगणना में जाति जनगणना को एक अलग श्रेणी के रूप में भी शामिल किया जाएगा। ये जनगणना वास्तव में 2021 में होनी थी। उन्होंने कहा कि मेरे पास आपके विचार के लिए तीन सुझाव हैं। जनगणना प्रश्नावली का डिज़ाइन काफी अहम है। जाति की जानकारी को गिनती के उद्देश्य से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इकट्ठा किया जाना चाहिए।

तेलंगाना मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव

पीएम मोदी को उन्होंने इस काम के लिए कांग्रेस शासित तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल का इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया है। खरगे ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की नौंवी अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े इकट्ठा करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के बड़े मकसदों को हासिल करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के सवालों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए, जिससे हर जाति के सामाजिक और आर्थिक हालात का सही आकलन हो सके और उनके संवैधानिक अधिकारों को मजबूत किया जा सके।

मल्लिकार्जुन खरगे के 3 महत्वपूर्ण सुझाव

• जनगणना से जुड़े प्रश्नावली का डिजाइन खास होना चाहिए। इसमें पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए।

• सभी राज्यों द्वारा पारित आरक्षण संबंधी अधिनियमों को संविधान की नई सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के नतीजे साफ और स्पष्ट होंगे।

• कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना जैसी किसी प्रक्रिया को विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पिछड़ों, वंचितों और हाशिये पर खड़े लोगों को उनके अधिकार दिलाने का जरिया बनता है।

टीआरई-3 के तहत चयनित शिक्षकों में से 24 हजार 150 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित, योगदान के लिए 15 मई तक दिया गया समय


डेस्क : बीपीएससी के माध्यम से तृतीय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई-3) के तहत कुल 51,389 शिक्षक चयनित हुए हैं। इन 51,389 चयनित शिक्षकों को 9 मार्च को ही औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया गया था। अब इन चयनित शिक्षकों में से 24 हजार 150 शिक्षकों को बीते सोमवार को 14 जिलों में विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। 15 मई तक शिक्षकों को योगदान करने के लिए कहा गया है। शिक्षा विभाग ने सोमवार को 14 जिलों के 24,150 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करते हुए उनका पदस्थापन किया। इससे संबंधित सूची भी जारी कर दी गई। योगदान के बाद शिक्षण कार्य शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है। 

शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, पश्चिम चंपारण के 302, मुजफ्फरपुर के 2414, सुपौल के 1356, सीवान के 1424, सीतामढ़ी के 1520, सारण के 2124, समस्तीपुर के 3326, सहरसा के 1664, लखीसराय के 601, खगड़िया के 1341, कटिहार के 2051, जमुई के 1398, बक्सर के 905 और अररिया के 1014 नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करते हुए उनका पदस्थापन किया गया है। 

इसके पहले विभाग ने शनिवार को 14 जिलों के 15,528 शिक्षकों का पदस्थापन किया था। इनमें बांका के 667, भोजपुर के 1178, अरवल के 289, भागलपुर के 961, गोपालगंज के 1315, कैमूर के 959, किशनगंज के 1184, शिवहर के 214, नवादा के 1386, नालंदा के 1465, मुंगेर के 832, बेगूसराय के 1543, पूर्वी चंपारण के 2241 एवं रोहतास के 1294 शिक्षक हैं। 

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने हर बीते शनिवार शिक्षा की बात कार्यक्रम में कहा था कि कई शिक्षकों को पदस्थापन वाले विद्यालय में योगदान करने में कठिनाई हो सकती है, लेकिन यह उनका पहला पदस्थापन होगा, इसलिए पदस्थापन वाले विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य है। ऐसे अध्यापक बाद में अपने जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से आवेदन करेंगे।

जानकी नवमी की राज्यपाल, सीएम और विधान सभा अध्यक्ष ने प्रदेश और देशवासियों को दी बधाई


डेस्क : हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था इसलिए इस तिथि को सीता नवमी या जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखकर विधि विधान के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा अर्चना करने से सभी रोग व शोक दूर होते हैं और 16 महान दान का पुण्य फल प्राप्त होता है। 

इधर इस मौके पर बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधान सभा अध्यक्ष ने जानकी नवमी की प्रदेश और देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने कहा है मां जानकी भारतीय नारी का आदर्श तथा त्याग, तपस्या, संयम, साधना, धैर्य व प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने जीवन की चुनौतियों, संघर्षों एवं क्लेशों का साहसपूर्वक सामना करते हुए अपने सभी कर्त्तव्यों का पालन पूर्ण समर्पण के साथ किया।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनक नंदिनी माता सीता के जन्मोत्सव जानकी नवमी पर माता जानकी को नमन करते हुए राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम की अर्द्धांगिनी माता सीता को धार्मिक गाथाओं में सौभाग्य की देवी और माता लक्ष्मी का अवतार भी कहा गया है। मां जानकी सबका कल्याण करें, यही कामना है।

विधानसभा अध्यक्ष नन्दकिशोर यादव ने अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि जानकी नवमी को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व माता सीता के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है, जो त्रेतायुग की एक पवित्र, संयमशील और त्यागमयी स्त्रीत्व की प्रतीक मानी जाती हैं।

मौसम का हाल : राजधानी पटना में हुई बारिश से मौसम हुआ सुहावना, आज इन 8 जिलों में आंधी के साथ वज्रपात का अलर्ट


डेस्क : बीते चार-पांच दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीचे बीते सोमवार की देर शाम राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। राजधानी में देर रात आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। रात दस बजे के आसपास पहले बूंदाबांदी शुरू हुई उसके बाद तेज बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं बीच-बीच में मेघगर्जन भी हो रहा था। बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

मौसम विभाग के अनुसार पटना में एक-दो स्थानों पर आज मंगलवार को बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान मेघगर्जन और वज्रपात भी हो सकता है। सोमवार को राजधानी के न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। जबकि सूरज के तल्ख तेवर के कारण अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी में हुई। पटना का अधिकतम तापमान 36.3 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दिनभर लोग उमस से परेशान रहे। आर्द्रता 50 प्रतिशत रही।

वहीं मौसम विभाग ने आज मंगलवार को प्रदेश के आठ जिलों में तेज हवा के साथ ठनका गिरने का अलर्ज जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज जिले के एक-दो स्थानों पर में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।

बिहार के इस जिले मे 4 मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, भारी मात्रा अर्द्ध निर्मित हथियार के साथ तीन गिरफ्तार

डेस्क : अवैध हथियार निर्माण के चर्चित बिहार के मुंगेर जिले से एक बार फिर एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां पुलिस ने एकबार फिर एक नही चार-चार मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। मुंगेर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में इस बार छापेमारी की गयी और जहां एक साथ चार अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके से 3 हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो भागने में कामयाब हो गये।

मुंगेर के पुलिस कप्तान (एसपी) सैयद इमरान मसूद ने बताया कि उन्हें इस बात की गुप्त सूचना मिली थी। फोन करने वाले ने बताया कि गंगा और गंडक नदी के बीच दियारा इलाके में अवैध हथियारों का निर्माण चल रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एक विशेष टीम का गठन किया। जिसमें सदर डीएसपी अभिषेक आनंद, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विपिन कुमार सिंह, जिला आसूचना इकाई और विशेष टास्क फोर्स (STF) के अधिकारी को शामिल किया गया।

इस विशेष टीम को दियारा क्षेत्र में छापेमारी के लिए भेजा गया। पुलिस की यह टीम जब टापू क्षेत्र में छापेमारी करने पहुंची तब वहां मौजूद पांच लोग पुलिस को देखते ही नौ दो ग्यारह होने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन लोगों को खदेड़ कर पकड़ लिया, जबकि दो अन्य अंधेरे और जंगली इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गये।

इस दौरान पुलिस ने दियारा इलाके में चल रहे चार मिनी गन फैक्ट्री में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को टापू पर चार अलग-अलग स्थानों पर अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्रियां मिलीं। इन फैक्ट्रियों से पुलिस ने कई हथियार और उपकरण जब्त किए, जिनमें 4 बेस मशीनें (हथियार निर्माण में प्रयुक्त), 3 तैयार पिस्टल, 1 अर्धनिर्मित पिस्टल, 2 निर्मित और अर्धनिर्मित मैगजीन, 1 ड्रिल मशीन और 2 जिंदा कारतूस बरामद किया गया। यह सारा सामान इस बात का प्रमाण है कि इन फैक्ट्रियों में लंबे समय से अवैध हथियारों का निर्माण चल रहा था।

पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ही निवासी सौरव कुमार, विपिन सिंह और राजाराम सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान इनसे कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।